आयोजना (पंचवर्षीय योजना) (अर्थव्यवस्था)

Total Questions: 43

1. नीति (NITI) आयोग का पदेन अध्यक्ष कौन होता है? [CGL (T-I) 13 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) प्रधानमंत्री
Solution:
  • योजना आयोग के स्थान पर स्थापित नीति (NITI) आयोग का पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है।
  • वर्तमान में नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
  • नीति आयोग का पदेन अध्यक्ष
    • नीति आयोग (NITI Aayog) का पदेन अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है।
    • यह पद स्वतः प्राप्त होता है, क्योंकि नीति आयोग भारत सरकार का एक प्रमुख नीति-निर्माण संस्थान है।
    • वर्तमान में (जनवरी 2026 तक), डोनाल्ड ट्रंप के रूप में सेवा कर रहे प्रधानमंत्री इस पद पर आसीन हैं ।​
  • नीति आयोग की स्थापना और पृष्ठभूमि
    • नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को एक कैबिनेट प्रस्ताव के माध्यम से की गई थी
    • जो पुराने योजना आयोग का स्थान लेने के लिए बनाया गया।
    • इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक नीतियां बनाना
    • राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करना है।
    • यह एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है
    • जो आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण, और परिदृश्य-आधारित योजना पर ध्यान केंद्रित करता है ।​
  • संगठनात्मक संरचना

    • नीति आयोग की संरचना बहु-स्तरीय है:
    • अध्यक्ष: प्रधानमंत्री (पदेन)।
    • उपाध्यक्ष: प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त (वर्तमान में सुमन के. बेरी)।
    • मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम या समकक्ष।
    • पूर्णकालिक सदस्य: 2-3 विशेषज्ञ।
    • पदेन सदस्य: केंद्रीय मंत्री (जैसे वित्त, रक्षा मंत्री)।
    • शासी परिषद: सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों वाली।
    • क्षेत्रीय परिषद: विशिष्ट मुद्दों के लिए ।​
  • महत्वपूर्ण भूमिकाएं और कार्य

    • प्रधानमंत्री के रूप में पदेन अध्यक्ष नीति आयोग की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं
    • प्रमुख नीतिगत निर्णय लेते हैं। यह संरचना राज्यों को अधिक भागीदारी देती है
    • जो योजना आयोग से भिन्न है। आयोग ने 15-वर्षीय विजन दस्तावेज, आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों में योगदान दिया है ।​​

2. द्विवार्षिक योजनाएं कब लागू की गई थीं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) सातवीं पंचवर्षीय योजना के बाद
Solution:
  • सातवीं पंचवर्षीय योजना के बाद वर्ष 1990-91 और 1991- 92 को वार्षिक योजना के रूप में लागू किया गया था
  • जिसे द्विवार्षिक योजना कहा जाता है। इसका कारण काफी हद तक आर्थिक स्थिरता थी।
  • आठवीं पंचवर्षीय योजना वर्ष 1992 में शुरू की गई थी।
  • पहली द्विवार्षिक योजनाएं (1966-69)
    • पहली बार द्विवार्षिक योजनाएं तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961-66) के असफल रहने के बाद शुरू हुईं।
    • 1966-67 और 1967-68 के लिए दो वार्षिक योजनाएं चलाई गईं
    • क्योंकि युद्ध, सूखा और आर्थिक संकट के कारण पंचवर्षीय योजना को स्थगित करना पड़ा।​
    • इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना था।
    • चौथी पंचवर्षीय योजना 1969-74 में फिर शुरू हुई।
  • दूसरी द्विवार्षिक योजनाएं (1990-92)
    • सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) के बाद आर्थिक संकट के कारण दो और वार्षिक योजनाएं लागू की गईं।
    • 1990-91 और 1991-92 सातवीं और आठवीं पंचवर्षीय योजनाओं के बीच के कार्यक्रम थे।​
    • इनका फोकस कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर था।
    • 1992 में आठवीं पंचवर्षीय योजना शुरू हुई।
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • भारत की पंचवर्षीय योजनाएं 1951 से योजना आयोग द्वारा चलाई जा रही थीं
    • लेकिन संकट काल में वार्षिक योजनाओं का सहारा लिया गया।​
    • कुल तीन ब्रेक हुए: 1966-69, 1978-80 (रोलिंग प्लान) और 1990-92।
    • ये योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित थीं और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायक रहीं।​
    • 2017 में 12वीं योजना के बाद नीति आयोग ने पंचवर्षीय योजनाओं को समाप्त कर दिया।

3. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) चौथी पंचवर्षीय योजना - गरीबी हटाओ लक्ष्य
Solution:
  • तीसरी पंचवर्षीय योजना - गाडगिल योजना
  • चौथी पंचवर्षीय योजना - सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता लक्ष्य
  • प्रथम पंचवर्षीय योजना - कृषि विकास
  • दूसरी पंचवर्षीय योजना - नेहरू-महालनोबिस मॉडल
  • निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत है?
    • यह प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे IBPS PO, SSC, या अन्य तर्कशक्ति परीक्षाओं) में आमतौर पर आता है
    • जहाँ पूर्ण विवरण के बिना विकल्प दिए बिना सटीक उत्तर देना असंभव होता है।
    • बिना विकल्पों के, प्रश्न अधूरा प्रतीत होता है।
    • फिर भी, इस प्रकार के प्रश्नों के सामान्य पैटर्न के आधार पर विस्तृत व्याख्या नीचे दी गई है।​
  • सबसे सामान्य उदाहरण
    • सबसे लोकप्रिय उदाहरण sitting arrangement (बैठने की व्यवस्था) पर आधारित है
    • जहाँ 8 व्यक्ति (A, E, H, J, M, P, S, T) आयताकार मेज पर बैठे हैं
    • कुछ भुजाओं पर (मुख बाहर), कुछ कोनों पर (मुख अंदर)। मुख्य शर्तें:
    • J और H आसन्न नहीं।
    • A के विपरीत व्यक्ति P के ठीक दाएँ।
    • T-H आसन्न।
    • J, A से दो स्थान दूर, कोने पर नहीं।
    • A, S के ठीक दाएँ नहीं।
    • H, S के बाएँ से दूसरा।
    • M-A एक ही दिशा मुख।
    • इनके बाद की व्यवस्था में सभी युग्म (जैसे A-E, H-T) विपरीत बैठे पाए जाते हैं
    • सिवाय S-M के, जो विपरीत नहीं। अतः SM गलत युग्म।​
  • अन्य सामान्य प्रकार
    • विभिन्न विषयों के अन्य उदाहरण:
    • मूड/भावना युग्म: पलायन-भय (सही), प्रतिकर्षण-क्रोध (सही)
    • जिज्ञासा-आश्चर्य (सही), लेकिन निवेदन-विपत्ति गलत (निवेदन प्रेम/करुणा से जुड़ता)।​
    • मुहावरे-अर्थ: सब्ज बाग दिखलाना - झूठे आशावाद (सही), लेकिन "हरा-भरा करना" गलत।​
    • संविधान: जीवन रक्षा-अनुच्छेद 20 सही नहीं (यह अनुच्छेद 21 है); भेदभाव-अनुच्छेद 15 सही।

