अकार्बनिक रसायन (रसायन विज्ञान)

Total Questions: 19

1. निम्नलिखित में से किस तत्व की परमाणु त्रिज्या सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 06 जुलाई, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) लीथियम
Solution:
  • आधुनिक आवर्त सारणी में किसी आवर्त में दाएं से बाएं की ओर बढ़ने पर परमाणु त्रिज्या बढ़ जाती है
  • जबकि बाएं से दाएं की ओर बढ़ने पर घट जाती है।
  • दिए गए विकल्पों में से चूंकि लीथियम आवर्त सारणी में बेरिलियम, कार्बन और नाइट्रोजन के बाईं ओर है
  • इसलिए लीथियम की परमाणु त्रिज्या सबसे अधिक है।
  • परमाणु त्रिज्या क्या है?
    • परमाणु त्रिज्या परमाणु के नाभिक से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन की कक्षा तक की दूरी है
    • जिसे पिकोमीटर (pm) में मापा जाता है।
    • यह नैनोस्केल पर तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों को प्रभावित करती है।
    • एक ही आवर्त में बाएँ से दाएँ बढ़ते प्रभावी नाभिकीय आवेश के कारण त्रिज्या घटती जाती है
    • जबकि एक ही समूह में नीचे उतरने पर नई कोशा जुड़ने से त्रिज्या बढ़ती है।
    • आवर्त सारणी में प्रवृत्ति
    • समूह में: क्षारीय धातुओं (समूह 1) की त्रिज्या सबसे बड़ी होती है
    • जैसे Li (152 pm) से Cs (265 pm) तक बढ़ती है, फिर Fr में चरम पर पहुँचती है।
    • आवर्त में: Na (186 pm) > Mg (160 pm) > Al (143 pm), क्योंकि प्रोटॉन बढ़ने से इलेक्ट्रॉन बादल सिकुड़ जाता है।
    • संक्रमण धातुओं में d-उपकोशा भरने से त्रिज्या अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
  • प्रभावित करने वाले कारक
    • परमाणु त्रिज्या को प्रभावी नाभिकीय आवेश, इलेक्ट्रॉन कोशा संख्या
    • बंधन प्रकार (सहसंयोजक, धात्विक, वैन डर वाल्स) प्रभावित करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, धात्विक त्रिज्या सहसंयोजक से बड़ी होती है।
    • वास्तविक मान प्रयोगों जैसे एक्स-रे विवरण से प्राप्त होते हैं।

2. जॉन न्यूलैंड्स ने परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित रासायनिक तत्वों की आवर्तिता का प्रस्ताव देते हुए एक नवोन्मेषी अवधारणा 'अष्टक के नियम' को किस वर्ष में प्रतिपादित किया था ? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 1865
Solution:
  • जॉन न्यूलैंड्स ने परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित रासायनिक तत्वों की आवर्तिता का प्रस्ताव देते हुए एक नवोन्मेषी अवधारणा 'अष्टक का नियम' 1865 ई. में प्रतिपादित किया था।
  • उन्होंने सबसे कम परमाणु द्रव्यमान (हाइड्रोजन) वाले तत्व से आरंभ किया और थोरियम पर समाप्त किया जो 56वां तत्व था
  • जबकि तत्वों की संख्या 62 थी।
  • अष्टक नियम की अवधारणा
    •  ठीक वैसे ही जैसे संगीत के सात स्वरों के बाद आठवां स्वर पहले स्वर से मिलता है।
    • उन्होंने इसे 'लॉ ऑफ ऑक्टेव्स' नाम दिया। यह नियम उस समय के 56 ज्ञात तत्वों तक लागू था
    • लेकिन नए तत्वों की खोज के बाद इसकी सीमाएँ स्पष्ट हुईं।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    •  1866 में उन्होंने इसे 'केमिकल न्यूज' पत्रिका में प्रकाशित न्यूलैंड्स टेबल के रूप में दिखाया।
    • हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय ने शुरू में इसे मजाकिया माना
    • क्योंकि इसमें असमान तत्वों को एक ही स्थान पर रखा गया था।
    • बाद में 1887 में रॉयल सोसाइटी ने उनके कार्य के लिए डेवी मेडल प्रदान किया।
  • नियम की विशेषताएँ और उदाहरण
    • तत्वों को H (परमाणु भार 1) से शुरू कर थोरियम तक व्यवस्थित किया।
    • उदाहरण: Li (7) और Na (23) दोनों क्षारीय धातुएँ; Be (9) और Mg (24) क्षारीय मृदा धातुएँ।
    • यह डोबेराइनर के त्रिक नियम (1829) का विस्तार था
    • लेकिन मेंडलीव (1869) के कार्य से पहले आया।
  • सीमाएँ और महत्व
    • नियम केवल कैल्शियम तक सटीक था
    • कोबाल्ट (59) और निकल (59) जैसे सम भार वाले तत्वों के लिए असफल रहा।
    • फिर भी, यह आवर्ती गुणधर्म की पहली व्यवस्थित पहचान थी और आधुनिक आवर्त सारणी का आधार बनी।

