अंतरराष्ट्रीय संगठन (अर्थव्यवस्था)

Total Questions: 11

1. उच्च आय वर्ग के लोगों पर कर की दरों में वृद्धि की गई है, जिसके परिणामस्वरूप ....... I [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) आय और धन की असमानताएं कम हुई हैं
Solution:
  • उच्च आय वर्ग के लोगों पर कर की दरों में वृद्धि करने के परिणामस्वरूप आय और धन की असमानताओं में कमी आती है।
  • जैसे-जैसे करदाता की आय में वृद्धि होती है, वैसे ही कर की प्रभावपूर्ण दर में वृद्धि होने से उसकी आय में कमी आती जाती है।
  • मुख्य परिणाम
    • इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य समाज में धन और आय के पुनर्वितरण को सुनिश्चित करना होता है।
    • उच्च आय वालों से अधिक कर वसूली जाकर सरकारी खजाने में राजस्व बढ़ता है
    • जिसे सामाजिक कल्याण योजनाओं, गरीबों की सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाता है।
    • इससे अमीर-गरीब के बीच का अंतर कम होता है और आर्थिक समानता को बढ़ावा मिलता है।
  • आर्थिक प्रभाव
    • सरकारी राजस्व में वृद्धि होती है, जो बुनियादी ढांचे, सब्सिडी और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिए उपयोगी साबित होता है।
    • उपभोग और निवेश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है
    • क्योंकि उच्च कर दरें (जैसे भारत में पुरानी व्यवस्था के तहत 42.7% तक) बचत और खर्च को हतोत्साहित करती हैं।​
    • लंबे समय में यह आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकता है
    • क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत अधिक कर दरें उद्यमिता और पूंजी निवेश को रोकती हैं।
  • सामाजिक लाभ
    • प्रगतिशील कर प्रणाली कम आय वालों पर बोझ कम रखते हुए धनी वर्ग से अधिक योगदान लेती है।
    • उदाहरणस्वरूप, भारत जैसे विकासशील देशों में यह नीति सामाजिक न्याय को मजबूत करती है
    • जहां उच्च आय वर्ग (जैसे ₹5 करोड़ से अधिक कमाने वाले) का कर बोझ बढ़ाकर कल्याणकारी राज्य की स्थापना होती है।
    • इससे गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठता है और समाज अधिक संतुलित बनता है।
  • संभावित चुनौतियाँ
    • कर चोरी या कर बचाव की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जिससे वास्तविक राजस्व प्रभावित होता है।
    • उच्च आय वर्ग के प्रवास का खतरा, जैसे विशेषज्ञ या व्यवसायी विदेश चले जाते हैं जहां कर दरें कम हैं।
    • आर्थिक मंदी के दौर में यह नीति उपभोक्ता मांग को कमजोर कर सकती है।​
  • भारत के संदर्भ में
    • भारत में बजट 2026 से पहले चर्चा चल रही है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था में उच्च स्लैब पर 42.7% की दरें सुधार की जरूरत है
    • क्योंकि यह विकास को बाधित कर रही हैं। नई टैक्स व्यवस्था में दरें कम हैं, लेकिन डिडक्शन्स सीमित हैं।
    • उच्च आय वर्ग की संख्या बढ़ रही है (2025 में ₹30 लाख+ आय वाले 23% करदाता), जो इस नीति के प्रभाव को दर्शाता है।
    • यह नीति समग्र रूप से समानता को प्राथमिकता देती है
    • लेकिन संतुलित सुधारों के साथ ही दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित कर सकती है।

2. विश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन वर्ष 1995 में निम्नलिखित में से किस संस्थान को प्रतिस्थापित करने के लिए किया गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 30 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) व्यापार एवं टैरिफ संबंधी सामान्य करार
