अंतरराष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान)

Total Questions: 31

1. जनवरी, 2022 में भारत ने ....... के साथ USD 374.96 मिलियन के अपने सबसे बड़े रक्षा निर्यात ऑर्डर के सौदे पर हस्ताक्षर किए। [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) फिलीपींस
Solution:
  • जनवरी, 2022 में भारत ने 374.96 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अपने सबसे बड़े रक्षा निर्यात ऑर्डर के सौदे पर हस्ताक्षर फिलीपींस के साथ किए।
  • यह सौदा भारत के रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा निर्मित तीन बैटरियों के शोर-आधारित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम (BrahMos supersonic cruise missile) की आपूर्ति के लिए था।
  • यह समझौता भारत के रक्षा निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था
  • जो 'मेक इन इंडिया' रक्षा विनिर्माण की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल की विशेषताएं
    • उच्च गति और सटीकता: यह सुपरसोनिक मिसाइल समुद्री और स्थलीय लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है, जिसमें स्टील्थ तकनीक भी शामिल है।
    • लंबी दूरी: मूल रूप से 290 किमी रेंज, लेकिन उन्नत संस्करणों में यह 500-800 किमी तक बढ़ाई जा सकती है।
    • बहुमुखी उपयोग: तट-आधारित, जहाज-आधारित, पनडुब्बी-आधारित और हवाई संस्करण उपलब्ध हैं।​
    • फिलीपींस ब्रह्मोस के इस तट-आधारित संस्करण का पहला विदेशी ग्राहक बना।
  • रणनीतिक महत्व
    • यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात में मील का पत्थर साबित हुआ, जो उस समय तक का सबसे बड़ा ऑर्डर था।
    • इससे भारत वैश्विक रक्षा बाजार में मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरा, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया में।
    • फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए यह खरीद की।
    • अप्रैल 2024 तक पहली खेप की डिलीवरी भी हो चुकी थी।
  • भारत के रक्षा निर्यात का संदर्भ
    • 2014 से भारत ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा निर्यात को बढ़ावा दिया।
    • FY 2022-23 में निर्यात 15,920 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष से 3 गुना अधिक था।
    • यह सौदा इसी श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें आर्मेनिया, फ्रांस जैसे देश भी शामिल हुए।
    • फिलीपींस दुनिया का 13वां सबसे अधिक आबादी वाला देश है
    • cuya राजधानी मनीला है और आधिकारिक भाषाएं फिलिपिनो व अंग्रेजी।

2. जियोर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) हाल ही में किस देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं ? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) इटली
Solution:
  • जियोर्जिया मेलोनी हाल ही में इटली देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
  • उन्होंने अक्टूबर 2022 में पदभार संभाला। वह फ्रेटेली डी’इटालिया (Brothers of Italy) पार्टी की नेता हैं।
  • उनका पदभार ग्रहण करना इटली के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था
  • क्योंकि वह देश की प्रमुख दक्षिणपंथी नेता और पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
  • प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया
    • चुनाव के बाद राष्ट्रपति सर्जियो मातारेlla ने 21 अक्टूबर 2022 को मेलोनी को सरकार गठन का निमंत्रण दिया।
    • उन्होंने उसी दिन मंत्रिमंडल की घोषणा की, और 22 अक्टूबर 2022 को शपथ ग्रहण कर इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
    • यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली में पहली दक्षिणपंथी सरकार थी, जो मारियो ड्रैगी की गिर चुकी सरकार के बाद बनी।
  • व्यक्तिगत जीवन और सफर
    • मेलोनी का जन्म 15 जनवरी 1977 को रोम में हुआ। वह एकल मां हैं
    • अपनी बेटी के साथ रहती हैं; उन्होंने अपनी आत्मकथा "I Am Giorgia" में खुद को "महिला, मां और ईसाई" बताया।
    • युवावस्था में राजनीति में प्रवेश किया, और 2012 में ब्रदर्स ऑफ इटली की सह-स्थापना की
    • जो इतालवी राष्ट्रगान के पहले शब्दों से प्रेरित है। उनकी विचारधारा राष्ट्रीय पहचान, ईसाई मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं पर जोर देती है।​
  • विवाद और नीतियां
    • मेलोनी को बेनिटो मुसोलिनी समर्थक माना जाता है, जिससे उनकी सरकार पर फासीवाद की छाया का आरोप लगा।
    • उनकी पार्टी एलजीबीटीक्यू अधिकारों और गर्भपात पर सख्त रुख अपनाती है
    • लेकिन सत्ता में आने पर उन्होंने सभी नागरिकों को एकजुट करने का वादा किया।
    • 2026 तक वह इटली की स्थिर सरकार चला रही हैं, यूरोपीय संघ में रूढ़िवादी भूमिका निभाते हुए।

3. सोने की खदान के धंसने के कारण खबरों में रहा शिनजियांग (Xinjiang) प्रांत किस देश में स्थित है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) चीन
Solution:
  • सोने की खदान के धंसने के कारण खबरों में रहा शिनजियांग (Xinjiang) प्रांत चीन में स्थित है।
  • इसका पूरा नाम शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र है और यह चीन के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है।
  • यह क्षेत्र अपनी खनिज संपदा और मुख्य रूप से उइगर जातीय समूह की आबादी के कारण अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है।
  • खदान से संबंधित दुर्घटनाएँ इस क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करती हैं।
  • स्थान और भौगोलिक विवरण
    • शिनजियांग चीन का सबसे बड़ा प्रांत-स्तरीय प्रशासनिक क्षेत्र है, जो देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में फैला हुआ है।
    • इसका क्षेत्रफल 16 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक है, जो इसे दुनिया का आठवां सबसे बड़ा उप-राष्ट्रीय क्षेत्र बनाता है।
    • इसकी राजधानी ऊरुमची (Ürümqi) है, और यह मंगोलिया, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान तथा भारत से सीमाएं साझा करता है।
    • क्षेत्र की विविधता उल्लेखनीय है—यहां टाकला माकन और गोबी जैसे विशाल रेगिस्तान, तियान शान पर्वत श्रृंखलाएं, और हिमालय के निकटवर्ती भाग शामिल हैं।
    • जनसंख्या लगभग 2.5 करोड़ है, जिसमें उइगर, हान चीनी, कजाख और अन्य जातीय समूह प्रमुख हैं।
  • सोने की खदान धंसने की घटना
    • 2022 में शिनजियांग के एक सोने की खदान में धंसाव हुआ, जिसमें 18 मजदूर फंस गए थे।
    • कुल 40 श्रमिक अंदर थे, जिनमें से 22 को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन बाकी के बचाव अभियान लंबे समय तक चले।
    • यह घटना खनन सुरक्षा मानकों की कमियों को रेखांकित करती है, जो क्षेत्र की सोने की खदानों से जुड़ी बार-बार आने वाली खबरें हैं।
    • हाल के वर्षों में शिनजियांग सोने के विशाल भंडारों के लिए भी चर्चा में रहा है।
    • 2025 में यहां 1000 टन से अधिक सोने का अनुमानित भंडार खोजा गया
    • जो चीन की आर्थिक शक्ति को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। ऐसी खोजें एडवांस जियो-सर्वे तकनीक पर आधारित हैं।​​
  • ऐतिहistorical और राजनीतिक महत्व
    • शिनजियांग ऐतिहासिक रूप से सिल्क रोड का केंद्र रहा है, जो मध्य एशिया और पूर्वी एशिया को जोड़ता था।
    • आधुनिक समय में यह स्वायत्त उइगर क्षेत्र (Xinjiang Uyghur Autonomous Region) के रूप में जाना जाता है।
