Solution:सालबाई की संधि, जिसने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध को समाप्त किया, पर 17 मई 1782 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठों के बीच हस्ताक्षर किए गए।
• इसने एंग्लो-मराठा युद्ध को समाप्त कर दिया, अंग्रेजों और मराठों के बीच यथास्थिति बहाल कर दी गई और कंपनी द्वारा साल्सेट और भरोंच का नियंत्रण बरकरार रखा गया।
• मद्रास की संधि 4 अप्रैल 1769 को मैसूर के हैदर अली और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (लॉर्ड हैरी वेरेलस्ट) के बीच हुई एक महत्वपूर्ण संधि थी, जिसने प्रथम एंग्लो-मैसूर युद्ध (1767-69) का अंत किया। इस संधि ने हैदर अली की प्रमुखता को स्थापित किया और अंग्रेजों को अपनी अपमानजनक स्थिति स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
• मंगलौर की संधि (Treaty of Mangalore) 11 मार्च, 1784 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच हुई थी, जिसने द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (Second Anglo-Mysore War) का अंत किया और दोनों पक्षों द्वारा कब्जे में लिए गए क्षेत्रों को वापस करने तथा युद्धबंदियों को रिहा करने की शर्त रखी, जिससे दक्षिण भारत में अस्थायी शांति स्थापित हुई और टीपू सुल्तान ने एक भारतीय शासक के रूप में अंग्रेजों के बराबर बैठकर संधि की शर्तों पर बातचीत की।
• पेरिस की संधि (Treaty of Paris) कई संधियों को संदर्भित करती है, जिनमें सबसे प्रमुख 1783 की संधि है जिसने अमेरिकी क्रांति को समाप्त किया और संयुक्त राज्य अमेरिका को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी, तथा 1763 की संधि जिसने सात वर्षीय युद्ध (फ्रेंच और भारतीय युद्ध) को समाप्त किया और फ्रांस से कनाडा सहित बड़ी मात्रा में फ्रांसीसी क्षेत्र ब्रिटेन को हस्तांतरित कर दिए।