कंप्यूटर : एक परिचय (Part – III)

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21. निम्नलिखित में से वर्ष 1976 में विकसित सर्वप्रथम सुपर कंप्यूटर कौन-सा है ? [रेलवे एनटीपीसी ऑनलाइन परीक्षा, 7, 16 अप्रैल, 2016 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) क्रे-1
Solution:
  • वर्ष 1976 में विकसित सर्वप्रथम सुपर कंप्यूटर क्रे-1 है
  • जबकि एक्रॉन एटम, कोमोडोर (Commodore) PET एवं एम्सट्रैड (Amstrad) PCW पर्सनल कंप्यूटर की श्रेणी में आते हैं।
  • Cray-1 का विकास
    • Cray-1 को प्रसिद्ध कंप्यूटर डिज़ाइनर Seymour Cray ने लीड किया। इसे Los Alamos National Laboratory में पहली बार इंस्टॉल किया गया।
    • इसकी स्पीड 160 MFLOPS तक थी, जो उस समय क्रांतिकारी थी।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • इसमें C-आकार का अनोखा डिज़ाइन था, जो केबल लंबाई कम करने के लिए बनाया गया।
    • वेक्टर प्रोसेसिंग का उपयोग करके जटिल वैज्ञानिक गणनाएं तेजी से करता था। मेमोरी 8 मेगावर्ड्स तक और 80 MHz क्लॉक स्पीड थी।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • Cray-1 ने सुपरकंप्यूटिंग को नई दिशा दी और 1970-80 के दशक में सबसे सफल सुपरकंप्यूटर बना।
    • इससे पहले CDC 6600 (1964) को पहला सुपरकंप्यूटर माना जाता है
    • लेकिन 1976 का पहला Cray-1 ही था। यह मौसम पूर्वानुमान, न्यूक्लियर सिमुलेशन में इस्तेमाल हुआ।
  • अन्य विकल्पों से तुलना
    • ILLIAC IV: 1975 में शुरू, लेकिन प्रोजेक्ट असफल रहा और Cray-1 जितना प्रभावी नहीं।​
    • CDC 7600: 1968 का, पुराना मॉडल।
    • Cray-1 ही 1976 का पहला व्यावसायिक रूप से सफल सुपरकंप्यूटर था।

22. भारत ने सुपर कंप्यूटर 'परम' का निर्माण किया- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999-2000]