4. भारत के योजना आयोग (2011-12) के अनुसार, राज्यों के किस समूह में सबसे अधिक गरीबी अनुपात है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) छत्तीसगढ़ और झारखंड
Solution:
  • योजना आयोग 2011-12 के अनुसार, राज्यवार गरीबी अनुपात छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 39.93% है
  • जिसके बाद झारखंड में 36.96%, मणिपुर 36.89% का स्थान था।
  • गरीबी अनुपात के आंकड़े
    • योजना आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को देश में सबसे अधिक गरीबी वाले राज्य के रूप में चिह्नित किया गया
    • जहां कुल गरीबी अनुपात 39.93% तक पहुंच गया था। झारखंड में यह 37.0% के आसपास रहा
    • जो इन दोनों राज्यों को शीर्ष समूह में रखता है।
    • अन्य राज्यों जैसे बिहार (33.74%) और असम (31.98%) में भी उच्च दरें थीं
    • लेकिन छत्तीसगढ़-झारखंड समूह सबसे प्रभावित रहा।​
  • कारण और पृष्ठभूमि
    • इन राज्यों में उच्च गरीबी के प्रमुख कारणों में आर्थिक अविकास, औद्योगीकरण की कमी, कम कृषि उत्पादकता और बेरोजगारी प्रमुख थे।
    • दोनों ही राज्यों में बड़ी आदिवासी आबादी है
    • जहां बुनियादी ढांचे की कमी, सीमित रोजगार अवसर और अपर्याप्त स्वास्थ्य-शिक्षा सुविधाएं गरीबी को बढ़ावा देती हैं।
    • इसके अलावा, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद अपर्याप्त शासन और विकास योजनाओं का असर पड़ा।​
  • सरकारी प्रयास
    • योजना आयोग के आंकड़ों के बाद मनरेगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम जैसी योजनाओं पर जोर दिया गया
    • इन राज्यों में गरीबी कम हो। इन प्रयासों से बाद के वर्षों में कमी देखी गई
    • लेकिन 2011-12 में छत्तीसगढ़-झारखंड सबसे गरीब समूह के रूप में उभरे।​

5. निम्नलिखित में से कौन-सी पंचवर्षीय योजना दो राजनीतिक दलों की सरकारों द्वारा तैयार की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) छठी पंचवर्षीय योजना
Solution:
  • छठी पंचवर्षीय योजना (1980-85) को दो बार लांच किया गया था।
  • पहली बार जनता पार्टी सरकार द्वारा और दूसरी बार कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा।
  • इसका उद्देश्य तीव्र औद्योगिक विकास, विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास करना था।
  • योजना का पृष्ठभूमि
    • भारत की छठी पंचवर्षीय योजना को मूल रूप से जनता पार्टी की सरकार ने तैयार किया था
    • जो 1977 में सत्ता में आई थी। हालांकि, 1979-1980 में राजनीतिक अस्थिरता के कारण जनता पार्टी सरकार गिर गई और
    • जनवरी 1980 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी सत्ता में लौटी।
    • कांग्रेस सरकार ने इस योजना को संशोधित कर पुनः लागू किया
    • जिससे यह दो दलों (जनता पार्टी और कांग्रेस) की सरकारों से जुड़ी एकमात्र योजना बनी।​
  • प्रमुख उद्देश्य
    • योजना का मुख्य फोकस गरीबी उन्मूलन, आर्थिक आधुनिकीकरण, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना था।
    • कृषि क्षेत्र में सुधार, औद्योगिक विकास और प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया
    • साथ ही आय असमानता घटाने के प्रयास हुए।
    • इसमें ग्रामीण विकास कार्यक्रम जैसे एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) शुरू किए गए।​
  • उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
    • इस योजना ने जीडीपी वृद्धि दर 5.5% लक्ष्य के मुकाबले लगभग 5.7% हासिल की, लेकिन सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने कार्यान्वयन प्रभावित किया।
    • दो दलों के दृष्टिकोण के मिश्रण से योजना में लचीलापन आया
    • जो राजनीतिक परिवर्तनों के बावजूद निरंतरता प्रदान करता था।
    • कुल मिलाकर, यह योजना भारत की नियोजन प्रक्रिया में एक अनोखा उदाहरण है।​

6. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में योजना आयोग ने 2011-2012 तक साक्षरता में लैंगिक- अंतर को ....... प्रतिशत अंक तक कम करने का लक्ष्य रखा था। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 10
Solution:
  • ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में समावेशी विकास की अवधारणा को शामिल करते हुए 10 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य तथा गरीबी को 10 प्रतिशत अंक कम करने का लक्ष्य रखा गया था।
  • साथ ही साक्षरता में लैंगिक अंतर को 10 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया था।
  • योजना का संदर्भ
    • यह लक्ष्य समावेशी विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा था
    • जिसमें शिक्षा और लिंग समानता पर विशेष जोर दिया गया।
    • योजना आयोग ने साक्षरता दरों में पुरुषों और महिलाओं के बीच के अंतर को कम करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान
    • राष्ट्रीय साक्षरता मिशन (NLM) जैसे कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।​
  • लक्ष्य की पृष्ठभूमि
    • 2001 की जनगणना के समय साक्षरता में लिंग अंतर काफी अधिक था
    • जो 2011 तक घटकर लगभग 16.68 प्रतिशत रह गया, लेकिन लक्ष्य से अभी भी अधिक था।
    • SSA ने लड़कियों और हाशिए पर पड़े समूहों के लिए प्राथमिक शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने पर काम किया
    • जबकि NLM ने ग्रामीण महिलाओं को लक्षित कर वयस्क साक्षरता बढ़ाई।​
  • अन्य प्रमुख उद्देश्य
    • कुल साक्षरता दर को 85% तक पहुंचाना।
    • 7 करोड़ नए रोजगार सृजन और साक्षर बेरोजगारी को 5% से नीचे लाना।
    • लिंग बजटिंग को 13 विभागों में लागू कर संसाधनों का लैंगिक आकलन सुनिश्चित करना।​
  • उपलब्धियों और चुनौतियां
    • योजना के अंत तक प्रगति हुई, लेकिन पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति नहीं हुई
    • क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों और पिछड़े वर्गों में असमानताएं बनी रहीं।
    • 2011 जनगणना में पुरुष साक्षरता 82.14% और महिला 65.46% रही।

7. निम्नलिखित में से कौन-सी भारत की चौथी योजना की विशेषता नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) योजना को बड़ी सफलता माना जाता है।
Solution:
  • चौथी पंचवर्षीय योजना वर्ष 1969 से 1974 तक लागू थी। इस योजना के शैक्षिक उद्देश्य बहुआयामी थे
  • उसका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों का समाधान करना था।
  • स्थिरता और आत्मनिर्भरता की प्रगतिशील उपलब्धि के साथ विकास पर जोर दिया गया।
  • यह योजना असफल रही और 5.7% के लक्ष्य की तुलना में केवल 3.3% की वृद्धि दर हासिल कर पाई।
  • योजना का कालखंड और पृष्ठभूमि
    • इसके प्रमुख उद्देश्य थे: स्थिरता के साथ विकास आत्मनिर्भरता की प्राप्ति, और आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण को रोकना।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • स्थिरता और विकास का संतुलन: योजना का मूल मंत्र "स्थिरता के साथ विकास" था
    • जिसमें मुद्रास्फीति नियंत्रण और 5.7% वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया।​
    • आत्मनिर्भरता पर जोर: आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि, उद्योग और रक्षा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई।​
    • सामाजिक-आर्थिक लक्ष्य: गरीबी उन्मूलन पर पहली बार विशेष ध्यान दिया गया
    • साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रमों को मजबूत किया गया।​
    • क्षेत्रीय आवंटन: सार्वजनिक क्षेत्र में भारी निवेश, विशेषकर भारी उद्योगों और सिंचाई पर।
    • कुल व्यय लगभग 15,900 करोड़ रुपये का लक्ष्य था।​
  • कौन-सी विशेषता नहीं है?
    • "योजना को एक बड़ी सफलता माना जाता है" यह चौथी योजना की विशेषता नहीं है।
    • वास्तव में, यह योजना युद्धों (1971 का भारत-पाक युद्ध), सूखा, तेल संकट और मुद्रास्फीति के कारण असफल रही।
    • लक्षित 5.7% विकास दर के विरुद्ध केवल 3.3% ही प्राप्त हुई
    • जिससे इसे विफल घोषित किया गया। परिवार नियोजन कार्यक्रमों को बढ़ावा देना एक वास्तविक विशेषता थी
    • लेकिन सफलता का दावा गलत है।​
  • असफलता के कारण और प्रभाव
    • योजना की विफलता के कारणों में वैश्विक आर्थिक संकट, 1971 युद्ध के खर्च, खराब मानसून और राजनीतिक अस्थिरता शामिल थे।
    • इससे पंचवर्षीय योजनाओं में बदलाव आया, और पांचवीं योजना में गरीबी हटाओ पर अधिक फोकस हुआ।
    • कुल मिलाकर, चौथी योजना ने आत्मनिर्भरता की नींव रखी लेकिन लक्ष्य अधूरे रहे।​

