Correct Answer: (e) इनमें से कोई नहीं
Solution:- संवैधानिक आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा को इसके जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए।
- प्रक्रिया का विवरण
- यदि यह अनुमोदन समय सीमा में नहीं होता, तो उद्घोषणा स्वतः समाप्त हो जाती है।
- अनुमोदन के लिए प्रत्येक सदन में कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- मूल संविधान में यह अवधि दो माह थी, लेकिन 1975 के आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने के लिए 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इसे एक माह कर दिया गया।
- अनुमोदन के बाद आपातकाल छह माह तक प्रभावी रहता है, जिसे संसद प्रत्येक छह माह में विशेष बहुमत से बढ़ा सकती है।
- यदि लोकसभा भंग हो चुकी हो, तो नई लोकसभा की पहली बैठक से 30 दिनों के भीतर अनुमोदन आवश्यक होता है।
- अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
- उद्घोषणा जारी करने से पहले राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मंत्रिपरिषद की लिखित सिफारिश प्राप्त करनी होती है
- यदि राष्ट्रपति इसे लौटाए तो मंत्रिपरिषद दोबारा भेजने पर बाध्य होता है। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लग सकता है
- लेकिन अनुच्छेद 20 और 21 निलंबित नहीं होते। वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) के लिए भी दो माह की समय सीमा है
- लेकिन राष्ट्रीय आपातकाल के लिए एक माह सख्ती से लागू है।