Correct Answer: (d) पुणे में
Solution:
  • पुणे स्थित सी-डैक : 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग' (Centre for Development of Advanced Computing) द्वारा 'परम' नामक सुपर कंप्यूटरों की श्रृंखला का विकास (Development) किया गया।
  • परम सुपर कंप्यूटर क्या है?
    • परम नाम संस्कृत के शब्द “परम” से लिया गया है, जिसका अर्थ है
    • सर्वोच्च” या “सबसे उच्च”, साथ ही इसका अर्थ “Parallel Machine” के लिए भी संक्षिप्त रूप (PAraallell Machine) के रूप में लिया गया।
    • यह भारत में विकसित सुपर कंप्यूटरों की एक पूरी श्रृंखला का नाम है, जिसमें पहला मॉडल PARAM 8000 था, जो 1991 में तैयार हुआ।
  • पृष्ठभूमि – अमेरिका ने मना किया, भारत ने बनाया
    • 1980 के दशक के अंत में भारत को मौसम पूर्वानुमान, रक्षा अनुसंधान, अंतरिक्ष, और उच्च स्तरीय वैज्ञानिक गणनाओं के लिए सुपर कंप्यूटर की जरूरत थी
    • लेकिन उस समय सुपर कंप्यूटर “रणनीतिक तकनीक” माने जाते थे और उनका निर्यात कड़े नियंत्रण में था।​
    • भारत ने अमेरिका से सुपर कंप्यूटर लेने की कोशिश की, पर राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने से यह अनुरोध ठुकरा दिया गया।
    • इसके बाद भारत सरकार ने तय किया कि देश अपना स्वदेशी सुपर कंप्यूटर खुद विकसित करेगा।​
  • निर्माण की ज़िम्मेदारी – सी‑डैक और डॉ. विजय भटकर
    • सुपर कंप्यूटर बनाने की जिम्मेदारी पुणे स्थित C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) को दी गई
    • जो उन्नत कंप्यूटिंग तकनीक विकसित करने के लिए स्थापित किया गया था।​
    • इस पूरी राष्ट्रीय पहल के वास्तुकार के रूप में डॉ. विजय पी. भटकर को माना जाता है; उन्होंने ही PARAM सुपर कंप्यूटर के विकास का नेतृत्व किया और टीम तैयार की।​​
  • PARAM 8000 – भारत का पहला सुपर कंप्यूटर
    • यह “श्रेणी की पहली मशीन” थी, यानी इसके बाद आने वाले सभी PARAM सुपर कंप्यूटर मूल रूप से इसी डिज़ाइन पर आधारित सुधरे हुए संस्करण थे।​
  • तकनीकी विशेषताएँ (सरल भाषा में)
    • उपलब्ध स्रोतों के अनुसार PARAM 8000 की मुख्य बातें संक्षेप में:
    • इसे शुरू से भारत में डिज़ाइन और असेंबल किया गया, यानी हार्डवेयर आर्किटेक्चर और सिस्टम डिजाइन की मूल योजना भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाई।
    • इसमें अनेक प्रोसेसर नोड्स (processing nodes) को समानांतर (parallel) तरीके से जोड़ा गया था, ताकि एक साथ बहुत ज़्यादा गणनाएँ की जा सकें, जो सुपर कंप्यूटर की असली ताकत होती है।​​
    • इसकी गति उस समय के मानकों के अनुसार गीगाफ्लॉप्स (GigaFLOPS – प्रति सेकंड अरब floating point operations) के स्तर की थी
    • जो भारत के लिए एक बड़ी छलांग थी, क्योंकि पहले ऐसी क्षमता विदेशों पर निर्भर थी।​
  • तकनीकी और राष्ट्रीय महत्व
    • PARAM 8000 के सफल विकास ने यह साबित किया कि भारत उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र में पूरी तरह स्वदेशी समाधान तैयार कर सकता है।
    • इस सफलता के बाद भारत ने परम श्रृंखला के और भी कई शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर विकसित किए
    • जैसे PARAM 8600, PARAM 10000 इत्यादि, जिनसे भारत की क्षमता लगातार बढ़ती गई।​​
    • PARAM 8000 के कारण भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया
    • जो खुद अपना सुपर कंप्यूटर विकसित कर सकते थे; इससे विदेशों पर तकनीकी निर्भरता कम हुई
    • राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा अनुसंधान एवं मौसम-विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ी।​​
  • आज के दौर तक – PARAM परिवार का विस्तार
    • PARAM 8000 से शुरू हुई यह यात्रा आज National Supercomputing Mission (NSM) जैसे कार्यक्रमों तक पहुँची है
    • जहां देशभर के संस्थानों में नए-नए PARAM सुपर कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं।​​
    • उदाहरण के रूप में हाल के वर्षों में “परम शक्ति”, “परम रुद्र” जैसे सुपर कंप्यूटर IITs और अन्य संस्थानों में स्थापित किए गए हैं
    • जिनमें से कई में 50% से अधिक हार्डवेयर कंपोनेंट और पूरा सॉफ्टवेयर स्टैक भारत में विकसित है।
    • सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक कुल 90 पेटाफ्लॉप्स की कंप्यूटिंग क्षमता देश में स्थापित की जाए, जो PARAM श्रृंखला के विकास से मिली आधारशिला पर ही खड़ी है।​
  • उपयोग के प्रमुख क्षेत्र
    • परम और उसके बाद के सुपर कंप्यूटर निम्न क्षेत्रों में उपयोगी रहे:
    • मौसम पूर्वानुमान और जलवायु मॉडलिंग (Cyclone, Monsoon आदि की बेहतर भविष्यवाणी)।​​
    • रक्षा अनुसंधान, मिसाइल और एयरोस्पेस डिजाइन, जटिल सिमुलेशन।
    • उच्च स्तरीय वैज्ञानिक शोध – भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, सामग्री विज्ञान आदि में बड़े गणनात्मक मॉडल।​​
    • स्वास्थ्य और जैव-सूचना विज्ञान (Bioinformatics), दवाओं के डिज़ाइन, जीनोम विश्लेषण जैसे कार्य।​​
  • निष्कर्ष (संक्षेप में)
    • अमेरिका से सुपर कंप्यूटर न मिलने के बाद भारत ने C-DAC और डॉ. विजय भटकर के नेतृत्व में 1991 में PARAM 8000 नाम से अपना पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर बनाया।​
    • “परम” श्रृंखला ने भारत को उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया और आगे चलकर राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन तथा आधुनिक सुपर कंप्यूटरों (परम शक्ति, परम रुद्र आदि) की मजबूत नींव रखी।​

