आधुनिक भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-III

Total Questions: 50

21. ...... आंदोलन को अगस्त क्रांति के रूप में भी जाना जाता है। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 15.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) भारत छोड़ो
Solution:

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन को अगस्त आंदोलन (अगस्त क्रांति) के रूप में भी जाना जाता है।
• क्योंकि इसे महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में आरंभ किया गया था।
• 'ऑपरेशन जीरो आवर' के अन्तर्गत सभी महत्वपूर्ण नेताओं में ब्रिटिश भारत की सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

22. महात्मा गांधी ने किस अधिनियम के विरोध में लोगों से 6 अप्रैल 1919 को एक दिन के लिए अहिंसक विरोध दर्शाने को कहा? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 01.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) रॉलेट एक्ट
Solution:

रॉलेट एक्ट (जिसे ब्लैक एक्ट के नाम से भी जाना जाता है) मार्च 1919 में ब्रिटिश सरकार द्वारा पारित कठोर कानून से जुड़ा हुआ है।
• इसके विरोध में, महात्मा गांधी ने 6 अप्रैल 1919 को एक राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह (शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा आंदोलन) शुरू किया।
• लाखों भारतीयों ने इस आंदोलन का समर्थन किया।

• 1813 का चार्टर एक्ट (Charter Act of 1813) ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण अधिनियम था, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को 20 वर्षों के लिए और बढ़ा दिया।

• देशी प्रेस अधिनियम (Vernacular Press Act) 1878 में ब्रिटिश भारत में लॉर्ड लिटन द्वारा भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर नियंत्रण और सेंसरशिप लगाने के लिए पारित किया गया था, जिससे सरकार को उन्हें बिना किसी मुकदमे के बंद करने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिल गया; यह अधिनियम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रवाद को दबाने के उद्देश्य से था और इसे 1881 में लॉर्ड रिपन ने निरस्त कर दिया था।

• आर्म्स एक्ट 1959 (आयुध अधिनियम) भारत में हथियारों के निर्माण, बिक्री, कब्जे, और परिवहन को नियंत्रित करने वाला मुख्य कानून है। यह 1 अक्टूबर 1962 से लागू हुआ, जो बिना लाइसेंस हथियार रखने या तस्करी करने पर 3 से 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान करता है। अवैध हथियार के इस्तेमाल से मौत होने पर मृत्युदंड तक हो सकता है।

23. राजा राममोहन राय के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए तत्वबोधिनी सभा की स्थापना इनमें से किसने की थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 01.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) देवेंद्रनाथ टैगोर
Solution:

तत्वबोधिनी सभा की स्थापना देवेन्द्रनाथ टैगोर ने की थी।
• तत्त्वबोधिनी सभा ने राजा राम मोहन राय के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया था।
• इसकी स्थापना 6 अक्टूबर, 1839 को हुई थी।

24. उस पंजाबी मुसलमान का नाम बताइए जो कैम्ब्रिज का छात्र था और जिसने 1933 में 'पाक स्तान' (Pak-Stan) नामक शब्द गढ़ा था? [RRB NTPC CHT-1, 01.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) चौधरी रहमत अली
Solution:

पाकिस्तान राष्ट्रीय आंदोलन (The Pakistan National Movement) की स्थापना 1933 में चौधरी रहमत अली ने की थी।
• एक अलग मुस्लिम देश बनाने के लिए "पाकिस्तान" नाम देने श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।
• कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने "अब या कभी नहीं" (Now or Never) पैम्फलेट के जरिए पाकिस्तान आंदोलन की नींव रखी और द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का पुरजोर समर्थन किया।
• उन्होंने 1946 में इंग्लैंड में 'पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट' की स्थापना की।

25. वह कपड़ा कौन-सा है, जिसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक होने का गौरव प्राप्त है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) खादी
Solution:

महात्मा गाँधी ने खादी को राष्ट्रवाद, आत्मनिर्भरता एवं समानता के प्रतीक के रूप में पुनर्जीवित किया था।
• खादी को "भारतीय स्वतंत्रता का कपड़ा" कहा जाता था।

26. भारत में 'बंदे मातरम् (Bande Matram)' नामक पत्रिका की संस्थापना किसने की थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 05.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) बिपिन चंद्र पाल
Solution:

वंदे मातरम नामक अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र की स्थापना 1905 में भारत में हुई थी।
• यह सर्वप्रथम 1905 में विपिन बद्र पाल द्वारा प्रकाशित किया गया था।
• इसे बाद में श्री अरबिंदो घोष द्वारा संपादित किया गया।
• इसके अलावा, लाला लाजपत राय ने भी उर्दू में 'वंदे मातरम' अखबार शुरू किया था और मैडम भीकाजी कामा ने 1909 में पेरिस से 'बंदे मातरम' पत्रिका प्रकाशित की थी, लेकिन 1905 की अंग्रेजी पत्रिका का श्रेय मुख्य रूप से बिपिन चंद्र पाल और अरविंदो घोष को जाता है।

