कंप्यूटर : एक परिचय (Part – III)

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31. हाल ही में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्थापित सुपर कंप्यूटर परम प्रवेग की क्षमता कितनी है? [[RRB-NTPC-CBT(2) 14/6/2022 (1st Shift)]]

Correct Answer: (c) 3.3 पेटाफ्लॉप्स
Solution:
  • हाल ही में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत IISc (Indian Institute of Science) द्वारा स्थापित सुपर कंप्यूटर परम प्रवेग की क्षमता 3.3 पेटाफ्लॉप्स (Petaflops) है। परम प्रवेग का इस्तेमाल रिसर्च के लिए है।
  • क्षमता का विवरण
    • परम प्रवेग की चरम सुपरकंप्यूटिंग क्षमता 3.3 पेटाफ्लॉप्स (PetaFLOPS) है
    • जो इसे उस समय भारत के शैक्षणिक संस्थानों में सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर बनाती थी।
    • एक पेटाफ्लॉप यानी 1 क्वाड्रिलियन फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड (FLOPS), जो सामान्य कंप्यूटरों से लाखों गुना तेज है।
    • यह ATOS BullSequana XH2000 सीरीज सिस्टम पर आधारित है
    • जिसमें Intel Xeon Cascade Lake CPUs और NVIDIA Tesla V100 GPUs का संयोजन है।
  • हार्डवेयर संरचना
    • इस सुपरकंप्यूटर में कुल 11 डीसीएलसी रैक कंप्यूट नोड्स, 2 मास्टर सर्विस रैक और 4 डीडीएन स्टोरेज रैक शामिल हैं।
    • यह विषम (heterogeneous) नोड्स पर चलता है, जो उच्च-प्रदर्शन वाली गणनाओं के लिए अनुकूलित है।
    • ऑपरेटिंग सिस्टम Linux-आधारित है, जो इसे उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
  • स्थापना और उद्देश्य
    • परम प्रवेग को 2022 में कमीशन किया गया था, जो NSM के पहले चरण का हिस्सा है।
    • NSM का लक्ष्य भारत में 70 पेटाफ्लॉप्स से अधिक की कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करना है
    • जिसमें स्वदेशी तकनीक का उपयोग प्रमुख है।
    • यह सुपरकंप्यूटर R&D, वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, ड्रग डिस्कवरी और AI मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में सहायता प्रदान करता है।
  • NSM के संदर्भ में महत्व
    • NSM के तहत दिसंबर 2025 तक 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 40 पेटाफ्लॉप्स है।
    • परम प्रवेग इनमें से एक प्रमुख है, जो C-DAC द्वारा डिजाइन किया गया। हाल ही में IIT मद्रास में परम शक्ति (3.1 पेटाफ्लॉप्स) जैसे अन्य सिस्टम भी जोड़े गए हैं
    • लेकिन परम प्रवेग अभी भी शैक्षणिक क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है।

32. भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित सुपर कंप्यूटर का क्या नाम है? [I.B.P.S. (Clerk) Exam. 15.12.2012]

Correct Answer: (a) परम
Solution:
  • पुणे स्थित सी-डैक : 'सेंटर फार डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग' द्वारा परम नामक सुपर कंप्यूटरों की श्रृंखला (Series) का विकास किया गया।
  • इस श्रृंखला की नवीनतम मशीन 'परम पोरुल (Param Porul)' है। C-DAC द्वारा ही विकसित 'परम पद्म' भारत का प्रथम टेराफ्लॉप कंप्यूटर (Teraflop Computer) था।
  • PARAM 8000 का इतिहास
    • PARAM 8000 को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC), पुणे द्वारा डिजाइन और असेंबल किया गया था।
    • इसका नेतृत्व डॉ. विजय पी. भाटकर ने किया, जिन्हें भारतीय सुपरकंप्यूटिंग का जनक कहा जाता है।
    • यह सुपरकंप्यूटर अमेरिका जैसे देशों द्वारा तकनीक देने से इंकार करने के बाद स्वदेशी प्रयासों का परिणाम था।
    • इसे पहली बार 1991 में मॉस्को के ICAD में प्रदर्शित किया गया।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • इसमें i860 माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया गया था, जो समानांतर प्रोसेसिंग के लिए नया था।
    • यह भारत का पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर था और PARAM श्रृंखला की शुरुआत थी।
    • PARAM का अर्थ संस्कृत में "सर्वोच्च" है, साथ ही Parallel Architecture Multi-processor का संक्षिप्त रूप भी।
  • PARAM श्रृंखला का विकास
    • C-DAC ने PARAM श्रृंखला को आगे बढ़ाया, जिसमें PARAM Siddhi AI (दुनिया में 63वें स्थान पर) सबसे शक्तिशाली है।
    • हाल ही में परम रुद्र सुपरकंप्यूटर (दिल्ली, पुणे, कोलकाता में) विकसित किए गए। अन्य प्रमुख: Param Pravega (IISc बेंगलुरु), Param Shivay (IIT-BHU)।​
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां
    • भारत का सबसे तेज: Param Siddhi AI।​
    • NSM के तहत Param Shivay (837 TeraFlop)।​
    • ये सुपरकंप्यूटर मौसम पूर्वानुमान, AI, और वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग होते हैं।