23. 'परम' पद निम्नलिखित में से संबंधित है- [R.R.B. गोरखपुर (A.S.M.) परीक्षा, 2001]

Correct Answer: (a) कंप्यूटरीकरण
Solution:
  • 'परम' पद कंप्यूटरीकरण से संबंधित है। पुणे की सी-डैक (C-DAC) संस्था द्वारा परम श्रृंखला में अनेक सुपर कंप्यूटरों का विकास (Development) किया गया है।
  • परम पद” का सामान्य अर्थ
    • “परम” का मूल अर्थ होता है सर्वोच्च, सर्वश्रेष्ठ, अंतिम, अत्यधिक, अनंत या पूर्णतम (supreme, ultimate, highest)।
    • “पद” का अर्थ हो सकता है स्थान, संस्थान, गति, शब्द या अवस्था।
    • इन दोनों को मिलाकर “परम पद” का अर्थ बनता है:
    • सबसे ऊँचा‑सा स्थान या पद (जैसे किसी भावनिक या आध्यात्मिक श्रेणी का उच्चतम स्तर)।
    • जीवन‑मुक्ति, मोक्ष, मुक्ति, कैवल्य या निर्वाण की अवस्था, जब जीव जन्म‑मृत्यु के बंधनों से छूट जाए।
    • अर्थात्, “परम पद” किसी भी व्यक्ति, देवता या जीव के लिए परम श्रेष्ठता का स्थान या अंतिम लक्ष्य कहलाता है।
  • धार्मिक और अध्यात्मिक संबंध
    • धर्म और भक्ति‑साहित्य में “परम पद” का प्रयोग अक्सर ईश्वर की सेवा या उसके चरणों में अनन्य समर्पण से जोड़ा जाता है।
    • भक्ति परंपरा में ऐसी अवस्था को भी “परम पद” कहा जाता है जब भक्त
    • ईश्वर के अलावा कोई इच्छा‑कांक्षा न रखता हो,
    • सब वासनाएँ और अहंकार घट जाएँ,
    • उसका पूरा कर्तव्य ईश्वर की सेवा में लग जाए।​
    • ऐसी हालत में भक्त को कहा जाता है कि उसे “ईश्वर के चरणों में स्थाई स्थान” मिल गया, यानी परम पद प्राप्त हो गया।​
    • इस दृष्टि से “परम पद” वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति स्वर्ग से भी ऊपर की दिव्य गति में स्थापित हो जाता है, और अब उसे जन्म‑मरण के चक्र से छूट मिल जाता है।​​
  • दार्शनिक और मोक्ष‑संबंधी अर्थ
    • दर्शन और मुक्ति‑साहित्य में “परम पद” का अर्थ मोक्ष, मुक्ति, कैवल्य या निर्वाण के रूप में बताया गया है।
    • इसके पर्यायवाची शब्द हैं:
    • मोक्ष
    • मुक्ति
    • अमर पद
    • निर्वाण
    • कैवल्य
    • इस संदर्भ में “परम पद” का अर्थ है:
    • जीव का उस स्थिति में पहुँचना जहाँ वह जन्म और मरण के बंधन से छूट जाए;
    • इस जन्म‑मरण को एक चक्र की तरह समझा जाए, और “परम पद” उसी चक्र का अंतिम बिंदु या मुक्ति‑स्थिति हो।
    • इस अवसर पर यह भी कहा जाता है कि जो व्यक्ति
    • सच्चाई, निष्काम कर्म, सेवा और ईश्वर‑भक्ति में लगा रहता है,
    • धीरे‑धीरे उसकी वासनाएँ और अहंकार कम हो जाते हैं,
    • ऐसे संतों को ही मोक्ष की प्राप्ति होती है, यानी वे “परम पद” प्राप्त करते हैं।
  • व्याकरणिक दृष्टि से “परम + पद”
    • “परम पद” को देखते हुए व्याकरण के आधार पर भी इसकी व्याख्या होती है:
    • “परम” एक विशेषण (संज्ञा‑संबंधी उपसर्ग) है जो किसी शब्द को उसके श्रेष्ठतम रूप में बताता है, जैसे:
    • परमेश्वर
    • परमात्मा
    • परमार्थ
    • परमाणु
    • परम सत्य
    • परम प्रिय
    • परम पिता आदि।
    • इन शब्दों में “परम” पहले आकर बाद के शब्द को सर्वोच्च या अंतिम अर्थ देता है।
    • “परम पद” में भी ऐसा ही है:
    • “पद” को यदि स्थान/गति/अवस्था कहें,
    • तो “परम पद” का अर्थ हो जाता है सबसे ऊँचा/अंतिम स्थान या अवस्था, यानी मोक्ष या मुक्ति।
  • उपयोग और उदाहरण
  • धार्मिक उदाहरण
    • “लीजै साहिब का नाम, परम पद पाइए।”
    • अर्थ: ईश्वर का नाम लेने से मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति करता है, यानी उसे “परम पद” मिल जाता है।​
  • दार्शनिक वाक्य
    • “परमपद वह अवस्था है जहाँ जीव जन्म‑मृत्यु के बंधन से छूट जाता है।”
  • भक्ति‑भाव
    • जब किसी भक्त को कहा जाता है कि वह ईश्वर की अनन्य सेवा में लग गया है
    • तो उसे कहा जाता है कि अब उसके लिए “परम पद” निश्चित है।​

