इस ऐतिहासिक बदलाव से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी:
• LPG मॉडल: इन सुधारों को उदारीकरण (Liberalization), निजीकरण (Privatization) और वैश्वीकरण (Globalization) के नाम से जाना जाता है।
• प्रमुख व्यक्तित्व: उस समय पी.वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे और डॉ. मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे।
• उद्देश्य: भारत को उस समय के गंभीर भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट से बाहर निकालना और अर्थव्यवस्था को दुनिया के लिए खोलना।
• नई औद्योगिक नीति: 24 जुलाई 1991 को नई औद्योगिक नीति की घोषणा की गई, जिसने 'लाइसेंस राज' को काफी हद तक समाप्त कर दिया।