अपवाह तंत्र (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 38

11. निम्नलिखित में से कौन-सा शहर सरयू नदी के तट पर स्थित है? [CHSL (T-I) 12 अप्रैल, 2021 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) अयोध्या
Solution:
  • उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या शहर सरयू नदी के तट पर स्थित है।
  • अहमदाबाद साबरमती और हैदराबाद मूसी नदी के तट पर स्थित है।
  • सरयू नदी का परिचय
    • सरयू नदी उत्तराखंड के नंदा कोट पर्वत से निकलती है
    • उत्तर प्रदेश में बहते हुए घाघरा नदी के नाम से भी जानी जाती है।
    • यह नदी प्राचीन रामायण में भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ी हुई है
    • जहां इसका उल्लेख बार-बार हुआ है। नदी का बहाव बहराइच, गोंडा, फैजाबाद जैसे क्षेत्रों से गुजरता है।​
  • तट पर स्थित प्रमुख शहर
    • सरयू नदी के किनारे कई शहर बसे हैं, लेकिन अयोध्या सबसे प्रसिद्ध है।
    • अयोध्या: रामनगरी के नाम से जाना जाता है
    • यहां राम जन्मभूमि मंदिर स्थित है और सरयू स्नान का विशेष महत्व है।​
    • फैजाबाद (अब अयोध्या जिले का हिस्सा): नदी तट पर ही स्थित, ऐतिहासिक नवाबी विरासत वाला शहर।​
    • बहराइच, गोंडा, सीतापुर: ये जिले सरयू के तटवर्ती क्षेत्रों में आते हैं
    • जहां नदी कृषि और संस्कृति को प्रभावित करती है।​
    • अन्य: टांडा, राजेशुल्तानपुर, दोहरीघाट, बलिया जैसे स्थान भी नदी के किनारे हैं।​
  • ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
    • रामायण के अनुसार, सरयू नदी अयोध्या की जीवनरेखा रही है
    • जहां भगवान राम ने जल समाधि ली थी।
    • आधुनिक समय में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद सरयू घाटों पर दीपोत्सव और स्नान उत्सव लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
    • नदी की सहायक नदियां जैसे राप्ती (गोरखपुर के पास) इसे और विस्तृत बनाती हैं।​

12. रोहतासगढ़ या रोहतास का किला किस नदी घाटी में स्थित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) सोन
Solution:
  • रोहतासगढ़ या रोहतास का किला भारत के सबसे प्राचीन किलों में से एक है, जो बिहार के रोहतास जिले में स्थित है।
  • यह क्षेत्र सोन नदी घाटी में स्थित है। कैमूर की पहाड़ियों में स्थित रोहतासगढ़ का किला, बिहार के कई अतुल्य विरासतों में से एक है।
  • रोहतासगढ़ किला क्या है
    • रोहतासगढ़ किला भारत के प्रमुख पहाड़ी किलों में से एक है
    • जो कैमूर पहाड़ियों के ऊपर सासाराम-रोहतास क्षेत्र में स्थित है।
    • यह fortified परिसर एक समय में कई राजवंशों के लिए रणनीतिक केंद्र रहा है और आसपास के क्षेत्र पर कड़ा नियंत्रण रखता था.​
  • कहाँ स्थित है
    • भूगोलिक स्थिति: यह सोन नदी की घाटी के प्रमुख स्थानों में एक है
    • सोन नदी के नजदीक, रोहतास शहर के पूर्व-व दक्षिण-पूर्व में रोहतास जिले में स्थित है
    • सोन नदी घाटी के किनारे-किनारे इस किले का स्थान इसे बुनियादी जल-संरक्षा और परिवहन मार्गों के नियंत्रण के लिए उपयुक्त बनाता था.​
  • इतिहास और वास्तुकला
    • निर्माण और इतिहास: रोहतासगढ़ किले का ऐतिहासिक संदर्भ पुरातन काल से जुड़ा माना गया है
    • जिसकी स्थापना त्रिशंकु से जुड़े राजा रोहिताश्व के नाम पर बताई जाती है
    • यूँ कहें कि यह क्षेत्र-नाम रोहतास का स्रोत भी माना गया है
    • समय के साथ यह किला मुगलों, अंग्रेजों आदि के नियंत्रण में रहा और सैन्य-रणनीतिक महत्व बनाए रखा.​
    • संरचना: किले की परिधि लगभग 28 मील तक फैली बताई जाती है
    • इसके भीतर लगभग 83 द्वार बताए जाते हैं; प्रमुख मार्गों मेंेर घोड़ा घाट, राजघाट, कठौतिया घाट और मेढ़ा घाट शामिल हैं
    • जो किले की सुरक्षा और पहरेदारी के लिए महत्वपूर्ण थे
    • वर्त्तमान दौरे में ये प्रवेश-चौकियाँ पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती हैं.​
  • संदर्भित स्थल-घटक
    • कैमूर पर्वत श्रृंखला: रोहतासगढ़ किले का प्रमुख भू-भाग कैमूर पहाड़ियाँ हैं