24. परम-10000 क्या है? [R.R.B. चंडीगढ़ परीक्षा, 2001]

Correct Answer: (d) एक सुपर कंप्यूटर
Solution:
  • वर्ष 1998 में भारतीय वैज्ञानिकों ने सुपर कंप्यूटर परम-10000 बनाकर एक नई मिसाल कायम की।
  • इस कंप्यूटर का निर्माण पुणे स्थित सी-डैक संस्था (Organisation) के कार्यकारी निदेशक डॉ. विजय पी. मटकर (Dr. Vijay P. Bhatkar) के निर्देशन में हुआ।
  • तकनीकी विनिर्देश
    • परम-10000 कई स्वतंत्र नोड्स पर आधारित था, जहां प्रत्येक नोड सन एंटरप्राइज 250 सर्वर पर चलता था।
    • हर सर्वर में दो 400 MHz UltraSPARC II प्रोसेसर लगे थे, जो SMPs (सिमेट्रिक मल्टीप्रोसेसर) क्लस्टर पर UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते थे।
    • बेस कॉन्फ़िगरेशन में 3 कम्प्यूट नोड्स और 1 सर्वर नोड शामिल थे, जिसकी अधिकतम गति 6.4 GFLOPS (गिगाफ्लॉपिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) थी।​
    • एक सामान्य सिस्टम में 160 CPU होते थे, जो 100 GFLOPS तक की क्षमता प्रदान करता था
    • इसे आसानी से TFLOPS स्तर तक स्केल किया जा सकता था।
    • यह रूस और सिंगापुर जैसे देशों को निर्यात किया गया, जो भारत की सुपरकम्प्यूटिंग क्षमता का प्रमाण था।​​
  • विकास का इतिहास
    • परम श्रृंखला की शुरुआत 1987 में हुई, जब अमेरिका ने भारत को सुपरकंप्यूटर निर्यात करने से इंकार कर दिया।
    • डॉ. विजय भटकर के नेतृत्व में सी-डैक ने 1991 में परम-8000 विकसित किया
    • जो भारत का पहला गीगास्केल सुपरकंप्यूटर था। उसके बाद परम-9900/AA आया, और 1998 में परम-10000 ने श्रृंखला को नई ऊंचाई दी।
    • यह मॉडल वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, और जटिल गणनाओं के लिए डिज़ाइन किया गया था।
    • सी-डैक पुणे में इसका विकास हुआ, और यह भारत की स्वदेशी तकनीक पर जोर देने का प्रतीक बना।​​
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां
    • निर्यात सफलता: रूस के आरआईसीसीआर को 8-नोड वाला परम-10000 सप्लाई किया गया।​
    • प्रदर्शन: 1 खरब गणनाएं प्रति सेकंड (कुछ स्रोतों में उल्लेखित), जो उस समय की वैश्विक चुनौतियों के बीच उल्लेखनीय था।​
    • विरासत: इसने परम पद्मा (2002, 1 TFLOPS) जैसे बाद के मॉडलों का आधार तैयार किया, जो TOP500 सूची में शामिल हुआ।

