उद्देशिका (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

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21. 26 नवंबर, 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान की प्रस्तावना में शब्द सम्मिलित नहीं थे- [U.P.P.C.S. (Pre) 2009]

1. समाजवादी

2. पंथनिरपेक्ष

3. अखंडता

4. गणराज्य

अधोलिखित कूटों में से सही उत्तर चुनिए।

Correct Answer: (a) 1,2 और 3
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

22. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'पंथनिरपेक्ष' शब्द जोड़ा गया- [U.P.P.C.S. (Pre) 2010 U.P.P.C.S. (Pre) 1991 U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (b) 42वें संशोधन द्वारा
Solution:पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत तथा संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी, 1947 को स्वीकृत ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) प्रस्ताव ही अंततोगत्वा भारतीय संविधान की उद्देशिका बना था। प्रस्तावना का विधिक स्वरूप यह है कि इसे लागू नहीं किया जा सकता। इसकी प्रकृति न्याययोग्य (Justiciable) नहीं है। यद्यपि संविधान के विशिष्ट प्रावधानों को यह रद्द (override) नहीं कर सकती तथापि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संविधान की उद्देशिका का उपयोग संविधान के अस्पष्ट क्षेत्रों की व्याख्या करने में किया जा सकता है। उद्देशिका में संशोधन संभव है तथा 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' एवं 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। उद्देशिका संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को रद्द नहीं कर सकती है। इसका उपयोग भ्रम को दूर करने में किया जाता है। उद्देशिका का उपयोग इस निष्कर्ष के समर्थन में किया जाता है कि संविधान के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

23. भारत के संविधान के आमुख का लक्ष्य उसके सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 1998]

1. सामाजिक तथा आर्थिक न्याय

2. विचार तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

3. अवसर की समानता

4. व्यक्ति की प्रतिष्ठा

अधोलिखित कूटों में से सही उत्तर चुनिए।

Correct Answer: (d) सभी चारों
Solution:भारत के संविधान के आमुख (प्रस्तावना) का लक्ष्य उसके सभी नागरिकों को - (1) सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, (2) विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, (3) प्रतिष्ठा (status) और अवसर की समानता तथा (4) व्यक्ति की गरिमा (dignity) सुनिश्चित करना है।

24. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें से एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है। [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2019]

कथन (A): भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य है।

कारण (R) : इसे 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा 'संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य' के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया।

नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना के अनुसार, भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व- संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य है। 42वें संविधान संशोधन द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।

25. भारत में लौकिक सार्वभौमिकता है, क्योंकि संविधान की प्रस्तावना आरंभ होती है- [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

Correct Answer: (d) हम भारत के लोग शब्दों से
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना "हम, भारत के लोग" (We, The People of India) शब्दों से शुरू होती है, अतः भारत में लौकिक सार्वभौमिकता है। इसका अर्थ है-जनता सर्वशक्तिमान है और किसी बाह्य सत्ता के अधीन नहीं है।

26. 'हम, भारत के लोग' (We, The People of India) शब्दों का प्रयोग भारतीय संविधान में कहां किया गया? [M.P.P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (d) संविधान की प्रस्तावना
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना "हम, भारत के लोग" (We, The People of India) शब्दों से शुरू होती है, अतः भारत में लौकिक सार्वभौमिकता है। इसका अर्थ है-जनता सर्वशक्तिमान है और किसी बाह्य सत्ता के अधीन नहीं है।

27. "सभी व्यक्ति पूर्णतः और समान रूप से मानव हैं", यह सिद्धांत जाना जाता है- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (a) सार्वभौमिकता
Solution:"सभी व्यक्ति पूर्णतः और समान रूप से मानव हैं", यह सिद्धांत सार्वभौमिकतावाद के नाम से जाना जाता है। इस सिद्धांत के अनुसार, सभी व्यक्तियों को उनके मानव अधिकार समान रूप से बिना किसी विभेद के उपलब्ध होने चाहिए।

28. भारत के संदर्भ में निम्न में से कौन 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द का सही भाव व्यक्त करता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2005]

Correct Answer: (d) भारत में राज्य का कोई धर्म नहीं है।
Solution:भारत के पंथनिरपेक्ष/धर्मनिरपेक्ष राज्य होने का सही भाव यह है कि भारत में राज्य का कोई धर्म नहीं है, तद्नुसार सभी धर्मों को राज्य द्वारा समान प्रश्रय अपेक्षित है।

29. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित नहीं है? [U.P. P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (d) संघीय
Solution:भारतीय संविधान की प्रस्तावना में शामिल महत्वपूर्ण शब्द- संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य, न्याय, स्वतंत्रता, समता तथा बंधुता हैं, परंतु संघीय (Federal) शब्द भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 1 में संघ (Union) शब्द का प्रयोग किया गया है।

30. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द भारत के संविधान की उद्देशिका में नहीं है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (d) लोक कल्याण
Solution:भारतीय संविधान की उद्देशिका / प्रस्तावना में लोक कल्याण शब्द का उल्लेख नहीं है। प्रस्तावना में प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य शब्द हैं। इस प्रकार विकल्प (d) सही उत्तर होगा।