कंप्यूटर : एक परिचय (Part – III)

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11. क्वांटम कंप्यूटर किस पर आधारित है?

Correct Answer: (c) क्वांटम यांत्रिकी
Solution:
  • क्र्वाटम कंप्यूटर (Quantam Computer) क्वांटम यांत्रिकी पर आधारित होते हैं।
  • यह कंप्यूटर गणना (Calculation) करने के लिए कंप्यूटर चिपों के स्थान पर परमाणुओं का प्रयोग करते हैं।
  • मूल आधार
    • क्वांटम कंप्यूटर का आधार क्वांटम भौतिकी है
    • विशेष रूप से सुपरपोजिशन (Superposition), एंटेंगलमेंट (Entanglement) और इंटरफेरेंस (Interference)। पारंपरिक कंप्यूटर बिट्स (bits) पर चलते हैं
    • जो केवल 0 या 1 की स्थिति में होते हैं, लेकिन क्यूबिट्स एक साथ कई स्थितियों में रह सकते हैं।
    • इससे एक क्वांटम कंप्यूटर लाखों-करोड़ों संभावनाओं को समानांतर रूप से प्रोसेस कर सकता है।
    • उदाहरणस्वरूप, 300 क्यूबिट्स से 2^300 (लगभग 10^90) संभावनाएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो ब्रह्मांड के परमाणुओं से भी अधिक हैं।
  • क्यूबिट्स क्या हैं?
    • क्यूबिट क्वांटम बिट है, जो इलेक्ट्रॉन के स्पिन, फोटॉन की ध्रुवीकरण (polarization) या सुपरकंडक्टिंग लूप्स जैसे क्वांटम सिस्टम से बनाया जाता है।
    • सुपरपोजिशन के कारण यह |0⟩ और |1⟩ दोनों अवस्थाओं में एक साथ रह सकता है, जिसे α|0⟩ + β|1⟩ से निरूपित किया जाता है
    • (जहाँ α और β जटिल संख्याएँ हैं)। मापन पर यह एक निश्चित अवस्था में ढह जाता है।
    • क्वांटम कंप्यूटर बनाने के लिए क्यूबिट्स को अत्यंत कम तापमान (-273°C के निकट) पर रखा जाता है
    • डिकोहेरेंस (decoherence) न हो, जो बाहरी हस्तक्षेप से क्वांटम अवस्था को नष्ट कर देता है।​
  • मुख्य क्वांटम सिद्धांत
  • सुपरपोजिशन
    • यह क्वांटम कंप्यूटर की शक्ति का आधार है।
    • एक क्यूबिट सभी संभावित अवस्थाओं में रह सकता है
    • जिससे n क्यूबिट्स 2^n समानांतर गणनाएँ कर सकते हैं।
    • उदाहरण: शोर एल्गोरिदम (Shor's algorithm) बड़े संख्याओं को फैक्टराइज करने में पारंपरिक कंप्यूटरों से करोड़ों गुना तेज है।
  • एंटेंगलमेंट
    • दो या अधिक क्यूबिट्स इतने जुड़ जाते हैं कि एक की अवस्था दूसरे को तुरंत प्रभावित करती है
    • भले ही वे प्रकाश-वर्ष दूर हों। आइंस्टीन ने इसे "स्पूकी एक्शन एट ए डिस्टेंस" कहा था। यह जटिल समस्याओं जैसे ऑप्टिमाइजेशन में उपयोगी है।​
  • इंटरफेरेंस
    • क्वांटम गेट्स (जैसे हडामार्ड गेट) सुपरपोजिशन को नियंत्रित कर सही उत्तरों को मजबूत और गलत को रद्द करते हैं, जिससे सटीक परिणाम मिलते हैं।​
    • यह IBM का क्वांटम सिस्टम वन है, जो 20 सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स पर आधारित है और क्रायोजेनिक कूलिंग में चलता है।​
  • क्वांटम गेट्स और सर्किट
    • क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम गेट्स (Hadamard, CNOT, Pauli-X आदि) से बने सर्किट्स पर चलते हैं।
    • ये यूनिटरी ऑपरेशन्स हैं जो क्वांटम अवस्थाओं को बदलते हैं। गणना के बाद मापन से क्लासिकल आउटपुट मिलता है।
    • क्वांटम एल्गोरिदम जैसे ग्रोवर सर्च या वॉर्क्स-ग्रोवर डेटाबेस सर्च को तेज करते हैं।
  • कार्यान्वयन तकनीकें
    • क्वांटम कंप्यूटर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बनाए जाते हैं:
    • सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स: IBM, Google, Fujitsu इस्तेमाल करते हैं। Fujitsu का 256-क्यूबिट मॉडल 2026 में 1000 क्यूबिट्स तक पहुँचेगा।​
    • आयन ट्रैप: IonQ जैसे।
    • फोटॉनिक: प्रकाश कणों पर।
    • टोपोलॉजिकल: माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य, अधिक स्थिर।

