उद्योग क्षेत्र (अर्थव्यवस्था)

Total Questions: 35

31. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के लघु औद्योगिक क्षेत्र का उदाहरण नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) हुगली क्षेत्र
Solution:
  • दुर्ग-रायपुर क्षेत्र, उत्तरी मालाबार क्षेत्र तथा अंबाला अमृतसर क्षेत्र भारत के लघु औद्योगिक क्षेत्र हैं
  • जबकि हुगली क्षेत्र भारत के 8 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है
  • जो निम्न हैं-(1) मुंबई-पुणे औद्योगिक क्षेत्र, (2) हुगली औद्योगिक क्षेत्र, (3) बंगलुरू-तमिलनाडु औद्योगिक क्षेत्र, (4) गुजरात औद्योगिक क्षेत्र, (5) छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र, (6) विशाखापत्तनम-गुंटूर औद्योगिक क्षेत्र, (7) गुरुग्राम-दिल्ली-मेरठ औद्योगिक क्षेत्र, (8) कोल्लम-तिरुवनंतपुरम औद्योगिक क्षेत्र।
  • लघु औद्योगिक क्षेत्रों की सूची
    • भारत में कुल 13 लघु औद्योगिक क्षेत्र पहचाने गए हैं। इनमें प्रमुख उदाहरण निम्न हैं:
    • अम्बाला-अमृतसर क्षेत्र (पंजाब-हरियाणा): चमड़ा, खेल सामग्री और इंजीनियरिंग उद्योग।
    • सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-बिजनौर क्षेत्र (उत्तर प्रदेश): चीनी, कागज और लकड़ी के उद्योग।
    • आगरा क्षेत्र: जूते-चप्पल और चमड़ा उद्योग।
    • ग्वालियर-भोपाल क्षेत्र (मध्य प्रदेश): कपड़ा, इंजीनियरिंग और रसायन।
    • लोहा औद्योगिक क्षेत्र (महाराष्ट्र): इंजीनियरिंग और मशीनरी।
    • मेरठ क्षेत्र: खेल उपकरण और संगीत वाद्ययंत्र।
    • कोयंबटूर-सलम क्षेत्र (तमिलनाडु): कपड़ा, इंजीनियरिंग और रसायन।
    • मणिमदुरै क्षेत्र: रसायन और दवाइयां।
    • त्रिचनूर-कोझिकोड क्षेत्र (केरल): नमक रसायन और कोयला गैस।
    • भिवानी-अंबाला क्षेत्र: चमड़ा और इंजीनियरिंग।
    • खुरजा-बुलंदशहर क्षेत्र: मिट्टी के बर्तन।
    • जगदीशपुर-वाराणसी क्षेत्र: चीनी और कागज।
      ये क्षेत्र छोटे पैमाने के होते हैं और स्थानीय बाजार पर निर्भर रहते हैं।​
  • प्रश्न का संदर्भ और विश्लेषण
    • प्रश्न "निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के लघु औद्योगिक क्षेत्र का उदाहरण नहीं है?" पूछता है
    • लेकिन विकल्प प्रदान नहीं किए गए। भूगोल की मानक प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, SSC) में ऐसे प्रश्नों के सामान्य विकल्प होते हैं, जैसे:
    • अम्बाला-अमृतसर
    • सहारनपुर-मुजफ्फरनगर
    • हुगली औद्योगिक क्षेत्र (या चोटानागपुर)
    • आगरा
    • इनमें से हुगली औद्योगिक क्षेत्र लघु क्षेत्र का उदाहरण नहीं है।
    • यह भारत के 8 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों (Major Industrial Regions) में से एक है।
  • लघु क्षेत्रों का महत्व
    • ये क्षेत्र ग्रामीण रोजगार सृजन करते हैं और आर्थिक असंतुलन को कम करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, आगरा का चमड़ा उद्योग स्थानीय किसानों को सीधे लाभ पहुंचाता है।
    • हालांकि, ये संसाधनों की कमी से जूझते हैं। भारत में लघु उद्योग कुल रोजगार का दूसरा बड़ा स्रोत हैं (कृषि के बाद), जो 120 मिलियन लोगों को काम देते हैं।​
    • यदि विशिष्ट विकल्प दिए जाते (जैसे पेट्रोलियम उद्योग), तो वह भी लघु क्षेत्र नहीं माना जाता क्योंकि
    • यह बड़े पैमाने का भारी उद्योग है। पूर्ण जानकारी के लिए मानक पाठ्यक्रम जैसे NCERT भूगोल या परीक्षा पुस्तकें देखें।​

