अपवाह तंत्र (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 38

31. कौन-सी नदी घाटी (Basin) कर्नाटक राज्य की पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला से निकलती है और जिसकी नोय्यल, काबिनी, अर्कावती और अमरावती जैसी कई सहायक नदियां हैं? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) कावेरी
Solution:
  • कावेरी नदी कर्नाटक के कोडागू जिले में ब्रह्मगिरि की पहाड़ी के तालकावेरी से निकलती है।
  • यह पूमपुहार के निकट बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।
  • नोय्यल, काबिनी अर्कावती अमरावती आदि इसकी सहायक नदियां हैं।
  • विस्तृत विवरण
    • बेसिन की पहचान: कावेरी नदी बेसिन दक्षिण-पश्चिम भारत की एक प्रमुख नदी प्रणालियों में से है।
    • यह बेसिन कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों को प्रभावित करता है
    • इसके भीतर कई बड़ी सहायक नदियाँ पूर्वी और दक्षिणी दिशा में बहती हैं।​
    • उद्गम क्षेत्र: कावेरी पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरी/ब्रहगिरि श्रृंखला से निकलती है
    • जो कर्नाटक के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित है। इसी क्षेत्र से अनेक सहायक नदियाँ जुड़ती हैं, जैसे अर्कावती, हेमवती, शिमशा आदि।​
    • प्रमुख सहायक नदियाँ: कावेरीbasin केleft बैंक: अर्कावती, हेमवती, शिमशा, भवानी आदि; दाएं बैंक: नोय्याल, अमरावती, काबिनी, लक्ष्मण तीर्थ आदि।
    • ये सभी कावेरी नदी के जलग्रहन और डेल्टा क्षेत्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।​
    • भूगोलिक क्षेत्र और प्रभाव: कावेरी basin दक्षिण भारत के तीर्थ-जलाशयों और बांधों के साथ-साथ कृषि-उद्योगों के लिए एक प्रमुख जल स्रोत है
    • जिससे संबंधित ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र पश्चिमी घाट की नदियों के रूप में पहचाने जाते हैं।​
  • ध्यान देने लायक बिंदु
    • कर्नाटक की पश्चिमी घाट से निकलने वाली कई सवाल जवाबों में “कावेरी” ही सही उत्तर माना जाता है
    • क्योंकि यही basin नोय्याल, काबिनी, अर्कावती, अमरावती जैसी नदियों को समाहित करता है। कई स्रोत इसी को सही बताते हैं।​
    • कुछ संदर्भों में अलग-अलग नदी बेसिनों का उल्लेख मिलता है
    • परंतु आपके प्रश्न के अनुरूप समस्त सहायक नदियाँ कावेरी बेसिन का हिस्सा मानी जाती हैं।​

32. कौन-सी नदी बेसिन उत्तरी दिशा में कृष्णा बेसिन के तुंगभद्रा उप-बेसिन और दक्षिणी दिशा में पालार उप-बेसिन से घिरी हुई है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 3 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) कावेरी बेसिन
Solution:
  • कावेरी नदी बेसिन उत्तरी दिशा में कृष्णा बेसिन के तुंगभद्रा उप-बेसिन और दक्षिणी दिशा में पालार उप-बेसिन से घिरी हुई है।
  • प्राचीन तमिल साहित्य में कावेरी नदी को पोन्नी भी कहा जाता था।
  • लोकप्रियता की दृष्टि से 'दक्षिण की गंगा' कावेरी को कहा जाता है।
  • अधिकांश आयोगों द्वारा 'दक्षिण की गंगा' कावेरी को माना गया है
  • लेकिन एनसीईआरटी के अनुसार, 'दक्षिण गंगा' शब्दावली का प्रयोग गोदावरी के लिए हुआ है।
  • विस्तृत विवरण
    • भूगोलिक पृष्ठभूमि: कृष्णा बेसिन उत्तरी हिस्से में तुंगभद्रा उप-बेसिन से घिरता है
    • जबकि दक्षिणी दिशा में पालार उप-बेसिन स्थित है। इन दोनों उप-बेसिनों के बीच स्थित भूभाग कावेरी बेसिन को घेरे रहता है
    • जो नदियों के प्रवाह और जलविभाजन के आधार पर एक प्रमुख केंद्र बनती है।​
