आर्थिक महत्व (पादप कार्यिकी)

Total Questions: 47

31. कुट्टू का आटा प्राप्त होता है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (b) फैगोपाइरम से
Solution:

कुड्डू का आटा बकव्हीट (Buckwheat) नामक पौधे से प्राप्त किया जाता है। इसका वानस्पतिक नाम फैगोपाइरम एस्क्यूलेन्टस (Fagopyrum esculentum) है।

32. केसर मसाला (सैफ्रन स्पाइस) बनाने के लिए पौधे का निम्नलिखित में से कौन-सा भाग उपयोग में लाया जाता है? [I.A.S. (Pre) 2009]

Correct Answer: (d) वर्तिकाग्र (स्टिग्मा)
Solution:सैफ्रॉन क्रोकस (Saffron Crocus) नामक पौधे के फूल के वर्तिका (Style) तथा वर्तिकाग्र (स्टिग्मा-Stigma) से केसर (Saffron) मसाला प्राप्त किया जाता है।

33. पुदीना के निम्नलिखित भागों में से किस एक में तेल का अधिकतम प्रतिशत पाया जाता है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2009]

Correct Answer: (c) पत्ती
Solution:

पुदीना अर्क या मेन्थॉल तेल (Menthol Oil) मुख्यतः पुदीने की पत्तियों के भाप आसवन (Steam Distillation) द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मेंथा अर्वेसिस (Mentha arvensis) है।

34. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ वृक्ष से प्राप्त किया जाता है? [U.P. P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) हींग
Solution:प्रश्नगत विकल्पों में से हींग (Asafoetida) पौधों से प्राप्त किया जाता है। यह जिस पौधे से प्राप्त की जाती है, वह अम्बेलीफेरी (Umbelliferae) कुल से संबंधित है। फेरुला एसाफोटिडा, फेरुला फोटिडा, फेरुला रुब्रीकॉलिस आदि के जड़ों से प्राप्त लेटेक्स को सुखाकर तथा राइजोम से हींग प्राप्त की जाती है। अम्बेलीफेरी को एपिएसी कुल के नाम से भी जानते हैं।नी

35. हींग प्राप्त की जाती है- [U.P.R.O./A.R.O. Re-exam (Pre) 2016]

Correct Answer: (e) (a & b)
Solution:

हींग (Asafoetida) जिस पौधे से प्राप्त की जाती है, वह अम्बेलीफेरी (Umbelliferae) कुल से संबंधित है। इस पौधे के राइजोम (एक प्रकार का तना) तथा जड़ों से प्राप्त किया जाता है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी प्रथम उत्तरमाला में विकल्प (b) को सही उत्तर माना गया था।

36. कुनैन जो मलेरिया के लिए एक प्रमुख ओषधि है, वह प्राप्त होती है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a) आवृत्तबीजी पादप से
Solution:कुनैन (Quinine) मलेरिया के उपचार के लिए एक प्रमुख ओषधि है, जिसे सिनकोना (Cinchona) नामक पौधे की छाल (Bark) से प्राप्त किया जाता है। यह पौधा एक आवृत्तबीजी पादप (Angiospermic plant) है। कुनैन एक प्राकृतिक श्वेत क्रिस्टलीय एल्केलॉयड है, जिसका स्वाद तीखा होता है। इसका उपयोग जोड़ों के दर्द (Arthritis) तथा प्रियान (Prion) से उत्पन्न रोगों के उपचार में भी किया जाता है।

37. मलेरिया रोग की प्रभावी ओषधि कुनैन का निष्कर्षण किया जाता है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (b) सिनकोना की छाल से
Solution:कुनैन (Quinine) मलेरिया के उपचार के लिए एक प्रमुख ओषधि है, जिसे सिनकोना (Cinchona) नामक पौधे की छाल (Bark) से प्राप्त किया जाता है। यह पौधा एक आवृत्तबीजी पादप (Angiospermic plant) है। कुनैन एक प्राकृतिक श्वेत क्रिस्टलीय एल्केलॉयड है, जिसका स्वाद तीखा होता है। इसका उपयोग जोड़ों के दर्द (Arthritis) तथा प्रियान (Prion) से उत्पन्न रोगों के उपचार में भी किया जाता है।

38. कुनैन, जो मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाती है, सिनकोना पादप के किस भाग से आती है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007 Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2002]

Correct Answer: (c) छाल
Solution:कुनैन (Quinine) मलेरिया के उपचार के लिए एक प्रमुख ओषधि है, जिसे सिनकोना (Cinchona) नामक पौधे की छाल (Bark) से प्राप्त किया जाता है। यह पौधा एक आवृत्तबीजी पादप (Angiospermic plant) है। कुनैन एक प्राकृतिक श्वेत क्रिस्टलीय एल्केलॉयड है, जिसका स्वाद तीखा होता है। इसका उपयोग जोड़ों के दर्द (Arthritis) तथा प्रियान (Prion) से उत्पन्न रोगों के उपचार में भी किया जाता है।

39. कुनैन, सिनकोना पादप के किस भाग में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है? [U.P.P.C.S. (Pre) (Re. Exam) 2015]

Correct Answer: (d) छाल
Solution:कुनैन (Quinine) मलेरिया के उपचार के लिए एक प्रमुख ओषधि है, जिसे सिनकोना (Cinchona) नामक पौधे की छाल (Bark) से प्राप्त किया जाता है। यह पौधा एक आवृत्तबीजी पादप (Angiospermic plant) है। कुनैन एक प्राकृतिक श्वेत क्रिस्टलीय एल्केलॉयड है, जिसका स्वाद तीखा होता है। इसका उपयोग जोड़ों के दर्द (Arthritis) तथा प्रियान (Prion) से उत्पन्न रोगों के उपचार में भी किया जाता है।

40. मलेरिया निदान हेतु आरटीथर नाम की ओषधि प्राप्त होती है- [U.P. P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (a) बीजीय पादप से
Solution:मलेरिया निदान हेतु आरटीथर नामक ओषधि बीजीय पादप (Seeded plants) से तैयार की जाती है। एट्रेवीन, क्लोरोक्वीन इत्यादि ओषधियां मी मलेरिया निदान हेतु प्रयुक्त की जाती हैं। ध्यातव्य है कि मलेरिया प्लाज्मोडियम (Plasmodium) नामक प्रोटोजोआ द्वारा होता है तथा इसका वाहक मादा एनाफिलीज मच्छर है।