अंतरराष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान)

Total Questions: 31

11. वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2022 में निम्नलिखित देशों को 121 देशों में से उनके स्थान के संबंध में सुमेलित कीजिए। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

स्थानदेश
(1) भारतA. 99
(2) पाकिस्तानB. 107
(3) नेपालC. 81

Code :

123
(a)BAC
(b)ABC
(c)BCA
(d)CAB
Correct Answer: (a)
Solution:
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2022 में भारत 107वें, पाकिस्तान 99वें और नेपाल 81वें स्थान पर था।
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2023 में बेलारूस, बोस्निया और हर्जेगोविना, चिली तथा चीन सहित क्रमशः बीस देशों को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त है
  • जबकि भारत 111वें, पाकिस्तान 102वें और नेपाल (सेनेगल के साथ) 69वें स्थान पर है।
  • GHI 2022 का अवलोकन
    • GHI 2022 कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्टहंगरहिल्फ द्वारा जारी किया गया था
    • जो भुखमरी के चार संकेतकों—अल्पपोषण, बच्चों में क्षय (stunting), बच्चों में कुपोषण (wasting) और बच्चों में मृत्यु दर—पर आधारित है।
    • वैश्विक स्कोर 18.2 था, जो "मध्यम" श्रेणी में आता है, लेकिन 44 देशों में गंभीर या खतरनाक भुखमरी थी
    • भारत का स्कोर 29.1 था, जो "गंभीर" श्रेणी में रखता है, और 2021 के 27.5 से मामूली गिरावट आई।
  • भारत की स्थिति
    • भारत 121 देशों में 107वें स्थान पर था, जो अफगानिस्तान (109वें) से बेहतर लेकिन दक्षिण एशिया के अन्य देशों से खराब था।
    • बच्चों में कुपोषण दर 19.3% थी, जो विश्व में सबसे अधिक है, और 224.3 मिलियन लोग अल्पपोषित थे।
    • सरकार ने विधि पर सवाल उठाए, लेकिन यह खाद्य असुरक्षा और पोषण की कमी को दर्शाता है।​
  • शीर्ष प्रदर्शनकारी देश
    • शीर्ष पांच: बेलारूस, बोस्निया और हर्ज़ेगोविना, चिली, चीन, क्रोएशिया।
    • ये "निम्न" भुखमरी वाले थे, जहां स्कोर बहुत कम था।
  • सबसे खराब प्रदर्शनकारी
    • चाड, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, मेडागास्कर, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, यमन सबसे निचले पायदान पर थे। इनमें भुखमरी "खतरनाक" स्तर की थी।
  • प्रमुख चुनौतियां और संदर्भ
    • वैश्विक प्रगति रुकी हुई है, कोविड-19, युद्ध और जलवायु परिवर्तन कारण बने।
    • भारत में अल्पपोषण 16.3% हो गया, जो वैश्विक 828 मिलियन का बड़ा हिस्सा है।
    • 2030 तक लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े बदलाव जरूरी हैं।
    • यह सूचकांक भुखमरी ट्रैक करने का प्रमुख उपकरण है।

12. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के नेताओं ने वर्ष 2022-23 के लिए समूह की पहली पर्यटक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में ....... शहर का समर्थन किया। [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) वाराणसी
Solution:
  • SCO नेताओं ने वर्ष 2022–23 के लिए वाराणसी (Varanasi) को समूह की पहली “पर्यटक और सांस्कृतिक राजधानी” घोषित किया।
  • यह पहल सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संपर्क, पर्यटन और लोगों के बीच पारस्परिक समझ बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी।
  • भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक वाराणसी को चुनना देश की “सॉफ्ट पावर” और प्राचीन सभ्यता की पहचान को वैश्विक मंच पर उजागर करता है।
  • घोषणा का पृष्ठभूमि
    • यह निर्णय SCO के सदस्य देशों के बीच लोगों-से-लोगों के संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया।
    • SCO ने एक नई घूर्णी (rotating) पहल शुरू की, जिसमें हर साल एक सदस्य देश के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर को इस शीर्षक से सम्मानित किया जाता है।
    • जुलाई 2022 में बीजिंग में SCO महासचिव झांग मिंग ने प्रारंभिक घोषणा की
    • सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में इसे औपचारिक रूप से स्वीकृत किया गया।
  • वाराणसी का चयन क्यों?
    • वाराणसी, जिसे काशी भी कहा जाता है, भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है
    • यहां गंगा घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, बौद्ध और जैन स्थल जैसे आकर्षण हैं।
    • SCO के आठ सदस्य देशों (भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान) ने सर्वसम्मति से वाराणसी को चुना
    • क्योंकि यह एशियाई सभ्यताओं के प्राचीन संबंधों को रेखांकित करता है, खासकर मध्य एशियाई देशों से।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरकंद शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने इसकी पुष्टि की।
  • आयोजनों का विवरण
    • 2022-23 के दौरान वाराणसी में SCO सदस्य देशों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक (17-18 मार्च 2023) सहित कई कार्यक्रम हुए।
    • इनमें सांस्कृतिक उत्सव, पर्यटन प्रदर्शनियां, खान-पान महोत्सव, हेरिटेज वॉक और डोजियर प्रस्तुतिकरण शामिल थे
    • जो SCO राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन में शहर को नामांकित करने के लिए तैयार किए गए।
    • इसका लक्ष्य सदस्य देशों के नागरिकों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना था।
  • SCO का महत्व
    • SCO एक यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है
    • जो शांति, सुरक्षा और सदस्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
    • यह पहल उसके 'लोग-से-लोग' एजेंडे का हिस्सा है।
    • वाराणसी को यह सम्मान मिलने से भारत की सॉफ्ट पावर मजबूत हुई और पर्यटन को प्रोत्साहन मिला।

13. G20 विदेश मंत्रियों की बैठक, 2022 निम्नलिखित में से किस देश में आयोजित की गई थी? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) इंडोनेशिया
Solution:
  • वर्ष 2022 में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक इंडोनेशिया में आयोजित की गई थी।
  • इंडोनेशिया उस वर्ष G20 की अध्यक्षता कर रहा था, और बैठक का आयोजन बाली (Bali) में हुआ था।
  • इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट, वैश्विक आर्थिक पुनरुद्धार और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
  • भारत ने भी इसमें सक्रिय भागीदारी की और अगले वर्ष (2023) की अध्यक्षता की तैयारी की थी।
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • G20 का 2022 अध्यक्ष पद इंडोनेशिया के पास था, इसलिए सभी प्रमुख बैठकें वहीं आयोजित हुईं
    • जिसमें विदेश मंत्रियों की यह बैठक शामिल थी।
    • यह बैठक नवंबर 2022 में बाली में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा थी।
    • बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण तनाव रहा, लेकिन सदस्य देशों ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर सहमति बनाने की कोशिश की।
  • प्रमुख प्रतिभागी और परिणाम
    • बैठक में G20 के सभी 19 सदस्य देशों (जैसे भारत, अमेरिका, चीन, रूस) के विदेश मंत्री, यूरोपीय संघ और आमंत्रित अतिथि (जैसे यूक्रेन) शामिल हुए।
    • परिणामस्वरूप बाली घोषणापत्र जारी हुआ, जिसमें यूक्रेन संकट की निंदा की गई
    • लेकिन रूस को अलग न करने पर सहमति बनी।
    • भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाई।
  • G20 संदर्भ में स्थान
    • मेजबान देश: इंडोनेशिया (2022 अध्यक्ष)।
    • स्थान: बाली (विदेश मंत्रियों के लिए 7-8 जुलाई; शिखर सम्मेलन नवंबर में उसी स्थान पर)।
    • अन्य बैठकें: स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक भी बाली में हुई।

