आयोजना (पंचवर्षीय योजना) (अर्थव्यवस्था)

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21. द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61) का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से किस लक्ष्य को प्राप्त करना था ? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली), CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) भारी उद्योगों पर फोकस के साथ तेजी से औद्योगीकरण
Solution:
  • भारत में दूसरी पंचवर्षीय योजना की अवधि वर्ष 1956 से वर्ष 1961 तक थी।
  • यह योजना पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी।
  • इस योजना का प्रमुख उद्देश्य भारी उद्योगों पर फोकस के साथ तेजी से औद्योगीकरण करना था।
  • योजना का पृष्ठभूमि
    • पहली पंचवर्षीय योजना के विपरीत, जहां कृषि पर मुख्य फोकस था
    • द्वितीय योजना ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी ताकि देश की उत्पादन क्षमता बढ़े और विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो।
    • कुल व्यय 4,800 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया
    • जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत करने का प्रयास किया गया।​
  • प्रमुख उद्देश्य
    • भारी उद्योगों का विकास: इस्पात, कोयला, बिजली, मशीनरी और रसायन उद्योगों पर विशेष ध्यान, जैसे भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर इस्पात संयंत्रों की स्थापना।​
    • राष्ट्रीय आय में वृद्धि: 11% की वृद्धि दर का लक्ष्य, जो वास्तव में 8.5% प्राप्त हुई, जीवन स्तर सुधारने के लिए।​
    • रोजगार सृजन: बेरोजगारी कम करने हेतु औद्योगिक रोजगार बढ़ाना।​
    • आय असमानता न्यूनीकरण: धन वितरण को संतुलित करना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना।​
    • आत्मनिर्भरता: पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन से आयात बचत।​
  • उपलब्धियां एवं चुनौतियाँ
    • योजना के दौरान औद्योगिक उत्पादन में 38% की वृद्धि हुई
    • लेकिन विदेशी मुद्रा संकट और युद्ध के कारण लक्ष्य पूरी तरह न पूरे हुए।
    • फिर भी, यह भारत के औद्योगिक आधार को मजबूत करने वाली योजना साबित हुई।​

22. वर्ष 2021 में नीति आयोग द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक बेसलाइन रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में रहने वाली आबादी में से कितने प्रतिशत लोग गरीब हैं? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 8.81%
Solution:
  • वर्ष 2021 में सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक बेसलाइन रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में रहने वाली आबादी में लगभग 8.81 प्रतिशत लोग गरीब थे।
  • ध्यातव्य है कि रिपोर्ट के अनुसार, सर्वाधिक गरीब आबादी वाला राज्य बिहार है।
  • रिपोर्ट का आधार
    • जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के 12 संकेतकों पर गरीबी मापती है।
    • शहरी क्षेत्रों में कुल बहुआयामी गरीबी अनुपात (MPI हेडकाउंट रेशियो) 8.81% दर्ज किया गया
    • जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 25.01% था। देश स्तर पर औसत गरीबी 14.96% रही।​
  • प्रमुख संकेतक
    • रिपोर्ट तीन आयामों पर केंद्रित है:
    • स्वास्थ्य: कुपोषण, बाल एवं किशोर मृत्यु दर, मातृत्व स्वास्थ्य।
    • शिक्षा: वर्षों के स्कूली शिक्षा, वर्तमान उपस्थिति।
    • जीवन स्तर: स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, ईंधन, बैंक खाता आदि।​
    • शहरी क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य संकेतक ग्रामीणों से बेहतर थे, लेकिन आवास और स्वच्छता में अभी भी कमी थी।
  • राज्य-वार विवरण
    • सर्वाधिक गरीबी: बिहार (शहरी MPI स्कोर 0.117), झारखंड (0.067)।​
    • न्यूनतम गरीबी: केरल (0.71%)।​
    • शहरी गरीबी ग्रामीणों से काफी कम रही, जो शहरीकरण के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।​
  • महत्वपूर्ण निहितार्थ
    • यह MPI वैश्विक MPI को अनुकूलित रूप है, जो नीति निर्माण में सहायक है।
    • रिपोर्ट से पता चलता है कि शहरी गरीबी में कमी के बावजूद, लक्षित हस्तक्षेप आवश्यक हैं।
    • बाद की प्रगति रिपोर्टों में 2015-16 से 2019-21 तक शहरी गरीबी में तेज गिरावट दर्ज हुई।​