    • जो किले को ऊँचाई पर रहते हुए overlooked करते हैं और यह क्षेत्र प्राकृतिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से समृद्ध है.​
    • सोन नदी: किले के नजदीकी नदी होने से यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से जल-रक्षा, जल-आपूर्ति और सैन्य-यात्राओं के लिए महत्त्वपूर्ण रहा है
    • सोन नदी घाटी यहाँ एक संगठित स्थल-निर्देशन देता है.​
  • यात्रा और पर्यटन
    • आज का रोहतासगढ़ किला एक प्रमुख पर्यटन स्थल है
    • जहाँ सरंचनाओं के अवशेष, दीवारों पर पेंटिंग्स, मार्गदर्शित गाइडेड टूर आदि उपलब्ध रहते हैं
    • क्षेत्रीय पर्यटन प्राधिकरण और बिहार सरकार की पहलें इसे संरक्षित रखने और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने पर केन्द्रित हैं.​

13. निम्नलिखित में से कौन सिंधु की एक सहायक नदी है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) जांस्कर
Solution:
  • जांस्कर नदी सिंधु की सहायक नदी है, जो पूरी तरह से लद्दाख (भारत) में बहती है।
  • जांस्कर नदी की उत्पत्ति हिमाचल प्रदेश तथा लद्दाख की सीमा पर सरचू के उच्च अक्षांशीय पठारी भाग से होती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 150 किमी. है।
  • सिंधु नदी का परिचय
    • सिंधु नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के निकट कैलाश पर्वत से निकलती है
    • लगभग 3,180 किलोमीटर लंबी होने पर पाकिस्तान के कराची के पास अरब सागर में मिल जाती है।
    • यह नदी भारत, पाकिस्तान और चीन से होकर बहती है तथा सिंधु घाटी सभ्यता का केंद्र रही।
    • इसकी सहायक नदियाँ हिमालय और आसपास के क्षेत्रों से जल लाकर इसे समृद्ध करती हैं।​
  • बाएँ किनारे की सहायक नदियाँ
    • ये नदियाँ मुख्य रूप से हिमालय से निकलकर सिंधु के बाएँ किनारे पर मिलती हैं।
    • झेलम: जम्मू-कश्मीर के बेरीनाग से उद्गम, चिनाब में मिलती है।​
    • चिनाब: हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर पाकिस्तान में सिंधु से मिलती।​
    • रावी: हिमाचल प्रदेश से होकर भारत-पाकिस्तान सीमा बनाती।​
    • ब्यास: रोहतांग दर्रे से निकलकर सतलुज में मिलती।​
    • सतलुज: तिब्बत से आती, भाखड़ा नांगल बांध पर स्थित।​
  • दाएँ किनारे की सहायक नदियाँ
    • ये नदियाँ उत्तर-पश्चिम से आकर सिंधु को जल प्रदान करती हैं।
    • श्योक, गिलगित, हुंजा: लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से।​
    • काबुल: अफगानिस्तान से सबसे बड़ी दाहिनी सहायक।​
    • अन्य: कुर्रम, गोमल, टोची, स्वात।​
  • महत्व और उपयोग
    • सिंधु जल संधि (1960) इन नदियों के जल बंटवारे को नियंत्रित करती है
    • जहाँ भारत को पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान को पश्चिमी (झेलम, चिनाब) मिलीं।
    • ये नदियाँ सिंचाई, जलविद्युत (जैसे टारबेला बांध) और कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं
    • बाढ़ और जल विवाद चुनौतियाँ हैं। पंचनद (झेलम, चिनाब आदि का संगम) पाकिस्तान में सिंधु से मिलता है।​​

14. निम्नलिखित में से कौन-सा सिंधु नदी का उद्गम स्थल है? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) बोखर चू
Solution:
  • इंडस को सिंधु नदी के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह तिब्बत में कैलास पर्वत श्रृंखला से बोखर चू नामक ग्लेशियर के पास से निकलती है।
  • उद्गम स्थल का विस्तृत विवरण:
    • मानसरोवर झील तिब्बत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में है, जो कैलाश पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है।
    • यह क्षेत्र ट्रांस-Himalaya का हिस्सा माना जाता है
    • सिंधु नदी यहीं से निकलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवहमान होकर भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करती है।
    • इस उद्गम स्थल से नदी के प्रारम्भिक जल स्रोत बर्फीली चट्टानों और हिमनदों के कारण निरंतर प्रवाह बनाते रहते हैं.