Solution:
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन वर्ष 1995 में 'व्यापार एवं टैरिफ संबंधी सामान्य करार (GATT)' को प्रतिस्थापित करने के लिए किया गया था।
  • भारत जनवरी, 1995 से डब्ल्यूटीओ का सदस्य रहा है।
  • GATT का परिचय
    • GATT द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक व्यापार को सुचारू बनाने के लिए 1947 में शुरू हुआ था।
    • यह मुख्य रूप से माल (वस्तुओं) के व्यापार पर केंद्रित था
    • कई दौर की वार्ताओं (जैसे उरुग्वे दौर, 1986-1994) के माध्यम से टैरिफ कम करने का काम करता रहा।
    • हालांकि, GATT एक समझौता था, न कि पूर्ण संगठन, इसलिए इसमें सेवाएं
    • बौद्धिक संपदा और विवाद निपटान जैसी कमियों को दूर करने की जरूरत पड़ी।​
  • WTO का निर्माण कैसे हुआ
    • WTO का गठन उरुग्वे दौर की आठ साल लंबी वार्ता के परिणामस्वरूप 15 अप्रैल 1994 को माराकेश (मोरक्को) में हस्ताक्षरित मारकेश समझौते से हुआ।
    • 1 जनवरी 1995 को WTO ने औपचारिक रूप से कार्य शुरू किया और GATT सहित पूर्व समझौतों को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया।
    • यह संगठन अब 164 सदस्य देशों वाला वैश्विक निकाय है, जिसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है।
  • WTO के उद्देश्य और भूमिका
    • WTO वैश्विक व्यापार को उदार, निष्पक्ष और अनुमानित बनाने के लिए काम करता है।
    • यह सदस्य देशों के बीच विवाद सुलझाता है, नीति समीक्षा करता है और विकासशील देशों को विशेष सहायता प्रदान करता है।
    • मंत्रिस्तरीय सम्मेलन इसका सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जो हर दो वर्ष में होता है।​
  • भारत और WTO
    • भारत GATT का मूल सदस्य था और 1995 से WTO का संस्थापक सदस्य बना हुआ है।​
    • WTO ने भारत जैसे विकासशील देशों को कृषि सब्सिडी और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर बातचीत का मंच दिया है।​

3. नगोजी ओकोंजो इवेला (Ngozi Okonjo-Iweala) वर्तमान में निम्नलिखित में किस संस्थान की कमान संभाल रही हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) डब्ल्यूटीओ
Solution:
  • नाइजीरियाई-अमेरिकी अर्थशास्त्री डॉ. नगोजी ओकोंजो इवेला मार्च, 2021 से विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक हैं।
  • यह इस संगठन की पहली महिला तथा पहली अफ्रीकी महानिदेशक हैं। इनका कार्यकाल 31 अगस्त, 2025 को समाप्त होगा।
  • वर्तमान पद
    •  जहां वे महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने यह पद 1 मार्च 2021 को ग्रहण किया
    • पहली महिला तथा पहली अफ्रीकी के रूप में इस भूमिका में आसीन हुईं।
    • उनका पहला कार्यकाल 31 अगस्त 2025 को समाप्त हुआ
    • लेकिन नवंबर 2024 में उन्हें सर्वसम्मति से दूसरे चार वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया, जो 1 सितंबर 2025 से शुरू हो चुका है।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • वे एक प्रमुख अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय विकास विशेषज्ञ हैं, जिनके पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
    • नाइजीरिया की पूर्व वित्त मंत्री रह चुकीं ओकोंजो-इवेला ने विश्व बैंक में प्रबंध निदेशक के रूप में भी सेवा