14. निम्नलिखित में से किसे 2022 में प्रमुख भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर (OSCAR) पुरस्कार दिया गया? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) विल स्मिथ
Solution:
  • 2022 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) का ऑस्कर विल स्मिथ (Will Smith) को फिल्म King Richard में उनकी भूमिका के लिए दिया गया।
  • उन्होंने टेनिस स्टार्स वीनस और सेरेना विलियम्स के पिता रिचर्ड विलियम्स की प्रेरक भूमिका निभाई थी।
  • हालांकि समारोह में उनके द्वारा कॉमेडियन क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने की घटना ने भी खूब सुर्खियाँ बटोरीं।
  • फिर भी अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।
  • पुरस्कार का विवरण
    • 94वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर 2022) का आयोजन 27 मार्च 2022 को लॉस एंजेलिस के डॉल्बी थिएटर में हुआ था।
    • विल स्मिथ ने फिल्म किंग रिचर्ड में रिचर्ड विलियम्स की भूमिका निभाई
    • जो टेनिस सितारों वीनस और सेरेना विलियम्स के पिता थे।
    • यह पुरस्कार उन्हें पहली बार मिला, जिसमें उन्होंने अपने पिता की जिदंगी को सशक्त तरीके से चित्रित किया।
  • विवादास्पद क्षण
    • पुरस्कार समारोह के दौरान विल स्मिथ ने मेजबान क्रिस रॉक पर थप्पड़ मारा था
    • जब रॉक ने उनकी पत्नी जेसीडा पिंकेट स्मिथ के बारे में मजाक किया।
    • पुरस्कार प्राप्त करने के बाद स्मिथ ने माफी मांगी और रोते हुए
    • उन्होंने अकादमी और सह-नामांकितों से गलती की। इस घटना ने समारोह को वैश्विक सुर्खियां दिलाईं।
  • अन्य प्रमुख विजेता
    • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: जेसिका चेस्टेन को द आईज ऑफ टैमी फेय के लिए।
    • सर्वश्रेष्ठ फिल्म: कोडा।
    • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: जेन कैंपियन को द पावर ऑफ द डॉग के लिए।

15. ....... को अक्टूबर, 2022 में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के अध्यक्ष के रूप में पुनःनिर्वाचित किया गया है। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत
Solution:
  • अक्टूबर 2022 में भारत को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) का अध्यक्ष पुनः चुना गया।
  • ISA एक अंतरसरकारी संगठन है जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और सौर प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
  • इसका मुख्यालय गुरुग्राम (भारत) में स्थित है। भारत की पुनर्नियुक्ति उसके वैश्विक नेतृत्व और सौर मिशन में सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
  • ISA का गठन और उद्देश्य
    • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) भारत और फ्रांस द्वारा 2015 में शुरू किया गया एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है
    • जो सौर ऊर्जन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसका मुख्य लक्ष्य सदस्य देशों को सस्ती
    • विश्वसनीय और टिकाऊ सौर ऊर्जा समाधान प्रदान करना है, विशेष रूप से कम विकसित देशों (LDCs) और छोटे द्वीप विकासशील राज्यों (SIDS) के लिए।
    • वर्तमान में ISA के पास 116 सदस्य देश और हस्ताक्षरकर्ता हैं, और इसके 9 प्रमुख कार्यक्रम हैं
    • जो सौर ऊर्जा के विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे ग्रिड-कनेक्टेड सिस्टम, सौर पंप और सौर भवनों पर फोकस करते हैं।
    • संगठन जलवायु परिवर्तन से निपटने और कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा प्रणालियों को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
  • अक्टूबर 2022 सभा का विवरण
    • 17-20 अक्टूबर 2022 को नई दिल्ली में ISA की पांचवीं सभा हुई
    • जिसमें 109 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों के मंत्री, प्रतिनिधि शामिल हुए।
    • सभा की अध्यक्षता आर.के. सिंह ने की, और इसमें ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा सुरक्षा तथा ऊर्जा संक्रमण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
    • सभा ने ISA के कार्यान्वयन समझौते पर निर्णय लिए, जिसमें LDCs/SIDS के लिए सौर कार्यक्रमों का समर्थन, क्षमता निर्माण और एनालिटिक्स सहायता शामिल थी।
    • आर.के. सिंह ने कहा कि ISA तेजी से बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर 70 करोड़ बिना बिजली वाले लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य है।
  • आर.के. सिंह की भूमिका और पृष्ठभूमि
    • आर.के. सिंह (राजकुमार सिंह) एक वरिष्ठ IAS अधिकारी रह चुके हैं और 2017 से भारत के ऊर्जा मंत्री हैं।
    • ISA अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन का विस्तार किया, सदस्य संख्या 110 तक पहुंचाई।
    • उनके नेतृत्व में ISA ने सौर ऊर्जा उपयोग, प्रदर्शन, लागत और वित्तीय पैमाने पर प्रगति का मूल्यांकन किया।
    • यह पुनर्निर्वाचन भारत की सौर ऊर्जा नेतृत्व को मजबूत करता है, जो 2024-26 तक भी जारी रहा जब भारत फिर चुना गया।​
  • ISA की उपलब्धियां और भविष्य
    • ISA ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को गति दी है।
    • सभा हर साल मंत्रिस्तरीय स्तर पर आयोजित होती है, जो रणनीतिक दिशा तय करती है।
    • हाल ही में (2024) भारत 2024-26 के लिए फिर अध्यक्ष बना
    • जबकि फ्रांस ने ग्रेनाडा को हराया।
    • हालांकि, अमेरिका ने 2026 में ISA से हटने की घोषणा की, जो चुनौती पैदा कर सकता है।