33. सुपर कंप्यूटर का उदाहरण है- [UPSSSC JE Exam - 2016]

Correct Answer: (d) उपरोक्त सभी
Solution:
  • सुपर कंप्यूटर के उदाहरण निम्नलिखित हैं- CRAY-2, CRAY X-MP/24, Tianhe-2 (तियान्हे-2) आदि।
  • सुपर कंप्यूटर क्या हैं?
    • सुपर कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटरों से कहीं अधिक प्रदर्शन क्षमता वाले सिस्टम होते हैं
    • जिनकी गति को FLOPS (फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) में मापा जाता है।
    • ये हजारों प्रोसेसरों के समानांतर क्लस्टर पर काम करते हैं
    • मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष अनुसंधान, दवा खोज जैसी चुनौतीपूर्ण समस्याओं के लिए उपयोग होते हैं। ये मशीनें महंगी होती हैं और विशेषज्ञों द्वारा संचालित की जाती हैं।
  • प्रसिद्ध वैश्विक उदाहरण
    • Cray-1: 1976 में Seymour Cray द्वारा विकसित पहला व्यावसायिक सुपरकंप्यूटर, जो 160 मेगाफ्लॉप्स की गति प्रदान करता था।
    • यह C-आकार का डिज़ाइन वाला था और ऊर्जा संकट के समय ऊर्जा-कुशल था।​
    • Tianhe-2 (TH-2): चीन का 33.86 पेटाफ्लॉप्स वाला सुपरकंप्यूटर, ग्वांगझू में स्थित। 1,300 वैज्ञानिकों ने इसे बनाया, जो वैज्ञानिक सिमुलेशन के लिए इस्तेमाल होता है।
    • Deep Blue: IBM का शतरंज खेलने वाला सुपरकंप्यूटर, जिसने 1997 में विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव को हराया। प्रति सेकंड 200 मिलियन चालें सोचता था।​
    • Frontier: वर्तमान में दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर (अमेरिका), 1.1 एक्साफ्लॉप्स से अधिक क्षमता वाला।​
  • भारत के सुपर कंप्यूटर उदाहरण
    • भारत ने स्वदेशी सुपरकंप्यूटर विकसित किए हैं, मुख्यतः C-DAC द्वारा:
    • PARAM-8000: 1991 में भारत का पहला सुपरकंप्यूटर, बेंगलुरु में। मौसम मॉडलिंग और अनुसंधान के लिए।​
    • PARAM-10000: PARAM श्रृंखला का उन्नत संस्करण, उच्च गणना क्षमता वाला।
    • AIRAWAT: भारत का 2021 का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर, 12.8 पेटाफ्लॉप्स क्षमता। NSITF में स्थित, COVID-19 मॉडलिंग में उपयोगी।​
      ये TOP500 सूची में शामिल हैं और राष्ट्रीय अनुसंधान को बढ़ावा देते हैं।
  • विशेषताएँ और उपयोग
    • सुपर कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएँ बड़ी मेमोरी, उच्च गति (पेटाफ्लॉप्स/एक्साफ्लॉप्स), और समानांतर प्रसंस्करण हैं।
    • उपयोग क्षेत्रों में जलवायु मॉडलिंग, न्यूक्लियर सिमुलेशन, ऑयल एक्सप्लोरेशन और AI ट्रेनिंग शामिल हैं। भारत में ये IISc, IIT और ISRO जैसे संस्थानों में लगे हैं।

34. सुपर कंप्यूटर- [S.B.I. (C.G.) 03.06.12 (Ε.Τ.)]