25. भारत में निर्मित प्रथम सुपर कंप्यूटर को क्या नाम दिया गया? [UPSSSC JE Exam-2015]

Correct Answer: (b) परम
Solution:
  • भारत में निर्मित प्रथम सुपर कंप्यूटर का नाम 'परम' था। परम 8000 को वर्ष 1991 में सी-डैक (C-DAC) द्वारा बनाया गया था।
  • विकास की पृष्ठभूमि
    •  डॉ. विजय पी. भटकर के नेतृत्व में बनी टीम ने मात्र 3 वर्षों में इसे तैयार कर लिया।
    • अमेरिका द्वारा सुपरकंप्यूटर निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत ने स्वदेशी तकनीक से इसे विकसित किया।
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • यह सुपरकंप्यूटर 256 प्रोसेसिंग नोड्स और 64 CPU से लैस था। इसकी गति 1 गीगाफ्लॉप्स थी
    • Inmos T800 ट्रांसप्यूटर्स का उपयोग समांतर प्रसंस्करण के लिए किया गया।
    • PARAM नाम संस्कृत के "परम" शब्द से लिया गया, जिसका अर्थ "सर्वोच्च" है।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • 1991 में मॉस्को के ICAD में इसका प्रदर्शन हुआ, जहाँ यह दुनिया का दूसरा सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर बना।
    • लागत मात्र 3 करोड़ रुपये थी। बाद में इसे रूस और जर्मनी जैसे देशों को निर्यात भी किया गया।
  • PARAM श्रृंखला का विस्तार
    • PARAM 8000 के बाद PARAM 8000 प्लस (1994), PARAM 10000 (1998, 100 गीगाफ्लॉप्स), PARAM Padma (2002, 1 टेराफ्लॉप्स) आए।
    • नवीनतम PARAM Siddhi-AI विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर है। यह श्रृंखला भारत की सुपरकंप्यूटिंग आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनी।

26. विश्व का सबसे तेज कंप्यूटर है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]

Correct Answer: (e) फ्रंटियर
Solution:
  • प्रश्नकाल के अनुसार, विश्व का सबसे तेज कंप्यूटर तियान्हे-IA (Tianhe-IA) था
  • जबकि जून, 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार विश्व का सबसे तेज कंप्यूटर USA का फ्रांटियर (Frontier) है. जिसकी संसाधन गति (Processing Speed) 1206 PFlop/s है।
  • El Capitan का परिचय
    • El Capitan को अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) के CORAL-2 प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया।
    • इसका निर्माण मई 2023 में शुरू हुआ, नवंबर 2024 में ऑनलाइन आया और 9 जनवरी 2025 को आधिकारिक रूप से समर्पित किया गया
    • यह पूर्व सुपरकंप्यूटर Sierra का उत्तराधिकारी है, जो अब TOP500 सूची में 14वें स्थान पर है ।​​
  • तकनीकी स्पेसिफिकेशन
    • इसमें 44,544 AMD MI300A एक्सेलेरेटेड प्रोसेसिंग यूनिट्स (APUs) हैं, जिनमें 11 मिलियन से अधिक प्रोसेसिंग और ग्राफिक्स कोर मौजूद हैं
    • प्रत्येक APU में AMD EPYC Genoa CPU, AMD CDNA3 GPU और 128GB हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) है
    • जो ऊर्जा दक्षता बढ़ाती है । कुल मिलाकर, यह साझा कंप्यूटिंग मेमोरी पर आधारित है।​
  • प्रदर्शन क्षमता
    • High-Performance Linpack (HPL) बेंचमार्क में El Capitan ने 1.742 एक्साफ्लॉप्स (exaFLOPS) की रियल स्पीड हासिल की
    • जबकि इसकी अधिकतम थ्योरेटिकल क्षमता 2.746 एक्साफ्लॉप्स है
    • इससे यह exaFLOP श्रेणी का तीसरा सुपरकंप्यूटर बना। यह प्रति सेकंड ट्रिलियनों गणनाएँ करने में सक्षम है।​​
  • उपयोग और महत्व
    • El Capitan का मुख्य उपयोग न्यूक्लियर हथियार सिमुलेशन, जलवायु मॉडलिंग, क्वांटम सिमुलेशन और AI अनुसंधान में होगा
    • यह अमेरिका को सुपरकंप्यूटिंग में नेतृत्व बनाए रखने में मदद करेगा
    • जहाँ पहले Frontier (1.1 एक्साफ्लॉप्स से अधिक) शीर्ष पर था
    • इसकी ऊर्जा दक्षता भी उच्च है, जो बड़े पैमाने की गणनाओं को व्यावहारिक बनाती है।
  • TOP500 सूची का इतिहास
    • 2022 से पहले: Fugaku (जापान) सबसे तेज था ।
    • 2022 के बाद: Frontier (अमेरिका) ने पहला स्थान लिया ।
    • 2025: El Capitan ने इसे पीछे छोड़ा ।​​
    • TOP500 सूची हर छह महीने में अपडेट होती है, जो दुनिया के 500 सबसे तेज सुपरकंप्यूटर्स को रैंक करती है।

