Solution:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई में हुई, जिसका उद्देश्य भारतीयों की आवाज़ को एक मंच देना था। पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे। प्रमुख अधिवेशन, जैसे 1887 में बदरुद्दीन तैयबजी (पहले मुस्लिम) और 1888 में जॉर्ज यूल (पहले अंग्रेज) के नेतृत्व में, भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुए।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अधिवेशन:
- प्रथम अधिवेशन (1885): बंबई (अब मुंबई), अध्यक्ष - व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Banerjee)।
- दूसरा अधिवेशन (1886): कलकत्ता, अध्यक्ष - दादाभाई नौरोजी।
- तीसरा अधिवेशन (1887): मद्रास, अध्यक्ष - सैयद बदरुद्दीन तैय्यबजी (पहले मुस्लिम अध्यक्ष)।
- चौथा अधिवेशन (1888): इलाहाबाद, अध्यक्ष - जॉर्ज यूल (पहले अंग्रेज/यूरोपीय अध्यक्ष)।
- 1896 (कलकत्ता): रहीमतुल्ला सयानी की अध्यक्षता में पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 'वंदे मातरम' गाया गया।
- 1907 (सूरत): कांग्रेस का प्रथम विभाजन (नरम दल और गरम दल)।
- 1916 (लखनऊ): कांग्रेस का एकीकरण (लखनऊ पैक्ट)।
- 1929 (लाहौर): जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'पूर्ण स्वराज्य' का प्रस्ताव पारित।
- 1938 (हरिपुरा): सुभाष चंद्र बोस अध्यक्ष बने।