    • यहां उइगर मुस्लिम आबादी पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद रहे हैं, जिसमें पुन: शिक्षा शिविरों और जबरन श्रम की बातें शामिल हैं।
    • चीन सरकार इसे आतंकवाद विरोधी उपाय बताती है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने आलोचना की है।
    • आर्थिक रूप से, यह तेल, गैस और खनिज संसाधनों का केंद्र है, जिसमें सोना प्रमुख है।
    • ऊरुमची हवाई अड्डा और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
  • सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताएं
    • उइगर संस्कृति यहां प्रमुख है—लागमान नूडल्स, दूंगन फल और पारंपरिक बाजार इसकी पहचान हैं।
    • बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत यह केंद्रीय एशिया का प्रवेश द्वार है।
    • हालांकि, खनन दुर्घटनाएं और भू-राजनीतिक तनाव इसे सुर्खियों में रखते हैं।​

4. अक्टूबर, 2022 में ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री कौन बने ? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) ऋषि सुनक
Solution:
  • अक्टूबर,2022 में, ऋषि सुनक ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बने। वह कंजरवेटिव पार्टी के नेता हैं
  • उन्हें लिज़ ट्रस के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। वह ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्रियों में से एक हैं
  • उनका भारतीय मूल का होना ब्रिटिश राजनीति में एक ऐतिहासिक घटना है, जो देश की विविधता को दर्शाता है।
  • पृष्ठभूमि और परिवार
    • ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को साउथहैम्पटन, इंग्लैंड में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं
    • पिता यशवंत सुनक पूर्वी अफ्रीका के मूल निवासी गुजराती हैं, जबकि मां उषा ब्रिटिश-भारतीय हैं।
    • वे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं
    • पहले ऐसे पीएम हैं जिनकी पत्नी (आकांक्षा मूर्ति, इंफोसिस के सह-संस्थापक की बेटी) अरबपति हैं।
  • राजनीतिक उदय
    • सुनक 2015 में रिचमंड (यॉर्क्स) से सांसद बने। 2020 में वे चांसलर ऑफ एक्सचेकर बने
    • जहां उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान फ्रीलांसरों और व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण राहत योजनाएं शुरू कीं।
    • लिज ट्रस के 45 दिनों के छोटे कार्यकाल के इस्तीफे के बाद, पार्टी नेतृत्व चुनाव में उन्होंने पेनी मोरडॉन्ट को हराया, जिसमें 180 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला।
  • नियुक्ति और प्रतिक्रियाएं
    • किंग चार्ल्स तृतीय ने उन्हें 10 डाउ닝 स्ट्रीट पर आमंत्रित कर औपचारिक रूप से नियुक्त किया।
    • भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी, रोडमैप 2030 पर सहयोग का उल्लेख करते हुए।
    • यह ब्रिटेन के 200 वर्षीय औपनिवेशिक इतिहास के बाद एक प्रतीकात्मक क्षण था, जहां अब एक भारतवंशी देश का नेतृत्व संभाल रहा था।​
  • चुनौतियां और कार्यकाल
    • उनका कार्यकाल आर्थिक संकट, मुद्रास्फीति और ऊर्जा संकट से जूझते हुए शुरू हुआ।
    • वे नवंबर 2023 तक पीएम रहे, लेकिन उनकी नियुक्ति ने ब्रिटिश राजनीति में विविधता का नया अध्याय खोला।
    • सुनक को विंस्टन चर्चिल के पुराने कथन का "करारा जवाब" माना गया, जिन्होंने भारतीय नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।​

5. नवंबर, 2022 तक भारत के पड़ोसी देश चीन की राजभाषा क्या है? [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) मैंडरिन
Solution:
  • नवंबर, 2022 तक, भारत के पड़ोसी देश चीन की राजभाषा मैंडरिन है। मैंडरिन, जिसे आधिकारिक तौर पर पुतोंग्हुआ (Putonghua) कहा जाता है
