Correct Answer: (c) परमाणु त्रिज्या आवर्त सारणी में किसी आवर्त में आगे की ओर बढ़ते हुए घटती है और किसी समूह में नीचे की ओर जाते हुए बढ़ जाती है।
Solution:- परमाणु त्रिज्या आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं ओर बढ़ते हुए घटती है
- किसी समूह में नीचे की ओर जाते हुए बढ़ जाती है।
- समूह में नीचे जाने पर ऊर्जा स्तरों की संख्या में वृद्धि के कारण परमाणु त्रिज्या में वृद्धि होती है।
- अभाज्य और यौगिक संख्याओं की परिभाषा
- अभाज्य संख्या वह होती है जिसके ठीक दो भिन्न धनात्मक भाजक होते हैं
- 1 और स्वयं संख्या, जैसे 2, 3, 5, 7।
- यौगिक संख्या के दो से अधिक भिन्न धनात्मक भाजक होते हैं, जैसे 4 (1, 2, 4), 6 (1, 2, 3, 6)।
- 1 के केवल एक भाजक है - स्वयं 1 - इसलिए यह दोनों श्रेणियों में फिट नहीं बैठती।
- 1 को अभाज्य क्यों नहीं माना जाता?
- अभाज्य संख्याओं की आधुनिक परिभाषा (यूक्लिड से लेकर आज तक) स्पष्ट करती है
- संख्या के ठीक दो भिन्न भाजक होने चाहिए।
- 1 के मामले में यह शर्त पूरी नहीं होती, क्योंकि 1/1 = 1 ही एकमात्र तरीका है।
- यदि 1 को अभाज्य मानें तो मूलभूत प्रमेय विघटन (Fundamental Theorem of Arithmetic) प्रभावित होता
- जहाँ प्रत्येक संख्या अभाज्य संख्याओं का अद्वितीय गुणनफल होती है।
- अन्य कथनों का खंडन
- 1 को अभाज्य और यौगिक दोनों मानना असंभव है, क्योंकि परिभाषाएँ परस्पर विरोधी हैं।
- केवल अभाज्य कहना गलत है, क्योंकि भाजकों की संख्या दो नहीं।
- केवल यौगिक कहना भी गलत, क्योंकि यौगिक के लिए दो से अधिक भाजक अनिवार्य।