    • तुंगभद्रा उप-बेसिन: कृष्णा बेसिन की एक प्रमुख सहायक नदी तुंगभद्रा से बना उप-बेसिन है
    • जो मुख्यतः कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश से होकर बहती है। यह क्षेत्र कृष्णा बेसिन के उत्तरी भाग का हिस्सा है।​
    • पालार उप-बेसिन: पालार नदी दक्षिणी भाग में स्थित उप-बेसिन है
    • यह कावेरी बेसिन के दक्षिणी सीमा के पास माना जाता है।​
    • कावेरी बेसिन का स्थान: कावेरी बेसिन इन दोनों उप-बेसिनों के बीच भूगोलिक रूप से स्थित है
    • उत्तर में तुंगभद्रा उप-बेसिन से, दक्षिण में पालार उप-बेसिन से घिरा मानता है।
    • इसी कारण इसे इन दो उप-बेसिनों के बीच की संरचना के रूप में समझा जाता है।​
  • नोट्स
    • यह विवरण UPSC/गणितीय भूगोल-सम्बन्धी संदर्भों में पूछे जाने वाले प्रश्न के अनुरूप है
    • जिसमें उत्तर के रूप में कावेरी बेसिन माना गया है।​
    • अन्य स्रोत भी कृष्णा बेसिन के तुंगभद्रा उप-बेसिन और पालार उप-बेसिन के स्थानों की पुष्टि करते हैं
    • कावेरी बेसिन को इनके बीच संरचना के रूप में चित्रित करते हैं।​
  • यदि चाहें, इस पर मैं एक स्पष्ट भूगोलिक नक्शा-आधारित तुलना तालिका बना सकता हूँ जिसमें:
    • बेसिन/उप-बेसिन के नाम
    • संबंधित राज्यों/क्षेत्र
    • बहाव दिशाएं और सीमा

33. निम्नलिखित में से किस नदी को 'दक्षिण गंगा' के नाम से भी जाना जाता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर 2023 (1-पाली), 3 दिसंबर, 2023 (1-पाली)]

Correct Answer: (d) गोदावरी नदी
Solution:
  • कावेरी नदी बेसिन उत्तरी दिशा में कृष्णा बेसिन के तुंगभद्रा उप-बेसिन और दक्षिणी दिशा में पालार उप-बेसिन से घिरी हुई है।
  • प्राचीन तमिल साहित्य में कावेरी नदी को पोन्नी भी कहा जाता था।
  • लोकप्रियता की दृष्टि से 'दक्षिण की गंगा' कावेरी को कहा जाता है।
  • अधिकांश आयोगों द्वारा 'दक्षिण की गंगा' कावेरी को माना गया है
  • लेकिन एनसीईआरटी के अनुसार, 'दक्षिण गंगा' शब्दावली का प्रयोग गोदावरी के लिए हुआ है।
  • पूरा विवरण
    • परिचय: दक्षिण भारत की प्रमुख नदी गोदावरी को अक्सर “दक्षिण गंगा” कहा जाता है।
    • यह दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी मानी जाती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।​
    • नदी का उद्गम और मार्ग: गोदावरी की उत्पत्ति महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर के पास त्रयंबक पहाड़ी से होती है
    • पश्चिमी घाट से निकलती है, फिर कर्नाटक-तेलंगाना-आंध्र प्रदेश से होते हुए पूर्व दिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है।​
    • क्षेत्रीय महत्त्व: गोदावरी बेसिन में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश के कुछ भाग और केंद्रशासित प्रदेश पुड्डुचेरी शामिल हैं
    • यह नदी कृषि-जल आपूर्ति और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।​
    • वैकल्पिक नामों के भ्रम: कुछ स्रोतों में गोदावरी को दक्षिण गंगा कहा जाता है
    • जबकि अन्य जगहों पर कावेरी को दक्षिण भारत की गंगा कहा जाता है
    • इस कारण स्पष्टता के लिए संदर्भ से सीधे उद्धरण देखना जरूरी है।​
    • तुलना: गोदावरी और कृष्णा के बाद दक्षिण भारत में यह तीसरी सबसे बड़ी नदी के रूप में भी जानी जाती है
    • जबकि कावेरी को अक्सर दक्षिण भारत की गंगा कहा जाता है। यह भ्रम दिखाता है
    • दक्षिण भारत की “गंगा” उपाधि एक क्षेत्रीय पहचान पर निर्भर है
    • नदी के बहाव/आयतन के साथ जुड़ी ऐतिहासिक/सांस्कृतिक धारणाओं पर निर्भर करती है।​
  • ध्यान दें
