Correct Answer: (a) रंजित सिंह दिसाले
Solution:- जून, 2021 से जून, 2024 की अवधि के लिए विश्व बैंक शिक्षा सलाहकार के रूप में रंजित सिंह दिसाले को नामित किया गया है।
- वह एक भारतीय शिक्षक हैं जिन्हें 2020 में ग्लोबल टीचर प्राइज से सम्मानित किया गया था।
- उन्हें उनकी नवीन शिक्षण पद्धतियों और महाराष्ट्र के एक ग्रामीण स्कूल में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
- विश्व बैंक में उनका काम शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सुधारों पर केंद्रित है।
- नियुक्ति का विवरण
- रंजीतसिंह दिसाले महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक हैं।
- विश्व बैंक ने उन्हें उनकी नवाचारी शिक्षण विधियों के लिए इस भूमिका में चुना
- विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और पाठ्यपुस्तकों में क्यूआर कोड का उपयोग करने के प्रयासों के लिए।
- यह नियुक्ति जून 2021 में घोषित हुई थी और तीन वर्ष की अवधि के लिए थी, जो जून 2024 तक चली।
- पृष्ठभूमि और उपलब्धियाँ
- दिसाले ने 2020 में ग्लोबल टीचर प्राइज जीता था, जो दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षक पुरस्कार माना जाता है (10 लाख डॉलर का मूल्य)।
- यह पुरस्कार उन्हें पारितेवाड़ी गाँव के जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में लड़कियों की शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए मिला
- जहाँ आदिवासी समुदायों में लड़कियों को औपचारिक शिक्षा से दूर रखा जाता था।
- पुरस्कार जीतने के बाद उन्होंने अपना पुरस्कार राशि वैश्विक शिक्षा परियोजनाओं में दान कर दिया।
- विश्व बैंक में भूमिका
- विश्व बैंक की 'कोच' पहल के तहत दिसाले की सलाहकार भूमिका शिक्षक प्रशिक्षण (TPD) को मजबूत करने पर केंद्रित थी।
- इसमें एक-से-एक कोचिंग, समूह प्रशिक्षण, वर्कशॉप और हाइब्रिड मोड शामिल थे
- शिक्षक-छात्र互动 सुधर सके और छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़े।
- विश्व बैंक शिक्षा रणनीति में शिक्षा को आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और मानव विकास का आधार मानते हुए
- दिसाले जैसे सलाहकारों ने जमीनी अनुभव साझा किया।