    • जहां उन्होंने अफ्रीका, दक्षिण एशिया और यूरोप-मध्य एशिया के संचालन की देखरेख की।
    • हार्वर्ड से अर्थशास्त्र में स्नातक (मैग्ना कम लाउड) और एमआईटी से क्षेत्रीय अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त हैं।
  • अन्य भूमिकाएं
    • WTO के अलावा, वे विश्व आर्थिक मंच के ट्रस्टी बोर्ड की सदस्य, जल अर्थव्यवस्था पर वैश्विक आयोग की सह-अध्यक्ष, और G30 समूह की सदस्य हैं।
    • पहले वे गेवी वैक्सीन गठबंधन की अध्यक्ष और WHO की COVID-19 विशेष दूत रहीं। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में गैर-निवासी विशिष्ट फेलो भी हैं।
  • उपलब्धियां
    • उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान वैक्सीन वितरण और आर्थिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया
    • जिसमें COVAX सुविधा की स्थापना शामिल है।
    • नाइजीरिया, लाइबेरिया, कोट डी'इवोआर, ब्राजील और तिमोर-लेस्ते जैसे देशों से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हैं।
    • 2022 में नाइजीरिया का दूसरा सर्वोच्च सम्मान GCON मिला।

4. विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सदस्यता के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) डब्ल्यू.टी.ओ. (WTO) के दायित्वों के कारण भारत ने व्यापार प्रतिबंधों को कम किया है।
Solution:
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) के दायित्वों के कारण भारत ने व्यापार प्रतिबंधों को कम किया है।
  • अतः विकल्प (d) सही है। वर्ष 2001 में हुए दोहा सम्मेलन में भारत विकासशील देशों के सबसे मुखर पैरोकारों में से एक के रूप में उभरा।
  • सदस्यता की योग्यता
    • WTO की सदस्यता सभी स्वतंत्र देशों या अलगाववादी प्रादेशिक इकाइयों के लिए उपलब्ध है
    • जो संगठन के समझौतों और नियमों को पूरी तरह स्वीकार करने को तैयार हों। कोई भी देश आवेदन कर सकता है
    • लेकिन उसे WTO के मौजूदा सदस्यों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताओं से गुजरना पड़ता है।
    • उदाहरण के लिए, नया सदस्य टैरिफ स्तरों, बाजार पहुंच और व्यापार बाधाओं पर रियायतें देना स्वीकार करता है, जो सभी सदस्यों के लिए समान रूप से लागू होती हैं।
  • सदस्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया
    • सदस्यता की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है:
    • आवेदन और समूह गठन: इच्छुक देश WTO को औपचारिक आवेदन देता है, जिसके बाद एक विशेष कार्य समूह (Working Party) गठित होता है।
    • नीति समीक्षा: कार्य समूह नया देश अपनी व्यापार नीतियों, कानूनों और प्रथाओं की जांच करता है ताकि WTO नियमों के अनुरूप होने की पुष्टि हो।
    • द्विपक्षीय वार्ताएं: आवेदक देश को मौजूदा सदस्यों के साथ अलग-अलग बातचीत करनी पड़ती है
    • जिसमें माल, सेवाओं और बौद्धिक संपदा के लिए बाजार पहुंच पर प्रतिबद्धताएं तय होती हैं।
    • समझौता और अनुमोदन: सभी पक्षकार सहमत होने पर 'सदस्यता प्रोटोकॉल' तैयार होता है
    • जिसे WTO के सामान्य परिषद द्वारा अनुमोदित किया जाता है। उसके बाद 30 दिनों में नया सदस्य औपचारिक रूप से शामिल हो जाता है।​
    • यह प्रक्रिया औसतन 5-10 वर्ष ले सकती है, जैसा कि कई विकासशील देशों के मामले में देखा गया है।
  • सत्यापित कथन और गलतफहमियां