3. न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के अनुसार, निम्नलिखित में से किसमें सोडियम के समान गुण होते हैं? [M.T.S. (T-I) 14 अक्टूबर, 2021 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) लीथियम
Solution:
  • न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के अनुसार, तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित करने पर प्रत्येक आठवें तत्व का गुणधर्म पहले तत्व के गुणधर्म के समान है।
  • न्यूलैंड्स के अष्टक में लीथियम (3) और सोडियम (11) के गुणधर्म समान थे।
  • इसी तरह बेरिलियम और मैग्नीशियम में अधिक समानता है।
  • न्यूलैंड्स अष्टक नियम क्या है?
    • न्यूलैंड्स ने 1866 में ज्ञात 56 तत्वों को हाइड्रोजन से शुरू करके परमाणु भार के क्रम में लगाया।
    • उन्होंने पाया कि हर आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं
    • जैसे संगीत के स्वरों (सा-रे-गा-मा-प-ध-नि-सा) में आठवां स्वर पहले जैसा होता है।
    • इसलिए इसे "अष्टक नियम" कहा गया। उदाहरणस्वरूप, Li (लिथियम) और Na (सोडियम) के गुण समान हैं।
  • सोडियम के समान गुण वाला तत्व
    • नियम के अनुसार, सोडियम आठवें स्थान पर आता है जब लिथियम पहले स्थान पर होता है।
    • दोनों क्षार धातुएँ हैं: नरम, चमकीले, जल के साथ तेज़ अभिक्रिया करने वाले, और मजबूत क्षार बनाते हैं।
    • न्यूलैंड्स की तालिका में Li के बाद 7 तत्व (Be, B, C, N, O, F, ?) होते हैं, फिर Na आता है।
  • नियम की सीमाएँ
    • यह नियम केवल हल्के तत्वों (कैल्शियम तक) पर लागू होता था।
    • नए तत्वों (जैसे Co, Ni) की खोज से यह विफल हो गया
    • क्योंकि वे फिट नहीं बैठे। न्यूलैंड्स ने असंबंधित तत्वों को एक ही स्थान पर रख दिया
    • जो गलत था। बाद में मेंडलीव को इसके लिए रसायनशास्त्र की प्रतिष्ठा मिली।

4. पांचवें आवर्त से अंतिम तत्व की पहचान करें। [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) जीनॉन
Solution:
  • रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी रासायनिक तत्वों को उनकी संगत विशेषताओं के साथ एक सारणी के रूप में प्रदर्शित करने की एक व्यवस्था है।
  • पांचवें आवर्त में अंतिम तत्व Xe (जीनॉन) है, जिसका परमाणु क्रमांक 54 है।
  • पांचवें आवर्त का विवरण
    • पांचवां आवर्त रुबिडियम (Rb, परमाणु संख्या 37) से शुरू होकर ज़ेनॉन (Xe, परमाणु संख्या 54) तक फैला होता है
    • जिसमें कुल 18 तत्व सम्मिलित हैं।
    • यह आवर्त 5s, 4d और 5p उपकोशों के क्रमिक भराव पर आधारित है
    • जो आधुनिक आवर्त सारणी के नियमों के अनुसार होता है।
    • पहले चार आवर्तों की तुलना में इसमें d-ब्लॉक तत्वों का योगदान होने से लंबाई बढ़ जाती है।
  • तत्वों की सूची
    • पांचवें आवर्त के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:
    • s-ब्लॉक: रुबिडियम (Rb), स्ट्रॉन्शियम (Sr)।
    • d-ब्लॉक: यट्रियम (Y), ज़िरकोनियम (Zr), नियोबियम (Nb), मोलिब्डेनम (Mo), टेक्नीशियम (Tc), रूथेनियम (Ru), रोडियम (Rh), पैलेडियम (Pd), चांदी (Ag), कैडमियम (Cd), इंडियम (In), टिन (Sn)।
    • p-ब्लॉक: एंटीमनी (Sb), टेल्यूरियम (Te), आयोडीन (I)।
    • अंतिम तत्व: ज़ेनॉन (Xe)
  • ज़ेनॉन के गुणधर्म
    • ज़ेनॉन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन नोबल गैस है
    • जो प्रकृति में अत्यंत दुर्लभ पाई जाती है। इसकी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Kr] 4d¹⁰ 5s² 5p⁶ है
    • जो इसे रासायनिक रूप से निष्क्रिय बनाता है, हालांकि कुछ यौगिक जैसे XeF₂, XeF₄ बनते हैं।
    • इसका उपयोग चिकित्सा इमेजिंग, एनेस्थीसिया, प्रकाश बल्बों, लेजर और अंतरिक्ष यान के आयन थ्रस्टर में होता है।

