Solution:सहायक संधि मूल रूप से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी एवं भारतीय रियासतों के बीच एक संधि थी।
• इस प्रणाली के अन्तर्गत सहयोगी भारतीय राज्य के शासक को अपने क्षेत्र में एक ब्रिटिश सेना की स्थायी तैनाती को स्वीकार करने के साथ ही इसके रखरखाव हेतु सब्सिडी का भुगतान करने हेतु मजबूर किया गया था।
• इसे लॉर्ड वेलेस्ली द्वारा तैयार किया गया था।
• सर्वोपरिसत्ता की नीति (Policy of Paramountcy), जिसे लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823) द्वारा शुरू किया गया था, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करती थी। इस नीति के तहत, कंपनी ने दावा किया कि उसकी सर्वोच्च सत्ता के कारण भारतीय रियासतों की संप्रभुता कम थी और कंपनी उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर सकती थी।
• व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse), जिसे 'हड़प नीति' भी कहा जाता है, लॉर्ड डलहौजी द्वारा 1848-1856 के बीच लागू की गई एक ब्रिटिश औपनिवेशिक नीति थी। इसके अनुसार, यदि किसी भारतीय रियासत का शासक बिना किसी स्वाभाविक पुरुष उत्तराधिकारी के मर जाता है, तो उसके गोद लिए गए पुत्र को शासन का अधिकार नहीं मिलेगा और वह राज्य स्वतः ही ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाएगा।
• 'फूट डालो और राज करो' (Divide and Rule) की नीति अंग्रेजों द्वारा भारतीय समाज को जाति, धर्म और क्षेत्रीय आधार पर बांटकर अपना औपनिवेशिक शासन मजबूत करने की रणनीति थी। 1857 की क्रांति के बाद, इस नीति का उद्देश्य हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना था ताकि वे एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ न खड़े हो सकें।