आधुनिक भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-II

Total Questions: 50

41. भारतीय ध्वज के डिजाइन का श्रेय इनमें से किसे दिया जाता है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) पिंगली वेंकैया
Solution:

1921 ई. में, महात्मा गांधी ने सर्वप्रथम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक बैठक में राष्ट्रीय ध्वज की आवश्यकता का प्रस्ताव रखा।
• इसे आंध्र प्रदेश के कांग्रेसी नेता पिंगली वेंकैया द्वारा डिजाइन किया गया था।

42. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष कौन थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) व्योमेश चंद्र बनर्जी
Solution:

व्योमेश चंद्र बनर्जी दिसंबर 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (Allan Octavian Hume) द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर, उन्हें सर्वसम्मति से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अध्यक्ष चुना गया था।
• दिसंबर 1885 में बंबई में आयोजित कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में 72 सदस्यों ने भाग लिया था।

43. निम्नलिखित में से कौन क्रांतिकारी संगठन 'अनुशीलन समिति' से संबंधित नहीं है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) राजेन्द्र लाहिरी
Solution:

अनुशीलन समिति की स्थापना 24 मार्च 1902 को कलकत्ता के एक बैरिस्टर प्रमथनाथ मित्रा ने की थी।
• इसकी अध्यक्षता बारिंद्र कुमार घोष ने की थी।
• कई राष्ट्रवादी नेता इसके साथ विभिन्न समयों पर जुड़े रहे, विशेष रूप से अरबिंदो घोष (श्री अरबिंदो), भूपेंद्रनाथ दत्त (स्वामी विवेकानंद के भाई), देशबंधु चित्तरंजन दास, सुरेंद्रनाथ टैगोर, पुलिन बिहारी दास, सरला देवी, रास बिहारी बोस, जतिंद्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन), सचिंद्रनाथ सान्याल, जतिन दास और बिपिन चंद्र पाल थे।

44. निम्नलिखित में से कौन-सी क्रांतिकारी पत्रिका विदेश में प्रकाशित नहीं हुई थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) युगांतर (Yugantar)
Solution:

युगांतर पत्रिका (1906 में) कलकत्ता में बारिंद्र कुमार घोष, अभिनाश भट्टाचार्य और भूपेंद्रनाथ दत्त द्वारा आरंभ किया गया एक बंगाली क्रांतिकारी समाचार पत्र था।
• यह उस समय बंगाल में आरंभ हो रहे नवजात क्रांतिकारी संगठन 'अनुशीलन समिति' के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करता था।

विदेश में प्रकाशित प्रमुख क्रांतिकारी पत्रिकाएं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यूरोपीय और अमेरिकी देशों से क्रांतिकारी विचारों को फैलाने और समर्थन जुटाने में सहायक थीं।

विदेश में प्रकाशित प्रमुख क्रांतिकारी पत्रिकाएं और उनके स्थान:
• गदर: अमेरिका (गदर पार्टी)।
• द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट: लंदन (श्यामजी कृष्ण वर्मा द्वारा)।
• तलवार: बर्लिन/यूरोप (भीकाजी कामा)।
• फ्री हिंदुस्तान: अमेरिका (तारक नाथ दास)।
• सर्कुलर-ए-आज़ादी: उत्तरी अमेरिका (रामनाथ पुरी)।

45. अखिल भारतीय खिलाफल समिति ने कब यह घोषणा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया कि किसी भी मुसलमान को ब्रिटिश-भारतीय सेना में सेवा प्रदान नहीं करना चाहिए? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) जुलाई 1921
Solution:

खिलाफत आंदोलन का दूसरा चरण (अगस्त 1920-मार्च 1922) हिंसा का चरण था।
• 1921 की गर्मियों में कुछ खिलाफत नेताओं के भाषणों की शैली और भी हिंसक हो गया।
• अंग्रेज सेना के विरुद्ध 'मुत्तफिक्का फतवे ' की प्रतियां फरवरी से मई 1921 तक गुप्त रूप से वितरित की जा रही थी।

46. समाचार पत्र, बंगाल गज़ट (1780 भारत का पहला समचार पत्र) के संस्थापक कौन थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 03.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) जे. के. हिकी (J.K. Hicky)
Solution:

हिक्की का 'बंगाल गजट' भारतीय उपमहाद्वीप में प्रकाशित होने वाला पहला अंग्रेजी भाषा का प्रथम समाचार पत्र था।
• इसकी स्थापना 1779 में आयरिश मूल के जेम्स ऑगस्टस 1780 हिक्की ने कलकत्ता में की थी।

स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएँ:
• केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी): बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू किए गए, जिन्होंने राष्ट्रवाद की भावना को प्रोत्साहित किया।
• अमृत बाजार पत्रिका: शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष द्वारा स्थापित। यह वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878) से बचने के लिए रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी में बदल गई थी।
• यंग इंडिया, नवजीवन और हरिजन: महात्मा गांधी द्वारा संचालित, जो अहिंसक आंदोलन और सामाजिक सुधार के वाहक थे।
• प्रताप: गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा कानपुर से प्रकाशित, जो क्रांतिकारी विचारों को बढ़ावा देता था।
• बंदे मातरम: अरविंद घोष द्वारा स्थापित।
• संवाद कौमुदी (बंगाली): राजा राममोहन रॉय द्वारा स्थापित, जो सामाजिक सुधार और जनजागरूकता के लिए थी।
• द हिंदू: सुब्रमण्यम अय्यर द्वारा शुरू किया गया।

47. 1866 में, भारतीय समस्या के बारे में चर्चा करने और भारतीय कल्याण के संवर्धन हेतु ब्रिटिश लोक अधिकारों को प्रभावित करने के लिए लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन का गठन किसने किया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) दादाभाई नौरोजी
Solution:

ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में भारतीयों और सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारियों के सहयोग से की थी।
• इसने लंदन इंडियन सोसाइटी का स्थान ले लिया।
• यह भारत के मामलों में विचारों करने उस पर चर्चा करने और सरकार को भारतीयों के लिए प्रतिनिधित्व प्रदान करने का एक मंच था।

48. निम्नलिखित में से किसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 'चरमपंथी नेता' के रूप में जाना जाता था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) बालगंगाधर तिलक
Solution:

विपिन चंद्र पाल और लाला लाजपत राय एवं बाल गंगाधर तिलक को चरमपंथी नेताओं की लाल-बाल-पाल की तिकड़ी कहा जाता था।
• बाल गंगाधर तिलक ने स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा का नारा दिया।
• उन्होंने दो पत्रिका का प्रकाशन आरम्भ किया मराठी में केसरी और अंग्रेजी में मराठा।

प्रमुख चरमपंथी नेता और उनके क्षेत्र:
• लाला लाजपत राय (पंजाब): 'पंजाब केसरी' के नाम से प्रसिद्ध।
• बिपिन चंद्र पाल (बंगाल): बंगाल में क्रांतिकारी विचारों के जनक।
• अरबिंदो घोष (बंगाल): सक्रिय क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के समर्थक।

49. निम्नलिखित में से किसने खिलाफत आंदोलन का नेतृत्व किया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 04.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) शौकत अली
Solution:

खिलाफत आंदोलन शौकत और मुहम्मद (अली बंधुओं) और अबुल कलाम आजाद (1919-1924) द्वारा शुरू किया गया था।
• यह प्रथम विश्व युद्ध के बाद के वर्षों में भारतीय राष्ट्रवाद से संबद्ध भारतीय मुसलमानों द्वारा किया गया एक आंदोलन था।
• इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार पर इस्लामिक जगत के सर्वोच्च खलीफा के रूप में तुर्क सुल्तान के अधिकार को बनाए रखने के लिए दबाव डालना था।

50. ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के किस शहर में अपना पहला व्यापारिक केन्द्र स्थापित किया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 04.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) सूरत
Solution:

ईस्ट इंडिया कंपनी सबसे पहले 1608 में भारत के सूरत शहर में पहुंची थी।
• उन्होंने वहां एक स्थायी कारखाना स्थापित किया था।
• सूरत गुजरात के कपड़ा निर्माताओं द्वारा उपयोग किया जाने वाला बंदरगाह था।
• यह मुगल साम्राज्य के विदेशी व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र था।