Solution:भारत में वित्तीय सहायता और साख (Credit) का नियंत्रण मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है। RBI देश का केंद्रीय बैंक है, जो मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के माध्यम से मुद्रा आपूर्ति और ऋण प्रवाह को नियंत्रित करता है।
यह रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, बैंक दर, नकद आरक्षित अनुपात (CRR) और वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) जैसे उपकरणों का उपयोग करता है। जब RBI रेपो दर बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए ऋण महंगा हो जाता है, जिससे साख कम होती है; और दर घटाने पर ऋण सस्ता होकर साख बढ़ती है।
इस प्रकार RBI का मुख्य उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना, महंगाई को नियंत्रित करना तथा वित्तीय प्रणाली में संतुलन और स्थिरता सुनिश्चित करना है।