Correct Answer: (c) में हजारों माइक्रोप्रोसेसर होते हैं।
Solution:
  • सुपर कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े तथा तीव्र प्रोसेसिंग क्षमता से युक्त होते हैं। इन्हें विशिष्ट प्रयोजनों हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा तैयार एवं प्रयोग किया जाता है।
  • इसमें हजारों माइक्रोप्रोसेसर एक साथ जुड़कर डाटा को अत्यधिक तीव्र गति से संसाधित (Processed) करते हैं।
  • परिभाषा और विशेषताएं
    • सुपरकंप्यूटर को दुनिया के सबसे तेज़ कंप्यूटरों की श्रेणी में रखा जाता है, जो फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस प्रति सेकंड (FLOPS) में अपनी गति मापी जाती है।
    • ये मल्टीपल CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) से बने होते हैं, जिन्हें कम्प्यूट नोड्स कहा जाता है, और ये पैरेलल प्रोसेसिंग के माध्यम से कार्य करते हैं।
    • उनकी मुख्य विशेषताएं हैं उच्च स्टोरेज क्षमता, तेज़ इनपुट/आउटपुट सिस्टम और विशेष कूलिंग तकनीकें, क्योंकि ये भारी ऊर्जा खपत करते हैं।
  • कार्यप्रणाली
    • सुपरकंप्यूटर पैरेलल प्रोसेसिंग पर आधारित होते हैं, जहां एक बड़े कार्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर हजारों प्रोसेसर एक साथ हल करते हैं।​
    • दो मुख्य प्रकार हैं: सिमेट्रिक मल्टीप्रोसेसिंग (SMP) और मासिवली पैरेलल प्रोसेसिंग (MPP)।
    • कुछ डिस्ट्रिब्यूटेड सुपरकंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े PCs की शक्ति का उपयोग करते हैं।​
  • इतिहास
    • सुपरकंप्यूटरों की शुरुआत 1960 के दशक में CDC 6600 से हुई, जिसे सेबेस्टियन कैली ने डिज़ाइन किया।
    • 1970-80 के दशक में क्रे-1 (Cray-1) ने क्रांति लाई, जो C-आकार का था।
    • आज एक्सास्केल (10^18 FLOPS) युग में Frontier और Aurora सबसे तेज़ हैं।​
  • अनुप्रयोग
    • ये मौसम पूर्वानुमान, जलवायु मॉडलिंग, तेल-गैस अन्वेषण, दवा खोज, क्वांटम मैकेनिक्स और न्यूक्लियर सिमुलेशन में उपयोग होते हैं।
    • क्रिप्टोलॉजी और AI ट्रेनिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    • व्यावसायिक उपयोग में मार्केट रिसर्च और स्वायत्त वाहनों के विकास में सहायक।
  • भारत के सुपरकंप्यूटर
    • भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM था, जिसे विजय पी. भाटकर ने विकसित किया।​
    • प्रत्युश (Pune) भारत का सबसे तेज़ रहा, जबकि EKA, Kabru और Blue Gene अन्य प्रमुख हैं।​
    • वर्तमान में TOP500 सूची में भारत के कई सुपरकंप्यूटर शामिल हैं।
  • चुनौतियां
    • सुपरकंप्यूटर दसियों मेगावाट बिजली खपत करते हैं और विशेष कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है।​
    • उनकी लागत अरबों डॉलर होती है, और रखरखाव जटिल।​
    • भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग उन्हें चुनौती देगी।​

35. निम्न में से सबसे तेज, सबसे बड़ा और सबसे महंगा कंप्यूटर कौन-सा है? [I.B.P.S. (C.G.) 27.11.11 (Ε.Τ.) I.B.P.S. (C.G.) 04.12.11 (Μ.Τ.)]

