Correct Answer: (a) औद्योगिक नीति संकल्प, 1956
Solution:- औद्योगिक नीति संकल्प, 1956 औद्योगीकरण के विकास की प्रक्रिया में सरकारी क्षेत्र द्वारा निभाई गई प्रमुख भूमिका का विरोध था।
- यह भारत में पहली बार निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के लिए औद्योगिक गतिविधियों को आरक्षित करने का कारण बना।
- वर्ष 1956 का औद्योगिक नीति संकल्प, योजना आयोग की वैकल्पिक पंचवर्षीय योजना का आधार बना।
- नीति का ऐतिहासिक संदर्भ
- जैसे रेलवे, परमाणु ऊर्जा, पूरी तरह राज्य के स्वामित्व वाले), अनुसूची B (12 उद्योग, जैसे एल्यूमिनियम, उर्वरक, जहां राज्य की प्रमुख भूमिका), और अनुसूची C (शेष उद्योग निजी क्षेत्र के लिए खुले)।
- इसने पहली बार स्पष्ट रूप से निजी क्षेत्र को सीमित करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र को प्राथमिकता दी।
- प्रमुख विशेषताएं और प्रभाव
- सार्वजनिक क्षेत्र का विस्तार: नीति ने भारी उद्योगों को राज्य के नियंत्रण में रखा ताकि आत्मनिर्भरता बढ़े और पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन हो सके।
- उदाहरणस्वरूप, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) जैसे संस्थान इसी नीति से प्रेरित हुए।
- निजी क्षेत्र का नियमन: निजी क्षेत्र को लाइसेंस राज के तहत विनियमित किया गया
- जहां उत्पादन वृद्धि या नई इकाइयों के लिए सरकारी अनुमति जरूरी थी।
- इससे क्षेत्रीय असंतुलन कम करने और छोटे पैमाने के उद्योगों को बढ़ावा मिला।
- मिश्रित अर्थव्यवस्था: सार्वजनिक क्षेत्र 'आदेश के क्षेत्र' के रूप में और निजी क्षेत्र 'विकास के क्षेत्र' के रूप में कार्य करने को कहा गया।
- पूर्ववर्ती नीतियों से तुलना
- 1948 की नीति ने उद्योगों को चार वर्गों (राज्य के एकाधिकार वाले, मिश्रित, विनियमित, अविभाजित) में बांटा, लेकिन आरक्षण स्पष्ट नहीं था।
- उद्योग विकास एवं विनियमन अधिनियम 1951 ने नियंत्रण की रूपरेखा दी, पर आरक्षण 1956 में ही पहली बार लागू हुआ।
- 1945 की नीति (स्वतंत्रता पूर्व) मुख्यतः प्रोत्साहन पर केंद्रित थी।
- दीर्घकालिक परिणाम
- इस नीति ने 1991 के उदारीकरण तक भारत की औद्योगिक संरचना को आकार दिया
- लेकिन लाइसेंस राज ने निजी निवेश को बाधित किया।
- 1991 में नई नीति ने सार्वजनिक क्षेत्र को केवल 8 उद्योगों तक सीमित कर दिया।
- कुल मिलाकर, 1956 का संकल्प समाजवादी मॉडल पर आधारित भारत के औद्योगिक विकास की नींव बना।