Correct Answer: (d) डब्ल्यू.टी.ओ. (WTO) के दायित्वों के कारण भारत ने व्यापार प्रतिबंधों को कम किया है।
Solution:- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के दायित्वों के कारण भारत ने व्यापार प्रतिबंधों को कम किया है।
- अतः विकल्प (d) सही है। वर्ष 2001 में हुए दोहा सम्मेलन में भारत विकासशील देशों के सबसे मुखर पैरोकारों में से एक के रूप में उभरा।
- सदस्यता की योग्यता
- WTO की सदस्यता सभी स्वतंत्र देशों या अलगाववादी प्रादेशिक इकाइयों के लिए उपलब्ध है
- जो संगठन के समझौतों और नियमों को पूरी तरह स्वीकार करने को तैयार हों। कोई भी देश आवेदन कर सकता है
- लेकिन उसे WTO के मौजूदा सदस्यों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताओं से गुजरना पड़ता है।
- उदाहरण के लिए, नया सदस्य टैरिफ स्तरों, बाजार पहुंच और व्यापार बाधाओं पर रियायतें देना स्वीकार करता है, जो सभी सदस्यों के लिए समान रूप से लागू होती हैं।
- सदस्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया
- सदस्यता की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है:
- आवेदन और समूह गठन: इच्छुक देश WTO को औपचारिक आवेदन देता है, जिसके बाद एक विशेष कार्य समूह (Working Party) गठित होता है।
- नीति समीक्षा: कार्य समूह नया देश अपनी व्यापार नीतियों, कानूनों और प्रथाओं की जांच करता है ताकि WTO नियमों के अनुरूप होने की पुष्टि हो।
- द्विपक्षीय वार्ताएं: आवेदक देश को मौजूदा सदस्यों के साथ अलग-अलग बातचीत करनी पड़ती है
- जिसमें माल, सेवाओं और बौद्धिक संपदा के लिए बाजार पहुंच पर प्रतिबद्धताएं तय होती हैं।
- समझौता और अनुमोदन: सभी पक्षकार सहमत होने पर 'सदस्यता प्रोटोकॉल' तैयार होता है
- जिसे WTO के सामान्य परिषद द्वारा अनुमोदित किया जाता है। उसके बाद 30 दिनों में नया सदस्य औपचारिक रूप से शामिल हो जाता है।
- यह प्रक्रिया औसतन 5-10 वर्ष ले सकती है, जैसा कि कई विकासशील देशों के मामले में देखा गया है।
- सत्यापित कथन और गलतफहमियां
- WTO सदस्यता से जुड़े सामान्य कथनों में से सही यह है कि सदस्य स्वतः 'सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र' (MFN) का दर्जा प्राप्त करते हैं
- जिसके तहत किसी एक सदस्य को दी गई व्यापार रियायत सभी को समान रूप से मिलती है।
- इसके विपरीत गलत कथन हैं जैसे: WTO केवल द्विपक्षीय समझौते करता है (नहीं, यह बहुपक्षीय है), या सभी दुनिया के देश सदस्य हैं
- (नहीं, 164 सदस्य हैं जो वैश्विक व्यापार का 98% कवर करते हैं)।
- भारत जैसे संस्थापक सदस्यों ने WTO दायित्वों के कारण व्यापार प्रतिबंध कम किए हैं।
- भारत का संदर्भ
- भारत GATT (1947) और WTO (1995) दोनों का संस्थापक सदस्य है।
- सदस्यता के बाद भारत ने टैरिफ घटाए और व्यापार उदारीकरण को बढ़ावा दिया
- लेकिन कृषि सब्सिडी जैसे मुद्दों पर विकासशील देशों के हितों की रक्षा की। वर्तमान में WTO के 164 सदस्य हैं।
- लाभ और दायित्व
- सदस्यता से सदस्य देशों को विवाद समाधान तंत्र, व्यापार वार्ता मंच और नीति निगरानी मिलती है।
- दायित्वों में नियमों का पालन, पारदर्शिता और गैर-भेदभाव शामिल है। विकासशील देशों को विशेष सहायता प्रदान की जाती है।