Correct Answer: (d) सुपर कंप्यूटर
Solution:
  • सुपर कंप्यूटर सबसे तीव्र गति वाला और सबसे बड़ा कंप्यूटर होता है। इसे तैयार करने में भी अत्यधिक लागत आती है।
  • वस्तुतः यह सामान्य कंप्यूटर नहीं है बल्कि इसे विशिष्ट प्रयोजनों (Specific Purposes) हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं (Specialist Organization) द्वारा तैयार किया जाता है।
  • इसमें बहुत सारे माइक्रोप्रोसेसर लगे होते हैं।
  • सुपरकंप्यूटर की परिभाषा
    • सुपरकंप्यूटर हज़ारों या लाखों प्रोसेसरों से जुड़े विशेष कंप्यूटर होते हैं जो एक सेकंड में अरबों गणनाएँ (फ्लॉप्स) कर सकते हैं।
    • ये मापा जाता है PFLOPS या एक्साफ्लॉप्स में, जहाँ 1 एक्साफ्लॉप्स = 10^18 गणनाएँ/सेकंड।
    • ये आमतौर पर सरकारी लैब, रिसर्च सेंटर्स या बड़ी कंपनियों के पास होते हैं।
    • आकार में ये पूरे कमरों या भवनों को भरते हैं, जबकि लागत अरबों डॉलर तक पहुँचती है।
  • वर्तमान सबसे तेज़: El Capitan
    • मार्च 2026 तक El Capitan दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर है, जो अमेरिका के लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैब में स्थित है।
    • इसकी गति 1,809 PFLOPS (1.8 एक्साफ्लॉप्स) है, जो पिछले रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ती है।
    • यह AMD MI300A GPU'स और HPE Cray EX सिस्टम पर आधारित है, जिसमें 44,544 प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं।
    • अधिकतम क्षमता 2.7 एक्साफ्लॉप्स तक। इसका उपयोग न्यूक्लियर सिमुलेशन, जलवायु मॉडलिंग और एआई रिसर्च में होता है।
    • यह Summit सुपरकंप्यूटर का उदाहरण है, जो El Capitan से पहले शीर्ष पर था और दिखाता है कि ये मशीनें कितनी विशाल होती हैं।​
  • सबसे बड़ा आकार
    • सुपरकंप्यूटरों का आकार सामान्य PC से लाखों गुना बड़ा होता है। El Capitan में लाखों नोड्स हैं
    • जो रैक कैबिनेट्स में लगे होते हैं, कुल मिलाकर एक बड़े डेटा सेंटर जितना स्थान घेरते हैं।
    • Frontier (दूसरा सबसे तेज़, 1,353 PFLOPS) भी 74 कैबिनेट्स में फैला है। ये कूलिंग सिस्टम के साथ आते हैं
    • क्योंकि गर्मी बहुत अधिक उत्पन्न होती है। तुलना में, एक लैपटॉप का आकार 1-2 फीट होता है।
  • सबसे महंगा
    • El Capitan की लागत लगभग 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) है
    • जो रखरखाव सहित और बढ़ सकती है। Frontier की कीमत 600 मिलियन डॉलर से अधिक थी।
    • ये निवेश ऊर्जा-कुशलता पर भी केंद्रित होते हैं - El Capitan 20-30 मेगावाट बिजली खपत करता है। सामान्य PC की तुलना में ये 1,000 गुना महंगे होते हैं।
  • अन्य प्रकारों से तुलना
  • अन्य शीर्ष सुपरकंप्यूटर
    • Frontier (USA): 1,353 PFLOPS, Oak Ridge Lab।
    • Aurora (USA): 1,012 PFLOPS, Argonne Lab।
    • Fugaku (Japan): 442 PFLOPS, अब भी सक्रिय।
    • ये सभी सुपरकंप्यूटर श्रेणी में आते हैं और TOP500 लिस्ट में शीर्ष पर हैं।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • सुपरकंप्यूटर केवल गति के लिए नहीं, बल्कि पैरेलल प्रोसेसिंग के लिए जाने जाते हैं।
    • ये COVID-19 मॉडलिंग, ब्लैक होल सिमुलेशन जैसी असंभव लगने वाली समस्याओं को हल करते हैं।
    • भारत का PARAM Siddhi भी TOP500 में शामिल है, लेकिन वैश्विक शीर्ष 100 में।​