12. एक डिजिटल घड़ी में किस प्रकार का कंप्यूटर हो सकता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (d) इम्बेडेड कंप्यूटर
Solution:
  • डिजिटल घड़ी इम्बेडेड कंप्यूटर (Special Purpose Computer) प्रणाली द्वारा संचालित (Operate) होती है।
  • एम्बेडेड कंप्यूटर क्या है?
    • एम्बेडेड कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का ऐसा संयोजन है
    • जो किसी बड़ी मशीन या उपकरण के अंदर एकीकृत (embedded) होता है
    • केवल पूर्वनिर्धारित कार्यों को ही करता है। डिजिटल घड़ी में यह समय गणना (रियल-टाइम क्लॉक या RTC चिप के माध्यम से), डिस्प्ले को अपडेट करने, बटन इनपुट को हैं
    • डल करने और बैटरी पावर को मैनेज करने जैसे कार्य करता है। यह सामान्य पीसी या लैपटॉप से अलग होता है
    • क्योंकि इसमें कोई कीबोर्ड, मॉनिटर या सामान्य ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होता—सब कुछ न्यूनतम और कुशल बनाया जाता है।
    • उदाहरण के लिए, सरल डिजिटल घड़ियों में 8-बिट माइक्रोकंट्रोलर जैसे ATtiny या PIC सीरीज़ का चिप इस्तेमाल होता है
    • जबकि स्मार्टवॉच जैसे Apple Watch या Fitbit में 32-बिट ARM प्रोसेसर (जैसे Cortex-M सीरीज़) आधारित एम्बेडेड सिस्टम होता है जो ब्लूटूथ, सेंसर (हार्ट रेट, GPS) और ऐप्स को सपोर्ट करता है।​
  • डिजिटल घड़ी के कंप्यूटर के मुख्य घटक
    • डिजिटल घड़ी का एम्बेडेड सिस्टम निम्नलिखित भागों से मिलकर बनता है:
    • माइक्रोकंट्रोलर यूनिट (MCU): यह ब्रेन है, जिसमें CPU, RAM (कुछ KB), ROM/Flash मेमोरी और I/O पोर्ट्स होते हैं।
    • यह क्रिस्टल ऑसिलेटर (32.768 kHz) से टाइमिंग सिग्नल लेकर सेकंड, मिनट, घंटे गिनता है।
    • रियल-टाइम क्लॉक (RTC) चिप: समय को सटीक रखने के लिए बैटरी बैकअप वाली अलग चिप, जैसे DS3231।
    • डिस्प्ले ड्राइवर: LCD या LED डिस्प्ले को नियंत्रित करने के लिए।
    • इनपुट/आउटपुट: बटन, बीपर या वाइब्रेशन मोटर के लिए GPIO पिन।
    • पावर मैनेजमेंट: लो-पावर मोड्स ताकि बैटरी महीनों चले।

13. स्कूल और कॉलेज में अभिलेख तैयार करने के लिए किस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है?