  • चीनी भाषा का मानकीकृत रूप है और यह दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है।
  • इसका उपयोग शिक्षा, मीडिया और सरकारी कामकाज में होता है, जो इसे चीन की आधिकारिक और राष्ट्रीय भाषा बनाता है।
  • मंदारिन का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मंदारिन को 1950 के दशक से ही चीन की आधिकारिक भाषा के रूप में बढ़ावा दिया गया।
    • 1956 में इसे राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य भाषा घोषित किया गया, जो बीजिंग की मंदारिन बोली पर ध्वन्यात्मक रूप से आधारित है।
    • यह चीन-तिब्बती भाषा परिवार से संबंधित है और दुनिया भर में 1 अरब से अधिक लोग इसे बोलते हैं।
    • मंदारिन को पढ़ने-लिखने के लिए पिनयिन (Pinyin) प्रणाली का उपयोग होता है, जो रोमन अक्षरों पर आधारित है।
    • चीन सरकार ने इसे स्कूलों, मीडिया और सरकारी कार्यों में अनिवार्य बनाया
    • देश के विभिन्न क्षेत्रीय बोलियों वाले लोग एक-दूसरे से जुड़ सकें। नवंबर 2022 तक कोई बदलाव नहीं हुआ था।​
  • चीन की भाषाई विविधता
    • चीन में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, लेकिन मंदारिन ही एकमात्र राष्ट्रीय आधिकारिक भाषा है।
    • अन्य प्रमुख बोलियां जैसे कैंटोनीज (युआन), शंघाई और वू शामिल हैं, लेकिन ये आधिकारिक नहीं हैं।
    • स्वायत्त क्षेत्रों जैसे तिब्बत या शिनजियांग में स्थानीय भाषाओं को अतिरिक्त मान्यता मिली हुई है।
    • भारत-चीन सीमा (लगभग 3488 किमी) के संदर्भ में, सीमावर्ती क्षेत्रों में तिब्बती या अन्य स्थानीय बोलियां प्रचलित हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर मंदारिन ही प्रमुख रहती है।​
  • अन्य विकल्पों की तुलना
    • प्रश्न में अन्य विकल्प जैसे सिंहली (श्रीलंका), बर्मी/म्यांमार भाषा (म्यांमार) और बंगाली (बांग्लादेश) भारत के अन्य पड़ोसियों से जुड़े हैं, लेकिन चीन से नहीं। उदाहरण के लिए:
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • मंदारिन विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसमें सरलीकृत चीनी अक्षर (Simplified Chinese) का उपयोग होता है।
    • भारत जैसे पड़ोसी देश के साथ राजनयिक संवाद में भी अनुवादकों के माध्यम से मंदारिन या अंग्रेजी का प्रयोग होता है।
    • 2022 तक चीन की जनसंख्या 1.4 अरब से अधिक थी, जिसमें 92% हान्यू (Hanyu) भाषा परिवार की बोलियां बोलते हैं।

6. विश्व की सबसे बड़ी मूंगा चट्टान, जिसे ग्रेट बैरियर रीफ (Great Barrier Reef) के नाम से जाना जाता है, की भौगोलिक स्थिति क्या है? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) ऑस्ट्रेलिया
Solution:
  • विश्व की सबसे बड़ी मूंगा चट्टान, जिसे ग्रेट बैरियर रीफ (Great Barrier Reef) के नाम से जाना जाता है, की भौगोलिक स्थिति ऑस्ट्रेलिया है।
  • यह ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के तट से दूर, कोरल सागर में स्थित है।
  • यह विशाल रीफ प्रणाली 2,300 किलोमीटर से अधिक में फैली हुई है
  • यह जैव विविधता के लिए एक विश्व धरोहर स्थल है, जो लाखों समुद्री प्रजातियों का घर है।
  • स्थान और सीमाएं
    • ग्रेट बैरियर रीफ कोरल सागर (Coral Sea) में फैला हुआ है, जो प्रशांत महासागर का हिस्सा है।
    • यह ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य (Queensland) के पूर्वी तट से लगभग 160 किलोमीटर की चौड़ाई वाले चैनल द्वारा अलग है।
    • उत्तरी छोर टोरेस स्ट्रेट (Torres Strait) में ब्रैम्बल के (Bramble Cay) पर है, जिसके निर्देशांक लगभग 9°08′ S 143°52′ E हैं
    • जबकि दक्षिणी छोर लेडी एलियट आइलैंड (Lady Elliot Island) पर समाप्त होता है