    • मानसरोवर झील के निकट से जुड़ी जलधारा धीरे-धीरे हिमनद विक्रेताओं के प्रभाव के कारण निरंतर विभाजित होकर विभिन्न भू-आकृतियों से गुजरती है
    • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब के क्षेत्रों से होकर पाकिस्तान के क्षेत्र में प्रवेश करती है.
    • सिंधु तंत्र में प्रमुख सहायक नदियाँ भी भारत में प्रवाहित होती हैं
    • जैसे झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलज, जो उद्गम के बाद सिंधु के साथ मिलकर विशाल जलोद्धार बनाती हैं.
  • नोट: उपरोक्त विवरण एक समेकित प्रस्तुति है
    • जो उद्गम स्थान, भौगोलिक स्थिति और तंत्र के अन्य अंगों को स्पष्ट करता है।
    • मानसरोवर झील के बारे में जानकारी अनेक स्रोतों में समान रूप से दी गई है
    • यह तिब्बत के कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जाता है

15. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी सिंधु नदी प्रणाली की सहायक नदी है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) सतलुज
Solution:
  • सतलुज (सतलज) नदी सिंधु नदी प्रणाली की सहायक नदी है।
  • इस नदी का उद्गम तिब्बत के निकट स्थित राकसताल झील से होता है।
  • यह उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवाहित होते हुए शिपकी ला के पास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है।
  • यह भारत के हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब राज्यों में प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में चिनाब नदी से मिल जाती है।
  • इसका ऋग्वैदिक नाम शुतुद्री है। सोन गंगा की और बेतवा यमुना की सहायक नदी है। अतः विकल्प (b) सही उत्तर होगा।
  • बाएँ किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: जस्कर (Jaskar), श्योक (Shyok), गिलगित (Gilgit), नुब्रा (Nubra), हुंजा (Hunza), शिगर (Shigar), द्रास (Dras) आदि।
  • इनके अलावा गस्तींग (Gasitng) जैसी अन्य छोटी सहायक नदियाँ भी मिलती हैं।
  • दाहिने किनारे पर काबुल नदी (Kabul) मुख्य नदी के साथ मिलती है।
  • इस क्रम में सतलुज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम आदि पंजाब-हिमालयी क्षेत्र की मुख्य सहायक नदियाँ भी शामिल हैं।
  • [स्रोत-संदर्भ: आम नागरिक भूगोल स्रोत]
  • सम्बन्धित विवरण
  • सिंधु नदी प्रणाली कैसे व्यवस्थित है
    • सिंधु नदी हिमालय से निकलकर पंजाब-हरियाणा-पूर्वी पाकिस्तान के क्षेत्रों से होकर अरब सागर में गिरती है।
    • इस विशाल जलमंडल की दाहिनी ओर और बायीं ओर काफी सारी सहायक नदियाँ हैं
    • जो इसे विश्व की एक सबसे बड़ी नदी प्रणालियों में से एक बनाती हैं।
    • दाहिने किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: काबुल, खुरम (Kurum), तोची (Tochi), गोमई (Gomal), सतलुज आदि
    • बायें किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: जस्कर, ब्यास, सतलुज, रावी, चिनाब, झेलम आदि। [उद्धरण के रूप में संक्षेप: सामान्य भूगोल संदर्भ]
  • पंचनद और अन्य उल्लेख
    • सिंधु नदी की पाँच प्रमुख दाहिना/बायां किनारे की नदियाँ मिलकर उसे विशाल सिंधु-पनझनद (Panjnad) तंत्र की ओर ले जाती हैं
    • जिनमें झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज प्रमुख हैं।