    • यदि आप किसी विशिष्ट शहर/राज्य के हिसाब से “दक्षिण गंगा” की परिभाषा चाहते हैं
    • तो कृपया बताएं ताकि स्रोत-आधारित सटीक उद्धरण सहित स्पष्ट तुलना दी जा सके।​
  • उद्धरण
    • गोदावरी को दक्षिण गंगा कहा जाता है; दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी होने का उल्लेख।​
    • गोदावरी की उत्पत्ति और पूर्वी दिशा में बहना; दक्षिण भारत की प्रमुख नदी होने का विवरण।

34. भारत की कौन-सी नदी बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 16 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) गोदावरी
Solution:
  • महानदी, गोदावरी, कृष्णा एवं कावेरी नदियां पश्चिम से पूर्वाभिमुख बहने वाली और बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली प्रमुख नदियां हैं।
  • पूर्ण विवरण
    • मुख्य तथ्य: गोदावरी नदी पूर्वी भारत की प्रमुख नदी है जिसका उद्गम त्रयंबकेश्वर (नासिक, महाराष्ट्र) के पास महाराष्ट्र में है
    • वह विशाल भौगोलिक क्षेत्र से होकर बहती है।
    • लंबा प्रवाह मार्ग उसे आंध्र प्रदेश, Telangana, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से गुजरते हुए अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरता है.​
    • जल निकासी क्षेत्र और मार्ग: गोदावरी पश्चिम से पूर्व की दिशा में बहते हुए नासिक के पास त्रयंबकेश्वर से शुरू होकर पूर्वी घाट को पार करती है
    • फिर पूर्व की ओर बहकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के क्षेत्रों में जल-संचयन और वितरण करती है
    • अंत में बंगाल की खाड़ी में गिरती है.​
    • अन्य प्रमुख नदियाँ बनाम बंगाल की खाड़ी: कई भारतीय नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं
    • तुलनात्मक रूप से गोदावरी वही नदी मानी जाती है जो बंगाल की खाड़ी में गिरती है
    • यह दक्षिण-पूर्व भारत की सबसे बड़ी नदियों में से एक है; वहीं नर्मदा, तप्ती/ताप्ती आदि पश्चिम की ओर बहती हैं
    • अरब सागर या खंभात की खाड़ी से मिलती हैं, न कि बंगाल की खाड़ी में.​
    • गलतियाँ/कई स्रोतों में भ्रम: कुछ स्रोत समझा सकते हैं कि नर्मदा या अन्य नदियाँ बंगाल की खाड़ी भी पहुंचती हैं
    • लेकिन भूगोलिक प्रवाह-निर्देशन के लिहाज़ से प्रमुख और स्पष्ट रूप से बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदी गोदावरी ही है
    • अन्य नदियाँ संभवतः अरब सागर के जल-स्रोतों में प्रवेश करती हैं.​
  • यदि चाहें, यह जानकारी नीचे दिए बिंदुओं में और विस्तृत रूप से समझाई जा सकती है:
    • गोदावरी का उद्गम, मार्ग, और किन-किन राज्यों से होकर गुजरना
    • बंगाल की खाड़ी की भूगולוגिकल स्थिति और नदी-मैप
    • गोदावरी के अलावा अन्य प्रमुख नदियाँ कहाँ गिरती हैं और कौन-सी सागर/खाड़ी से मिलती हैं

35. निम्न में से कौन-सी भारतीय प्रायद्वीप की तीसरी सबसे बड़ी और ओडिशा राज्य की सबसे बड़ी नदी है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) महानदी
Solution:
  • महानदी नदी भारत की एक प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले के सिहावा से होता है।
  • यह छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
  • यह प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी सबसे बड़ी तथा ओडिशा की सबसे बड़ी नदी है।
  • विस्तृत विवरण:
    • परिभाषा और रचना: महानदी पूर्वी मध्य भारत की प्रमुख नदी है जो मुख्यतः ओडिशा राज्य से होकर गुजरती है।
    • इसका जलवर्षण क्षेत्र अनुमानतः विशाल है और नदी तंत्र में सियोनाथ, हसदेव, मांड आदि सहायक नदियाँ जुड़ी होती हैं।
