आधुनिक भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-III

Total Questions: 50

11. चौरी-चौरा कांड किस वर्ष में हुआ था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) 1922
Solution:

चौरी-चौरा की घटना 4 फरवरी, 1922 को ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत (आधुनिक उत्तर प्रदेश) के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान में हुई, जव असहयोग आंदोलन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह पुलिस से भिड़ गया और वहां के थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। इस घटना के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन (1920-22) को समाप्त कर दिया।

12. स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल कौन थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) लॉर्ड माउंटबेटन
Solution:

स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल (स्वायत उपनिवेश में न कि गणतंत्र भारत में) लॉर्ड माउंटबेटन थे। वह भारत के अंतिम गवर्नर जनरल और वायसराय भी थे। उनका कार्यकाल (फरवरी 1947 से जून 1948) अल्पावधि वाला था।
• उनके कार्यकाल में ही भारत का विभाजन हुआ।
• उनके बाद जून 1948 में सी. राजगोपालाचारी को डोमिनियन ऑफ इंडिया (Dominion of India) का गवर्नर जनरल बनाया गया।
• वह इस पद को धारण करने वाले एकमात्र और अंतिम भारतीय थे। वे 26 जनवरी 1950 तक इस पद बने रहे।

13. 20वीं शताब्दी के पहले दशक के दौरान, किस स्थान को भारतीय राष्ट्रवाद का तंत्रिका केंद्र (Nerve Centre) माना जाता था?

Correct Answer: (1) बंगाल
Solution:

20वीं शताब्दी के पहले दशक (विशेषकर 1905-1908) के दौरान, बंगाल को भारतीय राष्ट्रवाद का तंत्रिका केंद्र (Nerve Centre) माना जाता था। 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा किए गए बंगाल विभाजन के बाद, ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आंदोलन बंगाल से ही शुरू हुआ। अरबिंदो घोष, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल जैसे प्रभावशाली राष्ट्रवादी नेताओं ने बंगाल से ही उग्रवाद और राष्ट्रवाद की अलख जगाई। बंगाल में सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रवाद के केंद्र के रूप में स्थापित किया। बंगाल ने क्रांतिकारी गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिससे इसे 'तंत्रिका केंद्र' का दर्जा मिला।

14. ब्रह्म समाज के प्रथम प्रधानाचार्य कौन थे? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) राजा राम मोहन राय
Solution:

राजा राम मोहन, राय को आधुनिक भारत के पिता के रूप में जाना जाता है, उन्होंने 1828 में पहले धार्मिक सुधार संगठन की स्थापना की, जिसे ब्रह्म समाज कहा जाता है।
• इसकी स्थापना 20 अगस्त को कलकत्ता में हुई थी।
• ब्रह्म समाज के दो सबसे प्रतिष्ठित नेता देवेंद्रनाथ टैगोर और केशवचंद्र सेन थे।
• ब्रह्म समाज धार्मिक सुधारों के पहले महत्वपूर्ण संगठनों में से एक था।

15. निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले आजाद हिंद फौज के गठन की कल्पना की थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) मोहन सिंह
Solution:

भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA), जिसे आजाद हिंद फौज के नाम से भी जाना जाता है, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए गठित एक सशस्त्र सेना थी।
• इसका नेतृत्व शुरुआत में कैप्टन मोहन सिंह ने किया, लेकिन 1943 में कमान सुभाष चंद्र बोस के हाथों में आई, जिन्होंने 'चलो दिल्ली' का नारा दिया।
• इसमें महिलाओं की एक अलग इकाई, 'रानी ऑफ झांसी रेजिमेंट', भी शामिल थी।
• आईएनए ने बर्मा के रास्ते भारत की पूर्वी सीमा पर मणिपुर के मोइरांग में पहली बार भारतीय तिरंगा फहराया।

16. कटक निम्नलिखित में से किस प्रख्यात हस्ती से संबंधित है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 09.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) सुभाष चंद्र बोस
Solution:

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, ओडिशा में हुआ था, लेकिन ओडिशा उस समय ब्रिटिश भारत में बंगाल प्रांत के ओडिशा डिवीजन में शामिल था।
• वे 'नेताजी' (आदरणीय नेता) के नाम से लोकप्रिय थे।
• उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व किया था।
• चितरंजन दास, सुभाष चंद्र बोस के राजनीतिक गुरु थे।।
• सुभाष चंद्र बोस 1938 (हरिपुरा अधिवेशन) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
• 1939 में कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी की स्थापना की।
• उनकी पुस्तक 'द इंडियन स्ट्रगल' है।
• 'आजाद हिंद फौज' की कमान सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में (सिंगापुर में) संभाली।
• उन्होंने प्रसिद्ध नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" मलय (मलेशिया) में दिया था।
• 'नेताजी' की उपाधि उन्हें जर्मनी में भारतीय सैनिकों द्वारा दी गयी थी।
• पहली बार महात्मा गांधी को "राष्ट्रपिता" कहकर सुभाष चंद्र बोस (सिंगापुर रेडियो से) ने संबोधित किया था।
• 23 जनवरी को उनके जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

17. 1848 में, लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल के दौरान लागू हुए सुधार का नाम बताइए। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 09.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) व्यपगत का सिद्धांत
Solution:

गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी (1848 - 1856) ने व्यपगत का सिद्धान्त या हड़प नीति (The Doctrine of Lapse) भारत में लागू की।
• पैतृक वारिस के न होने की स्थिति में सर्वोच्च सत्ता कंपनी के द्वारा अपने अधीनस्थ क्षेत्रों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने की नीति व्यपगत का सिद्धान्त या हड़प नीति कहलाती है।
• इस सिद्धांत का उपयोग करके कई साम्राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में शामिल कर लिया गया, जैसे, सतारा (1848), संबलपुर (1850), उदयपुर (1852), नागपुर (1853) और झांसी (1854)।

18. 'पाकिस्तान' नाम किस वर्ष में गढ़ा गया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 14.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) 1933
Solution:

मुस्लिम नेता चौधरी रहमत अली ने 28 जनवरी, 1933 को 'पाकिस्तान' नाम की संकल्पना प्रस्तुत की।
• उन्होंने इसे एक संक्षिप्त नाम के रूप में उपयोग करते हुए और ब्रिटिश भारतीय राज के पांच उत्तरी क्षेत्रों: पंजाब, अफगानिस्तान, कश्मीर, सिंध और बलूचिस्तान के नामों का वर्णन करते हुए एक पैम्पलेट "नाउ और नेवर" (Now or Never) में प्रकाशित किया।

19. महात्मा गाँधी ने किस पुस्तक में लिखा है कि भारत में ब्रिटिश शासन, भारतीयों द्वारा किए गए विस्तारित सहयोग का परिणाम था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 14.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) हिंद स्वराज (Hind Swaraj)
Solution:

अपनी प्रसिद्ध पुस्तक, हिंद स्वराज (1909) में, महात्मा गांधी ने घोषणा की कि" भारतीयों के सहयोग से ही भारत में ब्रिटिश शासन को स्थापित किया गया था और इस सहयोग के कारण ही यह सत्ता बनी रही।"
• उन्होंने आगे कहा कि अगर भारतीयों ने अंग्रेजों के साथ सहयोग करना बंद कर दिया, तो भारत में ब्रिटिश शासन एक वर्ष के भीतर समाप्त हो जाएगा और स्वराज आ जाएगा।

20. अखिल भारतीय मुस्लिम लीग ने लाहौर प्रस्ताव (Lahore Resolution) को वर्ष ..... में अंगीकृत किया था। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 14.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) 1940
Solution:

पाकिस्तान प्रस्ताव, जिसे लाहौर प्रस्ताव के रूप में भी जाना जाता है, का मसौदा अखिल भारतीय मुस्लिम लीग द्वारा तैयार किया गया था और फिर औपचारिक रूप से 23 मार्च 1940 को लाहौर में आयोजित इसके तीन दिवसीय सत्र के समय पारित किया गया था।
• पंजाब के मुख्यमंत्री सिकंदर हयात खान ने लाहौर प्रस्ताव का मूल मसौदा तैयार किया था।