Correct Answer: (b) सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर
Solution:
  • स्कूल और कॉलेज में अभिलेख तैयार करने के लिए सामान्य उद्देशीय कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।
  • सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर क्या हैं?
    • सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर वे हैं जो कई प्रकार के कार्य कर सकते हैं
    • जैसे वर्ड प्रोसेसिंग, डेटाबेस मैनेजमेंट, स्प्रेडशीट हैंडलिंग और रिपोर्ट तैयार करना।
    • स्कूल-कॉलेज में ये डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप या सर्वर के रूप में उपयोग होते हैं।
    • मिनी कंप्यूटर भी कभी-कभी बड़े संस्थानों में रिकॉर्ड मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन आजकल पर्सनल कंप्यूटर ही प्रमुख हैं।
  • अभिलेख तैयार करने के प्रमुख उपयोग
    • स्कूल और कॉलेज में अभिलेखों के लिए कंप्यूटर निम्न कार्यों में सहायक हैं:
    • छात्र प्रगति अभिलेख: प्रगति कार्ड, अंकतालिका और परिणाम संकलन कुशलता से रखा जाता है।
    • कंप्यूटर गोपनीयता बनाए रखते हुए बड़े डेटा को स्टोर और अपडेट करता है।
    • समय-सारणी निर्माण: हाथ से बनने वाली टाइम-टेबल में समय लगता है, लेकिन कंप्यूटर पर आसानी से परिवर्तन संभव हैं।​
    • वित्तीय रिकॉर्ड: शुल्क, फंड, अनुदान, वेतनसूची और बजट तैयार करना। लेखा-परीक्षण भी तेजी से होता है।​
    • परीक्षा और मूल्यांकन: प्रश्न बैंक, उत्तरपत्र अंकन, परिणाम प्रोसेसिंग और ग्राफ/चार्ट बनाना।​
    • पुस्तकालय अभिलेख: पुस्तक सूची, उधार विवरण, खरीद रिकॉर्ड और जुर्माना ट्रैकिंग।​
  • लाभ और प्रक्रिया
    • कंप्यूटर से अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया सरल है
    • डेटा इनपुट → प्रोसेसिंग (सॉर्टिंग/कैलकुलेशन) → स्टोरेज → रिपोर्ट जनरेशन।
    • इससे समय की बचत (90% तक), त्रुटि कम (मानवीय गलतियाँ नहीं) और बैकअप आसान होता है। गोपनीयता के लिए पासवर्ड और एन्क्रिप्शन का उपयोग होता है।
  • चुनौतियाँ और समाधान
    • चुनौतियाँ: डेटा सिक्योरिटी, ट्रेनिंग की कमी, बिजली की समस्या (हरियाणा जैसे क्षेत्रों में)।
    • समाधान: एंटीवायरस, स्टाफ ट्रेनिंग, UPS और क्लाउड बैकअप।
    • भारत में डिजिटल इंडिया के तहत स्कूलों में कंप्यूटर लैब अनिवार्य हैं।​

14. विशिष्ट उद्देश्यीय कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है-

Correct Answer: (d) सभी में
Solution:
  • विशिष्ट उद्देशीय कंप्यूटर का उपयोग कृषि विज्ञान, मौसम विज्ञान, • अंतरिक्ष विज्ञान आदि स्थानों पर किया जाता है।
  • परिभाषा और विशेषताएँ
    • विशिष्ट उद्देश्यीय कंप्यूटर उच्च क्षमता वाले होते हैं, जिनमें माइक्रोप्रोसेसर, प्राथमिक और द्वितीयक मेमोरी की क्षमता उस विशेष प्रोग्राम या कार्य के अनुरूप होती है।
    • उदाहरण के लिए, वीडियो एडिटिंग या ऑडियो मिक्सिंग जैसे कार्यों के लिए ये कंप्यूटर अधिक ग्राफिक्स कार्ड और उच्च RAM के साथ बनाए जाते हैं।
    • ये महंगे होते हैं और आमतौर पर किसी एक विशेष उपयोगकर्ता या संगठन द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं।
    • ये कंप्यूटर बहुमुखी नहीं होते, बल्कि एकल कार्य पर केंद्रित रहते हैं, जिससे उनकी गति, सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
    • इनमें कस्टम सॉफ्टवेयर लोड होता है जो केवल उस उद्देश्य के लिए काम करता है।​
  • उपयोग के क्षेत्र
    • विशिष्ट उद्देश्यीय कंप्यूटर विभिन्न क्षेत्रों में प्रयुक्त होते हैं:
    • मौसम पूर्वानुमान: मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जटिल डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमान के लिए।
    • जनगणना और डेटा प्रोसेसिंग: बड़ी मात्रा में जनसंख्या डेटा को संसाधित करने हेतु।​
    • चिकित्सा क्षेत्र: मेडिकल इमेजिंग, जैसे MRI या CT स्कैन विश्लेषण के लिए।​
    • मीडिया संपादन: वीडियो एडिटिंग, ऑडियो मिक्सिंग, डेस्कटॉप पब्लिशिंग (जैसे CorelDRAW, QuarkXPress)।
    • रक्षा और अंतरिक्ष: युद्धकाल में प्रक्षेपास्त्र नियंत्रण या स्पेस कंट्रोल सिस्टम।​
    • अन्य: टिकट रिजर्वेशन सिस्टम, CAD/CAM डिजाइन, सिमुलेशन सॉफ्टवेयर।​
  • उदाहरण
    • सुपरकंप्यूटर: मौसम पूर्वानुमान या वैज्ञानिक सिमुलेशन के लिए, जैसे भारत का PARAM सुपरकंप्यूटर।​
    • एम्बेडेड सिस्टम: वाशिंग मशीन या माइक्रोवेव में लगा चिप, जो केवल नियंत्रण के लिए।​
    • मेडिकल डिवाइस: हार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम जो केवल हृदय डेटा ट्रैक करता है।​
  • लाभ और सीमाएँ
  • लाभ:
    • उच्च गति और सटीकता, क्योंकि संसाधन बर्बाद नहीं होते।​
    • कम रखरखाव, क्योंकि सिस्टम सरल और फोकस्ड होता है।
    • जटिल कार्यों में श्रेष्ठ प्रदर्शन, जैसे बड़े डेटा विश्लेषण।
  • सीमाएँ:
    • बहुमुखी नहीं; अन्य कार्यों के लिए अनुपयुक्त।
    • उच्च लागत और कस्टमाइजेशन की आवश्यकता।