    • WTO सदस्यता से जुड़े सामान्य कथनों में से सही यह है कि सदस्य स्वतः 'सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र' (MFN) का दर्जा प्राप्त करते हैं
    • जिसके तहत किसी एक सदस्य को दी गई व्यापार रियायत सभी को समान रूप से मिलती है।
    • इसके विपरीत गलत कथन हैं जैसे: WTO केवल द्विपक्षीय समझौते करता है (नहीं, यह बहुपक्षीय है), या सभी दुनिया के देश सदस्य हैं
    • (नहीं, 164 सदस्य हैं जो वैश्विक व्यापार का 98% कवर करते हैं)।
    • भारत जैसे संस्थापक सदस्यों ने WTO दायित्वों के कारण व्यापार प्रतिबंध कम किए हैं।
  • भारत का संदर्भ
    • भारत GATT (1947) और WTO (1995) दोनों का संस्थापक सदस्य है।
    • सदस्यता के बाद भारत ने टैरिफ घटाए और व्यापार उदारीकरण को बढ़ावा दिया
    • लेकिन कृषि सब्सिडी जैसे मुद्दों पर विकासशील देशों के हितों की रक्षा की। वर्तमान में WTO के 164 सदस्य हैं।
  • लाभ और दायित्व
    • सदस्यता से सदस्य देशों को विवाद समाधान तंत्र, व्यापार वार्ता मंच और नीति निगरानी मिलती है।
    • दायित्वों में नियमों का पालन, पारदर्शिता और गैर-भेदभाव शामिल है। विकासशील देशों को विशेष सहायता प्रदान की जाती है।

5. निम्नलिखित में से किस संस्था को भारत में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (UNFCCC) के तहत अनुकूलन निधि के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन इकाई के रूप में मान्यता प्राप्त है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) नाबार्ड
Solution:
  • नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) को भारत में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत अनुकूलन निधि के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन इकाई के रूप में मान्यता दी गई है।
  • NIRD हैदराबाद, तेलंगाना में स्थित ग्रामीण विकास में अनुसंधान के लिए एक 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान है।
  • ICAR भारत में कृषि एवं संबद्ध विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
  • NABARD को मान्यता प्राप्त है।
    • भारत में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (UNFCCC) के तहत अनुकूलन निधि के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन इकाई (National Implementing Entity - NIE) के रूप में मान्यता दी गई है।
    • यह मान्यता UNFCCC के क्योटो प्रोटोकॉल के अनुकूलन कोष (Adaptation Fund) से जुड़ी है
    • जो विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • NABARD की भूमिका
    • NABARD, जो 1982 में स्थापित एक वैधानिक निकाय है, ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है।
    • UNFCCC के तहत इसे 2010 में NIE के रूप में मान्यता मिली, जिससे भारत सीधे अनुकूलन कोष से धन प्राप्त कर परियोजनाएं चला सकता है।
    • NABARD अनुकूलन परियोजनाओं का मूल्यांकन, कार्यान्वयन और निगरानी करता है
    • विशेष रूप से जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कृषि, जल प्रबंधन और आपदा प्रबंधन में।
  • अनुकूलन निधि का संदर्भ
    • UNFCCC का अनुकूलन कोष क्योटो प्रोटोकॉल के तहत विकसित देशों की Clean Development Mechanism (CDM) से प्राप्त हिस्से (2%) से वित्त पोषित होता है।
    • भारत जैसे गैर-Annex I देशों के लिए यह कोष महत्वपूर्ण है
    • जो जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों (जैसे बाढ़, सूखा) से अनुकूलन परियोजनाओं को फंड करता है।