32. एक लघु उद्योग को संपत्ति पर अनुमत अधिकतम निवेश के संदर्भ में परिभाषित किया गया है, जो कि ....... के बराबर है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 1 करोड़ रु.
Solution:
  • लघु उद्योग को संयंत्र और मशीनरी या उपकरण अर्थात संपत्ति पर अधिकतम निवेश 1 करोड़ से अधिक नहीं और वार्षिक कारोबार 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • परिभाषा का आधार
    • लघु उद्योग की परिभाषा मुख्य रूप से संयंत्र एवं मशीनरी  में निवेश या अचल संपत्तियों (Fixed Assets) पर अधिकतम अनुमत निवेश पर निर्भर करती है।
    • भारत सरकार की औद्योगिक नीति के अनुसार, यह वर्गीकरण उद्यमों को छोटे, लघु और मध्यम श्रेणियों में बांटने के लिए किया जाता है
    • उन्हें विशेष योजनाओं, ऋण सुविधाओं और सब्सिडी का लाभ मिल सके।
    • उदाहरण के लिए, पुरानी परिभाषाओं में लघु उद्योग वह होता है जहां संपत्ति पर कुल निवेश 1 करोड़ रुपये तक हो।
  • ऐतिहासिक विकास
    • पुरानी परिभाषा (2006 से पहले): लघु उद्योग को संयंत्र-मशीनरी में 1 करोड़ रुपये तक निवेश वाली इकाई माना जाता था।
    • सेवा क्षेत्र में यह 10 लाख से 2 करोड़ तक था।​
    • MSMED अधिनियम 2006: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम के तहत विनिर्माण क्षेत्र में लघु उद्यम के लिए 25 लाख से 5 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई।​
    • हालिया संदर्भ: कुछ स्रोतों में अभी भी 1 करोड़ या 10 करोड़ रुपये की सीमा का उल्लेख है, जो शैक्षणिक या परीक्षा संदर्भों में प्रचलित है।
    • वर्तमान में (2026 तक) MSME वर्गीकरण निवेश के साथ टर्नओवर पर भी आधारित है।
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • लघु उद्योगों की भूमिका: ये श्रम-प्रधान, स्थानीय मांग पर आधारित और एकल स्वामित्व वाले होते हैं।
    • ये रोजगार सृजन (करीब 40% औद्योगिक रोजगार) और निर्यात में योगदान देते हैं।​
    • लाभ: प्राथमिकता ऋण (मुद्रा योजना), सब्सिडी, कर छूट, और आरक्षण खरीद में। 2025 में 7841 करोड़ रुपये से अधिक ऋण वितरित हुए।​
    • पंजीकरण: Udyam Registration अनिवार्य, जो PAN और GST पर आधारित है।
  • भ्रम के कारण और स्पष्टीकरण
    • कई स्रोतों में अलग-अलग आंकड़े (1 करोड़, 5 करोड़, 10 करोड़) दिखते हैं
    • क्योंकि परिभाषा समय के साथ बदली। प्रश्न जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे Testbook) में अक्सर 10 करोड़ रुपये या 1 करोड़ रुपये को सही उत्तर माना जाता है।
    • वास्तविकता में, संपत्ति निवेश पर 10 करोड़ रुपये लघु उद्योग की ऊपरी सीमा है।
    • पूर्ण विवरण के लिए MSME की आधिकारिक वेबसाइट या गजट नोटिफिकेशन देखें।
    • यह परिभाषा उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में सहायक है
    • लेकिन उद्यमी को नवीनतम अधिसूचना की जांच करनी चाहिए।

33. 1950 में लघु उद्योगों को उन सभी उद्योगों के रूप में परिभाषित किया गया था, जिनमें अधिकतम निवेश ....... लाख रुपये था। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) पांच
Solution:
  • 1950 में एक लघु स्तरीय औद्योगिक इकाई वह थी जिसमें अधिकतम पांच लाख रुपये का निवेश होता था
  • अब वह 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं तथा वार्षिक कारोबार 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है।
  • परिभाषा का ऐतिहासिक संदर्भ
    • स्वतंत्रता के बाद आर्थिक नियोजन के प्रारंभिक चरण में लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए यह सीमा निर्धारित की गई थी।
    • यह परिभाषा उद्योगों को मशीनरी और उपकरणों में निवेश के आधार पर वर्गीकृत करने का पहला औपचारिक प्रयास था
    • जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित था।
  • लघु उद्योगों का महत्व
    • ये उद्योग श्रम-गहन होते हैं और कम पूंजी निवेश के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करते हैं।
    • 1950 के दशक में इन्होंने सकल घरेलू उत्पाद में योगदान दिया
    • क्षेत्रीय असमानताओं को कम किया तथा आर्थिक विकास की आधारशिला बने।
    • सरकार ने इन्हें सब्सिडी, ऋण और तकनीकी सहायता के माध्यम से समर्थन दिया।
  • चुनौतियाँ
    • लघु उद्योगों को तकनीक, वित्तीय संसाधनों और बड़े उद्योगों से प्रतिस्पर्धा की कमी का सामना करना पड़ा।
    • फिर भी, ये भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने रहे।​