15. पद 'PC-XT' का आशय है- [S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2010]

Correct Answer: (b) पर्सनल कंप्यूटर एक्सटेंडेड टेक्नोलॉजी
Solution:
  • IBM द्वारा मार्च, 1983 में IBM PC-XT' नामक कंप्यूटर बाजार में लांच किया गया।
  • PC-XT का आशय है- Personal Computer Extended Technology.
  • XT का पूरा नाम और अर्थ
    • PC-XT में "XT" का मतलब eXtended Technology या Extended Technology (विस्तारित प्रौद्योगिकी) है। कुछ हिंदी/मल्टीपल चॉइस प्रश्नों में इसे Personal Computer Extended
    • Technology या Personal Computer Expanded Technology के रूप में भी उल्लेखित किया जाता है।
    • यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसमें मूल PC की तुलना में विस्तारित सुविधाएं थीं, जैसे हार्ड ड्राइव सपोर्ट और ज्यादा एक्सपैंशन स्लॉट्स।​
    • यह फोटो IBM PC XT सिस्टम को दर्शाती है, जिसमें बेज कलर का CPU यूनिट, MDA मॉनिटर (हरा टेक्स्ट) और 83-की कीबोर्ड दिख रहा है।
  • तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स
    • प्रोसेसर: Intel 8088 (4.77 MHz), मूल PC जैसा ही।
    • RAM: बेस 128 KB (बाद में 256 KB तक अपग्रेडेबल, अधिकतम 640 KB)।
    • हार्ड डिस्क: 10 MB Seagate ST-412 (फुल हाइट, दो ड्राइव बे लेती थी)।
    • यह पहली बार बिल्ट-इन HDD के साथ आया, जो डायरेक्ट बूटिंग सपोर्ट करता था।
    • फ्लॉपी ड्राइव: एक 5.25" 360 KB फ्लॉपी ड्राइव।
    • एक्सपैंशन स्लॉट्स: 8 स्लॉट्स (मूल PC में 5 थे), जिससे ज्यादा कार्ड्स लगाए जा सकते थे।
    • पावर सप्लाई: 130W।
    • अन्य: सीरियल पोर्ट, Cassette BASIC ROM (कैसेट पोर्ट हटा दिया गया), MDA/CGA मोनोक्रोम या कलर डिस्प्ले सपोर्ट।
    • यह बिजनेस यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया था, क्योंकि HDD ने डेटा स्टोरेज को आसान बना दिया।​
  • मूल PC से अंतर
    • XT ने PC को ज्यादा प्रैक्टिकल बनाया, लेकिन HDD फुल हाइट होने से एक्सपैंशन चेसिस (मॉडल 5161) की जरूरत पड़ती थी अगर दो फ्लॉपी के साथ HDD चाहिए।​
  • इतिहास और महत्व
    • IBM PC XT ने पर्सनल कंप्यूटिंग को नई दिशा दी। यह 1983 से 1987 तक बिका, जब इसे बंद कर दिया गया।​
    • क्लोन कंप्यूटर्स (जैसे Compaq) ने इसके ISA बस और BIOS को कॉपी किया
    • जिससे PC इंडस्ट्री बूम हुआ। बाद के PC-AT (1984) ने 286 प्रोसेसर जोड़ा।​
    • भारत जैसे देशों में 80-90 के दशक में XT पायरेसी सॉफ्टवेयर और DOS के साथ पॉपुलर रहा।​​
  • लिमिटेशन्स
    • धीमी HDD (कम स्पीड)।
    • लिमिटेड RAM।
    • फुल हाइट ड्राइव्स से जगह की कमी।
    • फिर भी, यह PC क्रांति का महत्वपूर्ण स्टेप था।