16. किस देश की अंतरिक्ष एजेंसी ने "DART मिशन" परियोजना शुरू की है? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) अमेरिका (यू.एस.ए.)
Solution:
  • “DART” (Double Asteroid Redirection Test) मिशन अमेरिका (NASA) द्वारा शुरू किया गया था।
  • इसका उद्देश्य किसी क्षुद्रग्रह की दिशा बदलने की तकनीक का परीक्षण करना था ताकि भविष्य में पृथ्वी को टकराव से बचाया जा सके।
  • मिशन का उद्देश्य
    • DART मिशन का मुख्य लक्ष्य पृथ्वी की रक्षा के लिए क्षुद्रग्रहों को पुनर्निर्देशित करने की "गतिज प्रभाव" (Kinetic Impactor) तकनीक का परीक्षण करना है।
    • यह दुनिया का पहला पूर्ण-स्तरीय मिशन है जो संभावित क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के खतरों से पृथ्वी को बचाने वाली प्रौद्योगिकी को जांचता है।
    • NASA ने इसे जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी (APL) के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया।
  • लक्ष्य क्षुद्रग्रह और तकनीक
    • मिशन में DART अंतरिक्षयान को डिमोर्फोस (Dimorphos) नामक छोटे क्षुद्रग्रह से टकराया गया
    • जो बड़े क्षुद्रग्रह डिडिमोस (Didymos) की परिक्रमा करता है। टक्कर से डिमोर्फोस की कक्षा में परिवर्तन मापा गया
    • जो साबित करता है कि उच्च गति वाला अंतरिक्षयान क्षुद्रग्रह की दिशा बदल सकता है।
    • इसमें DRACO कैमरा लगा था जो वास्तविक समय में इमेज भेजता था।
  • लॉन्च और महत्वपूर्ण तिथियां
    • DART को 24 नवंबर 2021 को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया।
    • 26 सितंबर 2022 को अंतरिक्षयान ने डिमोर्फोस से सफल टक्कर की
    • जो मिशन की बड़ी सफलता थी। बाद में नासा ने पुष्टि की कि क्षुद्रग्रह की गति 32 मिनट पहले बदल गई।
  • परिणाम और भविष्य की योजनाएं
    • टक्कर से डिमोर्फोस की कक्षा 32 मिनट छोटी हो गई, जो अपेक्षाओं से अधिक प्रभावी साबित हुई।
    • यह ग्रह रक्षा के लिए नई तकनीक साबित हुई, जो भविष्य में पृथ्वी की ओर आते क्षुद्रग्रहों को रोकेगी।
    • यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) का Hera मिशन 2024 में फॉलो-अप के लिए भेजा जाएगा।​
  • अतिरिक्त तथ्य
    • मिशन की लागत लगभग 330 मिलियन डॉलर थी और यह NASA की Planetary Defense Coordination Office का हिस्सा है।
    • डिमोर्फोस का व्यास 160 मीटर है, जबकि डिडिमोस 780 मीटर का। सफलता से वैज्ञानिकों को क्षुद्रग्रहों की संरचना समझने में मदद मिली।​