    • भारत में NABARD ने अब तक 30 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें राज्य-स्तरीय पहल शामिल हैं।
  • अन्य विकल्पों से तुलना
    • प्रश्न अक्सर बहुविकल्पीय होता है, जिसमें ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अनुसंधान केंद्र), NIRD (राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, प्रशिक्षण निकाय) और RBI (केंद्रीय बैंक, मौद्रिक नीति) शामिल होते हैं।
    • इनमें से कोई भी UNFCCC अनुकूलन निधि की NIE नहीं है; NABARD ही ग्रामीण विकास फोकस के कारण चयनित हुआ।​
  • संबंधित राष्ट्रीय पहल
    • NABARD राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन अनुकूलन निधि (NAFCC) का भी NIE है
    • जो 2015 में शुरू हुई और जलवायु-प्रभावित राज्यों को 100% अनुदान देती है।
    • यह UNFCCC कोष से अलग है लेकिन समान उद्देश्य रखता है। 2022 में NAFCC को गैर-योजना का दर्जा मिला।
    • NABARD की देशव्यापी पहुंच इसे आदर्श बनाती है।

6. विश्व बैंक ने अक्टूबर, 2022 में आंध्र प्रदेश में SALT परियोजना के लिए ....... मिलियन डॉलर का शर्तरहित ऋण (unconditional loan) दिया था। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 250
Solution:
  • वर्ष 2022 में शुरू आंध्र प्रदेश सरकार की पांच वर्षीय सपोर्टिंग आंध्र लर्निंग ट्रांसफार्मेशन (SALT) परियोजना का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
  • इस परियोजना के तहत आदिवासी ब्लॉकों के 3,500 स्कूलों में एक साल का प्री-स्कूल स्तर का पाठ्यक्रम शुरू करना है
  • जिसके तहत विश्व बैंक ने 250 मिलियन डॉलर का शर्तरहित ऋण दिया था।
  • इसके तहत सरकार ने राज्य की सभी आंगनबाड़ियों को प्री-प्राइमरी स्कूलों में बदलते हुए उन्हें नजदीकी स्कूलों से संबद्ध कर दिया।
  • परियोजना का उद्देश्य
    • SALT परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है
    • जो राज्य में 50 लाख से अधिक छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित है।
    • यह पांच वर्षीय कार्यक्रम 2021-22 से शुरू हुआ और प्री-प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
    • इसमें आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूलों में परिवर्तित करना और उन्हें निकटतम स्कूलों से जोड़ना शामिल है।
  • ऋण की विशेषताएं
    • यह ऋण पूरी तरह शर्तरहित (unconditional) था, जो राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों की सराहना में दिया गया।
    • विश्व बैंक ने इसे स्कूल शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहली ऐसी परियोजना बताया, जहां फंडिंग लक्ष्यों की प्राप्ति पर निर्भर न होकर सीधे उपलब्ध कराई गई।
    • कुल $250 मिलियन की यह राशि शिक्षा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए उपयोग की गई।
  • मुख्य लाभार्थी
    • 1.9 लाख शिक्षक।
    • 50,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
    • 3,500 आदिवासी ब्लॉकों में स्कूलों में एक वर्षीय प्री-स्कूल कोर्स।
    • परियोजना के परिणाम उत्साहजनक रहे, जिनमें शिक्षा प्रदान करने के तरीके में मूलभूत परिवर्तन शामिल हैं।
  • पृष्ठभूमि और प्रभाव
    • आंध्र प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और विश्व बैंक ने 2021 में ही इस परियोजना के लिए प्रारंभिक समझौते किए थे
