Solution:मुद्रास्फीति अंतराल (Inflationary Gap) एक व्यापक आर्थिक स्थिति है, जो तब उत्पन्न होती है जब किसी देश की कुल मांग पूर्ण रोजगार के स्तर पर उसकी संभावित उत्पादन क्षमता से अधिक हो जाती है। यह मांग की अधिकता वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को बढ़ाती है, जिससे महंगाई (मुद्रास्फीति) बढ़ती है।
• मुद्रास्फीति कर का तात्पर्य बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रा की क्रय शक्ति में होने वाली कमी से है।
• मुद्रास्फीति स्पायरल या मजदूरी-मूल्य सर्पिल एक ऐसा आर्थिक दुष्चक्र है, जहाँ बढ़ती कीमतें कामगारों को अधिक वेतन (Wage) मांगने के लिए प्रेरित करती हैं।
• अपस्फीति अंतराल वह आर्थिक स्थिति है जब किसी अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोजगार स्तर पर समग्र मांग पूर्ण उत्पादन क्षमता से कम हो जाती है।