17. निम्नलिखित में से किस देश ने वर्ष 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से बाहर होने का निर्णय लिया है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) रूस
Solution:
  • रूस (Russia) ने घोषणा की थी कि वह वर्ष 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से बाहर हो जाएगा।
  • रूसी अंतरिक्ष एजेंसी “Roscosmos” ने कहा कि वह अपना स्वयं का स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
  • यह निर्णय रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में लिया गया था।
  • निर्णय का पृष्ठभूमि
    • ISS एक बहुराष्ट्रीय परियोजना है जिसमें अमेरिका, रूस, जापान, कनाडा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) शामिल हैं।
    • रूस का रूसी ऑर्बिटल सेगमेंट (ROS) स्टेशन के महत्वपूर्ण हिस्से जैसे Zvezda मॉड्यूल को संचालित करता है
    • जो स्टेशन की शक्ति और प्रणोदन प्रदान करता है। रूस के बिना ISS का संचालन जटिल हो सकता है।
  • समयरेखा और प्रतिक्रियाएँ
    • 2022 घोषणा: बोरिसोव ने पुतिन से कहा, "हम अपने भागीदारों के प्रति सभी दायित्व निभाएंगे, लेकिन 2024 के बाद स्टेशन छोड़ने का निर्णय अंतिम है।" पुतिन ने इसकी सराहना की।
    • NASA की प्रतिक्रिया: NASA ने इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया लेकिन आधिकारिक पुष्टि न होने का उल्लेख किया। अमेरिका ने ISS को 2030 तक बढ़ाने की योजना बनाई थी।
    • तकनीकी चुनौतियाँ: विशेषज्ञों के अनुसार, रूस के हटने से ISS का डिज़ाइन प्रभावित होगा, लेकिन असंभव नहीं। रूस 2025 तक हट सकता है।​
  • रूस की नई योजनाएँ
    • रूस अपना नया अंतरिक्ष स्टेशन बनाएगा, जो 2030 तक चालू हो सकता है।
    • यह निर्णय रूस की स्वतंत्रता पर जोर देता है।
    • रोस्कोस्मोस पहले से ही ROS को ISS से अलग करने की तकनीक विकसित कर रहा है।
  • ISS का भविष्य
    • NASA और भागीदार ISS को 2030-2031 तक संचालित रखने और फिर नियंत्रित डी-ऑर्बिट करने की योजना बना रहे हैं।
    • Axiom Space और Blue Origin जैसे निजी कंपनियाँ वाणिज्यिक स्टेशन विकसित कर रही हैं।
    • रूस के निर्णय से अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रभावित हुआ, लेकिन वैज्ञानिक कार्य जारी है।
  • अन्य देशों की स्थिति
    • अमेरिका: ISS को 2030 तक जारी रखेगा।​
    • जापान, कनाडा, ESA: रूस के साथ सहयोग जारी रखने को तैयार
    • लेकिन स्वतंत्र योजनाएँ। कोई अन्य देश ने 2024 के बाद हटने की घोषणा नहीं की।​