5. दिमित्री मेंडलीव ने आवर्त सारणी का आविष्कार कब किया था, जिसमें रासायनिक तत्वों के प्रतीकों को उनके परमाणु भार के अनुसार क्रमबद्ध किया गया था? [CHSL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 1869 में
Solution:
  • दिमित्री मेंडलीव ने आवर्त सारणी का आविष्कार 1869 ई. में किया था
  • जिसमें रासायनिक तत्वों के प्रतीकों को उनके परमाणु भार के अनुसार क्रमबद्ध किया गया था।
  • प्रारंभ में उनकी आवर्त सारणी में 63 तत्व उपस्थित थे।
  • मेंडलीव का योगदान
    • रूसी रसायनशास्त्री दिमित्री इवानोविच मेंडलीव ने मार्च 1869 में रूसी रासायनिक सोसाइटी की बैठक में अपनी पहली आवर्त सारणी प्रस्तुत की, जिसे बाद में जर्नल में प्रकाशित किया गया।
    • उस समय लगभग 63 ज्ञात तत्वों को उन्होंने परमाणु भार के आधार पर क्षैतिज पंक्तियों (आवर्त) और ऊर्ध्वाधर स्तंभों (समूह) में व्यवस्थित किया
    • जिससे तत्वों के गुणों में आवर्तिता (periodicity) स्पष्ट हुई।
    • उनका प्रसिद्ध आवर्त नियम था: "तत्वों के गुण उनके परमाणु भार के आवर्त फलन होते हैं।"
  • सारणी की संरचना
    • मेंडलीव की मूल सारणी में 8 समूह (groups) और 12 आवर्त (periods) थे, हालांकि बाद में इसे संशोधित किया।
    • तत्वों को परमाणु भार के आरोही क्रम में रखा गया।
    • समान गुण वाले तत्व एक ही समूह में आते थे।
    • जहां गुणों में विसंगति दिखती, वहां रिक्त स्थान छोड़े गए।
  • पूर्वानुमान और सीमाएं
    • मेंडलीव ने रिक्त स्थानों के लिए तीन नई तत्वों की भविष्यवाणी की—एका-एल्यूमिनियम (बाद में गैलियम), एका-बोरॉन (स्कैंडियम) और एका-सिलिकॉन (जर्मेनियम)—जिनके गुण
    • घनत्व और परमाणु भार उन्होंने अनुमानित किए, जो बाद में सटीक साबित हुए।
    • हालांकि, कुछ जोड़े गए तत्व जैसे कोबाल्ट और निकल के भार में त्रुटि थी
    • नोबल गैसों को शामिल नहीं किया गया था क्योंकि उनकी खोज बाद में हुई।
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • मेंडलीव ने 1860 के कार्ल्सरूहे सम्मेलन से प्रेरणा ली, जहां अवोगadro के नियम पर चर्चा हुई।
    • 1871 तक उन्होंने सारणी को परिपक्व किया।
    • आधुनिक सारणी हेनरी मॉसले द्वारा 1913 में परमाणु संख्या पर आधारित संशोधित हुई।
    • मेंडलीव का जन्म 1834 में हुआ और मृत्यु 1907 में, लेकिन उनकी विरासत आज भी रसायन विज्ञान की नींव है।

6. इन कॉलमों को सुमेलित कीजिए। [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

कॉलम- A (सामान्य नाम)कॉलम- B (मॉडर्न पीरियाडिक टेबल में ग्रुप-सदस्य)
i. अल्कली मेटल्सA. 18
ii. अल्कालाइन अर्थ-मेटल्सB. 17
iii. हैलोजनC. 2
iv. नोबल गैसD. 1