    • यह पांचों मिलकर आगे समुद्र में संयुक्त होकर गिरती हैं। [उच्च स्तरीय भूगोल संदर्भ]
  • व्यवहारिक स्पष्टीकरण
    • प्रश्न में “सिंधु नदी प्रणाली की सहायक नदी” पूछी गई है
    • तो आम तौर पर सबसे मान्य सूची में पंजाब-भारत/पाकिस्तान क्षेत्र से जुड़ी दाहिने किनारे की सहायक नदीयां (काबुल आदि) और बाएं किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ (झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज) शामिल मानी जाती हैं।
    • कई स्रोतों में हिमालय से निकलकर आने वाली अन्य नदियाँ भी सहायक के रूप में दर्ज होती हैं
    • जैसे श्योक, गिलगित, जास्कर, हुंजा, नुब्रा आदि; ये सभी मिलकर सिंधु की बड़े तंत्र को आकार देती हैं।
  • नोट्स
    • उपरोक्त विवरण सामान्य भूगोल-सोर्स के अनुसार संगत है
    • यदि विशिष्ट परीक्षा/पाठ के अनुसार सटीक नाम-संरचना चाहिए तो पाठ्य-स्रोत या UPSC/SSC/राज्य-स्तर के मानक निर्देशिका (जैसे पंचनद या दाहिने किनारे की सूची) देखने की सलाह दी जाती है।

16. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी सिंधु नदी की सहायक नदी नहीं है? [Phase-XI 28 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) रिंद
Solution:
  • सिंधु की सहायक नदी सतलुज, झेलम, रावी, चेनाब, ब्यास, जांस्कर, हुंजा, गिलगित आदि नदियां हैं
  • जबकि रिंद नदी (Rind River) यमुना की सहायक नदी है।
  • विस्तारिक विवरण
    • सिंधु नदी तंत्र आकाश-स्तर से सेतु बनाकर बहती है
    • इसके दायें व बायें किनारों पर कई प्रमुख सहायक नदियाँ जुड़ती हैं।
    • प्रमुख दायें किनारे की सहायक नदियाँ में सतलुज, चिनाब, झेलम, रावी, व्यास शामिल हैं
    • जबकि बायें किनारे पर भी गिलगिट-हंजा क्षेत्र से कई नदियाँ जुड़ती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, सतलुज, व्यास, रावी, चिनाब और झेलम अत्यंत महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ मानी जाती हैं
    • [web स्रोतों के अनुसार]। यह जानकारी विभिन्न शिक्षण सामग्री में भी दी जाती है ।​
    • सोन नदी सिंधु की सहायक नहीं मानी जाती, बल्कि वह एक स्वतंत्र नदी है
    • जिसकी सतह-रेखा अलग है और यह गंगा-शृंखला से संबंधित नहीं मानी जाती।
    • कई उत्तर-भारत के स्रोतों के अनुसार सोन नदी का विवरण अलग है और वह सिंधु प्रणाली की सूची में नहीं आती ।​
    • अगर आप किसी परीक्षा या क्विज़ के लिए विकल्प देख रहे हैं
    • तो अक्सर प्रश्न के विकल्पों में सोन जैसे नदियाँ गलत बताई जाती हैं
    • क्योंकि वे सिंधु के प्रमुख दायें/बायें किनारे की सहायक नहीं मानी जातीं ।​
    • संक्षेप में: सिंधु की सहायक नदियाँ सामान्यतः सतलुज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम आदि हैं
    • सोन इनमें से नहीं है, अतः सोन नदी सही नहीं है ।​
  • उदाहरण के साथ स्पष्टता
    • सतलुज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम: सभी सिंधु के सहायक हैं और इनका उद्गम मानसरोवर से होता है
    • उसके आसपास से जुड़ते हैं
    • फिर पंजाब-क्षेत्र से गुजरते हुए अरब सागर में गिरती हैं ।​
    • सोन नदी: भारत की एक बड़ी नदी है
    • लेकिन सिंधु प्रणाली की सहायक नहीं मानी जाती; इसकी धारा और स्रोत अलग हैं ।​