16. किस प्रकार के कंप्यूटरों का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है? [Uttarakhand P.C.S.(Mains) 2007]

Correct Answer: (d) माइक्रो कंप्यूटर
Solution:
  • आजकल सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाले कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर हैं।
  • इसके अंतर्गत डेस्कटॉप कंप्यूटर, 'गेम कंसोल्स' (Game Consoles), लैपटॉप, नोटबुक, टैबलेट कंप्यूटर, स्मार्टफोन्स, PDAs इत्यादि आते हैं।
  • कौन‑सा प्रकार सबसे ज़्यादा उपयोग होता है?
    • प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार “किस प्रकार के कंप्यूटरों का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है?” का सही उत्तर माइक्रो कंप्यूटर माना जाता है।​
    • माइक्रो कंप्यूटर आज घर, दफ़्तर, स्कूल, दुकान, बैंक, मोबाइल आदि के रूप में हर जगह दिखते हैं, इसलिए इनकी संख्या और उपयोग दोनों सबसे अधिक हैं।
  • माइक्रो कंप्यूटर क्या होते हैं?
    • माइक्रो कंप्यूटर वे कंप्यूटर हैं जिनमें एक या कुछ माइक्रोप्रोसेसर लगे होते हैं
    • जिन्हें एक व्यक्ति द्वारा उपयोग करने के लिए बनाया गया है, जैसे डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप, नोटबुक, टैबलेट, स्मार्टफोन आदि।
    • ये आकार में छोटे, कीमत में कम, बिजली कम खर्च करने वाले और इंस्टॉल/उपयोग करने में आसान होते हैं, इसलिए आम यूज़र से लेकर छोटे व्यवसाय तक सब इन्हीं पर निर्भर हैं।
  • माइक्रो कंप्यूटर के आम रूप
    • डेस्कटॉप कंप्यूटर (PC): ऑफ़िस, साइबर कैफ़े, स्कूल/कॉलेज, दुकानों के बिलिंग काउंटर आदि पर सबसे सामान्य।
    • लैपटॉप/नोटबुक: स्टूडेंट, टीचर, ऑफिस कर्मचारी, फ्रीलांसर, बिज़नेस ट्रैवलर द्वारा सबसे ज़्यादा इस्तेमाल; पोर्टेबल होने के कारण इनका उपयोग तेज़ी से बढ़ा है।
    • टैबलेट और स्मार्टफोन: तकनीकी रूप से ये भी माइक्रो कंप्यूटर ही हैं
    • जिनमें प्रोसेसर, मेमोरी, स्टोरेज, ऑपरेटिंग सिस्टम होता है और ये इंटरनेट, ऐप, गेम, बैंकिंग, पढ़ाई आदि के लिए भारी मात्रा में उपयोग होते हैं।
  • माइक्रो कंप्यूटर का इतना अधिक उपयोग क्यों?
    • कम लागत: सुपर, मेनफ्रेम या बड़े सर्वर की तुलना में माइक्रो कंप्यूटर बहुत सस्ते होते हैं, इसलिए आम आदमी भी इन्हें खरीद सकता है।
    • बहुउद्देश्यीय (Multipurpose): एक ही मशीन से इंटरनेट, ऑफिस वर्क, गेम, प्रोग्रामिंग, डिज़ाइन, ऑनलाइन क्लास, वीडियो/फोटो एडिटिंग, बैंकिंग इत्यादि सब हो जाता है।
    • पोर्टेबिलिटी: लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन जैसे माइक्रो कंप्यूटर आसानी से कहीं भी ले जाए जा सकते हैं, इसलिए आज काम‑काज और पढ़ाई दोनों में इनकी भूमिका बहुत बढ़ गई है।
    • नेटवर्क और इंटरनेट सपोर्ट: लगभग सभी माइक्रो कंप्यूटर वाई‑फाई, मोबाइल डेटा, LAN आदि से जुड़कर ऑनलाइन काम कर सकते हैं, जिससे उनका उपयोग और भी व्यापक हो गया है।

17. पर्सनल कंप्यूटर की स्पीड ...... में मापी जाती है। [LIC AÃO EXAM-2016 (Online)]