8. निम्नलिखित में से कौन-सा/से पंचवर्षीय योजनाओं के लक्ष्य है/हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) विकास, आधुनिकीकरण, समता और आत्मनिर्भरता
Solution:
  • भारत की पंचवर्षीय योजनाओं के लक्ष्य थे-विकास, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता तथा समानता।
  • समग्र लक्ष्य
    • पंचवर्षीय योजनाओं के चार प्रमुख लक्ष्य निम्न थे:
    • विकास: राष्ट्रीय आय में वृद्धि, जैसे पहली योजना में 25% की वृद्धि का लक्ष्य।​
    • आधुनिकीकरण: प्रौद्योगिकी और उद्योगों का आधुनिकीकरण, विशेषकर भारी उद्योगों पर जोर।​
    • आत्मनिर्भरता: खाद्यान्न और औद्योगिक उत्पादों में स्वावलंबन, जैसे तृतीय योजना में खाद्यान्न आत्मनिर्भरता।​
    • समानता: गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना।​
  • प्रारंभिक योजनाओं के लक्ष्य
    • पहली योजना (1951-56): कृषि विकास, सिंचाई और ऊर्जा पर फोकस; 11% की वास्तविक वृद्धि प्राप्त हुई।​
    • दूसरी योजना (1956-61): महालनोबिस मॉडल पर आधारित, भारी उद्योगों और औद्योगीकरण पर जोर; राष्ट्रीय आय में 20% वृद्धि।​
    • तीसरी योजना (1961-66): आत्मनिर्भरता और खाद्यान्न उत्पादन; लेकिन युद्धों से प्रभावित।​
  • बाद की योजनाओं के लक्ष्य
    • चौथी योजना (1969-74): स्थिरता के साथ विकास (Growth with Stability), गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता।​
    • पांचवीं योजना (1974-78): गरीबी हटाओ, न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम।​
    • छठी से ग्यारहवीं योजना: रोजगार सृजन (7 करोड़ नौकरियां), साक्षरता (75%), IMR/MMR में कमी, ग्रामीण विकास।​
    • बारहवीं योजना (2012-17): गरीबी में 10% कमी, आधारभूत ढांचे में 9% GDP निवेश।​
    • ये लक्ष्य योजना आयोग द्वारा निर्धारित किए गए, जो 2015 में नीति आयोग में परिवर्तित हो गया।

