आधुनिक भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-II

Total Questions: 50

21. निम्नलिखित में से कौन प्रख्यात व्यक्ति बारदोली से संबंधित है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 30.12.2020 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) सरदार वल्लभभाई पटेल
Solution:

1928 में ब्रिटिश सरकार द्वारा गुजरात के बारदोली ज़िले में भू-राजस्व में 30% की वृद्धि करने के कारण वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में बारदोली के किसानों द्वारा एक राजस्व न देने संबंधी आंदोलन का आयोजन किया गया।
• इस आंदोलन में व्यापक रूप से महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन महिलाओं ने पटेल को 'सरदार' उपनाम दिया था।
• महात्मा गांधी ने 'यंग इंडिया' समाचार पत्र में अपने लेखन के माध्यम से आंदोलन को समर्थन दिया।

22. भारत के समुद्री मार्ग की पहली बार खोज ____ ने की थी। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 07.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) पुर्तगालियों ने
Solution:

वास्को डी गामा ने 1498 ई. में भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज की थी।
• 20 मई, 1498 को, लिस्बन, पुर्तगाल से अपनी यात्रा तय करने के दो साल बाद, वास्को डी गामा केरल के कोझीकोड (कालीकट) में भारत के पश्चिमी समुद्री तट पर पहुँचा।
• यह पहली घटना थी जब कोई यूरोपीय समुद्र के रास्ते भारत आया था।

23. भारत के खिलाफत आंदोलन के बारे में क्या सही है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा. 07.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) यह तुर्की सुल्तान के समर्थन में एक आंदोलन था
Solution:

भारत सहित विश्व के सभी मुसलमान तुर्की के सुल्तान को अपना आध्यात्मिक नेता (खलीफा) मानते थे।
• 1919 की शुरुआत में, ब्रिटिश सरकार को तुर्की के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय खिलाफत समिति का गठन किया गया था।
• प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की की हार के बाद, ब्रिटिश शासन द्वारा तुर्की साम्राज्य (ओटोमन साम्राज्य) को विभाजित करने के विरोध में अली बंधुओं (मोहम्मद अली और शौकत अली) के नेतृत्व में इसे शुरू किया गया था।

24. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चरमपंथी (extremist) नेता नहीं थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा , 07.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) सुरेंद्रनाथ बनर्जी
Solution:

सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने इंडियन नेशनल एसोसिएशन की स्थापना 1876 ई. में की, जो सबसे आरंभिक भारतीय राजनीतिक संगठनों में से एक था। कालांतर में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बन गए।
• वे भारतीय सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दूसरे भारतीय थे।
• वे राजनीतिक उदार आंदोलन, बैठकों, याचिकाओं एवं विधायी कार्रवाई के उदारवादी साधनों में विश्वास करते थे।

• भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के चरमपंथी या उग्रवादी (Extremist) नेता मुख्य रूप से 1905-1918 के दौरान सक्रिय थे, जो स्वशासन (स्वराज) के लिए नरमपंथियों की संवैधानिक विधियों के बजाय बहिष्कार, स्वदेशी और प्रत्यक्ष संघर्ष में विश्वास करते थे। प्रमुख नेताओं में लाल-बाल-पाल—लाला लाजपत राय (पंजाब), बाल गंगाधर तिलक (महाराष्ट्र) और बिपिन चंद्र पाल (बंगाल) के साथ अरविंद घोष शामिल थे।

25. 1942 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 21.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) महात्मा गाँधी
Solution:

8 अगस्त 1942 को बॉम्बे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में, मोहनदास करमचंद गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरूआत की ।
•  मार्च 1942 में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली ने ब्रिटिश सरकार की मसौदा घोषणा पर चर्चा करने के लिए युद्ध मंत्रिमंडल के एक सदस्य, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा
• मसौदे में यह प्रस्ताव था कि युद्ध के बाद भारत में स्वायत्त शासन (Dominian status) की स्थपाना कि जाएगी एवं ब्रिटिश शासन अधिनियम 1935 (The British Government Act of 1935) में भी कुछ बदलाव किया जायेगा।
• मसौदे के प्रस्ताव को कांग्रेस कार्यसमिति ने अस्वीकार्य कर दिया था।

26. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली केंद्रीय विधानसभा में स्मोक बम फेंके। वे किसका विरोध कर रहे थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 21.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) ट्रेड डिस्प्यूट बिल एंड पब्लिक सेफ्टी बिल (Trade Disputes Bill and Public Safety Bill)
Solution:

ट्रेड डिस्प्यूट बिल (1929) और पब्लिक सेफ्टी बिल (1928-29) ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय मज़दूर आंदोलनों और क्रांतिकारी गतिविधियों को कुचलने के लिए पेश किए गए दमनकारी कानून थे। इन बिलों ने हड़तालों को प्रतिबंधित किया और बिना मुकदमा संदिग्धों को हिरासत में लेने का अधिकार दिया, जिसके विरोध में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका था।
• इसका उद्देश्य किसी को मारना नहीं था, बल्कि लोगों को उनके आंदोलन और विचारधारा से परिचित कराने के लिए स्वयं को सबके सामने प्रतुत करना था।

• इंडियन काउंसिल एक्ट (भारतीय परिषद अधिनियम) ब्रिटिश संसद द्वारा 1861, 1892 और 1909 में पारित कानून थे, जिनका उद्देश्य भारतीय प्रशासन में सुधार और भारतीयों को प्रतिनिधित्व देना था। 1861 के एक्ट ने विभागीय प्रणाली (पोर्टफोलियो) शुरू की, 1892 ने परिषद का विस्तार किया, और 1909 (मार्ले-मिंटो सुधार) ने सांप्रदायिक निर्वाचन की नींव रखी, जो भारत के संवैधानिक विकास में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।

• साइमन कमीशन (1927) सर जॉन साइमन के नेतृत्व में गठित सात ब्रिटिश सांसदों का एक समूह था, जिसे भारत में 1919 के सुधारों की समीक्षा के लिए भेजा गया था। इसमें एक भी भारतीय सदस्य न होने के कारण इसे 'श्वेत कमीशन' कहा गया और पूरे देश में 'साइमन गो बैक' के नारों के साथ तीव्र विरोध हुआ।

• भारत सरकार अधिनियम मुख्य रूप से 1935 के अधिनियम को संदर्भित करते हैं, जो ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक ऐतिहासिक कानून था जिसने भारत के लिए एक संघीय ढांचा और प्रांतीय स्वायत्तता प्रदान की, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा हुआ और भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई।

27. राष्ट्रवाद के प्रचार के लिए समाचार पत्र 'अल हिलाल' का प्रकाशन किसने आरंभकिया? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 21.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) मौलाना अबुल कलाम आजाद
Solution:

अल-हिलाल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा आरंभ किया गया एक साप्ताहिक उर्दू भाषा का समाचार पत्र था।
• भारत में ब्रिटिश राज की आलोचना और भारतीय मुसलमानों को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने और उन्हें प्रोत्सहित करने में इस समाचार पत्र ने उल्लेखनीय कार्य किया था।
• अल-हिलाल 1912 से 1914 तक चला, जब तक की इसे प्रेस अधिनियम के तहत बंद नहीं कर दिया गया।

ब्रिटिश काल के प्रमुख समाचार पत्र:
• बंगाल गजट (1780): जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा, भारत का पहला समाचार पत्र।
• इंडिया गजट (1787): कोलकाता से प्रकाशित दूसरा अंग्रेजी अखबार।
• समाचार दर्पण (1818): भारत में पहला स्थानीय (बंगाली) भाषा का समाचार पत्र।
• बॉम्बे समाचार (1822): भारत का सबसे पुराना लगातार प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र।
• अमृत बाजार पत्रिका (1868): शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष द्वारा स्थापित राष्ट्रवादी अखबार।
• द हिंदू (1878): मद्रास से प्रकाशित महत्वपूर्ण अंग्रेजी दैनिक।
• केसरी और मराठा (1881): बाल गंगाधर तिलक द्वारा मराठी और अंग्रेजी में शुरू किए गए पत्र।
• लीडर (1909): मदन मोहन मालवीय द्वारा इलाहाबाद से स्थापित।