  • नोटेशन और संदर्भ
    • उपरोक्त जानकारी आमतौर पर UPSC/राज्य-स्तरीय भूगोल पाठ्यक्रमों में एक समान रूप से दी जाती है
    • विभिन्न शिक्षण साइटों पर भी विश्लेषित मिलती है ।
    • यदि चाहें, ऐसे स्रोतों के लिंक मैं दे सकता/सकती हूँ ताकि आप स्पष्ट रूप से पढ़ सकें।​

17. उत्तरी मैदानों का पश्चिमी भाग निम्नलिखित में से किस नदी प्रणाली द्वारा निर्मित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 21 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) सिंधु और उसकी सहायक नदियों
Solution:
  • उत्तरी मैदान का पश्चिमी भाग सिंधु और उसकी सहायक नदी प्रणाली द्वारा निर्मित है।
  • उत्तरी मैदान का पश्चिमी भाग सिंधु और उसकी सहायक एवं उप-सहायक नदियों, जिनमें झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज (सतलज) शामिल हैं, से निर्मित है।
  • विस्तृत विवरण:
    • भूगर्भिक पृष्ठभूमি: उत्तरी मैदान, जिसे हिंदी में भारत के विशाल उत्तरी मैदान/नॉर्दर्न प्लेन्स कहा जाता है
    • हिमालयी पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी ढांचे के साथ फैला है
    • मुख्यतः गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र नदियों की नदी प्रणालियों के अवसादी अवशेषों से बना एक समुच्चय है।
    • पश्चिमी भाग का प्रमुख निर्माण सिंधु नदी प्रणाली से हुआ है, जो पंजाब/पंजाब क्षेत्र से होकर बहती है
    • उसका जलोढ़ पदार्थ मैदान के पश्चिमी भाग में जमा होता है।​
    • मुख्य नदियाँ और सहायक नदियाँ: सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियाँ जैसे चिनाब, जुलम, रावी, ब्यास आदि पश्चिमी हिस्से में प्रमुख जलधाराएं हैं
    • जिन्होंने नदी-विस्तार और जलोढ़ जमा को बनाकर इस भाग की भौगोलिक संरचना बनाई है।​
    • क्षेत्रीय विभाजन: उत्तरी मैदानों को अक्सर तीन भागों में विभाजित किया जाता है
    • पंजाब का मैदान (सिंधु नदी प्रणाली के कारण पश्चिमी भाग), गंगा का मैदान (मध्य भाग), और ब्रह्मपुत्र का मैदान (पूर्वी भाग)
    • जिनमें से पश्चिमी भाग सिंधु प्रणाली के प्रभाव से आकार लेता है।​
    • भू-विज्ञान और जलोढ़ जमा: प्रवाह संरचना और नदियों के जलोढ़ पंखों का संचय इस क्षेत्र की घाटियों, डेल्टा, और दल-दलमय क्षेत्रों के विकास के लिए उत्तरदायी है, जिसकी परिणति पश्चिमी भाग में स्थित प्रसिद्ध कृषि-उपजाऊ चिर-स्थलों के रूप में दिखती है।​
    • यदि चाहें, नीचे दी गई बिंदुओं के आधार पर एक संक्षिप्त तुलना तालिका भी बना सकता हूँ:
    • सिंधु प्रणाली से पश्चिमी उत्तरी मैदान का निर्माण: हाँ
    • गंगा प्रणाली का मध्य भाग पर प्रभाव: मध्य
    • ब्रह्मपुत्र प्रणाली का पूर्वी क्षेत्र पर प्रभाव: पूर्वी

18. सिंधु जल संधि 1960 के अनुसार, भारत नदी का कितना प्रतिशत पानी काम में ले सकता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 20
Solution:
  • सिंधु जल संधि 1960 के अनुसार, भारत सिंधु नदी तंत्र का 20 प्रतिशत पानी काम में ले सकता है।
  • हर प्रकार के असहमति और विवादों का निपटारा संधि के ढ़ाचे के भीतर प्रदत्त कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया गया है।
  • संधि का उद्देश्य और इतिहास
    • संधि के प्रमुख पक्षकार भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खان थे
    • विश्व बैंक ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है.​
  • किन नदियों का विभाजन शामिल है
    • संधि छह नदियों के जल को नियंत्रित करती है: सतलज, रावी, ब्यास, चेनाब, झेलम, सिंधु
    • जो पश्चिमी (एकीकृत जल-बंटवारा) और पूर्वी नदियों के रूप में विभाजित हैं.​
    • पूर्वी नदियाँ (सतलज, झेलम, रावी) भारत के अधीन हैं
    • पश्चिमी नदियाँ (ब्यास, चेनाब, सिंधु) पाकिस्तान को निर्धारित भाग मिलना माना जाता है
    • जबकि भारत कुछ जल-उपयोग के अधिकार रखता है.​
  •  (जल बंटवारा)
    • भारत को सिंधु नदी प्रणाली से कुल पानी का 20% उपयोग करने की अनुमति है
    • जबकि पाकिस्तान को शेष 80% पानी मिलता है.​
    • यह 1961 से प्रभावी है (संधि 1960 पर हस्ताक्षर के बाद 1961 से लागू).​
  • उपयोग के अधिकार
    • भारत के पास पश्चिमी नदियों से 20% पानी का उपयोग करने का अधिकार है
    • इसके साथ जलविद्युत परियोजनाओं, सिंचाई, आदि के लिए विकास की अनुमति भी शामिल है, बशर्ते निर्धारित बफर और नियम कायम रहें.​
    • भारत कुछ झेलम/चेनाब जैसी नदियों पर विशेष अधिकारों या ट्रिगर-शर्तों के माध्यम से नियंत्रण रख सकता है
    • कुल जल का वितरण 20/80 के अनुपात में है.​
  • विवाद और वर्तमान संदर्भ
    • समय के साथ जल-उपयोग के बारे में विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियाँ उभरती रहीं हैं
    • मूल संधि के 20% के फ्रेमवर्क पर सामान्यतः चर्चा बनी रहती है.​
    • कई स्रोत संधि के मूल बिंदु को स्पष्ट करते हैं
    • पूर्वी नदियाँ भारत के अंतर्गत, पश्चिमी नदियाँ पाकिस्तान के नियंत्रण में, और भारत को 20% जल-उपयोग का अधिकार.​
  • संदेह/अपडेट के लिए नोट
    • सिंधु जल संधि पर हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और जल-नीतियों के परिप्रेक्ष्य में मीडिया/सरकारी वक्तव्यों के अनुसार स्थिति में परिवर्तन के संकेत मिलते रहे हैं
    • नवीनतम विवरण के लिए आधिकारिक जल संसाधन मंत्रालय/सरकारी वक्तव्यों की पुष्टि आवश्यक है.​

19. निम्नलिखित में से कौन-सी गोदावरी नदी की सहायक नदी नहीं है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) माही
Solution:
  • माही नदी मध्य प्रदेश से निकलती है और राजस्थान में प्रवाहित होते हुए गुजरात में प्रवेश करती है
  • अरब सागर में मिल जाती है। माही नदी भारत की एकमात्र नदी है
  • जो कर्क रेखा को दो बार काटती है। यह गोदावरी नदी की सहायक नदी नहीं है।
  • गोदावरी नदी की सहायक नदी नहीं माही है।
    • गोदावरी नदी के प्रमुख बायें किनारे (left-bank) और दायें किनारे (right-bank) की सहायक नदियाँ मिलाकर इसे विशाल त्रिराज-प्रवाह बनाती हैं
    • जिनमें प्रवर, मंजरा, मनेर, पूर्णा, प्रवरा, पेनगंगा, वर्धा, वैनगंगा, प्रणहिता (वेनगंगा+पेनगंगा+वर्धा का संयुक्त प्रवाह), इंद्रावती आदि शामिल हैं।
    • माही नदी गोदावरी तंत्र का हिस्सा नहीं है; यह उत्तर भारत के अधिक दक्षिण-पूर्व राज्यां से नहीं निकलती और गोदावरी की सहायक नदी नहीं मानी जाती है।​
    • दूसरी ओर, कुछ स्रोतों में गोदावरी की सहायक नदी के रूप में सूचीबद्ध नदियाँ जैसी कि मंजीरा, साबरी आदि Georgia-प्रवाहों के साथ जुड़ते हैं
