Correct Answer: (a) ट्रांजिस्टरों की संख्या
Solution:- एकल चिप (Single Chip) में लगाए जा सकने वाले ट्रांजिस्टरों की संख्या के आधार पर IC's को मुख्यतः 5 प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है-
- SSI (Small Scale Integration)
- MSI (Medium Scale Integration) 00
- LSI (Large Scale Integration)
- VLSI (Very Large Scale Integration)
- ULSI (Ultra Large Scale Integration)
- ट्रांजिस्टर संख्या पर आधारित वर्गीकरण
- आई.सी. को मुख्य रूप से चार स्तरों में वर्गीकृत किया जाता है, जो एकीकरण के पैमाने पर निर्भर करता है:
- SSI (Small Scale Integration): 100 ट्रांजिस्टरों से कम। इसमें बेसिक गेट्स और फ्लिप-फ्लॉप्स जैसे सरल सर्किट होते हैं, जैसे लॉजिक गेट्स।
- MSI (Medium Scale Integration): 100 से 1000 ट्रांजिस्टर। मल्टीप्लेक्सर, काउंटर और रजिस्टर जैसे मध्यम जटिलता वाले सर्किट आते हैं।
- LSI (Large Scale Integration): 1000 से 1,00,000 ट्रांजिस्टर। माइक्रोप्रोसेसर, मेमोरी चिप्स और छोटे प्रोसेसर इस श्रेणी में हैं।
- VLSI (Very Large Scale Integration): 1,00,000 से अधिक ट्रांजिस्टर। आधुनिक माइक्रोप्रोसेसर, GPU और बड़े चिपसेट इससे संबंधित हैं।
- यह वर्गीकरण 1970 के दशक से प्रचलित है और मूर के नियम (ट्रांजिस्टर दोगुना होना) के साथ विकसित हुआ।
- निर्माण विधि पर आधारित वर्गीकरण
- मोनोलिथिक आई.सी.: एक ही सिलिकॉन वेफर पर सभी कंपोनेंट्स बनाए जाते हैं। सबसे सामान्य प्रकार, सस्ता और छोटा।
- हाइब्रिड आई.सी.: अलग-अलग चिप्स को एक पैकेज में जोड़ा जाता है। विशेष अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी।
- कार्यप्रणाली पर आधारित वर्गीकरण
- डिजिटल आई.सी.: बाइनरी सिग्नल (0/1) पर काम करते हैं, जैसे लॉजिक गेट्स, मेमोरी।
- एनालॉग आई.सी.: सतत सिग्नल हैंडल करते हैं, जैसे एम्पलीफायर, ऑसिलेटर।
- मिश्रित सिग्नल आई.सी.: दोनों डिजिटल और एनालॉग फंक्शनलिटी।
- अन्य आधार
- कार्य के आधार पर: मेमोरी आई.सी., माइक्रोप्रोसेसर आई.सी., पावर मैनेजमेंट आई.सी. आदि।
- प्रौद्योगिकी पर: CMOS, TTL, ECL आदि फैमिली।