    • जिसके निर्देशांक 24°06′ S 152°42′ E हैं। कुल लंबाई 2,300 किलोमीटर से अधिक है, जो पृथ्वी से अंतरिक्ष में दिखाई देती है।
  • आकार और विस्तार
    • यह प्रणाली लगभग 344,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 2,900 से अधिक व्यक्तिगत चट्टानें (reefs) और 900 से अधिक द्वीप शामिल हैं।
    • तट से कुछ स्थानों पर यह केवल 15 किलोमीटर चौड़ी है, लेकिन अधिकतम 300 किलोमीटर तक फैल सकती है।
    • चट्टानों की गहराई 61 मीटर से अधिक हो सकती है, और उथले हिस्से समुद्र सतह से ऊपर उठकर द्वीप बनाते हैं।
    • यह पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई कॉर्डिलेरा (East Australian Cordillera) का हिस्सा है।
  • भूवैज्ञानिक पृष्ठभूमि
    • इसकी उत्पत्ति 58 से 48 मिलियन वर्ष पुरानी है, जब कोरल सी बेसिन का निर्माण हुआ।
    • ऑस्ट्रेलियाई प्लेट का उत्तर की ओर 7 सेमी प्रति वर्ष की गति से खिसकना और समुद्र स्तर में उतार-चढ़ाव ने चट्टानों के विकास को प्रभावित किया।
    • वर्तमान संरचना लगभग 20,000 वर्ष पुरानी है, लेकिन कोरल यहां 6 लाख वर्षों से मौजूद हैं।
    • ज्वालामुखी गतिविधियों और भू-उत्थान ने क्वींसलैंड के जल निकासी विभाजन को 400 किलोमीटर अंदर धकेल दिया।
  • जलवायु और महासागरीय प्रभाव
    • रीफ कोरल सागर की गर्म धाराओं से प्रभावित है, जहां तापमान 24-30°C रहता है।
    • उथले जल (150 मीटर तक) में 80% कोरल पनपते हैं, जो सूर्य प्रकाश पर निर्भर हैं।
    • यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, लेकिन जलवायु परिवर्तन से खतरा है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सी अफगानिस्तान की आधिकारिक भाषा है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) दरी
Solution:
  • अफगानिस्तान की आधिकारिक भाषाएँ दरी और पश्तो हैं। दिए गए विकल्पों में से, दरी अफगानिस्तान की आधिकारिक भाषाओं में से एक है।
  • दरी, फ़ारसी (Persian) भाषा का एक रूप है और यह देश के विभिन्न जातीय समूहों के बीच एक संपर्क भाषा (lingua franca) के रूप में भी कार्य करती है।
  • यह अफगानिस्तान में व्यापक रूप से बोली जाने वाली और साहित्यिक भाषा है।
  • दारी भाषा की विशेषताएँ
    • दारी फारसी भाषा की एक विविधता है, जो ईरानी फारसी से काफी मिलती-जुलती है और अरबी लिपि में लिखी जाती है।
    • यह शहरी क्षेत्रों, प्रशासन, मीडिया, शिक्षा और साहित्य में व्यापक रूप से उपयोग होती है।
    • अफगानिस्तान की लगभग 50% आबादी इसे बोलती है, और यह विभिन्न जातीय समूहों के बीच संचार का माध्यम है।
    • दारी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा में कविता और गद्य शामिल हैं, जो अफगान संस्कृति का अभिन्न अंग हैं।
  • पश्तो भाषा की विशेषताएँ
    • पश्तो इंडो-ईरानी भाषा परिवार से है और पश्तून समुदाय (देश की सबसे बड़ी जाति) की मातृभाषा है।
    • यह दक्षिणी प्रांतों जैसे कंधार और खोस्त में प्रमुख है, तथा इसमें अपनी विशिष्ट लिपि और लोककथाओं, गीतों की परंपरा है।
    • पश्तो का उपयोग सरकारी दस्तावेजों, शिक्षा और मीडिया में होता है
    • लेकिन दारी की तुलना में इसका भौगोलिक विस्तार सीमित है। यह लगभग 35-40% आबादी द्वारा बोली जाती है।
  • अन्य भाषाएँ और विविधता
    • अफगानिस्तान बहुभाषी देश है, जहाँ उज़्बेकी, तुर्कमेनी, बलूची, पशायी, नूरिस्तानी जैसी 30 से अधिक भाषाएँ बोली जाती हैं।
    • हालाँकि, ये आधिकारिक नहीं हैं—केवल क्षेत्रीय महत्व रखती हैं।
    • 2021 में तालिबान शासन के दौरान उज़्बेक को आधिकारिक दर्जे से हटाने की खबरें आईं