23. पहली पंचवर्षीय योजना कब प्रारंभ हुई? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली), CHSL (T-I) 06 जून, 2022 (II-पाती)]

Correct Answer: (c) 1 अप्रैल, 1951 को
Solution:
  • प्रथम पंचवर्षीय योजना वर्ष 1951 से प्रारंभ की गई थी, जो हैरॉड-डोमर मॉडल पर आधारित थी।
  • इस योजना की अवधि। अप्रैल, 1951 से 31 मार्च, 1956 तक थी।
  • प्रथम पंचवर्षीय योजना में मुख्य प्राथमिकता कृषि, मूल्य स्थिरता, विद्युत तथा परिवहन पर दिया गया।
  • प्रमुख उद्देश्य
    • शरणार्थियों का पुनर्वास और खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना मुख्य लक्ष्य था।
    • सिंचाई, बिजली, परिवहन और कृषि पर विशेष जोर दिया गया, जबकि उद्योगों को गौण महत्व मिला।
    • महंगाई नियंत्रण और सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो अमेरिकी ग्रामीण मॉडल से प्रेरित था।​
  • आर्थिक प्रारूप
    • यह योजना हर्रोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी, जिसमें 2.1% वार्षिक जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य रखा गया।
    • वास्तविक उपलब्धि 3.6% रही, जो काफी सफल मानी जाती है।
    • सार्वजनिक क्षेत्र पर 44.6% व्यय कृषि और सिंचाई पर केंद्रित रहा।​
  • प्रमुख उपलब्धियाँ
    • भाखड़ा नांगल, हीराकुंड, दामोदर घाटी और मेट्टूर जैसे बड़े बांधों का निर्माण शुरू हुआ।
    • 1955 में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना, नेपानगर न्यूजप्रिंट कारखाना और सिंदरी उर्वरक संयंत्र स्थापित किए गए।
    • 1956 में पांच आईआईटी की नींव और यूजीसी की स्थापना हुई; पांच इस्पात संयंत्रों के लिए अनुबंध हुए।​
  • मूल्यांकन
    • यह योजना आंशिक रूप से सफल रही, क्योंकि कृषि उत्पादन बढ़ा और संकट कम हुए
    • लेकिन औद्योगिक विकास सीमित रहा। नेहरू इसके अध्यक्ष थे, जबकि गुलजारीलाल नंदा उपाध्यक्ष।​

24. जब भारत में पहली पंचवर्षीय योजना तैयार की गई थी, तब ....... योजना आयोग के अध्यक्ष थे। [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) जवाहरलाल नेहरू
Solution:
  • भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) के समय योजना आयोग के अध्यक्ष भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे।
  • गौरतलब है कि वर्तमान में योजना आयोग को नीति आयोग से प्रतिस्थापित कर दिया गया है।
  • योजना आयोग की स्थापना
    • योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को एक कैबिनेट प्रस्ताव के माध्यम से की गई थी
    • जिसका उद्देश्य देश के संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर आर्थिक विकास को गति देना था।
    • जवाहरलाल नेहरू को इसका पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया
    • क्योंकि प्रधानमंत्री को परंपरागत रूप से यह पद सौंपा जाता था।
    • आयोग ने पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया।​
  • पहली पंचवर्षीय योजना का स्वरूप
    • पहली पंचवर्षीय योजना (1951-1956) हरrod-Domar मॉडल पर आधारित थी
    • मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र पर केंद्रित रही, क्योंकि स्वतंत्रता के बाद देश खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था।
    • इस योजना में कुल 2069 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित था
    • जिसमें सिंचाई परियोजनाओं जैसे भाखड़ा नांगल, हीराकुंड और दामोदर घाटी बांध पर विशेष ध्यान दिया गया।
    • लक्ष्य 2.1% की विकास दर था, लेकिन वास्तविक उपलब्धि 3.6% रही, जो योजना को सफल बनाती है।​
  • नेहरू की भूमिका विस्तार से
    • जवाहरलाल नेहरू ने न केवल योजना आयोग की अध्यक्षता की, बल्कि संसद में पहली योजना प्रस्तुत भी की।
    • उन्होंने मिश्रित अर्थव्यवस्था के मॉडल को अपनाया
    • जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।
    • इस दौरान पांच आईआईटी की स्थापना और यूजीसी का गठन हुआ
    • जो शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाले कदम थे।
    • नेहरू का दृष्टिकोण सोवियत मॉडल से प्रेरित था, लेकिन भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढाला गया।​
  • उपलब्धियां प्रभाव
    • योजना के परिणामस्वरूप शुद्ध घरेलू उत्पाद में 15% की वृद्धि हुई, खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा और सामुदायिक विकास कार्यक्रम शुरू हुए।
    • हालांकि, औद्योगीकरण सीमित रहा, जो दूसरी योजना में सुधार का आधार बना।
    • कुल मिलाकर, यह योजना भारत के नियोजित विकास की नींव रखने वाली साबित हुई।​