36. सुपर कंप्यूटर्स प्राथमिक रूप से किसके लिए उपयोगी है? [R.R.B. इलाहाबाद (C.C.) परीक्षा, 2008]

Correct Answer: (d) इन सबके लिए
Solution:
  • सुपर कंप्यूटर्स प्राथमिक रूप से इनपुट-आउटमुट इन्टेंसिव प्रोसेसिंग के लिए, डाटा-रिट्राइवल ऑपरेशन्स के लिए तथा मैथेमेटिकल इन्टेंसिक साइंटिफिक एप्लीकेशन्स के लिए उपयोगी है।
  • जलवायु अनुसंधान
    • ये जलवायु परिवर्तन के लंबे-مدت मॉडल बनाते हैं, जैसे ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों का विश्लेषण।
    • सुपर कंप्यूटर्स पृथ्वी के वातावरण, महासागरों और बर्फ की परतों के डेटा को सिमुलेट करके भविष्य की जलवायु स्थिति की भविष्यवाणी करते हैं। इससे नीतियां बनाने में मदद मिलती है।
  • रक्षा और परमाणु अनुसंधान
    • सेना में सुपर कंप्यूटर्स परमाणु हथियारों की टेस्टिंग, विस्फोट सिमुलेशन और मिसाइल डिज़ाइन के लिए इस्तेमाल होते हैं।
    • ये बिना वास्तविक परीक्षण के नाभिकीय प्रतिक्रियाओं की गणना करते हैं, जो सुरक्षा और लागत बचत के लिए महत्वपूर्ण है।
  • चिकित्सा और जैविक अनुसंधान
    • चिकित्सा क्षेत्र में ये आणविक मॉडलिंग और प्रोटीन संरचना विश्लेषण के लिए उपयोगी हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, नई दवाओं की खोज या कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए जीनोम डेटा प्रोसेसिंग में मदद करते हैं। ये महामारी मॉडलिंग भी करते हैं।​​
  • अंतरिक्ष और भौतिकी सिमुलेशन
    • खगोल विज्ञान में ये ब्रह्मांड के विकास, ब्लैक होल या ग्रहों की गतियों का सिमुलेशन चलाते हैं।
    • क्वांटम यांत्रिकी और भौतिक सिमुलेशन जैसे जटिल कार्यों में ये अरबों समीकरण हल करते हैं।
  • ऊर्जा और संसाधन खोज
    • तेल-गैस की खोज में भूगर्भीय डेटा का विश्लेषण करते हैं।
    • ये परमाणु ऊर्जा अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा मॉडलिंग में भी सहायक हैं, जैसे फ्यूजन रिएक्टर डिज़ाइन।
  • डेटा विश्लेषण और AI
    • बिग डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग और साइबर सिक्योरिटी में उपयोगी। ये लाखों उपयोगकर्ताओं के डेटा को प्रोसेस करके पैटर्न ढूंढते हैं।
  • अन्य अनुप्रयोग
    • ग्राफिक्स और एनिमेशन: हाई-क्वालिटी 3D मॉडलिंग और फिल्मों में।
    • स्मॉग नियंत्रण: प्रदूषण भविष्यवाणी।
    • क्रिप्टोलॉजी: कोड ब्रेकिंग।​

37. निम्नलिखित में से कौन भारत में विकसित सुपर कंप्यूटर नहीं है? [R.B.L (Asst.) Exam. 21.07.2013]