    • लेकिन दारी-पश्तो की स्थिति अपरिवर्तित रही। यह भाषाई नीति राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए बनाई गई है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • पुरानी फारसी अचमेनियन साम्राज्य से जुड़ी रही, जो दारी का आधार बनी।
    • आधुनिक संदर्भ में, दारी और पश्तो का संतुलन राजनीतिक महत्व रखता है
    • क्योंकि पश्तो पश्तून बहुमत को प्रतिनिधित्व देता है, जबकि दारी गैर-पश्तूनों (ताजिक, हजारा आदि) को।
    • शिक्षा और सरकारी कार्यों में दोनों का समान उपयोग अनिवार्य है।
  • वर्तमान स्थिति (2026 तक)
    • फरवरी 2026 तक, तालिबान शासन में भी दारी और पश्तो आधिकारिक बनी हुई हैं
    • हालांकि पश्तो को अधिक प्राथमिकता देने की कोशिशें दिखी हैं।
    • ये भाषाएँ अफगान पहचान का प्रतीक हैं और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयास जारी हैं।

8. वर्ष 2021-22 में भारत से जूट का सबसे बड़ा आयातक कौन-सा देश था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) यू.एस.ए. (USA)
Solution:
  • वर्ष 2021-22 में भारत से जूट और जूट उत्पादों का सबसे बड़ा आयातक देश यू.एस.ए. (USA) था।
  • भारत जूट के उत्पादन और निर्यात में एक प्रमुख देश है, और जूट की बोरियाँ, कपड़े, और हस्तशिल्प जैसे उत्पाद संयुक्त राज्य अमेरिका को बड़ी मात्रा में निर्यात किए जाते हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में जूट उत्पादों की मांग इसकी पर्यावरण-अनुकूल प्रकृति के कारण बढ़ी है।
  • प्रमुख आयातक देश
    • भारत 80 से अधिक देशों को जूट निर्यात करता है।
    • USA के अलावा प्रमुख आयातक यूके, जर्मनी, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, चीन, ब्रिटेन और कनाडा रहे।
    • 2020-21 की पहली छमाही में भी USA शीर्ष पर था
    • जहां उसने मूल्य के आधार पर 30% और मात्रा के आधार पर 17% आयात किया।
  • जूट उद्योग का महत्व
    • जूट को 'गोल्डन फाइबर' कहा जाता है क्योंकि यह चमकदार, मजबूत और पर्यावरण-अनुकूल है।
    • इसका उपयोग हेसियन कपड़ा, बोरे, कालीन, हस्तशिल्प और पैकेजिंग में होता है।
    • यह जैव-निम्नीकरणीय है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। भारत सरकार सब्सिडी और प्रोत्साहन से उद्योग को बढ़ावा देती है।
  • अन्य तथ्य
    • भारत जूट उत्पादों का बड़ा निर्यातक है, जबकि बांग्लादेश कच्चे जूट का।​
    • जूट का निर्यात विदेशी मुद्रा आय बढ़ाता है।​
    • यह जानकारी 2021-22 के आंकड़ों पर आधारित है, बाद के वर्षों में बदलाव संभव हैं।​

9. यूक्रेन पर 2022 के रूसी आक्रमण के बीच भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए गए निकासी अभियान का नाम क्या है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) ऑपरेशन गंगा
Solution:
  • यूक्रेन पर 2022 के रूसी आक्रमण के बीच भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए गए निकासी अभियान का नाम ऑपरेशन गंगा था।
  • इस अभियान के तहत, युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों और नागरिकों को पड़ोसी देशों (जैसे पोलैंड, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया) की सीमाओं के माध्यम से निकाला गया
  • विशेष उड़ानों से भारत वापस लाया गया।
  • यह भारत सरकार के सबसे बड़े निकासी प्रयासों में से एक था।
  • अभियान का उद्देश्य
    • यह अभियान विशेष रूप से यूक्रेन में फंसे लगभग 20,000 भारतीयों, मुख्यतः छात्रों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया।
    • रूसी सेना के आक्रमण के बाद स्थिति बिगड़ने पर विदेश मंत्रालय ने इसे समन्वित किया
    • जिसमें पड़ोसी देशों जैसे रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया की सीमाओं से निकासी पर जोर दिया गया।
  • प्रमुख गतिविधियाँ