25. भारत के योजना आयोग को ....... में नीति आयोग द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 2015
Solution:
  • 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग को एक नए संस्थान नीति आयोग द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।
  • ध्यातव्य है कि नीति आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। नीति आयोग का उद्देश्य सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना है।
  • योजना आयोग का गठन
    • योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को हुई थी
    • जिसका उद्देश्य पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से भारत के आर्थिक विकास को निर्देशित करना था।
    • इसका पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता था, और यह केंद्रीकृत योजना निर्माण पर केंद्रित था
    • जिसमें केंद्र सरकार राज्यों को धन वितरण करती थी।
    • कुल 12 पंचवर्षीय योजनाएं (1951 से 2017 तक) इसके तहत तैयार की गईं, लेकिन अंतिम योजना अधूरी रही।​
  • समाप्ति का कारण
    • योजना आयोग को 17 अगस्त 2014 को औपचारिक रूप से भंग घोषित किया गया
    • क्योंकि यह बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कठोर और अप्रभावी साबित हो गया था।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से इसकी घोषणा
    • एक नई संस्था बनाई जा सके जो लचीली नीतियों और राज्यों की भागीदारी पर जोर दे।
    • आलोचनाओं में केंद्रीकरण, नौकरशाही और निजी क्षेत्र की उपेक्षा प्रमुख थीं।​
  • नीति आयोग की स्थापना
    • नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान - NITI Aayog) का गठन 1 जनवरी 2015 को हुआ।
    • इसका पूरा नाम National Institution for Transforming India है
    • यह थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है, जो नीतिगत सलाह देता है
    • बजाय धन वितरण के। वर्तमान में इसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री, उपाध्यक्ष और सीईओ प्रमुख पद हैं।​​
  • प्रभाव और उपलब्धियां
    • नीति आयोग ने एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम, इंडिया इनोवेशन इंडेक्स और सतत विकास लक्ष्यों पर काम किया है
    • जिससे राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी। यह योजना आयोग की तुलना में अधिक गतिशील है
    • लेकिन कुछ आलोचक धन वितरण की कमी को समस्या मानते हैं।
    • 2026 तक यह भारत के विजन 2047 को आकार दे रहा है।

26. भारत में निर्देशात्मक नियोजन (Indicative Planning) को ....... पंचवर्षीय योजना के दौरान अपनाया गया था। [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) आठवीं
Solution:
  • भारत में आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) के दौरान निर्देशात्मक योजना (Indicative Planning) को अपनाया गया था।
  • गौरतलब है की आठवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य फोकस उद्योगों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना था।
  • निर्देशात्मक नियोजन की परिभाषा
    • निर्देशात्मक नियोजन एक ऐसी प्रक्रिया है
    • जिसमें सरकार आर्थिक विकास के लिए सामान्य दिशानिर्देश और लक्ष्य निर्धारित करती है
    • लेकिन निजी क्षेत्र को स्वतंत्रता देती है। यह मिश्रित अर्थव्यवस्था के लिए उपयुक्त था
    • जहां सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों सहभागी होते हैं।
    • भारत में 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद यह अपनाया गया ताकि बाजार सुधारों को बढ़ावा मिले।
  • आठवीं पंचवर्षीय योजना का संदर्भ
    • आठवीं योजना 1992 से 1997 तक चली और इसका मुख्य उद्देश्य मानव संसाधन विकास, रोजगार सृजन तथा शिक्षा पर जोर था।
    • जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य 5.6% रखा गया, जो वास्तव में 6.8% प्राप्त हुआ।
    • इस दौरान उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) नीतियों के कारण निर्देशात्मक नियोजन को प्राथमिकता दी गई।
  • अन्य योजनाओं से अंतर
    • प्रथम से सातवीं योजनाओं में आदेशात्मक नियोजन प्रमुख था
    • जहां सरकार ने भारी उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र पर नियंत्रण रखा।
    • नौवीं योजना (1997-2002) से भी यह जारी रहा, लेकिन आठवीं में इसका स्पष्ट परिचय हुआ।
    • यह मॉडल फ्रांस जैसे देशों से प्रेरित था, जहां सरकार संकेत देती है लेकिन बाध्य नहीं करती।
  • प्रभाव और महत्व
    • इस नियोजन ने निजी निवेश को प्रोत्साहित किया और आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाई।
    • हालांकि, कुछ आलोचनाओं में असमान विकास का उल्लेख है।
    • 2015 में योजना आयोग के विघटन के बाद नीति आयोग ने सहयोगी संघवाद पर जोर दिया।

