Correct Answer: (c) अमेरिका (यू.एस.ए.)
Solution:- “DART” (Double Asteroid Redirection Test) मिशन अमेरिका (NASA) द्वारा शुरू किया गया था।
- इसका उद्देश्य किसी क्षुद्रग्रह की दिशा बदलने की तकनीक का परीक्षण करना था ताकि भविष्य में पृथ्वी को टकराव से बचाया जा सके।
- मिशन का उद्देश्य
- DART मिशन का मुख्य लक्ष्य पृथ्वी की रक्षा के लिए क्षुद्रग्रहों को पुनर्निर्देशित करने की "गतिज प्रभाव" (Kinetic Impactor) तकनीक का परीक्षण करना है।
- यह दुनिया का पहला पूर्ण-स्तरीय मिशन है जो संभावित क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के खतरों से पृथ्वी को बचाने वाली प्रौद्योगिकी को जांचता है।
- NASA ने इसे जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी (APL) के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया।
- लक्ष्य क्षुद्रग्रह और तकनीक
- मिशन में DART अंतरिक्षयान को डिमोर्फोस (Dimorphos) नामक छोटे क्षुद्रग्रह से टकराया गया
- जो बड़े क्षुद्रग्रह डिडिमोस (Didymos) की परिक्रमा करता है। टक्कर से डिमोर्फोस की कक्षा में परिवर्तन मापा गया
- जो साबित करता है कि उच्च गति वाला अंतरिक्षयान क्षुद्रग्रह की दिशा बदल सकता है।
- इसमें DRACO कैमरा लगा था जो वास्तविक समय में इमेज भेजता था।
- लॉन्च और महत्वपूर्ण तिथियां
- DART को 24 नवंबर 2021 को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया।
- 26 सितंबर 2022 को अंतरिक्षयान ने डिमोर्फोस से सफल टक्कर की
- जो मिशन की बड़ी सफलता थी। बाद में नासा ने पुष्टि की कि क्षुद्रग्रह की गति 32 मिनट पहले बदल गई।
- परिणाम और भविष्य की योजनाएं
- टक्कर से डिमोर्फोस की कक्षा 32 मिनट छोटी हो गई, जो अपेक्षाओं से अधिक प्रभावी साबित हुई।
- यह ग्रह रक्षा के लिए नई तकनीक साबित हुई, जो भविष्य में पृथ्वी की ओर आते क्षुद्रग्रहों को रोकेगी।
- यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) का Hera मिशन 2024 में फॉलो-अप के लिए भेजा जाएगा।
- अतिरिक्त तथ्य
- मिशन की लागत लगभग 330 मिलियन डॉलर थी और यह NASA की Planetary Defense Coordination Office का हिस्सा है।
- डिमोर्फोस का व्यास 160 मीटर है, जबकि डिडिमोस 780 मीटर का। सफलता से वैज्ञानिकों को क्षुद्रग्रहों की संरचना समझने में मदद मिली।