    • लेकिन माही इस सूची में नहीं आती।​
    • इसलिए अगर विकल्प में माही है, तो वह गोदावरी नदी की सहायक नदी नहीं मानी जाती है
    • अन्य सामान्यतः मान्य सहायक नदियाँ जैसे प्रवरा, पूर्णा, मंजरा, पेनगंगा, वर्धा, वैनगंगा, इंद्रावती, मनेर, साबरी आदि गोदावरी के साथ जुड़ी सहायक नदियाँ हैं।​
    • नोट: गोदावरी नदी प्रणालियों के बारे में स्रोतों के अनुसार सूची थोड़ा भिन्न दिखती है
    • माही गोदावरी की सहायक नदी नहीं मानी जाती है।

20. ....... नदी, गोदावरी नदी की एक सहायक नदी है। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) इंद्रावती
Solution:
  • इंद्रावती नदी, गोदावरी नदी की सहायक नदी है। यह नदी छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा ओडिशा में प्रवाहित होती है।
  • बनास नदी चंबल की सहायक नदी है। चंबल नदी यमुना की सहायक नदी है। तवा नदी नर्मदा नदी की सहायक नदी है।
  • मुख्य बिंदु
    • सहायक नदियाँ (बाएं किनारे): प्रमुख बाएं किनारे की सहायक नदियों में पर्णहित, प्रवरा, मंजीरा, वैनगंगा, पेनगंगा, वर्धा और प्राणहिता (इनका संयुक्त प्रवाह और दूरी मिलती है) शामिल हैं।
    • इनमें से प्रकाश में आती हैं कि प्राणहिता सबसे महत्त्वपूर्ण सहायक नदी मानी जाती है
    • इनका जलग्रहण क्षेत्र गोदावरी बेसिन के हिस्से को कवर करता है.​
    • सहायक नदियाँ (दाएं किनारे): कुछ प्रमुख दाएं किनारे की सहायक नदियाँ Wardha, Erai, Madu, Bembla, Penganga आदि हैं
    • Wardha नदी के ऊपर (Upper Wardha Dam) जैसी संरचनाओं के कारण Amravati क्षेत्र हेतु महत्त्वपूर्ण है.​
    • प्रमुख उप-बेसिन और शाखाएँ: गोदावरी बेसिन में Wainganga नदी का प्रख्यात योगदान रहता है
    • Wainganga और Wardha का मिलन Pranhita के रूप में गोदावरी में समाहित होता है।
    • Pranhita, Wainganga-समूह के साथ, गोदावरी की सबसे बड़ी सहायक नदियों में गिनी जाती है.​
    • दाल्देल (डेल्टा) और ब्रांचिंग: गोदावरी डेल्टा आंध्र प्रदेश में लाबी-सी प्रवण है
    • गोदावरी दो मुख्य शाखाओं में बंटी जाती है — Gautami और Vasishta — और इनके बीच स्थित क्षेत्र को Godavari Central Delta कहा जाता है।
    • Gautami शाखा Yanam enclave से समुद्र में जाती है (Yanam, Puducherry UT के अंतर्गत).​
    • जलवर्ष/आंकड़े: गोदावरी नदी의 कुल जलप्रवाह और उप-नदियों के क्षेत्रीय योगदान समय-समय पर बदलाव दिखाते हैं
    • Sabari और Indravathi जैसे आख़िरी बड़े सहायक नदीें नदी में शामिल होती हैं
    • ऊपरी भाग में Rajahmundry से कुछ दूरी पर मिलती है।
    • गोदावरी बेसिन में करीब 34.87% जलग्रहण क्षेत्र कवर करती है
  • ऐसें पढ़ें/समझें
    • भूगोलिक संदर्भ: उपमहाद्वीप के दक्षिणी हिस्से में स्थित यह नदी प्रणालियाँ प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी प्रणालियों में से एक हैं
    • जिसकी शाखाओं और उप-बेसिनों के कारण क्षेत्रीय जल संसाधन, कृषि、水-प्रणालियाँ और ऊर्जा परियोजनाएं प्रभावित होती हैं.​
    • धार्मिक/सांस्कृतिक महत्त्व: गोदावरी को दक्षिण की गंगा माना जाता है
    • इसके तटों पर अनेक तीर्थस्थल और धार्मिक आयोजन होते हैं
    • नदी का क्षेत्रीय समाज-जीवन और आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा योगदान है.​