18. अगस्त, 2022 में, भारतीय वायु सेना ने "उदारशक्ति" नामक एक द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लिया, जिसकी मेजबानी ....... द्वारा की गई थी [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) मलेशिया
Solution:
  • अगस्त 2022 में भारतीय वायुसेना ने “उदारशक्ति” नामक द्विपक्षीय वायु अभ्यास में भाग लिया, जिसकी मेजबानी मलेशिया ने की थी।
  • इसका उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच परस्पर सहयोग, प्रशिक्षण और परिचालन तालमेल को मजबूत करना था।
  • अभ्यास में Su-30 विमानों की भागीदारी रही।
  • अभ्यास का अवलोकन
    • यह चार दिवसीय अभ्यास 12 अगस्त 2022 से शुरू होकर 16 अगस्त 2022 को पारंपरिक समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ।
    • भारतीय वायु सेना का एक दल विशेष रूप से इस अभ्यास के लिए मलेशिया रवाना हुआ था
    • जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ भारत के विस्तारित रक्षा सहयोग का हिस्सा था।
    • अभ्यास का उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच हवाई युद्ध अभ्यासों के माध्यम से आपसी समझ बढ़ाना, दोस्ती को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना था।
  • भाग लेने वाले दल और स्थान
    • भारतीय पक्ष: IAF का दल Su-30 MKI लड़ाकू विमानों के साथ शामिल हुआ।
    • मेजबान पक्ष: रॉयल मलेशियाई वायु सेना (RMAF) ने अभ्यास की मेजबानी की।
    • स्थान: मलेशिया (विशेष रूप से उल्लेखित स्थल पर, जैसे पूर्वी क्षेत्र में)।
      यह IAF और RMAF के बीच संयुक्त हवाई अभ्यासों का पहला संस्करण था
    • जो दोनों सेनाओं की पेशेवर क्षमताओं और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
    • अभ्यास समाप्ति के बाद IAF दल ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में "पिच ब्लैक 22" बहुपक्षीय अभ्यास के लिए रवाना हो गया।
  • महत्वपूर्ण उद्देश्य और परिणाम
    • अभ्यास में विभिन्न हवाई युद्ध परिदृश्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया
    • जिसमें परिचालन प्रोटोकॉल की समानता, अंतर-संचालन क्षमता और समग्र प्रभावशीलता शामिल थी।
    • इससे दोनों वायु सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग के नए अवसर खुले, खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी प्रयासों के संदर्भ में।
    • भारतीय वायु सेना ने इसे सफल बताते हुए कहा कि यह लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करता है।
  • बाद के संस्करणों का संदर्भ
    • "उदारशक्ति" अभ्यास बाद में भी जारी रहा
    • जैसे 2024 में कुआंतान, मलेशिया में 5-9 अगस्त तक आयोजित संस्करण, लेकिन 2022 का संस्करण इसका प्रारंभिक द्विपक्षीय रूप था।
    • यह भारत की सैन्य कूटनीति का हिस्सा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।

19. अप्रैल, 2022 में पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में किसे चुना गया है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) शहबाज शरीफ
Solution:
  • अप्रैल 2022 में शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने।
  • उन्होंने इमरान खान के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पद संभाला।
  • शहबाज शरीफ, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता हैं और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं।
  • उनकी सरकार को आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और विदेशी ऋण जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
  • पृष्ठभूमि
    • पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 3 अप्रैल 2022 को विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया
    • जिसमें इमरान खान सरकार के 174 सदस्यों ने समर्थन वापस ले लिया।
    • 9 अप्रैल को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली भंग करने का प्रयास किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया।
    • इसके परिणामस्वरूप 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव हुआ।
  • चुनाव प्रक्रिया
    • नेशनल असेंबली में शहबाज शरीफ को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) समेत संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में चुना गया।
    • उन्हें 174 वोट मिले, जबकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मतदान का बहिष्कार किया
    • अपने सांसदों के सामूहिक इस्तीफे दे दिए। सीनेट चेयरमैन सादिक संजरानी ने राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में शहबाज शरीफ को शपथ दिलाई, और वे पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री बने।
  • शहबाज शरीफ का प्रोफाइल
    • शहबाज शरीफ का जन्म 1951 में लाहौर में हुआ था और वे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं।
    • राजनीति में प्रवेश से पहले वे सफल व्यवसायी रहे।
    • उन्होंने पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार सेवा की (2008-2018), जहां विकास कार्यों के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की।
    • यह उनका पहला केंद्रीय प्रधानमंत्री पद था, हालांकि बाद में वे 2024 में फिर इस पद पर लौटे।
  • इमरान खान का हटना
    • इमरान खान ने 2018 से 2022 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया
    • लेकिन आर्थिक संकट, महंगाई और विदेश नीति विवादों के कारण उनकी सरकार कमजोर हुई।
    • अविश्वास प्रस्ताव में PTI के कुछ सहयोगी दलों ने समर्थन हटाया, जिससे वे सत्ता से बाहर हो गए।
    • खान ने इसे विदेशी साजिश बताया और बाद में विरोध प्रदर्शन किए।
  • चुनौतियाँ और प्रभाव
    • शहबाज शरीफ ने सत्ता संभालते ही आर्थिक संकट, महंगाई, बाढ़ प्रभावित इलाकों की बहाली और अंतरराष्ट्रीय संबंधों (भारत, अमेरिका के साथ) पर फोकस किया।
    • उनकी सरकार ने IMF से सहायता प्राप्त की, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता बनी रही।
    • यह परिवर्तन पाकिस्तान की संसदीय प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

20. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की पांचवी सभा अक्टूबर, 2022 में ....... में हुई। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) नई दिल्ली
Solution:
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की पाँचवीं सभा अक्टूबर 2022 में नई दिल्ली में आयोजित की गई।
  • इस सभा में सदस्य देशों ने सौर ऊर्जा के प्रसार, वित्तपोषण और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।
  • भारत और फ्रांस इस संगठन के संस्थापक सदस्य हैं।
  • आयोजन विवरण
    • यह सभा 17 से 20 अक्टूबर 2022 तक आयोजित की गई, जिसमें भारत ने अध्यक्षता की।
    • केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने सभा की अध्यक्षता की
    • जबकि 109 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों के मंत्री, प्रतिनिधि शामिल हुए।
    • यह ISA का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय था, जो सौर ऊर्जा समझौते के कार्यान्वयन पर फैसले लेता है।​
  • मुख्य चर्चा विषय
    • सभा में ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा संक्रमण पर ISA की प्रमुख पहलों पर विचार हुआ।
    • एलडीसी (कम विकसित देश) और SIDS (लघु द्वीप विकासशील देश) के लिए विशेष कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण, एनालिटिक्स और एडवोकेसी समर्थन पर रणनीतिक योजना बनी।​
    • सौर ऊर्जा निवेश बढ़ाने, हरित रोजगार सृजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आम सहमति बनी, खासकर जलवायु कार्रवाई के दशक में।
  • अन्य कार्यक्रम
    • 19 अक्टूबर को साझेदार संगठनों के साथ तकनीकी सत्र हुए, जो सौर एवं स्वच्छ ऊर्जा मुद्दों पर केंद्रित थे।
    • सभा के बाद तीन विश्लेषणात्मक रिपोर्ट लॉन्च की गईं, हालांकि उनके नामों का स्पष्ट उल्लेख स्रोतों में आंशिक है।​
    • भुगतान गारंटी तंत्र और उन देशों में सौर निवेश सुव्यवस्थित करने पर फोकस रहा जहां निवेश कम है।​
  • ISA का उद्देश्य
    • ISA का मिशन 2030 तक सौर ऊर्जा में 1 लाख करोड़ डॉलर निवेश जुटाना, प्रौद्योगिकी लागत घटाना और कृषि, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली क्षेत्रों में उपयोग बढ़ाना है।​
    • यह बहुपक्षीय बैंकों, वित्त संस्थानों, निजी-सार्वजनिक संगठनों के साथ साझेदारी कर रहा है
    • विशेषकर विकासशील देशों के लिए सौर समाधान स्थापित करने हेतु।​
    • नए व्यापार मॉडल, नीति सुधार और सौर-अनुकूल कानूनों पर जोर दिया गया।​