    • लेकिन अक्टूबर 2022 में अतिरिक्त शर्तरहित फंडिंग स्वीकृत हुई।
    • यह शिक्षा को आधारभूत सीखने पर केंद्रित बनाकर सरकारी स्कूलों को जीवंत संस्थानों में बदलने की दिशा में योगदान देती है।
    • विशेष मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) बी. राजशेखर के अनुसार, सुधारों से शिक्षा परिणामों में सकारात्मक बदलाव आया।
  • दीर्घकालिक महत्व
    • SALT जैसी परियोजनाएं भारत में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में विश्व बैंक की प्रतिबद्धता दर्शाती हैं।
    • यह न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन सकती है
    • खासकर कोविड-19 के बाद सीखने की क्षमता प्रभावित छात्रों के लिए।​

7. GATT की स्थापना 1948 में ....... देशों के साथ वैश्विक व्यापार संगठन के रूप में की गई थी, जिसका काम व्यापारिक उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी देशों को समान अवसर प्रदान करके सभी बहुपक्षीय व्यापार समझौतों को संचालित करना था। [C.P.O.S.I. (T-I) 09 नवंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 23
Solution:
  • 30 अक्टूबर, 1947 को जेनेवा में 23 देशों के द्वारा GATT से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • 1 जनवरी, 1948 से GATT से संबंधित प्रावधान सदस्य देशों पर लागू हुए।
  • इसका कार्य व्यापारिक उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी देशों को समान अवसर प्रदान करके सभी बहुपक्षीय व्यापार समझौतों को संचालित करना था।
  • GATT का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मूल सदस्यों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, भारत, चीन, फ्रांस, ब्राजील, लेबनान, दक्षिण अफ्रीका, चिली, क्यूबा, बेल्जियम, ग्रीस, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, डोमिनिकन गणराज्य, कोस्टा रिका, सीरिया, उरुग्वे, नॉर्वे, पाकिस्तान (तत्कालीन भारत से विभाजित) और चेकोस्लोवाकिया जैसे देश शामिल थे।
      यह समझौता मूल रूप से इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (ITO) के साथ-साथ प्रस्तावित था
    • लेकिन ITO की स्थापना नहीं हो सकी, इसलिए GATT ही बहुपक्षीय व्यापार वार्ताओं का आधार बन गया।
    • GATT का मुख्यालय जिनेवा में स्थापित किया गया और यह 1947 से 1994 तक वैश्विक व्यापार को नियंत्रित करने वाला प्रमुख ढांचा रहा।
  • GATT के मुख्य उद्देश्य
    • GATT का प्राथमिक लक्ष्य सदस्य देशों के बीच टैरिफ (शुल्क) और कोटा (आयात सीमाएं) को कम करके मुक्त व्यापार को प्रोत्साहित करना था
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी देशों को समान अवसर मिले।
    • यह सभी बहुपक्षीय व्यापार समझौतों को संचालित करने का काम करता था, जिसमें व्यापारिक भेदभाव को समाप्त करना प्रमुख था।
    • सदस्य देशों को "नेशनल ट्रीटमेंट" और "मोस्ट फेवर्ड नेशन" (MFN) सिद्धांतों का पालन करना पड़ता था
    • जिससे किसी एक देश को दिए विशेष लाभ सभी सदस्यों को मिलें।​
    • GATT ने आर्थिक वैश्वीकरण की नींव रखी, क्योंकि इसकी वार्ताओं ने औद्योगिक वस्तुओं पर औसत टैरिफ को 40% से घटाकर लगभग 5% कर दिया।
  • GATT की विशेषताएं और सिद्धांत
    • अस्थायी समझौता: GATT एक संधि मात्र था, न कि पूर्ण संगठन, इसलिए इसका विवाद निपटान तंत्र कमजोर था।​
    • केवल वस्तुओं पर फोकस: सेवाएं, कृषि सब्सिडी या बौद्धिक संपदा को पूरी तरह कवर नहीं करता था।​
    • सिद्धांत: MFN, राष्ट्रीय उपचार, पारदर्शिता, और पारस्परिकता।​
    • भारत GATT का संस्थापक सदस्य था और स्वतंत्रता के बाद से इसमें सक्रिय रहा, विशेषकर विकासशील देशों के हितों की रक्षा में।​
  • GATT से WTO की ओर संक्रमण
    • उरुग्वे दौर (1986-1994) GATT का अंतिम दौर था, जो 15 अप्रैल 1994 को माराकेश समझौते के साथ समाप्त हुआ।
    • इससे 1 जनवरी 1995 को विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना हुई
    • जो GATT को बदलकर अधिक व्यापक ढांचा बना—सेवाओं (GATS), TRIPS (बौद्धिक संपदा), और मजबूत विवाद निपटान प्रणाली के साथ।
    • GATT के उपाय आज भी WTO के GATT 1994 के रूप में जीवित हैं।
    • GATT ने वैश्विक व्यापार को $5 ट्रिलियन से अधिक बढ़ाया और गरीबी उन्मूलन में योगदान दिया
    • लेकिन विकासशील देशों की आलोचना भी झेली कि यह विकसित देशों के पक्ष में था।
    • आज जनवरी 2026 में WTO के माध्यम से GATT की विरासत वैश्विक व्यापार को निर्देशित कर रही है।

8. निम्नलिखित में से कौन-सा देश SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) का सदस्य नहीं है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) म्यांमार
Solution:
  • वर्ष 1985 में, शीतयुद्ध के चरम पर दक्षिण एशियाई देशों अर्थात भारत, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नेताओं द्वारा एक क्षेत्रीय मंच सार्क (SAARC) का गठन किया गया, जिसकी पहली बैठक वर्ष 1985 में ढाका में हुई थी।
  • वर्ष 2007 में अफगानिस्तान 8वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ।
  • सदस्य देश
    • SAARC के पूर्ण सदस्य देश निम्नलिखित हैं:
    • अफगानिस्तान (2007 में शामिल)
    • बांग्लादेश
    • भूटान
    • भारत
    • मालदीव
    • नेपाल
    • पाकिस्तान
    • श्रीलंका
    • ये आठ देश दक्षिण एशिया के मुख्य क्षेत्र को कवर करते हैं।
  • गैर-सदस्य उदाहरण
    • कई प्रश्नों में म्यांमार या थाईलैंड को गैर-सदस्य बताया जाता है, क्योंकि म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशिया में है
    • SAARC का पूर्ण सदस्य नहीं। थाईलैंड भी ASEAN सदस्य है
    • SAARC का। अन्य जैसे चीन या अमेरिका पर्यवेक्षक हैं, पूर्ण सदस्य नहीं।
  • पर्यवेक्षक देश
    • SAARC में 9 पर्यवेक्षक हैं:
    • ऑस्ट्रेलिया
    • चीन
    • यूरोपीय संघ
    • ईरान
    • जापान
    • दक्षिण कोरिया
    • मॉरीशस
    • म्यांमार
    • संयुक्त राज्य अमेरिका
    • ये भागीदारी बढ़ाते हैं लेकिन पूर्ण सदस्यता नहीं।
  • वर्तमान स्थिति
    • 2026 तक SAARC की सदस्यता में कोई बड़ा बदलाव नहीं; अफगानिस्तान 2007 से सदस्य है।
    • भारत इसका सबसे बड़ा सदस्य है। शिखर सम्मेलन 2014 के बाद ठप हैं, मुख्यतः भारत-पाकिस्तान तनाव से।

9. किस संस्थान ने 50 प्रतिष्ठित भारतीय धरोहर वस्त्रों की सूची जारी की थी? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) यूनेस्को
Solution:
  • यूनेस्को द्वारा 50 प्रतिष्ठित भारतीय धरोहर वस्त्रों की सूची जारी की गई थी।
  • इसका शीर्षक '21वीं सदी के लिए हस्तनिर्मित: पारंपरिक भारतीय वस्त्रों की सुरक्षा' था।
  • इसमें मुख्यतः तमिलनाडु की टोडा कढ़ाई और सुंगुड़ी, हैदराबाद की हिमरू बुनाई और ओडिशा के संबलपुर की बंध टाई और डाई बुनाई शामिल हैं
  • सूची का उद्देश्य
