Solution:पाँचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) के दौरान 15 जिलों को कवर करते हुए पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसने उत्तर प्रदेश के सभी पहाड़ी जिलें (वर्तमान उत्तराखंड), असम के मिकिर हिल और उत्तरी कछार पहाड़ियों, पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला और तमिलनाडु के नीलगिरी जिले को संकलित किया।
भारत की पंचवर्षीय योजनाएं:
• प्रथम योजना (1951-1956): मुख्य जोर कृषि क्षेत्र पर था, जिसमें भाखड़ा नांगल और हीराकुंड बांध परियोजनाएं शामिल थीं।
• दूसरी योजना (1956-1961): औद्योगिक विकास और भारी उद्योगों (जैसे भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर स्टील प्लांट) पर जोर।
• तीसरी योजना (1961-1966): 'स्वतंत्र अर्थव्यवस्था' का लक्ष्य, कृषि और गेहूं के उत्पादन में सुधार पर ध्यान।
योजना अवकाश (1966-1969): सूखा और युद्ध के कारण तीन वार्षिक योजनाएं।
• चौथी योजना (1969-1974): स्थिरता के साथ विकास और आत्मनिर्भरता।
• पांचवीं योजना (1974-1978): गरीबी उन्मूलन ('गरीबी हटाओ') और आत्मनिर्भरता पर जोर।
अनवरत योजना/रोलिंग प्लान (1978-1980): जनता पार्टी सरकार द्वारा लागू।
• छठी योजना (1980-1985): बुनियादी ढांचे और गरीबी में कमी।
• सातवीं योजना (1985-1990): रोजगार सृजन और तकनीकी विकास।
वार्षिक योजनाएं (1990-1992): आर्थिक अस्थिरता के कारण।
• आठवीं योजना (1992-1997): मानव संसाधन विकास, उदारीकरण के बाद की योजना।
• नौवीं योजना (1997-2002): समानता और सामाजिक न्याय के साथ विकास।
• दसवीं योजना (2002-2007): गरीबी दर कम करने और साक्षरता दर बढ़ाने का लक्ष्य।
• ग्यारहवीं योजना (2007-2012): तेज और अधिक समावेशी विकास।
• बारहवीं योजना (2012-2017): 'तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास' का लक्ष्य।