34. प्रथम औद्योगिक नीति संकल्प इनमें से किस वर्ष पारित किया गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 1948
Solution:
  • भारत सरकार द्वारा प्रथम औद्योगिक नीति संकल्प वर्ष 1948 में घोषित की गई थी।
  • इस नीति में भारतीय अर्थव्यवस्था को मिश्रित अर्थव्यवस्था घोषित किया गया और लघु एवं कुटीर उद्योगों को महत्व दिया गया।
  • इसने एक उद्यमी और प्राधिकरण दोनों के रूप में औद्योगिक विकास में राज्य की भूमिका को परिभाषित किया।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर था
    • जहां सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण थी।
    • इस नीति को तत्कालीन उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संसद में प्रस्तुत किया।
    • यह संकल्प औद्योगिक विकास को राज्य के उद्यमी और नियामक दोनों रूपों में परिभाषित करता था
    • समाजवादी पैटर्न की समाज की स्थापना का लक्ष्य रखता था।
  • उद्योगों का वर्गीकरण
    • नीति ने उद्योगों को चार श्रेणियों में विभाजित किया:
    • रणनीतिक उद्योग (सार्वजनिक क्षेत्र): आयुध, परमाणु ऊर्जा, रेलवे परिवहन—ये पूर्णतः राज्य के एकाधिकार वाले थे।​
    • बुनियादी/मुख्य उद्योग (सार्वजनिक-सह-निजी): कोयला, लोहा-इस्पात, विमान/जहाज निर्माण, खनिज तेल—नए उपक्रम राज्य द्वारा शुरू किए जाते।​​
    • महत्वपूर्ण उद्योग (नियंत्रित निजी क्षेत्र): मशीन टूल्स, उर्वरक, सीमेंट, रबर, ऑटोमोबाइल—इन पर केंद्र सरकार का नियोजन।​
    • अन्य उद्योग (निजी/सहकारी क्षेत्र): शेष उद्योग निजी क्षेत्र के लिए खुले।​
    • यह वर्गीकरण औद्योगिक विकास को संतुलित बनाने के लिए था।​
  • प्रमुख उद्देश्य
    • कुटीर एवं लघु उद्योगों को प्राथमिकता, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास हेतु।​
    • आधुनिकीकरण, संतुलित क्षेत्रीय विकास, तथा श्रमिक-प्रबंधन संबंध मजबूत करना।​
    • विदेशी पूंजी के उपयोग को प्रोत्साहन, परंतु राष्ट्रीय हित सर्वोपरि।​
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • इसे लागू करने के लिए 1951 का उद्योग (विकास एवं विनियमन) अधिनियम पारित हुआ।
    • इसने मिश्रित अर्थव्यवस्था की नींव रखी, जो बाद की 1956, 1977, 1991 नीतियों का आधार बनी।
    • हालांकि, लाइसेंस राज की शुरुआत भी यहीं से मानी जाती है।
    • यह नीति भारत के औद्योगिक नियोजन की प्रारंभिक दिशा निर्धारित करने में सफल रही।​

35. निम्नलिखित में से कौन-सा, सहकारी क्षेत्र के उद्योग का एक उदाहरण है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) कॉयर उद्योग
Solution:
  • सहकारी क्षेत्र में उद्योगों का स्वामित्व और संचालन व्यक्तियों के एक समूह द्वारा किया जाता है
  • कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता आमतौर पर भागीदार ही होते हैं। उदाहरण-अमूल सहकारी क्षेत्र, कॉयर उद्योग (केरल) आदि।
  • प्रमुख उदाहरण
    • अमूल (गुजरात सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ): यह दुनिया की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी है
    • जो लाखों किसानों को दूध उत्पादन से जोड़ती है। सदस्य दूध बेचते हैं और लाभ हिस्सेदारी के आधार पर वितरित होता है।
    • इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (IFFCO): किसानों द्वारा संचालित यह उर्वरक उत्पादक सहकारी पूरे भारत में कृषि इनपुट प्रदान करती है।​
    • चीनी सहकारी समितियाँ: महाराष्ट्र (195 कारखाने) और उत्तर प्रदेश (155 कारखाने) में प्रमुख, जहाँ गन्ना उत्पादक किसान मिलकर चीनी मिलें चलाते हैं।​
  • विशेषताएँ और महत्व
    • ये उद्योग आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाते हैं।
    • सदस्यों में समानता, लोकतांत्रिक नियंत्रण और लाभ साझाकरण मुख्य विशेषताएँ हैं।
    • ग्रामीण विकास, कृषि और डेयरी क्षेत्र में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, जो समावेशी विकास को बढ़ावा देती है।
  • अन्य उदाहरण
    • लिज्जत पापड़: महिलाओं द्वारा संचालित यह पापड़ उत्पादन सहकारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।​
    • हरियाणा हैंडलूम और बायानिका: हथकरघा उत्पादकों की सहकारी समितियाँ।​
    • ये उद्योग निजी या सार्वजनिक क्षेत्र से भिन्न हैं, क्योंकि यहाँ सदस्यों का प्रत्यक्ष नियंत्रण होता है।