27. इनमें से कौन-सा पंचवर्षीय योजनाओं के तहत किए गए कृषि से संबंधित सुधारों में से एक नहीं है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) किराया प्राधिकरण विभाग का गठन
Solution:
  • उपर्युक्त विकल्पों में किराया प्राधिकरण विभाग का गठन भारत में पंचवर्षीय योजना के तहत किए गए कृषि से संबंधित सुधारों में से एक नहीं है। अतः विकल्प (c) सही उत्तर है।
  • पंचवर्षीय योजनाओं के कृषि सुधारों का अवलोकन
    • भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ (1951-2017) में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई
    • विशेष रूप से प्रथम योजना से लेकर कई बाद की योजनाओं तक
    • क्योंकि कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी।
    • इन योजनाओं के तहत भूमि सुधार, सिंचाई परियोजनाएँ, हरित क्रांति, उन्नत बीज, उर्वरक वितरण और ग्रामीण विकास जैसे कदम उठाए गए।
    • हालांकि, प्रश्न में विकल्पों का उल्लेख नहीं है
    • इसलिए सामान्यतः पूछे जाने वाले कृषि सुधारों (जैसे 'जोतने वालों को भूमि', सामुदायिक विकास योजना, गहरे कुओं का निर्माण, हरित क्रांति) में से 'गहरे कुओं का निर्माण' पंचवर्षीय योजनाओं से सीधे जुड़ा कृषि सुधार नहीं माना जाता
    • क्योंकि यह मुख्यतः स्वतंत्रता पूर्व या स्थानीय स्तर का जल संरक्षण उपाय था।​
  • प्रमुख कृषि सुधार
    • पहली पंचवर्षीय योजना (1951-56) ने कृषि पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी
    • जिसमें 'जोतने वालों को भूमि' नीति प्रमुख थी। इसका उद्देश्य जमींदारों से भूमि लेकर भूमिहीन किसानों में पुनर्वितरण करना था
    • साथ ही भाखड़ा नांगल और हीराकुड जैसे बाँधों से सिंचाई बढ़ाना।
    • दूसरी योजना (1956-61) में भी कृषि को समर्थन मिला, लेकिन फोकस उद्योग की ओर शिफ्ट हुआ।​
    • तीसरी योजना (1961-66): खाद्यान्न आत्मनिर्भरता पर जोर, उन्नत बीज और उर्वरकों का प्रसार।
    • चौथी योजना (1969-74): हरित क्रांति का विस्तार, गेहूँ-चावल उत्पादन में वृद्धि।
    • पाँचवीं योजना (1974-79): न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीण रोजगार और सिंचाई सुधार।​
  • गैर-कृषि सुधार उदाहरण
    • पंचवर्षीय योजनाओं के कृषि सुधारों में 'गहरे कुओं का निर्माण' शामिल नहीं
    • क्योंकि यह पंजाब-हरियाणा में हरित क्रांति से जुड़ा स्थानीय जल-स्तर गिरने का समाधान था
    • इसके विपरीत, सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952 से) और भूमि सीलिंग कानून (1960s) स्पष्ट रूप से योजनाओं के अंतर्गत थे।
    • दूसरी योजना से नियोजन उद्योग-केंद्रित हो गया, लेकिन कृषि उपेक्षित नहीं हुई।​
  • योजनाओं का कृषि पर प्रभाव
    • हरित क्रांति मुख्यतः तीसरी-पाँचवीं योजनाओं में चली, जिसने उच्च उपज वाली किस्मों (HYV) से उत्पादन दोगुना किया।
    • कुल 12 योजनाओं में कृषि विकास दर औसत 2.5-4% रही, लेकिन सूखा-युद्धों ने बाधा डाली।
    • 11वीं-12वीं योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रम जोड़े गए।​