Correct Answer: (e) जगुआर (क्रे टी-5)
Solution:
  • जगुआर (Jaguar) सुपर कंप्यूटर जिसे के (Cray) ने बनाया था। यह भारत में निर्मित कंप्यूटर नहीं है
  • जबकि अन्य सुपर कंप्यूटर भारत में निर्मित हैं। भारत में बने सुपर कंप्यूटर निम्न हैं
  • आदित्य, अनुपम, परम युवा, परम युवा 11. सागा 200, एका, वर्गों, विक्रम-100, के Xcyo भास्कर, पेस तथा फ्लो साज्यर।
  • प्रमुख भारतीय सुपरकंप्यूटर
    • PARAM श्रृंखला: PARAM 8000 भारत का पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर था
    • जिसे 1991 में विजय पी. भाटकर के नेतृत्व में C-DAC, पुणे ने विकसित किया।
    • इसके बाद PARAM 8000 प्लस (1994), PARAM 8600 (1998), PARAM 10000, PARAM Padma (2002), PARAM Yuva (2009), PARAM Shakti (2018, RISC-V आधारित), और PARAM Siddhi-AI (2020, AI-केंद्रित) आए।
  • अन्य स्वदेशी:
    • EKA (Tata Sons और IISc द्वारा), Pratyush (सबसे तेज मौसम पूर्वानुमान सुपरकंप्यूटर), PARAM Yuva-II (C-DAC द्वारा, ग्रीन 500 में 44वां), Sahasra T (ISRO के लिए), SAGA 220 (ISRO, 2011), Airawat (TOP500 में 75वां, 2023 तक सबसे तेज), और PARAM Rudra (राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत, स्वदेशी रुद्र सर्वरों पर)।
    • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत मार्च 2026 तक 37 सुपरकंप्यूटर (39 पेटाफ्लॉप्स क्षमता) चालू हो चुके हैं, जो शैक्षणिक संस्थानों में हैं।​
  • विदेशी सुपरकंप्यूटर भारत में
    • Jaguar: Cray द्वारा अमेरिका में विकसित, भारत में नहीं। यह TOP500 सूचियों में प्रमुख था, लेकिन स्वदेशी नहीं।​
    • विप्रो: भारत का सुपरकंप्यूटर नहीं; विप्रो कंपनी ने कुछ सिस्टम असेंबल किए, लेकिन मूल विकास विदेशी था।​
  • प्रश्न का उत्तर
    • निम्नलिखित में से Jaguar या विप्रो (संदर्भ के आधार पर) भारत में विकसित सुपरकंप्यूटर नहीं है।
    • सामान्य MCQ में Jaguar को Cray द्वारा बनाया गया विदेशी उदाहरण माना जाता है, जबकि PARAM, अनुपम, पेस भारतीय हैं।
  • विकास का इतिहास
    • 1980 के दशक में अमेरिका द्वारा निर्यात प्रतिबंध के बाद भारत ने PARAM बनाया। NSM ने स्वदेशी हार्डवेयर (रुद्र सर्वर) और सॉफ्टवेयर को बढ़ावा दिया।
    • वर्तमान में (मार्च 2026), भारत TOP500 में मजबूत स्थिति में है।​​

38. निम्नलिखित में से कौन-सी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित सुपर कंप्यूटर परियोजना है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2004]

Correct Answer: (d) अनुपम
Solution:
  • भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने वर्ष 1991 में समानांतर संसाधन (Parallel Processing) तकनीक पर आधारित सुपर कंप्यूटरों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास प्रारंभ किया था।
  • समानांतर संसाधन (Parallel Processing) पर आधारित प्रथम सुपर कंप्यूटर 'अनुपम 860/4,' जो चार नोडों वाली प्रणाली थी
  • 1991 में विकसित किया गया था। अनुपम श्रृंखला (Anupam Series) के सुपर कंप्यूटरों का उपयोग माना परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा जटिल संगणन (Complex Calculation) समस्याओं के हल के लिए किया जा रहा है।
  • अनुपम परियोजना का इतिहास
    • BARC ने 1991 में समानांतर प्रोसेसिंग (Parallel Processing) तकनीक पर आधारित सुपर कंप्यूटर्स के विकास की शुरुआत की।
    • अनुपम परियोजना का उद्देश्य परमाणु अनुसंधान के लिए उच्च-प्रदर्शन वाली कम्प्यूटिंग सुविधा प्रदान करना था
    • जो केंद्र की बहु-विषयक गतिविधियों जैसे परमाणु विज्ञान, इंजीनियरिंग और संबंधित क्षेत्रों को सपोर्ट करती है।
    • यह परियोजना पिछले कुछ दशकों से BARC में बढ़ती कम्प्यूटिंग मांगों को पूरा कर रही है।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • अनुपम सुपरकंप्यूटर्स स्वदेशी प्रौद्योगिकियों पर आधारित हैं, जिनमें वेक्टर प्रोसेसिंग और मासिवली पैरेलल प्रोसेसिंग सिस्टम शामिल हैं।
    • ये सिस्टम परमाणु रिएक्टर डिजाइन, सिमुलेशन, मौसम पूर्वानुमान और अन्य वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए डिजाइन किए गए हैं।
    • BARC ने इनके माध्यम से CERN, INO, ITER जैसी अंतरराष्ट्रीय मेगा-साइंस परियोजनाओं में योगदान दिया है।​
  • महत्व और उपयोग
    • अनुपम ने BARC को स्वदेशी सुपरकम्प्यूटिंग में आत्मनिर्भर बनाया, जो राष्ट्रीय सुपरकम्प्यूटिंग मिशन (NSM) का हिस्सा है।
    • यह 13,000+ शोधकर्ताओं को सपोर्ट करता है और 81-95% क्षमता पर चलता है।
    • BARC की यह परियोजना भारत की सुपरकम्प्यूटिंग आत्मनिर्भरता को मजबूत करती है।

39. निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है- [U.P. P.C.S. (Pre) 1999, U.P.P.C.S. (Mains) 2006 U.P.P.C.S. (Pre) 2009]

Correct Answer: (d) परम 10,000 __ पृथ्वी से पृथ्वी तक की मिसाइल
Solution:
  • परम 10,000 भारत द्वारा विकसित सुपरकंप्यूटर है। परम-10,000 का निर्माण पुणे स्थित सी-डैक द्वारा किया गया है।
  • यह भारत द्वारा निर्मित पहला सुपरकंप्यूटर है। Y2K का कंप्यूटर से, गठिया का यूरिक एसिड तथा ध्वनि प्रदूषण का डेसीबल से संबंध है।
  • सबसे सामान्य उदाहरण
    • एक लोकप्रिय प्रश्न वन्यजीव अभयारण्यों पर आधारित है:​
    • नेय्यर वन्यजीव अभयारण्य तिरुवनंतपुरम, केरल में 1958 में स्थापित हुआ।​
  • अन्य उदाहरण
    • सुधारक: प्रार्थना समाज - ईश्वर चंद्र विद्यासागर (गलत, यह आत्माराम पांडुरंग से जुड़ा)।​
    • रसायन: C₂H₅OC₂H₅ को असममित ईथर कहना (गलत, यह सममित है)।​
    • विकल्प बताएं तो सटीक उत्तर दूंगा।