    • यह गोदावरी और कृष्णा के बाद प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी सबसे बड़ी नदी मानी जाती है.​
    • ओडिशा में भूमिका: ओडिशा की सबसे बड़ी नदी के रूप में यह राज्य की कृषि, उद्योग और नागरिक जल जरूरतों का बड़ा भाग पूरा करती है।
    • हीराकुंड बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से जल संचयन और विद्युत उत्पादन भी इसका प्रमुख लाभ है.​
    • अन्य प्रासंगिक बिंदु: पंचकुल जलाशयों, बाढ़ नियंत्रण और नदी-आधारित सामाजिक-आर्थिक तंत्र में महानदी का महत्त्व है।
    • इसे कई स्रोतों में प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी विशाल नदी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.​
  • तथ्यों के स्रोत (उद्धरण):
    • महानदीओडिशा की सबसे बड़ी नदी और प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी बड़ी नदी है, गोदावरी- कृष्णा के बाद.​
    • ओडिशा के लिए जल-आर्थिक महत्त्व, और हीराकुंड जैसी बांधों के कारण नदी प्रणाली की भूमिका.​
    • प्रायद्वीपीय भारत की अन्य बड़ी नदियाँ—गोदावरी, कृष्णा—की स्थिति के साथ तुलना में महानदी तीसरे स्थान पर आते हैं.​

36. महानदी का उद्गम.................. की उच्चभूमि से होता है। [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) छत्तीसगढ़
Solution:
  • महानदी नदी भारत की एक प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले के सिहावा से होता है।
  • यह छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
  • यह प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी सबसे बड़ी तथा ओडिशा की सबसे बड़ी नदी है।
  • महानदी का उद्गम और शुरूआती मार्ग
    • उद्गम स्थल: सिहावा पर्वत श्रेणी, धमतरी जिले, छत्तीसगढ़. यह स्थल रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर माना जाता है.​
    • प्रारम्भिक दिशा: उत्तर से दक्षिण-पूर्व की ओर बहते हुए महानदी अपना पहला प्रवाह बना कर मैदान में प्रवेश करती है.​
  • महानदी का प्रवाह और जलवृत्तियाँ
    • प्रमुख मार्ग: छत्तीसगढ़ के सिहावा क्षेत्र से निकलकर पहले क्षेत्रीय नदियों के साथ मिलती है
    • फिर ओडिशा की ओर बढ़ती है और अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती है.​
    • सहायक नदियाँ: नदी के मार्ग में श्योनाथ, जोंक, हसदेव, मंड आदि सहायक नदियाँ उसके जलविंदु को बढ़ाती हैं.​
  • उद्गम के बारे में कुछ सामान्य तथ्य
    • अक्सर छत्तीसगढ़ की उच्चभूमि से निकलने वाली यह नदी मध्य भारत के मैदानों में प्रवेश करती है
    • ओडिशा से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है.​
    • हरितोद्धार और जल-शमन परियोजनाओं के संदर्भ में महानदी पर हीराकुंड बांध प्रमुख उदाहरण है
    • जो इसकी बहाव और उपयोग को निर्धारित करता है.​
  • इन बिंदुओं को मिलाकर समझे तो:
    • उद्गम स्थान: सिहावा पर्वत, धमतरी, छत्तीसगढ़.​
    • उद्गम से प्रवाह का दिशा-निर्देश: उत्तर-पूर्व की दिशा में शुरू होकर मैदान की ओर बढ़ना.​
    • प्रमुख मार्ग: छत्तीसगढ़ → ओडिशा → बंगाल की खाड़ी.​
  • ध्यान देने योग्य बिंदु
    • कुछ स्रोतों में महानदी का उद्गम रायपुर या धमतरी के सिहावा क्षेत्र के साथ जुड़ा माना गया है
    • क्षेत्रीय आर्काइव और भूगोल-संस्थानों के अनुसार यह स्थलों में थोड़ा भिन्न हो सकता है
    • सामान्यतः सिहावा पर्वत ही मान्य उद्गम माना जाता है.​
    • महानदी की लंबाई और बेसिन क्षेत्र के बारे में विभिन्न स्रोत विभिन्न संख्याएँ देते हैं