    • यह प्रकाशन दक्षिण एशिया में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए तैयार किया गया, जहां दस्तावेजीकरण की कमी एक बड़ी चुनौती है।
    • यह वस्त्रों के इतिहास, किंवदंतियों, जटिल निर्माण प्रक्रियाओं, लोकप्रियता घटने के कारणों और संरक्षण रणनीतियों को विस्तार से दर्ज करता है।​
    • यूनेस्को का लक्ष्य इन लुप्तप्राय शिल्पों को संरक्षित करने के लिए नीतिगत और जमीनी हस्तक्षेपों की सिफारिशें देना था।​
  • प्रमुख वस्त्र उदाहरण
    • सूची में उत्तर भारत से पानीपत का खेस, हिमाचल का चंबा रूमाल, लद्दाख का थिग्मा (ऊन टाई-डाई), और वाराणसी का अवध जामदानी शामिल हैं।
    • दक्षिण से तमिलनाडु का टोडा कढ़ाई, हैदराबाद का हिमरू बुनाई, कर्नाटक का इल्कल और लम्बाड़ी कढ़ाई, तथा तंजावुर का कलमकारी प्रमुख हैं।​
    • अन्य क्षेत्रों में गोवा का कुनबी बुनाई, गुजरात का मशरू और पटोला, महाराष्ट्र का हिमरू, ओडिशा का संबलपुर बंधा टाई-डाई, तथा पश्चिम बंगाल का गरद-कोइरियाल बुनाई सम्मिलित हैं।​
  • महत्वपूर्ण संदर्भ
    • ये वस्त्र सदियों पुरानी भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो हस्तकला और परंपराओं को जीवित रखते हैं।​
    • सूची वर्षों के शोध पर आधारित है और इन शिल्पों के पुनरुद्धार के लिए व्यावहारिक सुझाव देती है।

10. विश्व बैंक वर्गीकरण (World Bank classification) 2020-2021 के अनुसार, भारत ....... की श्रेणी में आता है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) निम्न मध्यम आय वाले देश
Solution:
  • प्रश्नकाल तथा विश्व बैंक द्वारा जुलाई, 2024 में जारी आकड़ों के अनुसार भी विकल्प (c) सही उत्तर है।
  • 1 जुलाई, 2024 को विश्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विश्व की अर्थव्यवस्थाओं का वर्गीकरण निम्न है-
  • वर्गीकरण का आधार
    • विश्व बैंक देशों को सकल राष्ट्रीय आय (GNI) प्रति व्यक्ति के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत करता है
    • निम्न आय, निम्न-मध्यम आय, उच्च-मध्यम आय और उच्च आय।
    • यह वर्गीकरण हर साल 1 जुलाई को पिछले वर्ष के GNI डेटा पर अपडेट होता है।
    • 2020-2021 वर्गीकरण 2019 के GNI पर आधारित था
    • जिसमें भारत का GNI प्रति व्यक्ति लगभग $1,970 से $2,134 के बीच था।
    • उस समय की सीमाएं इस प्रकार थीं:
    • निम्न आय: $1,035 से कम
    • निम्न-मध्यम आय: $1,036 से $4,045 (या FY2021 में $1,136-$4,465)
    • उच्च-मध्यम आय: $4,046 से $12,535
    • उच्च आय: $12,536 से अधिक
    • भारत का GNI इस निम्न-मध्यम आय सीमा में फिट बैठता था।
  • भारत की स्थिति
    • 2020-2021 में भारत निम्न-मध्यम आय श्रेणी में बना रहा।
    • पड़ोसी देशों में नेपाल निम्न-मध्यम में आया (पहले निम्न आय), जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका भी निम्न-मध्यम में थे।
    • बांग्लादेश और अफगानिस्तान निम्न आय श्रेणी में रहे।
    • यह वर्गीकरण COVID-19 के प्रभाव को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता, क्योंकि 2019 डेटा पर आधारित था।
  • विश्व बैंक की पद्धति
    • GNI प्रति व्यक्ति Atlas विधि से वर्तमान USD में मापा जाता है, जो मुद्रा उतार-चढ़ाव को समायोजित करता है।
    • यह देश की आर्थिक भलाई का व्यापक संकेतक है, जिसमें वस्तुओं-सेवाओं का उत्पादन और जनसंख्या शामिल है।
    • वर्गीकरण विकास सहायता, ऋण शर्तें और नीति निर्धारण को प्रभावित करता है।