प्रमुख क्रांतिकारी और राष्ट्रवादी पत्रिकाएँ:
• प्रताप (हिंदी): 1913 में गणेश शंकर 'विद्यार्थी' द्वारा कानपुर से शुरू किया गया, जो क्रांतिकारी विचारों का प्रमुख मुखपत्र बना।
• गदर (विभिन्न भाषाएँ): सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और गदर पार्टी द्वारा, जिसका उद्देश्य सशस्त्र विद्रोह से ब्रिटिश शासन का अंत करना था।
• अल-हिलाल: 1916 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद द्वारा शुरू, जिसे क्रांतिकारी राष्ट्रवादी सामग्री के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था।
• संध्या: ब्रह्मबंधव उपाध्याय द्वारा संपादित, जो क्रांतिकारी राष्ट्रवाद का समर्थन करती थी।
• युगांतर: बंगाल में क्रांतिकारी गतिविधियों का समर्थन करने वाला प्रमुख पत्र।
• द मासेज ऑफ इंडिया: यूरोपीय राजधानियों से प्रकाशित, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की उपनिवेश-विरोधी लड़ाई को रेखांकित करती थी।

27. ___ के अनुसार, ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारतीय शासकों को अपनी स्वतंत्र सशस्त्र सेनाएँ रखने की अनुमति नहीं दी गई थी। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 06.04.2021 (प्रथम फली)]

Correct Answer: (1) सहायक संधि प्रणाली (subsidiary alliance system)
Solution:

सहायक संधि मूल रूप से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी एवं भारतीय रियासतों के बीच एक संधि थी।
• इस प्रणाली के अन्तर्गत सहयोगी भारतीय राज्य के शासक को अपने क्षेत्र में एक ब्रिटिश सेना की स्थायी तैनाती को स्वीकार करने के साथ ही इसके रखरखाव हेतु सब्सिडी का भुगतान करने हेतु मजबूर किया गया था।
• इसे लॉर्ड वेलेस्ली द्वारा तैयार किया गया था।

• सर्वोपरिसत्ता की नीति (Policy of Paramountcy), जिसे लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823) द्वारा शुरू किया गया था, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करती थी। इस नीति के तहत, कंपनी ने दावा किया कि उसकी सर्वोच्च सत्ता के कारण भारतीय रियासतों की संप्रभुता कम थी और कंपनी उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर सकती थी।

• व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse), जिसे 'हड़प नीति' भी कहा जाता है, लॉर्ड डलहौजी द्वारा 1848-1856 के बीच लागू की गई एक ब्रिटिश औपनिवेशिक नीति थी। इसके अनुसार, यदि किसी भारतीय रियासत का शासक बिना किसी स्वाभाविक पुरुष उत्तराधिकारी के मर जाता है, तो उसके गोद लिए गए पुत्र को शासन का अधिकार नहीं मिलेगा और वह राज्य स्वतः ही ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाएगा।

• 'फूट डालो और राज करो' (Divide and Rule) की नीति अंग्रेजों द्वारा भारतीय समाज को जाति, धर्म और क्षेत्रीय आधार पर बांटकर अपना औपनिवेशिक शासन मजबूत करने की रणनीति थी। 1857 की क्रांति के बाद, इस नीति का उद्देश्य हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना था ताकि वे एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ न खड़े हो सकें।

28. मोपला विद्रोह (Moplah Rebellion) किन वर्षों के दौरान हुआ था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 06.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) 1921-1922
Solution:

मोपला या मालाबार विद्रोह 20 अगस्त, 1921 से 1922 तक केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था।
• मालाबार विद्रोह केरल के मालाबार क्षेत्र में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध एक प्रतिरोध के रूप में शुरू हुआ।
• यह किसानों द्वारा ब्रिटिश बागान मालिकों के खिलाफ विद्रोह जिन्होंने उन्हें नील उगाने हेतु मजबूर किया था।

29. गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने किस सम्राज्य को "चेरी (cherry)" नाम दिया था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 07.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) अवध सम्राज्य
Solution:

गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने 1856 में अवध पर अधिकार कर लिया था। उन्होंने 1801 में अवध पर सहायक संधि की नीति को लागू किया था। डलहौजी ने इस नीति के तहत उन देशी राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया, जिनके राजाओं के पास कोई प्रत्यक्ष पुरुष उत्तराधिकारी नहीं था।
• उन्होंने अवध के शासन को "एक चेरी के रूप में वर्णित किया जो एक दिन हमारे मुंह में गिर जाएगी"।

हड़प नीति के तहत विलय का क्रम (1848-1854):
1. सतारा (1848) - सबसे पहले
2. जयतपुर और संभलपुर (1849)
3. बाघाट (1850)
4. उदयपुर (1852)
5. झांसी (1853)
6.नागपुर (1854)

30. इनमें से किसने भारत में 19वीं शताब्दी के अंत में प्लेग की जाँच करने में विफलता के कारण पूना के पुलिस कमिश्नर, रैंड की गोली मारकर हत्या कर दी थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 07.04.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) दामोदर चापेकर
Solution:

दामोदर हरि चापेकर एवं बालकृष्ण हरि चापेकर ने 22 जून 1897 को पुणे में एक ब्रिटिश अधिकारी डब्ल्यू सी रैंड एवं उनके सैन्य अनुरक्षण लेफ्टिनेंट आयर्स्ट की हत्या कर दी थी।
• 1857 के विद्रोह के बाद भारत में उग्रवादी राष्ट्रवाद का यह प्रथम मामला था।