    • लेकिन उद्गम स्थल वही है और नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है.​

37. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सिहावा के निकट से निकलती है और ओडिशा से बहते हुए अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) महानदी
Solution:
  • महानदी नदी भारत की एक प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले के सिहावा से होता है।
  • यह छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है।
  • यह प्रायद्वीपीय भारत की तीसरी सबसे बड़ी तथा ओडिशा की सबसे बड़ी नदी है।
  • स्रोत और प्रवाह पथ
    •  यह नदी प्रवाह के पहले दक्षिण की ओर चलती है और फिर निकलकर ओडिशा के क्षेत्र में प्रवेश करती है
    • जहां से यह पूर्व की ओर, अंततः बंगाल की खाड़ी में मिलती है.​
    • सिहावा के पास से निकलने वाले इस प्रवाह के कारण इसे “छत्तीसगढ़ की गंगा” भी कहा जाता है
    • क्योंकि यह राज्य के भीतर और बाहर दोनों हिस्सों में बड़े जलप्रवाह के रूप में काम करती है.​
  • महत्व और особенताएं
    • महानदी का प्रवाह क्षेत्र और वितरण छत्तीसगढ़-उड़ीसा सीमा पर बना है
    • बंगाल की खाड़ी में उसका विलय हो जाता है, जिससे यह ओडिशा-छत्तीसगढ़ के संयुक्त जलजीवन तंत्र का अहम हिस्साबन जाता है.​
    • इस नदी के ऊपर कई बांध और जलस्रोत बने हैं (जैसे हीराकुंड/अन्य परियोजनाएं उसके महत्त्व को दर्शाती हैं)
    • जो क्षेत्रीय कृषि, पेयजल और ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देते हैं.​
  • नाम और वैकल्पिक उल्लेख
    • महानदी के कई पर्यायवाची नाम ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संदर्भ में मिलते हैं
    • (जैसे कनकनंदिनी, चित्रपाल, महाश्वेता, नीलोत्पला आदि), पर व्यवहार में प्रमुख पहचान महानदी के नाम से ही बनती है.​
  • सारणी में तेज तुलना (संक्षेप)
    • स्रोत: सिहावा पर्वत, धमतरी
    • मार्ग: दक्षिण → उत्तर (शुरुआत में), फिर पश्चिम-पूर्व प्रवाह
    • पर्यटन/उपयोग: कृषि irrigation, ऊर्जा, पेयजल
    • अंतिम मुक्ति: बंगाल की खाड़ी (ओडिशा के तटीय क्षेत्र में)
    • वैचारिक नाम: महानदी (अन्य नाम: कनकनंदिनी, चित्रपाल, महाश्वेता, नीलोत्पला)
  • उच्चस्तरीय संदर्भ
    • यह कहानी बताती है कि छत्तीसगढ़-उड़ीसा के बीच प्रमुख नदी कौन-सी है
    • जो सिहावा से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, और यही उत्तर है: महानदी.​
    • स्थानीय GK स्रोतों में भी महानदी को धमतरी- सिहावा से जोड़ा गया है
    • यह ओडिशा-गंभीर जलप्रवाह के रूप में वर्णित है.​

38. नदियों का कौन-सा समूह प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र का भाग है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) महानदी और गोदावरी
Solution:
  • महानदी तथा गोदावरी प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र का भाग हैं।
  • महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा नामक स्थान से होता है
  • जबकि गोदावरी नदी का उद्गम महाराष्ट्र में नासिक के निकट त्र्यंबकेश्वर से निकलती है। ये दोनों नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
  • उत्पत्ति और भू-विज्ञानीय पृष्ठभूमि
    • प्रायद्वीपीय भारत का भू-तट पश्चिम से पूर्व की ओर बहने वाले प्रमुख नदियों के साथ गंगा-बंगाल की खाड़ी जैसे बड़े जल-समुदायों से अलग जल-निकासी दर्शाती हैं।
    • इस भाग में गहराई से जल का प्रवाह और नदी घाटियों की संरचना (V-आकार बनाम खुली V-आकार) दिखती है
