Solution:1853 के चार्टर अधिनियम ने सिविल सेवकों के चयन और भर्ती की एक खुली प्रतियोगिता प्रणाली की शुरुआत की।
• इस प्रकार अनुबंधित सिविल सेवा को भारतीयों के लिए भी खोल दिया गया।
• तद्नुसार, 1854 में मैकाले समिति (भारतीय सिविल सेवा समिति) की नियुक्ति की गई।
• 1833 का चार्टर अधिनियम (सेंट हेलेना अधिनियम) ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून था, जिसने भारत में ब्रिटिश शासन के केंद्रीकरण की शुरुआत की। इसके तहत बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' (लॉर्ड विलियम बेंटिक) बनाया गया और ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक अधिकार समाप्त कर उसे केवल एक प्रशासनिक निकाय बना दिया गया।
• 1909 का भारत परिषद अधिनियम, जिसे मॉर्ले-मिंटो सुधार भी कहा जाता है, ब्रिटिश भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन प्रणाली की शुरुआत के लिए जाना जाता है, जिससे मुसलमानों के लिए अलग सीटें आरक्षित हुईं और केवल मुस्लिम मतदाता ही उनके लिए वोट कर सकते थे, जिससे सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिला।
• भारत सरकार अधिनियम 1935 (Government of India Act 1935) ब्रिटिश संसद द्वारा अगस्त 1935 में पारित अब तक का सबसे लंबा अधिनियम था। इसने प्रांतीय स्वायत्तता, अखिल भारतीय संघ का प्रस्ताव और केंद्र-प्रांतों के बीच शक्तियों का विभाजन किया, जो भारत के संविधान का प्रमुख आधार बना। इस अधिनियम के अंतर्गत आरबीआई (RBI) की स्थापना और एक संघीय न्यायालय का भी प्रावधान किया गया।