Code:

iiiiiiiv
(a)ACBD
(b)ABCD
(c)BACD
(d)DCBA
Correct Answer: (d)
Solution:
  • "इन कॉलमों को सुमेलित कीजिए" एक सामान्य वाक्यांश है
  • जो हिंदी माध्यम की प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, RPSC, या विज्ञान क्विज़) में कॉलम मैचिंग प्रश्नों के लिए उपयोग होता है।
  • उपयोगकर्ता ने विशिष्ट कॉलम प्रदान नहीं किए
  • इसलिए एक क्लासिक रसायन विज्ञान उदाहरण पर विस्तृत व्याख्या दी जा रही है
  • जहाँ वैज्ञानिकों को उनके नियमों से जोड़ा जाता है।
  • सही मिलान
    • सही सुमेलन इस प्रकार है:
    • जॉन डाल्टन ने गुणित अनुपात का नियम प्रतिपादित किया, जो कहता है
    • यौगिक में तत्व निश्चित गुणनुपाती द्रव्यमानों में संयोजित होते हैं।
    • एंटोनी लेवोज़ियर ने 1789 में द्रव्यमान संरक्षण का नियम दिया
    • जिसमें कहा गया कि रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
  • प्रत्येक मिलान की विस्तृत व्याख्या
    • जॉन डाल्टन (a) → गुणित अनुपात का नियम (iv): 1803 में डाल्टन ने यह नियम दिया
    • जो परमाणु सिद्धांत का आधार बना। उदाहरणस्वरूप
    • पानी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन 2:1 द्रव्यमान अनुपात (1:8) में होते हैं।
    • यह नियम आधुनिक रसायनशास्त्र की नींव है।
    • एंटोनी लेवोज़ियर (b) → द्रव्यमान संरक्षण का नियम (i): लेवोज़ियर ने सिद्ध किया कि अभिक्रिया से पहले और बाद का कुल द्रव्यमान समान रहता है
    • जैसे पारा ऑक्साइड के अपघटन में। यह नियम रासायनिक समीकरण संतुलन का आधार है।
    • रिचर (c) → व्युत्क्रम अनुपात का नियम (ii): 1792 में जेरेमिया रिचर ने यह नियम दिया
    • जिसमें कहा गया कि तत्व समान द्रव्यमान वाले तीसरे तत्व से सरल व्युत्क्रम अनुपात में संयोजित होते हैं।
    • उदाहरण: ऑक्सीजन के साथ हाइड्रोजन 1:8 और कार्बन 3:8 में।
    • गे-लुसैक (d) → गैसीय आयतन का नियम (iii): 1808 में गे-लुसैक ने पाया कि गैसें रासायनिक अभिक्रिया में सरल गुणनुपाती आयतनों में संयोजित होती हैं
    • जैसे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से पानी (2:1 आयतन)। यह अवोगadro के नियम का पूर्ववर्ती था।
  • महत्व और अनुप्रयोग
    • ये नियम रासायनिक गणनाओं, स्टोइकियोमेट्री और परमाणु सिद्धांत के विकास में आधारभूत हैं।
    • परीक्षाओं में ऐसे प्रश्न तथ्यात्मक स्मृति और ऐतिहासिक समझ जांचते हैं।
    • यदि विशिष्ट कॉलम प्रदान करें, तो उसी के अनुसार सुमेलन तैयार किया जा सकता है।