28. वैश्विक वित्तीय संकट भारत में किस पंचवर्षीय योजना पर हावी हो गया ? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना
Solution:
  • भारत में ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) पर वैश्विक वित्तीय संकट हावी हो गया था।
  • ध्यातव्य है कि इस पंचवर्षीय योजना का मूल वाक्य तीव्र और अधिक समावेशी विकास था।
  • इस योजना की लक्षित और वास्तविक विकास दर क्रमशः 9 प्रतिशत और 8 प्रतिशत थी।
  • ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना पर वैश्विक वित्तीय संकट का प्रभाव
    • यह योजना 1 अप्रैल 2007 को शुरू हुई थी और 31 मार्च 2012 को समाप्त हुई
    • जबकि संकट का मुख्य प्रभाव 2008-09 से 2010 तक पड़ा।​
  • योजना का कालखंड और संकट का ओवरलैप
    • ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य "समावेशी विकास" था
    • जिसमें 8-9% जीडीपी वृद्धि, गरीबी में 10% कमी, कृषि विकास 4%, और शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर शामिल था।
    • हालांकि, सितंबर 2008 में लियोमैन ब्रदर्स के दिवालिया होने से वैश्विक मंदी फैली, जो भारत पहुंची।
    • भारत में 2008-09 में जीडीपी वृद्धि 6.7% पर गिर गई (पिछले वर्ष 9% से), निर्यात 15% कम हुआ
    • विनिर्माण-वित्त क्षेत्र प्रभावित हुए।​
  • आर्थिक प्रभाव की पूरी जानकारी
    • वृद्धि दर पर असर: योजना का लक्ष्य 9% था, लेकिन संकट के कारण औसत 8% प्राप्त हुआ।
    • 2009-10 में सुधार हुआ (8.6%), पर मुद्रास्फीति 10% से ऊपर रही।​
    • क्षेत्रीय चुनौतियां: सेवा क्षेत्र (आईटी) अपेक्षाकृत मजबूत रहा, लेकिन कृषि, बुनियादी ढांचा, और विनिर्माण धीमे पड़े।
    • विदेशी निवेश घटा, रुपये का अवमूल्यन हुआ।​
    • सामाजिक प्रभाव: रोजगार सृजन प्रभावित, गरीबी न्यूनीकरण लक्ष्य (15% तक) चूका
    • हालांकि MNREGA जैसे कार्यक्रमों ने सहारा दिया।​
  • भारत सरकार के प्रतिकार्य उपाय
    • सरकार ने संकट से निपटने के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज दिए (कुल 3% जीडीपी के बराबर
    • जिसमें कर छूट, ब्याज दरें कम करना, और 3 लाख करोड़ का अतिरिक्त खर्च शामिल था।
    • RBI ने मौद्रिक नीति ढीली की (CRR घटाया), और संरचनात्मक सुधार जैसे FDI बढ़ावा दिया।
    • इनसे अर्थव्यवस्था 2010 तक उबरी, लेकिन कर्ज बढ़ा।

