उद्देशिका (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

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11. निम्नांकित में से कौन-सा 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से भारत के संविधान की 'प्रस्तावना' में जोड़ा गया था? [Jharkhand P.C.S. (Mains) 2016]

Correct Answer: (c) समाजवाद, पंथनिरपेक्ष
Solution:

42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।

12. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष' व 'समाजवादी' शब्द जोड़े गए- [U.P.P.C.S. (Mains) 2017 U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]

Correct Answer: (c) 42वें संशोधन द्वारा
Solution:

42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।

13. निम्नलिखित में से कौन भारत को धर्मनिरपेक्ष राज्य वर्णित करता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2005]

Correct Answer: (b) संविधान की प्रस्तावना
Solution:संविधान की प्रस्तावना के तहत भारत को 'पंथनिरपेक्ष' राज्य वर्णित किया गया है। यह शब्द संविधान में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) से जोड़ा गया।

14. निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द सन् 1975 में भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सम्मिलित नहीं था ? [U.P.P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (d) अखंडता
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द 42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़े गए थे।

15. निम्नलिखित शब्दों में से कौन-से शब्द 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा प्रस्तावना में जोड़े गए हैं? [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

I. समाजवाद

II. ग्राम स्वराज

III. पंथनिरपेक्षता

IV. संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न

सही उत्तर का चयन नीचे दिए कूटों के उपयोग से कीजिए :

Correct Answer: (b) I एवं III
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द 42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़े गए थे।

16. संविधान की उद्देशिका के संबंध में निम्न कथनों पर विचार करिए और दिए गए कूट की सहायता से बताइए कि इनमें से कौन सही है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2009]

1. पंडित नेहरू द्वारा प्रस्तुत "ऑब्जेक्टिव प्रस्ताव" अंततोगत्वा उद्देशिका बना।

2. इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है।

3. इसका संशोधन नहीं किया जा सकता।

4. संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (Override) नहीं कर सकता।

Correct Answer: (b) केवल 1,2 और 4
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

17. संविधान की प्रस्तावना का विधिक स्वरूप क्या है? [U.P. P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (b) यह लागू नहीं किया जा सकता है
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

18. भारतीय संविधान की उद्देशिका में संशोधन किया गया था- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2003]

Correct Answer: (c) बयालीसवें संशोधन द्वारा
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

19. समाजवादी' शब्द उद्देशिका में जोड़ा गया- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]

Correct Answer: (a) 42वें संशोधन द्वारा
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

20. किस संविधान संशोधन के द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी' शब्द जोड़ा गया था? [M.P.P.C.S. (Pre) 2023 M.P.P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (c) बयालीसवां संविधान संशोधन
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।