Correct Answer: (c) मेगाहर्ट्ज़
Solution:
  • पर्सनल कंप्यूटर की स्पीड मेगाहर्ट्ज में मापी जाती है।
  • क्लॉक स्पीड क्या है?
    • क्लॉक स्पीड कंप्यूटर के प्रोसेसर (CPU) की गति को बताती है, जो प्रति सेकंड कितने चक्र (cycles) पूरे करता है।
    • आजकल आधुनिक पर्सनल कंप्यूटरों में यह GHz में मापी जाती है, जैसे 3.5 GHz का मतलब प्रति सेकंड 3.5 अरब चक्र।
    • पुराने सिस्टम में MHz इस्तेमाल होता था, लेकिन अब GHz मानक है।​​
  • मापन की इकाइयाँ
    • हर्ट्ज (Hz): सबसे छोटी इकाई, 1 Hz = 1 चक्र प्रति सेकंड।
    • मेगाहर्ट्ज (MHz): 1 MHz = 10 लाख Hz (पुराने PCs के लिए)।
    • गीगाहर्ट्ज (GHz): 1 GHz = 10 करोड़ Hz (आधुनिक PCs)।
    • अन्य: FLOPS (फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) सुपरकंप्यूटर्स के लिए, लेकिन PCs में क्लॉक स्पीड मुख्य।​​
  • स्पीड के अन्य पहलू
    • CPU के अलावा RAM, स्टोरेज और नेटवर्क की स्पीड अलग-अलग मापी जाती है।
    • RAM स्पीड MT/s (मेगा ट्रांसफर प्रति सेकंड) में, जैसे DDR4-3200।
    • SSD/हार्ड डिस्क MB/s में रीड/राइट स्पीड से।​​
  • स्पीड कैसे चेक करें?
    • विंडोज में Task Manager (Ctrl+Shift+Esc) से CPU स्पीड देखें।
    • टूल्स जैसे CPU-Z या Prime95 से अधिकतम स्पीड टेस्ट करें।
    • क्लॉक स्पीड बढ़ाने के लिए टर्बो बूस्ट या ओवरक्लॉकिंग इस्तेमाल होता है।
  • प्रभावित करने वाले कारक
    • स्पीड केवल GHz पर निर्भर नहीं; कोर्स प्रति चक्र (IPC), थ्रेड्स और कूलिंग भी मायने रखते हैं।
    • उदाहरण: 3 GHz का नया CPU पुराने 4 GHz से तेज हो सकता है बेहतर आर्किटेक्चर से।​​
    • परफॉर्मेंस सुधारने के लिए RAM बढ़ाएँ, SSD यूज करें और बैकग्राउंड ऐप्स बंद रखें।

18. 'मेगाहर्ट्ज या 'MHz' शब्द का अर्थ है: [LIC AAO EXAM-2016 (Online)]

Correct Answer: (e) मिलियंस साइकिल्स प्रति सेकंड
Solution:
  • मेगाहर्ज या MHz शब्द का अर्थ मिलियंस साइकिल्स प्रति सेकंड (Millions cycles per second) है।
  • परिभाषा
    • मेगाहर्ट्ज का अर्थ है 'मेगा' (एक मिलियन, यानी 10^6) और 'हर्ट्ज़' (प्रति सेकंड एक चक्र) का संयोजन।
    • एक MHz समान 1,000,000 हर्ट्ज़ या प्रति सेकंड 10 लाख चक्र होता है। यह SI इकाई प्रणाली का हिस्सा है, जहाँ हर्ट्ज़ आवृत्ति की मूल इकाई है।
  • उत्पत्ति और इतिहास
    • हर्ट्ज़ का नाम जर्मन भौतिकशास्त्री हेनरिक हर्ट्ज़ के नाम पर पड़ा
    • जिन्होंने 1880 के दशक में विद्युत चुम्बकीय तरंगों की खोज की।
    • मेगाहर्ट्ज़ जैसे गुणकों का उपयोग 20वीं सदी में कंप्यूटर और रेडियो तकनीक के विकास के साथ बढ़ा। आज यह GHz (गीगाहर्ट्ज़) तक विस्तारित हो चुका है।
  • कंप्यूटर में उपयोग
    • कंप्यूटर प्रोसेसर (CPU) की क्लॉक स्पीड को MHz या GHz में मापा जाता है, जो बताता है
    • प्रोसेसर प्रति सेकंड कितने निर्देश चक्र पूरे कर सकता है।
    • उदाहरणस्वरूप, 3.5 GHz का मतलब 3.5 अरब चक्र प्रति सेकंड है।
    • हालांकि, वास्तविक प्रदर्शन थ्रेड्स, कोर और आर्किटेक्चर पर भी निर्भर करता है।
  • अन्य उपयोग
    • रेडियो और संचार: FM रेडियो 88-108 MHz बैंड में काम करता है।
    • मेमोरी और RAM: DDR4 RAM की स्पीड 3200 MHz तक होती है।
    • मोबाइल नेटवर्क: 4G/5G बैंड 700 MHz से 3.5 GHz तक।
    • यह ध्वनि तरंगों या विद्युत चुम्बकीय विकिरण की आवृत्ति मापने में भी लगता है।
  • सीमाएँ और महत्व
    • उच्च MHz हमेशा बेहतर प्रदर्शन नहीं दर्शाता, क्योंकि दक्षता आर्किटेक्चर पर निर्भर करती है।
    • ओवरक्लॉकिंग से MHz बढ़ाया जा सकता है
    • लेकिन गर्मी और स्थिरता प्रभावित होती है। 2026 तक, CPU 5-6 GHz तक पहुँच चुके हैं।​