    • [web स्रोतों के अनुसार, प्रायद्वीपीय भूगोल में नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं
    • अरब सागर में गिरने वाली कुछ नदियाँ समानांतर प्रतिरूप बनाती हैं] ।​
  • प्रमुख नदियाँ और उनके तंत्र
    • गोदावरी तंत्र: सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली मानी जाती है; महाराष्ट्र के नासिक से निकलकर बंगाल की खाड़ी में विसर्जन करती है।
    • इसकी सहायक नदियाँ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरती हैं।
    • इसे अक्सर दक्षिण गंगा कहा जाता है क्योंकि इसका विशाल जल-स्तर और डेल्टा बनना गंगा-यमुना तंत्र से संकेत मिलते हैं ।​
    • कृष्णा-कावेरी और अन्य प्रमुख प्रणालियाँ: प्रायद्वीपीय नदियाँ सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं
    • कई बार रामायण-सी रेखाओं के समान जल-स्तर बनते हैं; कुछ नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं
    • कुछ बंगाल की खाड़ी में। कृष्णा और कावेरी जैसे तंत्र इन भू-तट से संबद्ध हैं ।​
  • जल-गृह और प्रवाह-विधि
    • प्रायद्वीपीय नदियाँ आम तौर पर वृद्ध अवस्था के होते हैं
    • तेजी से कटाव के बजाय नदी घाटियों को चौड़ा-उथला बनाती है
    • जिससे इनका जल प्रवाह तुलनात्मक ढंग से मंद रहता है। अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ अक्सर डेल्टा-समेत स्पष्ट प्रकार के जल-प्रवाह बनाती हैं
    • जबकि गोदावरी जैसे तंत्र बंगाल की खाड़ी की ओर विसर्जित होते हैं।
    • यह भू-आकृतिक संरचना प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र की विशिष्ट पहचान है ।​
  • तुलनात्मक सार
    • हिमालयी: युवा अवस्था, ऊँचे ढाल, बारहमासी नदियाँ, गंगा-यमुना- ब्रह्मपुत्र आदि की प्रणाली प्रमुख।
    • ये बंगाल की खाड़ी वाले जल-समुदाय से जुड़ती हैं और ऊँचे हिमानी पिघलाव पर निर्भर होती हैं।
    • प्रायद्वीपीय: आर्द्र-स्थिर जल-निष्कासन, पुरानी अवस्था, पश्चिमी घाट/अरावली के जल-बंध से जल एक-चैनल से पूर्व की ओर बहता है
    • अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में गिरता है, गोदावरी जैसी विशाल प्रणाली इसे परिभाषित करती है ।​
  • महत्वपूर्ण उद्धरण और स्रोत संकेत
    • प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र की प्रमुख नदियाँ: गोदावरी, महानदी, कृष्णा-कावेरी इत्यादि; गोदावरी सबसे बड़ी प्रमुख प्रणाली के रूप में वर्णित है ।​
    • गोदावरी के जल-निर्वहन का बंगाल की खाड़ी में होना और प्रायद्वीपीय भू-रचना के अनुसार नदियाँ पश्चिम से पूर्व तक बहना सामान्य प्रवृत्ति है ।​
    • अन्य मॉड्यूलों और नोट्स के अनुसार भी गोदावरी, महानदी आदि प्रायद्वीपीय तंत्र के केंद्रीय भाग माने जाते हैं ।​​
  • संकेतित स्पष्टिकरण
    • सवाल का शीर्षक-ध्यान: “नदियों का समूह प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र का भाग है?” के लिए उत्तर में प्रमुख समूह वे नदियाँ हैं
    • जो प्रायद्वीपीय भारत की जल-निकासी तंत्र के अंतर्गत आती हैं; इनमें गोदावरी-तंत्र सबसे बड़ा और प्रमुख उदाहरण है
    • साथ ही कृष्णा-कावेरी और महानदी आदि भी शामिल हैं ।​
    • सामान्य पाठ्यपुस्तक-प्रस्तुति के अनुसार प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र का मानक संकलन: गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी, ताप्ती-नर्मदा आदि, जिनका जल अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में गिरता है
    • भू-आकृतिक कारणों से पश्चिम से पूर्व की ओर बहना सामान्य प्रवृत्ति है ।​