27. सुपर कंप्यूटर के लिए शब्द लंबाई की परास होती है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2007]

Correct Answer: (c) 64 बिट तक
Solution:
  • पर्सनल कंप्यूटर के लिए शब्द लंबाई (Word Length) की परास bit बिट होती है
  • एवं सुपर कंप्यूटर के लिए शब्द लंबाई की परास 64 बिट या 8 बाइट होती है। यद्यपि नई तकनीक में इसकी परास लगातार बढ़ती जा रही है।
  • शब्द लंबाई क्या है?
    • शब्द लंबाई कंप्यूटर में डेटा प्रोसेसिंग की मूल इकाई को दर्शाती है, जो बिट्स में मापी जाती है।
    • पर्सनल कंप्यूटरों में यह आमतौर पर 32 बिट या 64 बिट होती है।​
    • सुपर कंप्यूटरों के लिए यह 64 बिट (या 8 बाइट) तक होती है, हालांकि आधुनिक तकनीक में यह और बढ़ सकती है।
    • यह लंबाई जितनी अधिक होती है, उतना ही बड़ा डेटा एक बार में प्रोसेस हो सकता है, जिससे गति बढ़ती है।
  • सुपर कंप्यूटरों में 64 बिट की भूमिका
    • सुपर कंप्यूटर हजारों प्रोसेसरों से बने होते हैं, जहां 64 बिट शब्द लंबाई अरबों गणितीय संक्रियाओं को प्रति सेकंड संभालने में मदद करती है।
    • यह समानांतर प्रसंस्करण (पैरेलल प्रोसेसिंग) को सपोर्ट करता है।​
    • उदाहरण: परम (PARAM) जैसे भारतीय सुपर कंप्यूटर इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।​
    • नई पीढ़ी के सुपर कंप्यूटरों में 128 बिट या इससे अधिक की संभावना भी है, लेकिन मानक अभी 64 बिट तक सीमित है।​
  • आधुनिक विकास
    • आजकल सुपर कंप्यूटरों में क्लस्टर सिस्टम का उपयोग होता है, जहां कई 64 बिट प्रोसेसर मिलकर काम करते हैं।​
    • भारत के परम सीरीज सुपर कंप्यूटर इसी तकनीक पर आधारित हैं।​
    • भविष्य में क्वांटम प्रभाव से शब्द लंबाई और बढ़ सकती है, लेकिन वर्तमान परास 64 बिट ही प्रमुख है।​