19. भारत में विकसित सर्वप्रथम सुपरकंप्यूटर है : [EMRS JSA 17.12.2023-II]

Correct Answer: (d) परम (PARAM)
Solution:
  • अमेरिका द्वारा भारत को (क्रे) सुपर कंप्यूटर देने से इनकार करने के बाद 1980 के दशक के अंत तक भारत में सुपरकंप्यूटर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
  • भारत में विकसित सर्वप्रथम सुपरकंप्यूटर परम है, जो पुणे स्थित सी-डैक द्वारा अभिकल्पित एवं निर्मित सुपर कंप्यूटर की एक श्रृंखला है।
  • विकास की पृष्ठभूमि
    • 1980 के दशक में जब अमेरिका जैसे देशों ने भारत को क्रे (Cray) सुपरकंप्यूटर बेचने से इंकार कर दिया
    • तब भारत ने स्वदेशी विकल्प विकसित करने का संकल्प लिया।
    • C-DAC को 1987-88 में स्थापित किया गया और 3 वर्षों में 1 GFLOPS क्षमता वाला सुपरकंप्यूटर बनाने का लक्ष्य दिया गया।​
    • यह मशीन समानांतर प्रोसेसिंग पर आधारित थी, जिसमें i860 माइक्रोप्रोसेसर (Intel 1860 ट्रांसप्यूटर्स) का उपयोग हुआ।​
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • PARAM 8000 में 256 प्रोसेसिंग नोड्स थे, जो 1 गीगाफ्लॉप्स (GFLOPS) की गति प्रदान करते थे।
    • यह वितरित मेमोरी आर्किटेक्चर पर आधारित था और संस्कृत शब्द "PARAM" (सर्वोच्च) तथा "Parallel Architecture Multi-transputer Machine" का संक्षिप्त रूप था।​
    • इसकी पहली प्रति 1991 में मॉस्को के ICAD में रूसी सहयोग से इंस्टॉल की गई, जो भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने वाली थी।
    • बाद में PARAM 8000 प्लस (1994) जैसे उन्नत संस्करण आए, लेकिन मूल मॉडल ही पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर था।​
  • PARAM सीरीज़ का विस्तार
    • PARAM एक सुपरकंप्यूटर सीरीज़ है, जिसमें कई उल्लेखनीय मॉडल शामिल हैं:
    • PARAM 8600 (1998): वितरित मेमोरी आर्किटेक्चर वाला।​
    • PARAM 10000 (1998): मौसम पूर्वानुमान के लिए डिज़ाइन।​
    • PARAM Padma (2002): उच्च कम्प्यूटेशनल शक्ति।​
    • PARAM Yuva (2009): अनुसंधान के लिए।​
    • PARAM Shakti (2018): RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित स्वदेशी।​
    • ये मॉडल EKA, सागर आदि अन्य भारतीय सुपरकंप्यूटर्स के साथ भारत को वैश्विक सुपरकंप्यूटिंग में मजबूत बनाते हैं।
  • महत्व और विरासत
    • PARAM 8000 ने भारत को सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भर बनाया
    • जो मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक अनुसंधान और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हुआ। आज PARAM सिद्धि-AI भारत का शीर्ष HPC AI सुपरकंप्यूटर है।​
    • डॉ. भाटकर की अगुवाई में C-DAC ने न केवल तकनीकी बाधाओं को तोड़ा, बल्कि निर्यात सफलता भी हासिल की। यह भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा का प्रारंभिक अध्याय था।

