कंप्यूटर : एक परिचय (Part – I)

Total Questions: 50

1. कंप्यूटर अंग्रेजी भाषा (English Language) के किस शब्द से बना है? [M.P. Patwari 23.12.2017]

Correct Answer: (a) कंप्यूट
Solution:
  • कंप्यूटर अंग्रेजी भाषा के शब्द कंप्यूट (Compute) से बना है।
  • कंप्यूटर शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम, रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक द योग मैन्स ग्लीनिंग्स (The Yong Mans Gleanings) में किया गया था।
  • कंप्यूटर शब्द की व्युत्पत्ति
    • "कंप्यूट" शब्द लैटिन भाषा के "computare" से लिया गया है, जहां "com-" का अर्थ है
    • साथ में" और "putare" का अर्थ है "गिनना या सोचना"। इस प्रकार, इसका पूरा अर्थ होता है
    • साथ मिलाकर गणना करना"। ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, "कंप्यूटर" शब्द का पहला ज्ञात प्रयोग 1613 में रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक "The Yong Mans Gleanings" में हुआ
    • जहां यह एक व्यक्ति को संदर्भित करता था जो गणनाएं करता है।
  • ऐतिहासिक विकास
    • 1640 के दशक में "कंप्यूटर" को एक व्यक्ति के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा, जो अंकगणितीय गणनाएं करता हो
    • जैसा कि ऑनलाइन एटिमोलॉजी डिक्शनरी में दर्ज है। 1897 से यह शब्द मशीनों के लिए प्रयुक्त होने लगा
    • जैसे गणना करने वाली यांत्रिक उपकरण। आधुनिक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के संदर्भ में इसका प्रयोग 1945 के आसपास प्रचलित हुआ।
    • पहले यह मुख्य रूप से मानव गणक (human computers) को कहा जाता था, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं जो जटिल गणनाएं करती थीं।
  • हिंदी संदर्भ में
    • हिंदी में "कंप्यूटर" को "संगणक" या "गणक" भी कहा जाता है, जो इसके मूल अर्थ "गणना" को प्रतिबिंबित करता है।
    • भारत में चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक माना जाता है, और शब्द अंग्रेजी से सीधे अपनाया गया।
    • कुछ स्रोतों में इसका फुल फॉर्म "Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research" बताया जाता है
    • लेकिन यह वास्तविक व्युत्पत्ति नहीं, बल्कि एक acronymic व्याख्या मात्र है।​​
  • आधुनिक उपयोग
    • आज "कंप्यूटर" एक प्रोग्रामेबल मशीन है जो निर्देशों के अनुसार गणना, डेटा प्रोसेसिंग और अन्य कार्य करती है।
    • इसका विकास 19वीं सदी के अंत से लेकर 20वीं सदी के मध्य तक चला, जब इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर आए।

2. कंप्यूट (Compute) का अर्थ होता है-

Correct Answer: (c) गणना
Solution:
  • कंप्यूटर शब्द लैटिन (Latin) शब्द कंप्यूट (Compute) से लिया गया है, जिसका अर्थ गणना करना होता है।
  • मूल अर्थ
    • हिंदी में इसके समानार्थी शब्द हैं: गणना करना, हिसाब करना, गिनती करना
    • लेखा करना और मापना। यह शब्द लैटिन के 'computare' से लिया गया है, जिसका अर्थ भी गणना ही है।
  • कंप्यूटिंग संदर्भ
    • कंप्यूट आधुनिक संदर्भ में कंप्यूटिंग (Computing) से जुड़ा है
    • जो एल्गोरिदमिक प्रक्रियाओं, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के माध्यम से गणना करने वाली गतिविधियों को कहते हैं।
    • यह वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग, गणितीय और सामाजिक पहलुओं को शामिल करता है।
    • कंप्यूटर (Computer) शब्द भी इसी से विकसित हुआ, जिसका हिंदी अर्थ संगणक या गणक यंत्र है।
  • कंप्यूटर से संबंध
    • कंप्यूटर को 'कंप्यूट' से जोड़कर देखा जाता है क्योंकि यह तेजी से डेटा प्रोसेसिंग करता है।
    • यह इनपुट लेता है, प्रोसेस करता है और आउटपुट देता है
    • लेकिन केवल जोड़ने तक सीमित नहीं। हिंदी में इसे अभिकलक या संगणक कहा जाता है।
  • उपयोग के उदाहरण
    • दैनिक जीवन: "मुनीम ने देर तक हिसाब करने का काम किया।" (Compute as हिसाब करना)।
    • तकनीकी: "कंप्यूटर ने डेटा की गणना की।"।
    • अन्य: लेखाकार नुकसान को ३० लाख रूपए लेखा करते हैं।​
  • समानार्थी शब्द
    • Calculate, cipher, reckon, figure।
    • हिंदी: आकलन करना, परिकलन करना।​

3. कंप्यूटर के आविष्कारक कौन हैं? [SSC CHSL 22.01.2017 (I); SSC CGL 11.08.2017 (III)]

Correct Answer: (c) चार्ल्स बैबेज
Solution:
  • अंग्रेजी गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने वर्ष 1822 में एक यांत्रिक गणना यंत्र विकसित किया था
  • जिसका नाम डिफरेंस इंजन रखा एवं 1834 में डिफरेंस इंजन का विकसित रूप एनालिटिकल इंजन तैयार किया जो आगे चलकर आधुनिक कंप्यूटर का आधार साबित हुआ।
  • अतः इन्हीं आविष्कारों के कारण चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर के आविष्कारक पिता/जनक के रूप में जाना जाता है।
  • चार्ल्स बैबेज का परिचय
    • चार्ल्स बैबेज (1791-1871) एक ब्रिटिश गणितज्ञ, आविष्कारक और इंजीनियर थे
    • जिन्हें "कंप्यूटर का पिता" कहा जाता है। जो गणनाओं को स्वचालित रूप से करने वाली पहली मशीन थी।
    • बाद में 1837 में एनालिटिकल इंजन का विचार दिया, जिसमें इनपुट, प्रोसेसिंग, मेमोरी और आउटपुट जैसी आधुनिक कंप्यूटर की विशेषताएं थीं।
  • डिफरेंशियल इंजन
    • यह मशीन गणितीय तालिकाओं (जैसे लॉग टेबल्स) की गणना के लिए बनाई गई थी
    • जहां मैन्युअल गणनाओं में त्रुटियां आम थीं। बैबेज ने इसे ब्रिटिश सरकार से फंडिंग के साथ विकसित किया
    • लेकिन 1833 तक केवल इसका प्रोटोटाइप बन पाया।
    • यह यांत्रिक डिजाइन पर आधारित था और भाप से चलने वाली मशीन का विचार भी इसमें था।
  • एनालिटिकल इंजन: आधुनिक कंप्यूटर का आधार
    • एनालिटिकल इंजन अधिक उन्नत था, जिसमें पंच कार्ड से निर्देश लेना, लूप और कंडीशनल ब्रांचिंग जैसी प्रोग्रामिंग की सुविधा थी।
    • एडा लवलेस (बैबेज की सहयोगी) ने इसके लिए पहला एल्गोरिदम लिखा
    • जिससे उन्हें पहली प्रोग्रामर माना जाता है। हालांकि, तकनीकी सीमाओं और फंडिंग की कमी से यह कभी पूरा नहीं बना।
  • कंप्यूटर का आगे विकास
    • 19वीं शताब्दी के बाद, 20वीं शताब्दी में इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बने:
    • अलन ट्यूरिंग: कम्प्यूटेशनल थ्योरी के जनक, जिन्होंने ट्यूरिंग मशीन का विचार दिया (1936)।​
    • ENIAC (1945): जॉन मॉचली और प्रेस्पर एकर्ट द्वारा पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर, द्वितीय विश्व युद्ध के लिए बनाया गया।
    • ट्रांजिस्टर (1947): बेल लैब्स के विलियम शॉकले, जॉन बार्डीन और वाल्टर ब्रैटेन ने आविष्कार किया, जिसने वैक्यूम ट्यूब्स को बदल दिया।
    • माइक्रोप्रोसेसर (1971): इंटेल के टेड हॉफ और फेडरिक फैगन ने 4004 बनाया, जो पर्सनल कंप्यूटरों का आधार बना।
  • भारत में कंप्यूटर का आगमन
    • भारत में पहला कंप्यूटर 1955 में आईआईटी कानपुर में आया।
    • डॉ. ए.के. चतुर्वेदी और अन्य ने योगदान दिया। आज भारत सुपरकंप्यूटर जैसे PARAM सीरीज में अग्रणी है।

4. पहला कंप्यूटर बनाया गया था- [U.P.P.C.S. (Pre) 2007]

Correct Answer: (c) चार्ल्स बैबेज द्वारा
Solution:
  • सर्वप्रथम चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) ने कंप्यूटर की अवधारणा (Concept) को मूर्त रूप प्रदान किया।
  • बैबेज ने प्रोग्राम योग्य निर्मित अपनी यांत्रिक मशीन (Mechanical Machine) को 'द एनालिटिकल इंजन' (The Analytical Engine) की संज्ञा दी थी।
  • उन्हें 'कंप्यूटर का आविष्कारक (Inventor) या पिता (Father)' कहा जाता है।
  • प्रारंभिक गिनती की मशीनें (कंप्यूटर की जड़ें)
    • अबेकस (Abacus)
    • लगभग 3000 साल पहले चीन/बेबीलोन क्षेत्र में अबेकस का प्रयोग होता था।
    • यह लकड़ी के फ्रेम पर मोतियों/गेंदों वाली गिनती की मशीन थी, जिससे जोड़–घटाना जैसे सरल गणित होते थे।​
    • तकनीकी रूप से यह भी एक “कम्प्यूटिंग डिवाइस” है, पर इसे आधुनिक अर्थों में कंप्यूटर नहीं कहा जाता।
    • ब्लेज पास्कल की मशीन (Pascaline)
    • 17वीं शताब्दी में फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने पहला यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया, जिसे Pascaline कहा जाता है।​
    • यह केवल जोड़ और घटाव कर सकता था, इसलिए यह एक कैलकुलेटर था, न कि सामान्य प्रयोजन (general purpose) कंप्यूटर।
  • चार्ल्स बैबेज – “कंप्यूटर के जनक”
  • डिफरेंशियल इंजन (1822)
    • अंग्रेज गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने 1822 में “डिफरेंशियल इंजन (Differential Engine)” नाम की मशीन बनाई।
    • इसका काम जटिल गणितीय सारणियाँ तेज़ी और सटीकता से बनाना था।​
    • यह मशीन भाप से चलने वाली यांत्रिक मशीन थी, जो गियर्स और लेवर से काम करती थी।
  • एनालिटिकल इंजन (1837 का विचार)
    • 1837 में बैबेज ने “एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine)” का डिजाइन प्रस्तावित किया, जिसे पहला general purpose मैकेनिकल कंप्यूटर माना जाता है।
    • इसमें चार मुख्य भागों की कल्पना थी:
    • Mill – आज के CPU जैसा प्रोसेसर, जो गणना करता।​
    • Store – डेटा रखने के लिए मेमोरी जैसा भाग।​
    • Reader – पंच कार्ड से इनपुट लेने की व्यवस्था।​
    • Printer – आउटपुट छापने की व्यवस्था।​
    • यह वही “इनपुट – प्रोसेसिंग – आउटपुट” का मॉडल है, जो आज के डिजिटल कंप्यूटरों की बुनियाद है।​
  • क्यों उन्हें “Father of Computer” कहते हैं?
    • बैबेज की मशीनें पूरी तरह से बन नहीं पाईं, फिर भी उनका डिजाइन इतना आधुनिक था कि उन्हें कंप्यूटर का “जनक (Father of Computer)” कहा जाता है।
    • यानी “पहले कंप्यूटर का सिद्धांत और डिजाइन” चार्ल्स बैबेज ने दिया।
  • पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर – ENIAC
  • द्वितीय विश्व युद्ध और कोड मशीनें
    • 1940 के दशक में युद्ध के समय जर्मनी ने Enigma नाम की इलेक्ट्रो-मैकेनिकल मशीन का इस्तेमाल गुप्त संदेशों को कोड करने और पढ़ने के लिए किया।
    • यह भी कंप्यूटिंग डिवाइस थी, पर पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर नहीं थी।​
  • ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) – 1946
    • युद्ध के बाद कंप्यूटर विकास तेज हुआ, और 1946 में ENIAC को दुनिया का पहला पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक general purpose डिजिटल कंप्यूटर माना गया।​
    • इसे जॉन मौक्ली (John Mauchly) और जॉन प्रेस्पर एकर्ट (J. Presper Eckert) ने बनाया था।​
    • ENIAC की कुछ मुख्य विशेषताएँ:
    • यह पूरी तरह वैक्यूम ट्यूबों पर आधारित था और पूरे कमरे जितना बड़ा था (लगभग 30 × 50 फीट)।​​
    • इसे मुख्य रूप से सैन्य गणनाओं, बैलिस्टिक टेबल्स आदि के लिए बनाया गया था।​​
    • प्रोग्राम बदलने के लिए उसकी वायरिंग और स्विचों को हाथ से बदलना पड़ता था, यानी आज के जैसे आसान सॉफ्टवेयर वाला सिस्टम नहीं था।​
  • ENIAC को “पहला कंप्यूटर” क्यों कहा जाता है?
    • ENIAC पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर था जो general purpose था, यानी अलग–अलग प्रकार की गणनाएँ कर सकता था।​
    • इसलिए जब “पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर” पूछा जाता है तो उत्तर अक्सर ENIAC होता है।​
  • पहला कंप्यूटर किसने बनाया?” – परीक्षा के नज़रिए से
    • क्लास 6–12 के सामान्य ज्ञान या प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रायः यह मानक उत्तर होता है:
    • “पहला कंप्यूटर चार्ल्स बैबेज ने बनाया था, उन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।”
    • लेकिन तकनीकी दृष्टि से और विस्तार से देखें तो उत्तर तीन स्तर पर समझना चाहिए:
    • पहला mechanical computer (design और अवधारणा) – चार्ल्स बैबेज का Analytical Engine (1822–1837 की अवधि का काम)।
    • पहला fully electronic general purpose digital computer – ENIAC, 1946, जॉन मौक्ली और जे. प्रेस्पर एकर्ट द्वारा।​
    • प्रारंभिक गिनती की मशीनें – अबेकस, पास्कल का कैलकुलेटर आदि, जो कंप्यूटिंग की शुरुआत दिखाते हैं लेकिन आधुनिक कंप्यूटर जैसे नहीं थे।​​
  • संक्षेप में (लंबे उत्तर का निचोड़)
    • अगर सामान्य GK के हिसाब से पूछें – “पहला कंप्यूटर किसने बनाया?” → चार्ल्स बैबेज, जिन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।
    • अगर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर की बात करें – ENIAC को पहला इलेक्ट्रॉनिक general purpose कंप्यूटर माना जाता है, जिसे मौक्ली और एकर्ट ने 1946 में बनाया।​

5. चार्ल्स बैवेज ने निम्नलिखित में से कौन-सी मशीन बनाई थी? [S.S.C. मैट्रिक स्तरीय 2008, S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय 2015, S.S.C. मल्टी टॉस्किंग 2014, U.P. Lower Sub. (M.) 2013, Uttarakhand P.C.S. (M.) 2002, 2006 Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (P.) 2007]

Correct Answer: (a) वैश्लेषिक इंजन
Solution:
  • 1822 ई. में चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) ने 'डिफरेंस इंजन' (Difference Engine) का आविष्कार (Invent) किया था अनन्तर 1834 ई. में उसने 'वैश्लेषिक इंजन' (Analytical Engine) का आविष्कार किया।
  • कहा जाता है कि तभी से आधुनिक कंप्यूटर युग की शुरुआत हुई, इसलिए चार्ल्स बैबेज को 'कंप्यूटर का जनक भी कहा जाता है।
  • डिफरेंस इंजन
    • डिफरेंस इंजन बैवेज की पहली प्रमुख मशीन थी, जिसका डिजाइन 1820 के दशक में शुरू हुआ।
    • यह बहुपदीय फलनों (पॉलीनॉमियल्स) की गणना के लिए स्वचालित मैकेनिकल कैलकुलेटर था
    • जो गणितीय तालिकाओं को सटीक बनाता। डिफरेंस इंजन नंबर 1 में लगभग 25,000 पार्ट्स, 4 टन वजन और 20-अंकीय संख्याओं पर छठी श्रेणी के अंतरों की गणना की क्षमता थी।
    • 1832 में बैवेज और जोसेफ क्लेमेंट ने इसका एक सातवां हिस्सा वाला कार्यरत मॉडल बनाया, जो 6-अंकीय संख्याओं पर द्वितीय श्रेणी के अंतरों पर काम करता था।
    • मशीन में दशमलव संख्याओं को 10-दांत वाली धातु की पहियों से दर्शाया जाता था; 9 से 0 पर जाने पर अगला पहिया एक स्थिति आगे बढ़ता।
    • क्रैंक घुमाने से जोड़ और घटाव के चक्र चलते। हालांकि, फंडिंग रुकने से पूरा इंजन उनके जीवनकाल में नहीं बना।
    • 1991 में साइंस म्यूजियम ने डिफरेंस इंजन नंबर 2 का पूर्ण प्रतिरूप बनाया, जो 31-अंकीय संख्याओं पर सातवीं डिग्री के पॉलीनॉमियल्स की गणना करता है।
    • यह लंदन साइंस म्यूजियम के डिफरेंस इंजन प्रतिरूप का क्लोज-अप है, जो गियरों और कैरी लीवर को दिखाता है।
  • एनालिटिकल इंजन
    • 1833-34 में डिफरेंस इंजन प्रोजेक्ट रुकने पर बैवेज ने अधिक उन्नत एनालिटिकल इंजन डिजाइन किया
    • जो पहला सामान्य-उद्देश्यीय प्रोग्राम-नियंत्रित स्वचालित डिजिटल कंप्यूटर माना जाता है।
    • यह किसी भी गणना कर सकता था और इसमें मिल (गणना भाग, जैसे आज का CPU), स्टोर (डेटा भंडारण), रीडर (पंच कार्ड से इनपुट) और प्रिंटर (आउटपुट) जैसे भाग थे।
    • इनपुट पंच कार्ड्स से होता (जेकार्ड लूम की तरह), जो प्रोग्राम और डेटा प्रदान करते। मशीन दशमलव अंकगणित पर आधारित थी
    • जिसमें वक्र प्लॉटर और बेल भी थी। यह डिफरेंस इंजन से कहीं अधिक जटिल थी, लेकिन फंडिंग की कमी से पूरी नहीं बनी। बैवेज ने 1871 तक इस पर काम किया।
    • 1910 में उनके बेटे हेनरी ने इसका मिल भाग बनाया, जो लंदन के साइंस म्यूजियम में है।
    • यह एनालिटिकल इंजन के मिल का फोटो है, जो जटिल गियरों को प्रदर्शित करता है।
  • महत्व और विरासत
    • ये मशीनें कंप्यूटिंग इतिहास की नींव हैं; एडा लवलेस ने एनालिटिकल इंजन के लिए पहला एल्गोरिदम लिखा।
    • बैवेज को 'कंप्यूटर का जनक' कहा जाता है।
    • आज साइंस म्यूजियम और कंप्यूटर हिस्ट्री म्यूजियम में इनके प्रतिरूप हैं।

6. इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? [M.P. P.C.S. (Pre) 2000, 2006]

Correct Answer: (a) डॉ. एलन एम. टूरिंग
Solution:
  • द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के दौरान ब्रिटिश वैज्ञानिक डॉ. एलन एम. टूरिंग (Alan M. Turing) ने 'कॉलोसस' नामक प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर का डिजाइन किया था।
  • ENIAC का विकास
    • ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था।
    • यह दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था जो वैक्यूम ट्यूब्स पर आधारित था
    • प्रति सेकंड हजारों गणनाएँ कर सकता था। इसका वजन लगभग 30 टन था
    • यह 1800 वर्ग फुट जगह घेरता था, जिसमें 18,000 वैक्यूम ट्यूब्स, 70,000 प्रतिरोधक और 10,000 कैपेसिटर लगे थे।
  • आविष्कारकों का योगदान
    • जॉन मौचली ने कंप्यूटर की अवधारणा तैयार की, जबकि एकर्ट ने इंजीनियरिंग और निर्माण का नेतृत्व किया।
    • ENIAC को मुख्य रूप से तोपखाने की गणनाओं के लिए डिज़ाइन किया गया था
    • लेकिन बाद में मौसम पूर्वानुमान और परमाणु अनुसंधान में भी इस्तेमाल हुआ।
    • यह मशीन प्रोग्रामेबल थी, लेकिन वायरिंग बदलकर ही प्रोग्राम बदले जाते थे, जो आधुनिक सॉफ्टवेयर से अलग था।
  • यांत्रिक से इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण
    • इससे पहले चार्ल्स बैबेज को "कंप्यूटर का पिता" कहा जाता है, जिन्होंने 1837 में यांत्रिक एनालिटिकल इंजन की कल्पना की
    • लेकिन वह इलेक्ट्रॉनिक नहीं था। ENIAC ने यांत्रिक से इलेक्ट्रॉनिक युग की शुरुआत की
    • जिसके बाद 1947 में ट्रांजिस्टर के आविष्कार ने कंप्यूटरों को छोटा और तेज़ बनाया।
  • प्रभाव और विकास
    • ENIAC ने कंप्यूटर क्रांति की नींव रखी, जिससे UNIVAC जैसे उत्तराधिकारी बने।
    • आज के माइक्रोप्रोसेसर-आधारित कंप्यूटर इसी की देन हैं।
    • भारत में पहला कंप्यूटर 1955 में आईआईटी कानपुर में आया।

7. 1968 ई. में किस फ्रांसीसी गणितज्ञ की स्मृति में उसके नाम पर एक कंप्यूटर भाषा का नामकरण किया गया? [R.B.I. (Asst.) Exam. 21.07.2013]

Correct Answer: (d) ब्लेज पास्कल
Solution:
  • फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल (Blaise Pascal) की स्मृति (Memory) में उनके नाम पर एक कंप्यूटर भाषा 'पास्कल' (Pascal) का नामकरण किया गया।
  • पास्कल भाषा का विकास
    • पास्कल प्रोग्रामिंग भाषा को स्विस कंप्यूटर वैज्ञानिक निक्लॉस विरथ (Niklaus Wirth) ने विकसित किया।
    • यह भाषा मूल रूप से 1970 में जारी हुई, लेकिन इसके नामकरण की घोषणा या औपचारिक उल्लेख 1968 के आसपास हुआ, जैसा कि भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नों में वर्णित है।
    • यह भाषा संरचित प्रोग्रामिंग को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई थी
    • जिसमें प्रक्रियात्मक (procedural) दृष्टिकोण, डेटा संरचनाएं और अच्छे कोडिंग अभ्यास शामिल थे।
    • पास्कल ने GOTO स्टेटमेंट जैसी अव्यवस्थित संरचनाओं को हतोत्साहित किया।​
  • ब्लेज़ पास्कल का जीवन और योगदान
    • ब्लेज़ पास्कल (1623-1662) 17वीं शताब्दी के प्रमुख फ्रांसीसी गणितज्ञ, भौतिकशास्त्री और दार्शनिक थे।
    • मात्र 16 वर्ष की आयु में उन्होंने हेक्सागोनम (conic sections) पर ग्रंथ लिखा।​
    • उन्होंने 1642 में दुनिया की पहली यांत्रिक कैलकुलेटर पास्कलीन (Pascaline) का आविष्कार किया
    • जो जोड़-घटाव कर सकती थी और लेखा-जोखा को सरल बनाती थी।
    • संभाव्यता सिद्धांत (Probability Theory) में उनका कार्य जुआ और बीमा गणनाओं की नींव बना।​
    • पास्कल का देर जीवन धार्मिक चिंतन पर केंद्रित रहा; उन्होंने पास्कल का जुआ (Pascal's Wager) प्रस्तुत किया
    • जो ईश्वर में विश्वास के तर्क पर आधारित है। उनकी मृत्यु 39 वर्ष की आयु में हुई।​
  • भाषा नामकरण का महत्व
    • पास्कल भाषा का नाम ब्लेज़ पास्कल को श्रद्धांजलि के रूप में रखा गया
    • क्योंकि उनकी गणितीय योग्यता और कैलकुलेटर आविष्कार कंप्यूटिंग इतिहास से जुड़े हैं।
    • यह भाषा 1970-80 के दशक में शिक्षा और सॉफ्टवेयर विकास के लिए लोकप्रिय रही
    • विशेषकर ALGOL की परंपरा में। आजकल मॉडर्न संस्करण जैसे Free Pascal और Delphi में जीवित है।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • कंप्यूटिंग इतिहास में पास्कल FORTRAN (1957) या COBOL के बाद आया।
    • विकसित होने से ठीक पहले (1968) नामकरण का उल्लेख प्रश्नों में आता है, शायद Zürich के ETH में प्रोजेक्ट की शुरुआत को इंगित करता है।
    • यह भाषा मॉड्यूलर प्रोग्रामिंग का प्रारंभिक उदाहरण बनी, जो बाद की भाषाओं जैसे C और Ada को प्रभावित किया।​

8. 'विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस' मनाया जाता है- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007 U.P.P.C.S. (Mains) 2016 R.B.I. (Asst.) Exam. 21.07.2013]

Correct Answer: (a) 2 दिसंबर को
Solution:
  • विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस (World Computer Literacy Day) प्रतिवर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाता है।
  • यह दिवस कब और कैसे शुरू हुआ?
    • इसे एक भारतीय आईटी/कंप्यूटर शिक्षा कंपनी एनआईआईटी (NIIT – National Institute of Information Technology) ने अपनी 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुरू किया।
    • उस समय हुए एक अध्ययन में यह पाया गया कि दुनिया के अधिकांश कंप्यूटर उपयोगकर्ता पुरुष हैं
    • इस लैंगिक असमानता और डिजिटल खाई की ओर ध्यान दिलाने के लिए यह दिवस आरंभ किया गया।
  • कब मनाया जाता है? (तारीख प्रकृति)
    • यह दिवस हर साल 2 दिसंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है।
    • कई देशों में सरकारी, शैक्षणिक और निजी संस्थान इस दिन विशेष कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, क्विज़, सेमिनार और जागरूकता अभियान आयोजित करते हैं
    • अधिक से अधिक लोग कंप्यूटर सीखने के लिए प्रेरित हों।
  • उद्देश्य (Objective)
    • विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस के मुख्य उद्देश्य निम्न हैं:
    • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना – लोगों को कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के मूल उपयोग से परिचित कराना।
    • डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) को कम करना – समाज के उस वर्ग तक कंप्यूटर शिक्षा पहुँचाना जो अभी भी तकनीक से दूर है, जैसे ग्रामीण, दूरदराज़ व आर्थिक रूप से कमजोर लोग।
    • समान अवसर – सभी के लिए कंप्यूटर कौशल और डिजिटल संसाधनों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना ताकि रोजगार, शिक्षा और जानकारी में कोई भेदभाव न रहे।
    • महिलाओं, बच्चों और युवाओं को सशक्त बनाना – विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना।
    • तकनीक का सुरक्षित और सही उपयोग – साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पासवर्ड सुरक्षा आदि के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
  • महत्व (Importance)
    • आज शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, रोजगार, सरकारी सेवाओं और संचार – लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर और इंटरनेट आवश्यक हो चुके हैं।
    • जो व्यक्ति कंप्यूटर व डिजिटल साधनों का उपयोग नहीं कर पाता, वह कई अवसरों से वंचित रह जाता है; इसलिए कंप्यूटर साक्षरता अब बुनियादी साक्षरता का ही हिस्सा मानी जा रही है।
    • यह दिवस याद दिलाता है कि तकनीक केवल कुछ गिने‑चुने लोगों तक सीमित न रहे बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, तभी वास्तविक समावेशी विकास संभव है।
  • इस दिन होने वाली प्रमुख गतिविधियाँ (Examples)
    • स्कूल–कॉलेजों में कंप्यूटर जागरूकता रैली, निबंध/पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और क्विज़।
    • कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा निःशुल्क या रियायती शुल्क पर शॉर्ट‑टर्म कोर्स और डेमो क्लास।
    • सरकारी व गैर‑सरकारी संगठनों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों, झुग्गी बस्तियों, महिलाओं के समूहों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता शिविर।
    • साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन भुगतान, ई‑गवर्नेंस सेवाओं (जैसे ऑनलाइन बिल, आधार सेवाएँ, डिजिटल बैंकिंग) के बारे में जागरूकता कार्यक्रम।

9. वह व्यक्ति जो कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है, उसे कहते हैं-

Correct Answer: (a) उपयोगकर्ता
Solution:
  • वह व्यक्ति जो कंप्यूटर का प्रयोग करता है, उसे उपयोगकर्ता (User) कहते हैं।
  • उपयोगकर्ता की परिभाषा
    • कंप्यूटर को चलाने, उस पर काम करने या उसके माध्यम से कोई कार्य करने वाला व्यक्ति उपयोगकर्ता होता है।
    • वह कंप्यूटर को निर्देश देता है, सॉफ्टवेयर चलाता है और परिणाम प्राप्त करता है।
    • उदाहरण के लिए, आप जो इस प्रश्न को टाइप कर रहे हैं, वह एक उपयोगकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं।​
  • लाइववेयर का संदर्भ
    • कुछ तकनीकी या प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में, कंप्यूटर को नियंत्रित करने वाले व्यक्ति को लाइववेयर (Liveware) कहा जाता है।
    • यह शब्द 1960 के दशक में लेन एम. बैंकों द्वारा गढ़ा गया था, जो कंप्यूटर सिस्टम के मानव तत्व को दर्शाता है।
    • लाइववेयर हार्डवेयर (Hardware), सॉफ्टवेयर (Software), फर्मवेयर (Firmware) और डॉक्यूमेंटवेयर (Documentware) के साथ मिलकर पूर्ण सिस्टम बनाता है।
    • हालांकि, यह शब्द दैनिक उपयोग में कम प्रचलित है।​
  • संबंधित अन्य शब्दावली
    • कंप्यूटर से जुड़े विभिन्न भूमिकाओं के लिए अलग-अलग नाम हैं:
    • प्रोग्रामर (Programmer): कंप्यूटर के लिए कोड या प्रोग्राम लिखने वाला व्यक्ति।
    • ऑपरेटर (Operator): बड़े कंप्यूटर सिस्टम को संचालित करने वाला विशेषज्ञ।​
    • एंड यूजर (End User): अंतिम उपयोगकर्ता जो सॉफ्टवेयर का सीधा इस्तेमाल करता है, बिना तकनीकी ज्ञान के।​
  • कंप्यूटर सिस्टम में भूमिका
    • कंप्यूटर केवल एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनपुट लेता है, प्रोसेस करता है और आउटपुट देता है।
    • उपयोगकर्ता ही इसे जीवंत बनाता है। बिना उपयोगकर्ता के, कंप्यूटर निष्क्रिय है।
    • आधुनिक समय में, स्मार्टफोन से लेकर सुपरकंप्यूटर तक हर जगह उपयोगकर्ता केंद्रीय है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • कंप्यूटर के शुरुआती दिनों में, जैसे ENIAC (1945) में, ऑपरेटर महिलाएं ही लाइववेयर के रूप में जानी जाती थीं।
    • आज, उपयोगकर्ता शब्द वैश्विक मानक है, जो हिंदी में "उपयोगकर्ता" के रूप में अनुवादित होता है।​

10. रॉ इनपुट को उपयोगी जानकारी में बदलने के लिए, सभी कंप्यूटर सिस्टम द्वारा निम्नलिखित मौलिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है- [High Court ARO Exam-2019]

Correct Answer: (a) इनपुट - स्टोर - प्रोसेस - आउटपुट - कंट्रोल
Solution:
  • रॉ इनपुट को उपयोगी जानकारी (Information) में बदलने हेतु सभी कंप्यूटर सिस्टम द्वारा अग्रलिखित मौलिक प्रक्रिया (Basic Procedure) का पालन किया जाता है-
  • इनपुट  - स्टोर  -  प्रोसेस  - आउटपुट  - कंट्रोल।
  • इनपुट (Input) चरण
    • यह प्रक्रिया का प्रारंभिक बिंदु है, जहां उपयोगकर्ता या बाहरी स्रोत से कच्चा डेटा (रॉ इनपुट) जैसे टेक्स्ट, संख्याएं, इमेज या ध्वनि कंप्यूटर में प्रवेश करता है।
    • कीबोर्ड, माउस, स्कैनर या माइक्रोफोन जैसे इनपुट डिवाइस इस कार्य को संपन्न करते हैं।
    • यह डेटा बाइनरी कोड (0 और 1) में परिवर्तित होकर सिस्टम में दर्ज होता है।
  • स्टोर (Store) चरण
    • इनपुट प्राप्त होने के बाद, डेटा को अस्थायी या स्थायी रूप से संग्रहीत किया जाता है
    • आगे की प्रोसेसिंग के लिए उपलब्ध रहे। RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) प्राइमरी स्टोरेज के रूप में त्वरित पहुंच प्रदान करती है
    • जबकि हार्ड डिस्क या SSD जैसे सेकेंडरी स्टोरेज लंबे समय तक डेटा रखते हैं।
    • इससे सिस्टम मल्टीटास्किंग कर सकता है और डेटा हानि से बचाव होता है।
  • प्रोसेस (Process) चरण
    • यह प्रक्रिया का केंद्रीय भाग है, जहां CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) इनपुट डेटा पर गणना करता है।
    • ALU (अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट) जोड़, घटाव, गुणा, तुलना आदि संचालन करती है
    • जबकि CU (कंट्रोल यूनिट) निर्देशों का क्रम निर्देशित करती है।
    • सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम के माध्यम से कच्चा डेटा अर्थपूर्ण जानकारी में बदल जाता है, जैसे साधारण कैलकुलेशन से जटिल AI मॉडल तक।
  • आउटपुट (Output) चरण
    • प्रोसेसिंग के बाद, परिणाम उपयोगकर्ता के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
    • मॉनिटर, प्रिंटर या स्पीकर जैसे आउटपुट डिवाइस रिपोर्ट, ग्राफ या ध्वनि के रूप में जानकारी दिखाते हैं।
    • यह चरण उपयोगकर्ता की आवश्यकता के अनुसार डिजिटल या भौतिक रूप में हो सकता है, जैसे वेब पेज लोडिंग या प्रिंटेड डॉक्यूमेंट।
  • कंट्रोल (Control) चरण
    • पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कंट्रोल यूनिट सभी चरणों का समन्वय करती है।
    • यह ऑपरेटिंग सिस्टम और निर्देशों के माध्यम से डेटा प्रवाह, त्रुटि जांच और संसाधन आवंटन नियंत्रित करती है।
    • यदि कोई त्रुटि हो, तो यह सुधार या रुकावट सुनिश्चित करती है, जिससे सिस्टम की दक्षता बनी रहती है।
  • प्रक्रिया का प्रवाह चार्ट
    • यह चक्र निरंतर चलता रहता है, जहां आउटपुट नए इनपुट का आधार बन सकता है।
    • उदाहरणस्वरूप, एक स्प्रेडशीट में डेटा एंटर करने पर (इनपुट), स्टोरेज में सेव होता है
    • CPU गणना करता है (प्रोसेस), परिणाम स्क्रीन पर दिखता है (आउटपुट), और OS सब नियंत्रित करता है (कंट्रोल)। आधुनिक सिस्टम में क्लाउड और AI ने इसे और तेज बना दिया है।