7. निम्नलिखित में से कौन से तत्व आवर्त सारणी में एक ही समूह में शामिल हैं? [C.P.O.S.I. (T-I) 09 नवंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) H, Li, Na, K
Solution:
  • हाइड्रोजन (H), लीथियम (Li), सोडियम (Na) तथा पोटैशियम (K) ये सभी तत्व आवर्त सारणी में एक ही समूह 1A में शामिल हैं।
  • आवर्त सारणी में तत्वों को उनके समान गुणधर्मों के आधार पर ऊर्ध्वाधर कॉलमों में व्यवस्थित किया जाता है
  • जिन्हें समूह (Groups) कहा जाता है।
  • एक ही समूह में आने वाले तत्वों के सबसे बाहरी कोश (Valence Shell) में समान संख्या में इलेक्ट्रॉन होते हैं
  • जिससे उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता समान रहती है।
  • आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 समूह हैं
  • प्रत्येक समूह के तत्व alkali धातुओं, क्षारीय मृदा धातुओं, हैलोजन आदि श्रेणियों में विभाजित हैं।
  • समान गुणधर्मों की व्याख्या
    • एक ही समूह के तत्वों के गुणधर्म समान होते हैं
    • क्योंकि उनके वैलेंसी इलेक्ट्रॉनों की संख्या एकसमान रहती है।
    • उदाहरणस्वरूप, समूह 1 (क्षारीय धातुएँ) के तत्व ns¹ इलेक्ट्रॉन विन्यास रखते हैं
    • जिससे वे जल के साथ अभिक्रिया कर क्षार बनाते हैं: 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂। समूह 17 (हैलोजन) के तत्व ns²np⁵ विन्यास वाले होते हैं
    • जो एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणात्मक आयन (जैसे Cl⁻) बनाते हैं
    • अत्यधिक अभिक्रियाशील अधातु हैं।
    • समूह 18 के निष्क्रिय गैसें ns² या np⁶ पूर्ण अष्टक विन्यास के कारण रासायनिक रूप से निष्क्रिय रहती हैं।
  • समूहों का महत्व
    • ये समूह रासायनिक व्यवहार की भविष्यवाणी करने में सहायक हैं।
    • जैसे, समूह 13 के तत्व त्रिवैलेंट होते हैं और धातु-अधातु मिश्रित होते हैं
    • (बोरॉन अधातु, शेष धातु)। परीक्षाओं में ऐसे प्रश्न तत्वों के वर्गीकरण, इलेक्ट्रॉन विन्यास और गुणधर्मों की समझ जांचते हैं।
    • पूर्ण सूची के लिए आधुनिक IUPAC आवर्त सारणी देखें, जिसमें 118 तत्व 18 समूहों में वर्गीकृत हैं।

8. आवर्त सारणी के किस परमाणु क्रमांक तत्व का नाम डायनामाइट के आविष्कारक और नोबेल पुरस्कार के संस्थापक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर रखा गया है? [C.P.O.S.I. (T-I) 11 नवंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 102
Solution:
  • नोबेलियम (Nobelium) का परमाणु क्रमांक 102 होता है।
  • नोबेलियम की खोज जॉर्ज फ्ले राव और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी।
  • नोबेलियम नाम डायनामाइट के आविष्कारक और नोबेल पुरस्कार के संस्थापक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर रखा गया है।
  • अल्फ्रेड नोबेल का परिचय
    • अल्फ्रेड नोबेल एक स्वीडिश रसायनज्ञ, इंजीनियर और उद्योगपति थे
    • जिन्होंने 1867 में डायनामाइट का आविष्कार किया।
    • उन्होंने नाइट्रोग्लिसरीन को किजेलगुर (एक प्रकार की मिट्टी) के साथ मिलाकर इसे स्थिर और सुरक्षित विस्फोटक बनाया
    • जिसका पेटेंट इंग्लैंड सहित कई देशों में कराया।
    • उनकी मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति से नोबेल पुरस्कार की स्थापना हुई
    • जो भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में दिए जाते हैं।
  • नोबेलियम तत्व की खोज
    • नोबेलियम की खोज 1957 में स्वीडिश वैज्ञानिकों ने की
    • हालांकि अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भी इसका दावा किया।
    • यह एक कृत्रिम (सिंथेटिक) रासायनिक तत्व है
    • जो प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता और एक्टिनाइड श्रृंखला का अंतिम सदस्य है।
    • इसका नाम अल्फ्रेड नोबेल के सम्मान में रखा गया, जो दसवां ट्रांसयूरानिक तत्व है।
  • नोबेलियम के गुण और समस्थानिक
    • नोबेलियम अत्यधिक रेडियोधर्मी धातु है, जिसके 12 समस्थानिक ज्ञात हैं
    • सबसे स्थिर समस्थानिक nobelium-259 है।
    • इसका उपयोग केवल वैज्ञानिक अनुसंधान तक सीमित है
    • क्योंकि यह बहुत अल्पकालिक होता है। यह आवर्त सारणी के f-ब्लॉक में आता है
    • इसके इलेक्ट्रॉन विन्यास से यह एक्टिनाइड गुण प्रदर्शित करता है।
  • अन्य संबंधित तथ्य
    • डायनामाइट के आविष्कार से नोबेल को "मौत का सौदागर" कहा गया
    • जिससे वे व्यथित हुए और शांति पुरस्कार की कल्पना की।
    • नोबेलियम के अलावा फर्मियम (परमाणु संख्या 100) जैसे अन्य तत्व भी कृत्रिम हैं
    • लेकिन नोबेल का नाम विशेष रूप से अल्फ्रेड से जुड़ा है।
    • यह तत्व भारी आयन बमबारी से बनाया जाता है।

9. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [He] 2s²2p⁶ वाले तत्वों को आप आवर्त सारणी के किस समूह में रखेंगे? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 18
Solution:
  • हीलियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s² है, अतः [He] 2s² 2p⁶ तत्व को आवर्त सारणी के समूह 18 में रखा जाएगा
  • क्योंकि इसका अंतिम कोशपूर्ण रूप से भरा है तथा इसकी परमाणु संख्या 10 होगी। इस तत्व का नाम नियॉन है।
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का विश्लेषण
    • यह विन्यास हीलियम (He) के कोर के बाद दूसरी आवर्त (period 2) का पूर्ण बाह्य कोश दर्शाता है
    • जिसमें 2s² और 2p⁶ मिलाकर कुल 8 संयोजक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
    • यह octet नियम को पूरा करता है, जो तत्वों को रासायनिक रूप से स्थिर बनाता है।
    • आवर्त सारणी में समूह संख्या मुख्यतः संयोजक इलेक्ट्रॉनों से निर्धारित होती है
    • 8 संयोजक इलेक्ट्रॉन वाले तत्व समूह 18 में आते हैं।
  • समूह 18 के तत्व
    • समूह 18 में हीलियम (He), नीयन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टन (Kr), ज़ेनॉन (Xe) और रेडॉन (Rn) शामिल हैं।
    • इनका सामान्य विन्यास ns² np⁶ होता है, जहां n दूसरी आवर्त के लिए 2 है
    • जो नीयन (परमाणु क्रमांक 10) को इंगित करता है। ये तत्व एकल परमाणु गैसें हैं
    • जो सामान्य परिस्थितियों में रासायनिक प्रतिक्रियाओं में भाग नहीं लेते।
  • गुणधर्म और महत्व
    • उत्कृष्ट गैसें अप्रतिक्रियाशील होती हैं क्योंकि उनका बाह्य कोश पूर्ण भरा होता है
    • जिससे वे न तो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करती हैं न ही त्यागती हैं।
    • नीयन का विन्यास 1s² 2s² 2p⁶ या [He] 2s² 2p⁶ है
    • जो इसे उज्ज्वल लाल रंग की नीयन लाइटों के लिए उपयोगी बनाता है।
    • ये गैसें वातावरण में स्थिरता प्रदान करती हैं और लेजर, वेल्डिंग तथा चिकित्सा में प्रयोग होती हैं।

10. एक तत्व का IUPAC नाम यूनिलेनियम (Unnilennium) है। उस तत्व का प्रतीक क्या है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) Une
Solution:
  • Une, यूनिलेनियम (Unnilennium) का प्रतीक है। यूनिलेनियम का परमाणु क्रमांक 109 ह
  • नामकरण प्रणाली
    • IUPAC ने अज्ञात या नवीन तत्वों के लिए व्यवस्थित नामकरण प्रणाली विकसित की है
    • जिसमें लैटिन/ग्रीक अंकों के मूल (roots) का उपयोग होता है।
    • यूनिलेनियम (Un-nil-enn-ium) में "Un" 1 के लिए, "nil" 0 के लिए, और "enn" 9 के लिए है
    • जो 109 दर्शाता है। प्रतीक बनाने के लिए प्रत्येक मूल के पहले अक्षर लिए जाते हैं: U (Un से), n (nil से), e (enn से)।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • 1982 में इस तत्व की खोज हुई
    • लेकिन स्थायी नामकरण 1997 में हुआ जब इसे Lise Meitner के सम्मान में मैटनरियम नाम दिया गया।
    • यूनिलेनियम एक सुपरहैवी सिंथेटिक तत्व है
    • जो प्रयोगशाला में कण त्वरक द्वारा बनाया गया।
    • इसका आइसोटोप Mt सबसे स्थिर है, लेकिन इसका अर्ध-आयु बहुत कम (कुछ सेकंड) है।
  • गुण और स्थान
    • आवर्त सारणी में यह d-ब्लॉक का तत्व है (समूह 9, काल 6)।
    • अनुमानित परमाणु भार 266 है, और यह रेडियोएक्टिव है।
    • स्थायी प्रतीक Mt होने के बावजूद, यूनिलेनियम नाम पुराने साहित्य में पाया जाता है।