शिक्षा की ज़िम्मेदारी पूरी तरह सरकार को सौंपना।
पाश्चात्य (यूरोपीय) शिक्षा का प्रसार बढ़ाना, जिसमें कला, विज्ञान, दर्शन और साहित्य शामिल थे।
उच्च शिक्षा के लिए कलकत्ता, मुंबई और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना करना, जो लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर कार्य करें।
प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा का विस्तार और नियंत्रित विकास।
अंग्रेज़ी भाषा को उच्च शिक्षा के माध्यम के रूप में बढ़ावा देना, लेकिन स्थानीय भाषाओं को भी प्रोत्साहित करना।
महिला शिक्षा का प्रोत्साहन।
अध्यापकों के प्रशिक्षण और उनके वेतन में सुधार।
छात्रवृत्तियों के माध्यम से मेधावी छात्रों को सहायता देना।