Solution:ट्रेड डिस्प्यूट बिल (1929) और पब्लिक सेफ्टी बिल (1928-29) ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय मज़दूर आंदोलनों और क्रांतिकारी गतिविधियों को कुचलने के लिए पेश किए गए दमनकारी कानून थे। इन बिलों ने हड़तालों को प्रतिबंधित किया और बिना मुकदमा संदिग्धों को हिरासत में लेने का अधिकार दिया, जिसके विरोध में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका था।
• इसका उद्देश्य किसी को मारना नहीं था, बल्कि लोगों को उनके आंदोलन और विचारधारा से परिचित कराने के लिए स्वयं को सबके सामने प्रतुत करना था।
• इंडियन काउंसिल एक्ट (भारतीय परिषद अधिनियम) ब्रिटिश संसद द्वारा 1861, 1892 और 1909 में पारित कानून थे, जिनका उद्देश्य भारतीय प्रशासन में सुधार और भारतीयों को प्रतिनिधित्व देना था। 1861 के एक्ट ने विभागीय प्रणाली (पोर्टफोलियो) शुरू की, 1892 ने परिषद का विस्तार किया, और 1909 (मार्ले-मिंटो सुधार) ने सांप्रदायिक निर्वाचन की नींव रखी, जो भारत के संवैधानिक विकास में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।
• साइमन कमीशन (1927) सर जॉन साइमन के नेतृत्व में गठित सात ब्रिटिश सांसदों का एक समूह था, जिसे भारत में 1919 के सुधारों की समीक्षा के लिए भेजा गया था। इसमें एक भी भारतीय सदस्य न होने के कारण इसे 'श्वेत कमीशन' कहा गया और पूरे देश में 'साइमन गो बैक' के नारों के साथ तीव्र विरोध हुआ।
• भारत सरकार अधिनियम मुख्य रूप से 1935 के अधिनियम को संदर्भित करते हैं, जो ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक ऐतिहासिक कानून था जिसने भारत के लिए एक संघीय ढांचा और प्रांतीय स्वायत्तता प्रदान की, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा हुआ और भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई।