Correct Answer: (d) लॉजिकल सिद्धांत पर
Solution:- आधुनिक कंप्यूटरों में इकाई अंकगणितीय तथा तार्किक (Arithmetic and Unit Logical) होती है, जो कि अंकगणितीय तथा तार्किक गणनाओं का कार्य
- बुनियादी सिद्धांत
- डिजिटल कंप्यूटर डेटा को वियतनामल डिजिटल रूप (discrete values) में प्रोसेस करता है
- जो बाइनरी कोड पर आधारित होता है। यह तार्किक गेट्स (Logic Gates) जैसे AND, OR, NOT का उपयोग करके मूलभूत संचालन करता है
- ये गेट्स बूलियन बीजगणित (Boolean Algebra) के नियमों पर काम करते हैं, जहां 0 झूठ (False) और 1 सत्य (True) का प्रतिनिधित्व करता है।
- उदाहरण के लिए, एक सरल AND गेट दो इनपुट लेता है: यदि दोनों 1 हैं
- तो आउटपुट 1 होता है; अन्यथा 0। इसी तरह, ये गेट्स जटिल सर्किट बनाते हैं जो अंकगणितीय और तार्किक ऑपरेशन्स को संभव बनाते हैं।
- कार्य प्रक्रिया (Von Neumann Architecture)
- डिजिटल कंप्यूटर सामान्यतः वॉन न्यूमैन वास्तुकला पर आधारित होते हैं, जिसमें पांच मुख्य घटक होते हैं:
- इनपुट यूनिट: डेटा और निर्देश प्राप्त करती है (कीबोर्ड, माउस)।
- मेमोरी यूनिट: डेटा और प्रोग्राम को स्टोर करती है (RAM, ROM)।
- केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU): ALU (Arithmetic Logic Unit) गणना और तर्क करती है, जबकि Control Unit निर्देशों को नियंत्रित करती है।
- आउटपुट यूनिट: परिणाम प्रदर्शित करती है (मॉनिटर, प्रिंटर)।
- स्टोरेज: लंबे समय के लिए डेटा रखती है (HDD, SSD)।
- बाइनरी सिस्टम और डेटा प्रतिनिधित्व
- सभी डेटा बाइनरी में बदल जाता है:
- संख्या: डेसिमल को बाइनरी में (जैसे 5 = 101)।
- टेक्स्ट: ASCII/Unicode कोड से (A = 01000001)।
- इमेज/वीडियो: पिक्सेल वैल्यूज को बाइनरी में।
- अंकगणितीय संचालन जैसे जोड़, घटाव, गुणा, भाग ALU द्वारा हार्डवेयर स्तर पर किए जाते हैं। उदाहरण: 101 (5) + 011 (3) = 1000 (8)।
- सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम
- प्रोग्राम एल्गोरिदम के रूप में निर्देशों की श्रृंखला होते हैं, जो मशीन कोड (बाइनरी) में कंपाइल होते हैं।
- ऑपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर को नियंत्रित करता है।
- जटिल कार्य जैसे AI मॉडल ट्रेनिंग भी इसी गणना-तर्क चक्र पर निर्भर हैं।
- आधुनिक विकास
- आज के कंप्यूटर मल्टी-कोर CPU, GPU, और क्वांटम बिट्स (क्यूबिट्स) का उपयोग करते हैं
- लेकिन मूल सिद्धांत वही गणना-तर्क है। क्लॉक स्पीड (GHz) और पैरालल प्रोसेसिंग से गति बढ़ी है।