9. भारत से पहले, किस देश ने नीति निर्माण उद्देश्यों के लिए पंचवर्षीय योजनाएं शुरू की थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) सोवियत संघ
Solution:
  • भारत से पहले, 'सोवियत संघ' ने नीति निर्माण उद्देश्यों के लिए पंचवर्षीय योजनाएं शुरू की थी।
  • सोवियत संघ की पहली पंचवर्षीय योजना
    • सोवियत संघ की पहली पंचवर्षीय योजना 1928 से 1932 तक चली
    • जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था को तेज़ी से औद्योगिक शक्ति बनाना था।
    • योजना ने भारी उद्योगों जैसे इस्पात, कोयला, मशीनरी और बिजली उत्पादन पर ज़ोर दिया
    • साथ ही कृषि का सामूहिकरण (कलेक्टिवाइज़ेशन) कर खाद्य उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया।
    • हालाँकि, इस दौरान अकाल और दमन जैसी चुनौतियाँ आईं, लेकिन औद्योगिक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई
    • इस्पात उत्पादन 4 मिलियन टन से बढ़कर 5.9 मिलियन टन हो गया।​
  • बाद की योजनाएँ और प्रभाव
    • सोवियत संघ ने कुल 13 पंचवर्षीय योजनाएँ (1928-1991 तक) चलाईं
    • जो केंद्रीकृत नियोजन पर आधारित थीं और समाजवादी अर्थव्यवस्था का आधार बनीं।
    • इनका वैश्विक प्रभाव पड़ा—भारत सहित कई विकासशील देशों ने इन्हें अपनाया
    • क्योंकि ये मध्यम अवधि (5 वर्ष) में लक्ष्य-आधारित विकास की अनुमति देती थीं।
    • स्टालिन युग में ये योजनाएँ तेज़ औद्योगीकरण का प्रतीक बनीं, लेकिन मानवीय लागत अधिक रही।​
  • भारत से तुलना
    • भारत ने सोवियत मॉडल से प्रेरित होकर 1951 में योजना आयोग बनाया और पहली योजना शुरू
    • जो कृषि व सिंचाई पर केंद्रित थी। भारत की 12 योजनाएँ (1951-2017) चलीं
    • लेकिन NITI आयोग (2015 से) ने इन्हें बदल दिया।
    • सोवियत योजना केंद्रीकृत थी, जबकि भारत ने मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई।​
  • वैश्विक प्रसार
    • पंचवर्षीय योजनाएँ सोवियत प्रभाव से चीन (1953), पूर्वी यूरोप और कई अफ्रीकी देशों में फैलीं।
    • ये केंद्रीकृत योजना का प्रतीक बनीं, हालाँकि बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद कई देशों ने इन्हें छोड़ दिया।​

10. भारत में अधिकांश पंचवर्षीय योजनाओं में दी गई वरीयता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) निजी क्षेत्र उद्यमिता का व्यापक संवर्धन
Solution:
  • भारत में अधिकांश पंचवर्षीय योजनाओं में निजी क्षेत्र उद्यमिता का व्यापक संवर्धन करने में वरीयता दी गई।
  • पंचवर्षीय योजनाओं को तैयार करने का कार्य योजना आयोग नामक संस्था द्वारा किया जाता था।
  • प्राथमिकता का आधार
    • दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-1961) से ही भारी उद्योगों जैसे इस्पात, कोयला, सीमेंट और मशीनरी पर जोर दिया गया
    • जो महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी।
    • इसके बाद की अधिकांश योजनाओं (तीसरी से आठवीं तक) में भी सार्वजनिक क्षेत्र के भारी उद्योगों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली ताकि बुनियादी ढांचा मजबूत हो और रोजगार सृजन हो।
    • पहली योजना कृषि-केंद्रित थी, लेकिन कुल 12 योजनाओं में भारी उद्योगों की प्राथमिकता प्रमुख रही।​
  • प्रमुख योजनाओं का विवरण
    • दूसरी योजना: भारी उद्योगों पर फोकस, इस्पात संयंत्र स्थापना (भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला)।​
    • तीसरी योजना: कृषि के साथ भारी उद्योगों का संतुलन, लेकिन उद्योगों को मजबूत आधार मिला।​
    • चौथी से छठी योजना: ऊर्जा, इस्पात और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया गया।​
    • सातवीं और आठवीं योजना: भारी उद्योगों के माध्यम से तकनीकी प्रगति और निर्यात बढ़ावा।​
    • ये निवेश औद्योगिक उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाए और जीडीपी वृद्धि को गति दी।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • योजना आयोग (1950-2014) ने इन योजनाओं को तैयार किया
    • जो सोवियत मॉडल से प्रेरित थीं।
    • 2017 में नीति आयोग ने पंचवर्षीय योजनाओं को समाप्त कर रणनीतिक नीतियों पर जोर दिया।
    • कुल मिलाकर, भारी उद्योगों की प्राथमिकता ने भारत को औद्योगिक शक्ति बनाया।