    • विशेष उड़ानें: एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट जैसी छह निजी एयरलाइनों के साथ साझेदारी में सैकड़ों उड़ानें संचालित की गईं।
    • पहली उड़ान 27 फरवरी 2022 को बुखारेस्ट से 249 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली पहुंची।
    • मंत्रियों की तैनाती: चार केंद्रीय मंत्री—हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और वी.के. सिंह—को पड़ोसी देशों में भेजा गया
    • स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय हो सके।​
    • नियंत्रण केंद्र: 24x7 हेल्पलाइन और सीमा बिंदुओं पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए।​
  • निकासी के आंकड़े
    • 1 फरवरी से 11 मार्च 2022 तक लगभग 22,500 भारतीयों को वापस लाया गया।
    • एयर इंडिया ने अकेले 23 उड़ानें चलाईं, और सभी उड़ानों का खर्च भारत सरकार ने वहन किया।
    • कुल 90 उड़ानों से हजारों छात्रों समेत सभी को सुरक्षित लाया गया।
  • अन्य संदर्भ
    • ऑपरेशन गंगा भारत के अन्य निकासी अभियानों जैसे वंदे भारत मिशन (कोविड-19 के दौरान) या ऑपरेशन समुद्र सेतु की तर्ज पर था।
    • यह भारत की नागरिकों को संकट से बचाने की क्षमता को दर्शाता है।​

10. निम्नलिखित में से किसे जून, 2021 से जून, 2024 की अवधि के लिए विश्व बैंक शिक्षा सलाहकार के रूप में नामित किया गया है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) रंजित सिंह दिसाले
Solution:
  • जून, 2021 से जून, 2024 की अवधि के लिए विश्व बैंक शिक्षा सलाहकार के रूप में रंजित सिंह दिसाले को नामित किया गया है।
  • वह एक भारतीय शिक्षक हैं जिन्हें 2020 में ग्लोबल टीचर प्राइज से सम्मानित किया गया था।
  • उन्हें उनकी नवीन शिक्षण पद्धतियों और महाराष्ट्र के एक ग्रामीण स्कूल में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
  • विश्व बैंक में उनका काम शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सुधारों पर केंद्रित है।
  • नियुक्ति का विवरण
    • रंजीतसिंह दिसाले महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक हैं।
    • विश्व बैंक ने उन्हें उनकी नवाचारी शिक्षण विधियों के लिए इस भूमिका में चुना
    • विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और पाठ्यपुस्तकों में क्यूआर कोड का उपयोग करने के प्रयासों के लिए।
    • यह नियुक्ति जून 2021 में घोषित हुई थी और तीन वर्ष की अवधि के लिए थी, जो जून 2024 तक चली।
  • पृष्ठभूमि और उपलब्धियाँ
    • दिसाले ने 2020 में ग्लोबल टीचर प्राइज जीता था, जो दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षक पुरस्कार माना जाता है (10 लाख डॉलर का मूल्य)।
    • यह पुरस्कार उन्हें पारितेवाड़ी गाँव के जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में लड़कियों की शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए मिला
    • जहाँ आदिवासी समुदायों में लड़कियों को औपचारिक शिक्षा से दूर रखा जाता था।
    • पुरस्कार जीतने के बाद उन्होंने अपना पुरस्कार राशि वैश्विक शिक्षा परियोजनाओं में दान कर दिया।
  • विश्व बैंक में भूमिका
    • विश्व बैंक की 'कोच' पहल के तहत दिसाले की सलाहकार भूमिका शिक्षक प्रशिक्षण (TPD) को मजबूत करने पर केंद्रित थी।
    • इसमें एक-से-एक कोचिंग, समूह प्रशिक्षण, वर्कशॉप और हाइब्रिड मोड शामिल थे
    • शिक्षक-छात्र互动 सुधर सके और छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़े।
    • विश्व बैंक शिक्षा रणनीति में शिक्षा को आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और मानव विकास का आधार मानते हुए
    • दिसाले जैसे सलाहकारों ने जमीनी अनुभव साझा किया।