29. इनमें से कौन-सा तीन क्रमिक पंचवर्षीय योजनाओं के बनने के बाद पंचवर्षीय योजनाओं के विराम का एक कारण नहीं था? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) खाड़ी युद्ध
Solution:
  • भारत में अनवरत तीन क्रमिक पंचवर्षीय योजना के पश्चात योजना अवकाश (1966-69) का समय था
  • जिसका कारण भारत-पाक युद्ध, मुद्रा अवमूल्यन और दो वर्ष सूखे की स्थिति थी।
  • विराम के प्रमुख कारण
    • तीसरी योजना की असफलता के पीछे मुख्य रूप से आर्थिक और प्राकृतिक संकट थे।
    • भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) ने रक्षा व्यय बढ़ा दिया और संसाधनों को प्रभावित किया।
    • लगातार दो वर्षों का सूखा (1965-66 और 1966-67) पड़ा
    • जिससे कृषि उत्पादन घटी, खाद्यान्न संकट उत्पन्न हुआ और मुद्रास्फीति बढ़ गई।
    • इसके अलावा, भारतीय रुपये का अवमूल्यन (1966 में 36% तक) हुआ
    • जो विदेशी सहायता की शर्त पर किया गया, लेकिन इससे आयात महंगे हो गए और आर्थिक स्थिरता बनी नहीं रही।
    • इन घरेलू कारकों ने चौथी योजना के लक्ष्यों को असंभव बना दिया।​
  • खाड़ी युद्ध क्यों नहीं था कारण
    • खाड़ी युद्ध (1990-91) पंचवर्षीय योजनाओं के इस प्रारंभिक विराम (1966-69) से बहुत बाद की घटना थी।
    • यह वैश्विक तेल संकट का कारण बना और भारत की अर्थव्यवस्था पर असर डाला (जैसे तेल आयात बिल बढ़ा
    • लेकिन तीन क्रमिक योजनाओं के तुरंत बाद आए विराम से इसका कोई सीधा संबंध नहीं था।
    • विराम के समय (1960 के दशक) खाड़ी युद्ध का अस्तित्व ही नहीं था
    • इसलिए यह कारण नहीं गिना जाता। बाद के विराम (1990-92 में 8वीं योजना से पहले) अलग संदर्भ थे।​
  • योजनाओं का ऐतिहासिक संदर्भ
    • पहली योजना: कृषि-केंद्रित, सफल रही (18% लक्ष्य से अधिक वृद्धि)।
    • दूसरी योजना: औद्योगीकरण पर जोर, महंगाई के बावजूद लक्ष्य हासिल।
    • तीसरी योजना: आत्मनिर्भरता का लक्ष्य, लेकिन युद्ध-सूखे से विफल।
    • विराम के बाद चौथी योजना 1969 से शुरू हुई। कुल 12 योजनाएँ चलीं, अंतिम 2017 तक।​
  • बाद के विराम और समाप्ति
    • तीन वार्षिक योजनाओं के बाद पंचवर्षीय प्रक्रिया पुनः चली
    • लेकिन 1990-92 में फिर विराम आया (राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट से)।
    • 2015 में नीति आयोग के गठन से पंचवर्षीय योजनाएँ समाप्त हो गईं, जो लंबी अवधि की रणनीतियों से प्रतिस्थापित हुईं।​

30. भारत में किस पंचवर्षीय योजना को महालनोबिस योजना कहा जाता है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली), CHSL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (IV-पाली), CGL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) द्वितीय पंचवर्षीय योजना
Solution:
  • भारत में द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961) प्रो. पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी।
  • इस योजना का उद्देश्य देश में औद्योगीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करना था।
  • महालनोबिस मॉडल की पृष्ठभूमि
    • महालनोबिस ने 1953 में यह मॉडल तैयार किया
    • जो मूल रूप से सोवियत अर्थशास्त्री गोस्तोव फेल्डमैन के मॉडल से प्रेरित था।
    • इस मॉडल में अर्थव्यवस्था को दो क्षेत्रों में विभाजित किया गया
    • उपभोग वाले क्षेत्र (कंज्यूमर गुड्स) और पूंजीगत क्षेत्र (कैपिटल गुड्स)।
    • मॉडल के अनुसार, पूंजीगत क्षेत्र (जैसे स्टील, मशीनरी, भारी उद्योग) पर 50% से अधिक निवेश करना चाहिए
    • ताकि लंबी अवधि में उच्च विकास दर हासिल हो सके।​
  • द्वितीय पंचवर्षीय योजना के मुख्य उद्देश्य
    • भारी उद्योगों का विकास: स्टील प्लांट्स (भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला) की स्थापना सोवियत संघ, ब्रिटेन और पश्चिम जर्मनी की सहायता से की गई।
    • कोयला उत्पादन बढ़ाया गया और पनबिजली परियोजनाएं शुरू हुईं।​
    • औद्योगिक नीति संकल्प 1956: सार्वजनिक क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई, जिससे लाइसेंस राज की शुरुआत हुई।​
    • लक्ष्य: 4.5% की वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया, जो वास्तव में 4.27% हासिल हुई।​
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • योजना ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए
    • जैसे रेलवे लाइनों का विस्तार, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और एटॉमिक एनर्जी कमीशन की स्थापना।
    • हालांकि, पूंजीगत उद्योगों पर अधिक जोर से कृषि क्षेत्र उपेक्षित रहा
    • जिससे खाद्यान्न संकट बढ़ा। विदेशी मुद्रा भंडार कम हो गया।