कला एवं संस्कृति (आधुनिक भारत का इतिहास) (Part-2)

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित नृत्यों में से किस एक में एकल नृत्य होता है? [I.A.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (c) मोहिनीअट्टम
Solution:प्रश्नगत नृत्यों में मोहिनीअट्टम में विशिष्ट रूप से एकल प्रस्तुति वाला नृत्य होता है। यह मूलतः केरल के मंदिरों में देवदासियों द्वारा एकल नृत्य के रूप में (भगवान विष्णु के 'मोहिनी' रूप के अनुकरण में) किया जाता था, तथापि यह अब समूह नृत्य के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है।

12. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए- [I.A.S. (Pre) 2014]

सूची-I सूची-II 
1. गरबागुजरात
2. मोहिनीअट्टमओडिशा
3. यक्षगानकर्नाटक

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

Correct Answer: (c) केवल 1 और 3
Solution:गरबा गुजरात राज्य का प्रमुख लोक नृत्य है। मोहिनीअट्टम केरल राज्य में किया जाने वाला नृत्य है, जिसे संगीत नाटक अकादमी द्वारा भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में सम्मिलित किया गया है। यक्षगान कर्नाटक राज्य का नृत्य है जिसमें संगीत, संवाद, नृत्य आदि का मिश्रण रहता है। अतः दूसरे युग्म का मिलान सही न होने के कारण विकल्प (c) सही उत्तर है।

13. कुचिपुड़ी तथा भरतनाट्यम नृत्यों के बीच क्या भेद है? [I.A.S (Pre) 2012]

1. कुचिपुड़ी नृत्य में नर्तक प्रासंगिक रूप से कथोपकथन का प्रयोग करते हैं, जबकि भरतनाट्यम में कथोपकथन का प्रयोग नहीं किया जाता।

2. पीतल की तश्तरी की धार पर पाद रख नृत्य करने की परंपरा भरतनाट्यम की विशिष्टता है, जबकि कुचिपुड़ी नृत्य में इस प्रकार की क्रियाओं का कोई स्थान नहीं है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है / हैं?

Correct Answer: (a) केवल 1
Solution:कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है, जिसमें नर्तक नृत्य करते समय कथनों और उपकथनों का प्रासंगिक रूप से प्रयोग करते हैं, जबकि भरतनाट्यम तमिलनाडु का परंपरागत शास्त्रीय नृत्य है, जिसमें भावों को प्रमुख प्रधानता दी जाती है तथा कथनों और उपकथनों का प्रयोग इसमें नहीं किया जाता है। पीतल की तश्तरी की धार पर पाद रखकर नृत्य करने की परंपरा कुचिपुड़ी की विशेषता है, भरतनाट्यम की नहीं।

14. निम्न में से कौन-सा शास्त्रीय नृत्य अपने वर्तमान स्वरूप में मुगल परंपरा से प्रभावित है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) कथक
Solution:भक्ति आंदोलन के साथ लगभग 15वीं शताब्दी में कथक नृत्य का विकास हुआ। कालान्तर में मुगल दरबार से जुड़कर कथक नृत्य ने अपने शास्त्रीय स्वरूप को ग्रहण किया है।

15. सूची-I (कलाकार) को सूची-II (कला) से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए- [I.A.S. (Pre) 2002]

सूची-I (कलाकार)सूची-II (कला)
A. हिरेन भट्टाचार्य1. भरतनाट्यम नृत्य
B. मालिनी राजुरकर2. हिंदुस्तानी स्वर संगीत
C. प्रतिभा प्रह्लाद3. कुचिपुड़ी नृत्य
D. वेम्पति चिन्ना सत्यम4. कठपुतली कला

कूट :

ABCD
(a)4213
(b)3124
(c)4123
(d)3214
Correct Answer: (a)
Solution:सुमेलित क्रम इस प्रकार है-
सूची-I (कलाकार)सूची-II (कला)
हिरेन भट्टाचार्यकठपुतली कला
मालिनी राजुरकरहिंदुस्तानी स्वर संगीत
प्रतिभा प्रह्लादभरतनाट्यम नृत्य
वेम्पति चिन्ना सत्यमकुचिपुड़ी नृत्य

16. निम्न नृत्य शैलियों में से किसका उद्गम पूर्व भारत से है? [M.P.P.C.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (d) मणिपुरी
Solution:प्रश्नगत नृत्य शैलियों में मणिपुरी नृत्य, मणिपुर का नृत्य है, जिसका उद्गम पूर्वी (उत्तर-पूर्वी) भारत से है, शेष अन्य नृत्य दक्षिण भारत के हैं।

17. इन्द्राणी रहमान का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य कला शैली से है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]

Correct Answer: (e) उपरोक्त सभी
Solution:इन्द्राणी रहमान (1930-1999) भारतीय शास्त्रीय नृत्य की भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कत्थकली एवं ओडिसी नृत्य शैलियों से संबंधित थीं।

18. सुविख्यात ठुमरी गायिका गिरजा देवी का संबंध है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2002, U.P. P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (a) बनारस घराने से
Solution:सुविख्यात ठुमरी गायिका गिरजा देवी का संबंध बनारस घराने से था।

19. निम्नलिखित में से कौन-सा संगीत वाद्य इंडो-इस्लामिक उत्पत्ति का नहीं है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (c) सारंगी
Solution:तुर्क लोग अपने साथ रबाब और सारंगी जैसे कई वाद्य यंत्र तथा नई संगीत पद्धतियां और नियम भी लाए थे। वर्तमान सितार का आविष्कार खुसरो खां ने किया। तबले को लाने का श्रेय अमीर खुसरो को दिया जाता है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (d) को माना है, जो कि गलत है।

20. गंगूबाई हंगल, जिनकी मृत्यु चंद मास पूर्व हुई- [U.P.P.S.C. (GIC) 2010, U.P. P.C.S (Mains) 2008]

Correct Answer: (a) शास्त्रीय संगीत की गायिका थीं
Solution:गंगूबाई हंगल (1913-2009) भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध गायिका थीं। वे किराना घराने से संबंधित थीं। उन्हें ख्याल गायिकी में महारत हासिल थी।