ब्रिटिश शासनकाल में प्रकाशित कुछ प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र इस प्रकार हैं:
• संवाद कौमुदी (1819): राजा राममोहन राय द्वारा बंगाली में प्रकाशित, जो सामाजिक सुधारों पर केंद्रित था।
• मिरात-उल-अकबर (1822): राजा राममोहन राय द्वारा फारसी भाषा में प्रकाशित पहला साप्ताहिक।
• बॉम्बे समाचार (1822): फरदुनजी मुराज़बान द्वारा स्थापित, यह भारत का सबसे पुराना चलने वाला स्थानीय समाचार पत्र है।
• रास्त गोफ्तार (1854): दादाभाई नौरोजी द्वारा गुजराती में प्रकाशित (सत्यवादी)।
• सोम प्रकाश (1858): ईश्वर चंद्र विद्यासागर द्वारा शुरू किया गया, जो एक महत्वपूर्ण बंगाली साप्ताहिक था।
• हिंदू पैट्रियट (1853): गिरीश चंद्र घोष द्वारा स्थापित, जो अंग्रेजी साप्ताहिक था।
• केसरी (1881): बाल गंगाधर तिलक द्वारा मराठी में (साप्ताहिक से दैनिक बना)।
• यंग इंडिया (1919): महात्मा गांधी द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित, जो राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देता था।

28. निम्नलिखित में से किसने कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता नहीं की? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 22.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) डॉ. बीआर अम्बेडकर
Solution:

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता नहीं की थी।
• संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष होने के कारण उन्हें भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है।
• वह अनुसूचित जाति संघ से संविधान सभा में एकमात्र प्रतिनिधि थे।

अन्य महत्वपूर्ण नेता जिन्होंने कांग्रेस की अध्यक्षता नहीं की:
विपिन चंद्र पाल (Bipin Chandra Pal)
सर सैयद अहमद खान (Sir Syed Ahmad Khan)
वी. डी. सावरकर (V.D. Savarkar)
बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak)

29. क्लेमेंट एटली, जो बाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने ...... के सदस्य के रूप में भारत आए थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 22.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) साइमन कमीशन
Solution:

भारतीय सांविधिक आयोग, जिसे साइमन कमीशन के नाम से भी जाना जाता है, को ब्रिटिश सरकार ने 1927 में जॉन साइमन की अध्यक्षता में भारत सरकार अधिनियम 1919 के कार्यप्रणाली की समीक्षा करने एवं भविष्य के उपायों का सुझाव देने हेतु नियुक्त किया था।
• क्लेमेंट एटली, इस आयोग के सदस्य थे, वे बाद में 1947 में भारतीय स्वतंत्रता एवं विभाजन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।

30. किस महान स्वतंत्रता सेनानी को देशबंधु के नाम से जाना जाता था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 22.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) चितरंजन दास
Solution:

चित्तरंजन दास को सामान्यतः देशबंधु कहा जाता है जिसका अर्थ "राष्ट्र का मित्र" होता है।
• उन्होंने 1920 से 1922 ई. तक हुए असहयोग आंदोलन के दौरान बंगाल में ब्रिटिश कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने की पहल की है।
• वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गुरु थे।

यहाँ कुछ प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के उपनाम दिए गए है:
• महात्मा गांधी: बापू, राष्ट्रपिता, महात्मा
• भगत सिंह: शहीद-ए-आज़म
• सुभाष चंद्र बोस: नेताजी
• सरदार वल्लभभाई पटेल: भारत का लौह पुरुष (Iron Man of India), सरदार
• बाल गंगाधर तिलक: लोकमान्य
• लाला लाजपत राय: पंजाब केसरी, पंजाब के शेर
• रानी लक्ष्मीबाई: झाँसी की रानी, मनु
• खान अब्दुल गफ्फार खान: सीमांत गांधी (Frontier Gandhi), बादशाह खान
• सरोजिनी नायडू: भारत की कोकिला (Nightingale of India)
• विनायक दामोदर सावरकर: स्वातंत्र्यवीर
• बिपिन चंद्र पाल: बंगाल टाइगर
• मंगल पांडे: 1857 के प्रथम शहीद
• राम प्रसाद 'बिस्मिल': बिस्मिल