40. अनेक घरेलू उपकरणों में निर्मित छोटे और सस्ते कंप्यूटर किस प्रकार के होते हैं? [S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2011]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
Solution:
  • अनेक घरेलू उपकरणों (Devices) जैसे-माइक्रोवेव ओवन वॉशिंग मशीन एवं डिशवॉशर्स आदि में इम्बेडेड (Embedded) कंप्यूटर्स का प्रयोग किया जाता है।
  • ये किस प्रकार के होते हैं?
    • सैद्धांतिक/परीक्षा के हिसाब से, छोटे और सस्ते कंप्यूटर जो रोज़मर्रा के उपकरणों में लगे होते हैं
    • उन्हें माइक्रो कंप्यूटर की श्रेणी में रखा जाता है, क्योंकि इनमें माइक्रोप्रोसेसर आधारित सरल कंप्यूटिंग यूनिट होती है।
    • व्यवहारिक रूप से इन्हें एम्बेडेड कंप्यूटर / एम्बेडेड सिस्टम कहा जाता है
    • क्योंकि ये किसी बड़े डिवाइस (जैसे माइक्रोवेव या वॉशिंग मशीन) के अंदर स्थायी रूप से लगे रहते हैं और उसी डिवाइस को नियंत्रित करते हैं।​
  • एम्बेडेड माइक्रो कंप्यूटर” क्या होता है?
    • यह एक छोटा सा विशेष प्रयोजन वाला कंप्यूटर होता है
    • जिसमें माइक्रोप्रोसेसर या माइक्रोकंट्रोलर, थोड़ी सी मेमोरी (RAM/ROM), इनपुट–आउटपुट पोर्ट और कभी‑कभी छोटे सेंसर/एक्चुएटर जुड़े होते हैं।
    • यह कंप्यूटर अलग से उपयोगकर्ता के लिए नहीं, बल्कि उसी उपकरण के काम को ऑटोमेट करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है
    • यानी इसका काम पहले से तय और सीमित होता है (जैसे टाइमर चलाना, तापमान मापना, मोटर की स्पीड नियंत्रित करना)।​
    • उदाहरण के लिए, वॉशिंग मशीन के पैनल के पीछे लगा छोटा चिप‑आधारित कंट्रोल बोर्ड ही उसका एम्बेडेड माइक्रो कंप्यूटर है, जो बटन दबाने पर सही वॉश प्रोग्राम चलाता है।
  • घरेलू उपकरणों में कहाँ‑कहाँ प्रयोग होता है?
    • इन एम्बेडेड माइक्रो कंप्यूटरों का उपयोग लगभग हर आधुनिक घरेलू डिवाइस में मिलता है।​
    • माइक्रोवेव ओवन: हीटिंग टाइम, पावर लेवल, ऑटो कुक मेनू नियंत्रित करता है।​
    • वॉशिंग मशीन: पानी भरना/निकालना, ड्रम की स्पीड, विभिन्न वॉश प्रोग्राम और टाइमर को नियंत्रित करता है।​
    • डिशवॉशर: पानी के तापमान, स्प्रे साइकिल और ड्राई मोड को मैनेज करता है।​
    • एयर कंडीशनर: तापमान सेंसर से इनपुट लेकर कंप्रेसर को ऑन‑ऑफ और फैन स्पीड नियंत्रित करता है।
    • फ्रिज, माइक्रोवेव, स्मार्ट टीवी, सेट‑टॉप बॉक्स, रिमोट कंट्रोल, इंडक्शन कुकर, राइस कुकर आदि में भी छोटे एम्बेडेड माइक्रो कंप्यूटर लगे होते हैं।
    • इन सबमें लगा कंप्यूटर यूज़र के लिए अलग “पीसी” की तरह दिखाई नहीं देता, बल्कि सर्किट बोर्ड पर एक चिप या छोटा मॉड्यूल होता है।
  • इनकी मुख्य विशेषताएँ
  • आकार और लागत
    • आकार बहुत छोटा होता है, अक्सर एक छोटी चिप या दो‑तीन IC के रूप में पूरा कंप्यूटर बन जाता है।​
    • बड़े कंप्यूटरों की तुलना में निर्माण लागत बहुत कम होती है, इसलिए इन्हें सस्ते उपकरणों में भी लगाया जा सकता है।
  • सीमित लेकिन फास्ट काम
    • ये किसी एक खास काम के लिए प्रोग्राम किए जाते हैं, जैसे टाइम गिनना, तापमान पढ़ना, मोटर ऑन‑ऑफ करना।​
    • एक ही काम बार‑बार और तेज़ी से करने के कारण ये बहुत कुशल होते हैं
    • उपयोगकर्ता को त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं (बटन दबाते ही मोड बदल जाना आदि)।​
  • कम बिजली की खपत
    • माइक्रोकंट्रोलर और कम‑पावर चिप्स के कारण ये बहुत कम पावर लेते हैं; कई बार कुछ मिलीवाट से लेकर कुछ वाट तक।
    • इससे घरेलू उपकरणों की कुल ऊर्जा खपत कम रहती है और ये लंबे समय तक बिना अधिक तापमान बढ़ाए लगातार चल सकते हैं।​
  • विश्वसनीयता और मजबूती
    • इन्हें ऐसे डिज़ाइन किया जाता है कि ये लगातार सालों तक बिना रुकावट काम कर सकें, धूल, गर्मी, नमी जैसी परिस्थितियों में भी।
    • प्रोग्राम (फर्मवेयर) आमतौर पर ROM/Flash में फिक्स होता है, इसलिए वायरस या यूज़र की गलती से बदलने का जोखिम बहुत कम होता है।​
  • उपयोगकर्ता से सरल इंटरफेस
    • यूज़र के सामने केवल कुछ बटन, LEDs, छोटा डिस्प्ले, या टच पैनल होता है; अंदर का माइक्रो कंप्यूटर इन्हीं से इनपुट लेकर आउटपुट नियंत्रित करता है।​
    • इसका मतलब यूज़र को कंप्यूटर चलाना नहीं, सिर्फ डिवाइस का पैनल ऑपरेट करना आता है, बाकी सब कंट्रोल अपने‑आप होता है।