20. भारतीय सुपर कंप्यूटर का जनक कौन कहलाता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) विजय भटकर
Solution:
  • विजय पाण्डुरंग भटकर (Vijay Pandurang Bhatkar) को भारतीय सुपर कंप्यूटर का जनक (Inventor) कहा जाता है। उन्होंने वर्ष 1991 में भारत के पहले सुपर कंप्यूटर परम 8000 के…
  • भारतीय सुपर कंप्यूटर के जनक डॉ. विजय पांडुरंग भाटकर हैं।
    •  वे भारत के पहले स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 के विकास के प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में विख्यात हैं, जिसने देश को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में आत्मनिर्भर बनाया।
  • प्रारंभिक पृष्ठभूमि
    • डॉ. विजय पांडुरंग भाटकर का जन्म 1946 में महाराष्ट्र के मुंबई के पास एक छोटे से गाँव में हुआ था।
    • उन्होंने आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और नागपुर विश्वविद्यालय से पीएचडी पूरी की।
    • 1970 के दशक में अमेरिका में पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च के दौरान उन्होंने मल्टीप्रोसेसर सिस्टम पर काम किया
    • जो बाद में सुपरकंप्यूटिंग की नींव बना। उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें भारत लौटने पर राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स सौंपने योग्य बनाया।
  • PARAM प्रोजेक्ट की शुरुआत
    • 1980 के दशक में भारत को मौसम पूर्वानुमान, न्यूक्लियर सिमुलेशन और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सुपरकंप्यूटर की आवश्यकता थी
    • लेकिन अमेरिका (क्रे सुपरकंप्यूटर) और यूरोप ने तकनीकी निर्यात प्रतिबंध लगा दिए।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1986 में स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकसित करने का फैसला लिया।
    • पुणे में 1987-88 में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) की स्थापना हुई
    • जिसके पहले महानिदेशक डॉ. भाटकर बने। उन्हें मात्र दो साल में सुपरकंप्यूटर बनाने का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया गया।​​
  • PARAM 8000 का विकास और सफलता
    • डॉ. भाटकर के नेतृत्व में C-DAC टीम ने 1991 में PARAM 8000 लॉन्च किया, जो भारत का पहला सुपरकंप्यूटर था।
    • यह मल्टीप्रोसेसर आर्किटेक्चर पर आधारित था और 5 गीगाफ्लॉप्स (Gigaflops) की गति प्रदान करता था
    • जो उस समय दुनिया का दूसरा सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर था।
    • क्रे सुपरकंप्यूटर से सस्ता होने के कारण अमेरिकी कंपनियों को अपनी कीमतें घटानी पड़ीं।
    • PARAM ने स्वदेशी तकनीक से जटिल गणनाओं जैसे मौसम मॉडलिंग और दवा डिज़ाइन को संभव बनाया।
  • आगे के योगदान
    • PARAM श्रृंखला का विस्तार: 1994 में PARAM 10000 (10 Gflops) और बाद में अन्य मॉडल विकसित किए, जिनमें भारतीय भाषाओं में कंप्यूटिंग की क्षमता जोड़ी।
    • राष्ट्रीय परम सुपरकंप्यूटिंग सुविधा (NPSF): 1998 में स्थापित, जो अब गरुड़ ग्रिड के रूप में राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क पर उपलब्ध है। यह देशभर में HPC सुविधाएँ प्रदान करता है।
    • संस्थागत भूमिकाएँ: C-DAC, ER&DC, IIITM-K और MKCL की स्थापना में योगदान। वे नालंदा विश्वविद्यालय के चांसलर और विज्ञान भारती (वेम्स) के अध्यक्ष रह चुके हैं।
  • पुरस्कार और मान्यताएँ
    • डॉ. भाटकर को पद्म भूषण (2000), महाराष्ट्र भूषण, पद्मश्री और कई अन्य सम्मान मिले।
    • उन्हें 'भारतीय सुपरकंप्यूटिंग के वास्तुकार' कहा जाता है।
    • उनकी दूरदृष्टि ने भारत को आज के टॉप-10 सुपरकंप्यूटरीय देशों में पहुँचाया, जहाँ PARAM श्रृंखला अब भी आधार है।
  • विरासत
    • डॉ. भाटकर की उपलब्धि ने 'मेक इन इंडिया' की भावना को मजबूत किया और युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित किया।
    • आज भारत के सुपरकंप्यूटर जैसे प्रज्ञा और मिहिर PARAM तकनीक पर ही आधारित हैं। उनकी कहानी आत्मनिर्भरता की मिसाल है।