28. सुपर कंप्यूटर 'मैजिक क्यूब' जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ है, निम्नलिखित में से किस देश ने बनाया है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) चीन
Solution:
  • सुपर कंप्यूटर 'मैजिक क्यूब' को चीन ने बनाया है। इस कंप्यूटर की सहायता से हजारों वर्ष बाद पृथ्वी के मौसम बदलाव की गणना (Calculation) की जा सकती है
  • अर्थात इस कंप्यूटर की सहायता से सैकड़ों, हजारों वर्ष बाद बादल किस प्रकार बनेंगे और मौसम परिवर्तन का क्रम किस प्रकार का होगा, आदि गणनाएं वर्तमान में ही की जा सकेंगी।
  • उद्घाटन और स्थान
    • यह सुपर कंप्यूटर 2015 में चीन के वैज्ञानिकों द्वारा उद्घाटित किया गया था। यह उत्तरी बीजिंग के होंगग्युआनकून सॉफ्टवेयर पार्क में स्थापित है।
    • चीनी विज्ञान अकादमी (CAS) के कई अनुसंधान संस्थानों ने इसे संयुक्त रूप से विकसित किया।
  • निर्माण लागत और क्षमता
    • इसकी निर्माण लागत लगभग 9 करोड़ युआन (करीब 1.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर) आई थी।
    • इसकी गणना क्षमता कम से कम 1 पेटाफ्लॉप है, जो इसे चीन के टॉप 10 सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर्स में शामिल करता है।
    • इसमें 5 पीबी (लगभग 50 लाख गीगाबाइट) डेटा स्टोर करने की क्षमता है।
  • आकार और डिज़ाइन
    • 'मैजिक क्यूब' करीब दो मंजिला इमारत जितना लंबा है। इसका नाम इसके घनाकार आकार से प्रेरित है
    • जो इसे विशिष्ट बनाता है। यह अर्थ सिस्टम न्यूमेरिकल सिमुलेटर के रूप में कार्य करता है और CAS अर्थ सिस्टम मॉडल 1.0 सॉफ्टवेयर पर चलता है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • इसका प्राथमिक उपयोग पृथ्वी के भविष्य, जलवायु परिवर्तन, बादल निर्माण और जैविक प्रणालियों के सिमुलेशन के लिए है।
    • चीनी वैज्ञानिकों का दावा है कि यह सैकड़ों या हजारों साल बाद के क्लाइमेट चेंज की सटीक गणना कर सकता है।
    • यह पृथ्वी की प्राकृतिक व्यवस्थाओं के लगभग सभी पहलुओं का विश्लेषण करने में सक्षम है।
  • महत्व और संदर्भ
    • हालांकि यह 2015 का सुपरकंप्यूटर है, प्रतियोगी परीक्षाओं में "हाल ही में उद्घाटन" के रूप में उल्लेखित होता है।
    • अन्य देशों के सुपरकंप्यूटर्स जैसे भारत के परम रुद्र या जापान के रिमेई से अलग, मैजिक क्यूब विशेष रूप से जलवायु मॉडलिंग पर केंद्रित है।
    • यह चीन की सुपरकंप्यूटिंग प्रगति का प्रारंभिक उदाहरण दर्शाता है।​

29. निम्नलिखित में से कौन-सी श्रेणी, पुणे में विकसित भारत की सर्वप्रथम सुपर कंप्यूटर श्रेणी है? [रेलवे एनटीपीसी ऑनलाइन परीक्षा, 4, 16 अप्रैल, 2016 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) परम
Solution:
  • परम, प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC = Centre for Development of Advanced Computing), पुणे द्वारा विकसित भारत की सर्वप्रथम सुपर कंप्यूटर श्रेणी है।
  • इस श्रेणी का पहला सुपर कंप्यूटर 'परम 8000' था, जबकि जून, 2024 के अनुसार नवीनतम AIRAWAT - PSAI' सुपर कंप्यूटर है।
  • इसकी संसाधन गति (Processing Speed) 8.50 PFlop/s (R)max है।
  • PARAM श्रेणी का इतिहास
    • जिसका विकास 1980 के दशक के अंत में पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) में शुरू हुआ।
    • डॉ. विजय पी. भाटकर के नेतृत्व में 1991 में PARAM 8000 लॉन्च किया गया, जो भारत का पहला सुपरकंप्यूटर था
    • इसे "सर्वोच्च" (संस्कृत में PARAM का अर्थ) प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन किया गया।
    • यह मशीन 1 गीगाफ्लॉप की गति प्रदान करती थी और मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक सिमुलेशन जैसे कार्यों के लिए इस्तेमाल हुई।
    • C-DAC ने अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में इसे बनाया, जब भारत को क्रे सुपरकंप्यूटर खरीदने से रोका गया।
  • प्रमुख PARAM मॉडल्स
    • PARAM 8000 (1991): श्रेणी का पहला मॉडल, पूरी तरह स्वदेशी, पुणे में विकसित। इसे भारतीय सुपरकंप्यूटिंग का जनक कहा जाता है।
    • PARAM 8000 Plus (1994): अपग्रेडेड संस्करण, बेहतर प्रदर्शन के साथ।​
    • PARAM 8600 (1998): वितरित मेमोरी आर्किटेक्चर पर आधारित।​
    • PARAM 10000 (1998): मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए।​
    • PARAM Padma (2002): उच्च कम्प्यूटेशनल शक्ति और नेटवर्क बैंडविड्थ वाला।​
    • PARAM Yuva (2009): अनुसंधान के लिए उन्नत क्षमता।
    • PARAM Siddhi AI: C-DAC पुणे का नवीनतम, भारत का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर, AI कार्यों के लिए।​
    • ये सभी मॉडल्स पुणे के C-DAC से जुड़े हैं, जो सुपरकंप्यूटिंग में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बने।
  • महत्व और योगदान
    • PARAM श्रेणी ने भारत को सुपरकंप्यूटिंग में वैश्विक पहचान दिलाई।
    • यह राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) की आधारशिला बनी, जिसके तहत आज PARAM रुद्र, PARAM शिवाय जैसे सिस्टम बने।
    • C-DAC पुणे ने RISC-V आधारित PARAM Shakti (2018) भी विकसित किया, जो पूरी तरह स्वदेशी प्रोसेसर पर चलता है।
    • आज भारत के पास 45+ पेटाफ्लॉप क्षमता वाले सुपरकंप्यूटर हैं, जिनकी जड़ें PARAM में हैं।
    • यह श्रेणी न केवल तकनीकी उन्नति लाई, बल्कि हजारों वैज्ञानिकों को प्रशिक्षित किया।

30. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर किसे माना जाता है? [रेलवे एनटीपीसी ऑनलाइन परीक्षा, 5 अप्रैल, 2016 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) परम 8000
Solution:
  • भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम 8000 को माना जाता है।
  • भारत ने यह सुपर कंप्यूटर अमेरिका द्वारा 'क्रे' (CRAY) सुपर कंप्यूटर देने से इनकार करने के बाद विकसित (Develop) किया था।
  • विकास की पृष्ठभूमि
    • 1980 के दशक में भारत को विदेशी सुपर कंप्यूटर आयात करने में कठिनाई हुई
    • खासकर अमेरिका ने निर्यात प्रतिबंध लगाए। इसके जवाब में सरकार ने 1988 में पुणे में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) की स्थापना की।
    • डॉ. विजय पी. भटकर ने इस परियोजना का नेतृत्व किया, जिन्हें भारत के सुपरकंप्यूटिंग का जनक कहा जाता है।​
  • तकनीकी विशेषताएं
    • PARAM 8000 में 256 प्रोसेसिंग नोड्स थे और यह 1 गीगाफ्लॉप्स की गति प्रदान करता था।
    • इसमें Intel i860 RISC माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग हुआ, जो समानांतर प्रसंस्करण पर आधारित था।
    • इसका नाम "PARAM" संस्कृत के "परम" (सर्वोच्च) से लिया गया, जो Parallel Architecture Machine का संक्षिप्त रूप भी था।
    • इसे 1 जुलाई 1991 को मॉस्को में ICAD प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह सुपर कंप्यूटर मौसम पूर्वानुमान, तेल अन्वेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हुआ।
    • PARAM 8000 ने भारत को सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भर बनाया और आगे की PARAM सीरीज (जैसे PARAM 10000) का आधार रखा।
    • आज भारत के पास राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत 34 स्वदेशी सुपर कंप्यूटर हैं, जिनकी शुरुआत इसी से हुई।​​