कंप्यूटर : एक परिचय (Part – III)

Total Questions: 50

41. डिजिटल कंप्यूटर______ गणना (Calculation) करते हैं।

Correct Answer: (d) अंकों की
Solution:
  • डिजिटल कंप्यूटर अंकों की गणना करते हैं। डिजिटल कंप्यूटर वो अंकों 0 अथवा 1, जिसे बाइनरी संख्या पद्धति (Binary Number system) कहते हैं, पर आधारित कार्य करते हैं।
  • कार्य सिद्धांत
    • वे डेटा को बाइनरी संख्या प्रणाली में परिवर्तित करके अंकगणितीय संचालन जैसे जोड़, घटाव, गुणा और भाग करते हैं।
    • तार्किक गेट्स (AND, OR, NOT) इन गणनाओं को संभव बनाते हैं
    • जो एल्गोरिदम और प्रोग्रामिंग तर्क के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं।
  • बाइनरी प्रणाली
    • डिजिटल कंप्यूटर केवल दो अंकों (0 और 1) का उपयोग करते हैं, जो विद्युत संकेतों के रूप में प्रतिनिधित्व होते हैं।
    • कोई भी डेटा—चाहे अंक, अक्षर या प्रतीक—इसे बाइनरी कोड में बदल दिया जाता है।
    • उदाहरण के लिए, अक्षर 'A' का बाइनरी कोड 01000001 होता है, जिस पर गणना की जाती है। यह प्रणाली सटीकता सुनिश्चित करती है।
  • आंतरिक संरचना
  • केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU)
    • CPU कंप्यूटर का मस्तिष्क है, जो अंकगणितीय और तार्किक इकाई (ALU) के माध्यम से गणना करता है।
    • ALU बाइनरी डेटा पर बेसिक ऑपरेशन करता है, जबकि कंट्रोल यूनिट निर्देशों का प्रबंधन करती है। रजिस्टर अस्थायी भंडारण प्रदान करते हैं।
  • मेमोरी और स्टोरेज
    • प्राथमिक मेमोरी (RAM/ROM): गणना के दौरान डेटा को तुरंत एक्सेस करती है।
    • द्वितीयक स्टोरेज (HDD/SSD): परिणामों को स्थायी रूप से संग्रहीत करता है।
    • ये घटक गणना प्रक्रिया को तेज बनाते हैं।
  • गणना प्रक्रिया के चरण
    • डिजिटल कंप्यूटर गणना के लिए वॉन न्यूमैन आर्किटेक्चर का पालन करते हैं:
    • इनपुट: डेटा को बाइनरी में बदलना (कीबोर्ड/माउस से)।
    • स्टोरेज: मेमोरी में रखना।
    • प्रोसेसिंग: CPU द्वारा गणना और तर्क लागू करना।
    • आउटपुट: परिणाम प्रदर्शित करना (मॉनिटर/प्रिंटर)।
    • स्टोरेज: आवश्यकता अनुसार सहेजना।
  • प्रकार और उपयोग
    • माइक्रो कंप्यूटर: व्यक्तिगत उपयोग (लैपटॉप, स्मार्टफोन)।
    • मिनी/मейнफ्रेम: बड़े संगठनों में जटिल गणनाएँ।
    • उपयोग: वैज्ञानिक अनुसंधान, बैंकिंग, ग्राफिक्स सिमुलेशन। ये तेज़, सटीक और बहु-उपयोगी होते हैं।
  • लाभ
    • उच्च गति वाली सटीक गणनाएँ।
    • बड़ी स्टोरेज क्षमता।
    • बहु-उपयोगकर्ता समर्थन।
    • एनालॉग कंप्यूटरों से भिन्न, ये असतत डेटा पर काम करते हैं।
  • सीमाएँ
    • क्वांटम कंप्यूटरों की तुलना में धीमे, लेकिन व्यावहारिक अनुप्रयोगों में सर्वश्रेष्ठ।​

42. भारत का पहला कंप्यूटर कहां स्थापित किया गया था? [S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011]

Correct Answer: (d) भारतीय सांख्यिकीय संस्थान, कलकता
Solution:
  • भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर HEC-2M भारतीय सांख्यिकीय संस्थान, (Indian Statistical Institute) कलकता (अब कोलकाता) में वर्ष 1956 में स्थापित किया गया था।
  • स्थापना का वर्ष और मॉडल
    • यह कंप्यूटर HEC-2M (Hollerith Electronic Computer-2M) था
    • जिसे 1955 या 1956 में इंग्लैंड की HEC कंपनी द्वारा बनाया गया था।
    • इसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये थी, और इसे एशिया में जापान के बाहर पहला कंप्यूटर माना जाता है। कुछ स्रोतों में इसे 'सिद्धार्थ' नाम से भी जाना जाता है।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • HEC-2M एक वैक्यूम ट्यूब आधारित इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर था
    • जिसे प्रोफेसर ए.डी. बूथ ने डिजाइन किया था। यह मुख्य रूप से सांख्यिकीय गणनाओं और नंबर-क्रंचिंग के लिए उपयोग किया जाता था
    • जिसमें विशाल आकार और उच्च बिजली खपत वाली मशीन थी।
    • डॉ. दत्ता, मजूमदार और रॉय जैसे विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इसकी स्थापना की गई।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • इस स्थापना ने भारत में कंप्यूटिंग युग की शुरुआत की, जो सांख्यिकी और अनुसंधान कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई।
    • इसके बाद 1950 के अंत और 1960 के दशक में अन्य संस्थानों जैसे TIFR (मुंबई) में स्वदेशी कंप्यूटर TIFRAC विकसित हुए।
    • ISI कोलकाता इस विशेषाधिकार के लिए चुना गया क्योंकि संस्थान सांख्यिकीय अनुसंधान का प्रमुख केंद्र था।​

43. आजकल की कंप्यूटर भाषा में, ए आई (A1) का लोकप्रिय पूरा नाम है: [EMRS Hostel Warden 17.12.2023-1]

Correct Answer: (a) Artificial Intelligence
Solution:
  • कंप्यूटर भाषा में, ए आई (AI) का लोकप्रिय पूरा नाम कृत्रिम बुद्धि मत्ता (Artificial Intelligence) है।
  • यह इंसानों की प्राकृतिक बुद्धिमत्ता को मशीनों में बदलने का प्रयास करता है
  • जिससे वे बुद्धिमानी से व्यवहार कर सके। सीरी, गुगल नोड, एलेक्सा जैसे इंटेलिजेंस डिजिटज पर्सनल असिस्टेंट उपकरण, एआई (Al) द्वारा संचालित होते है।
  • एआई (Artificial Intelligence) क्या है?
    • एआई कंप्यूटर साइंस की वह शाखा है जिसमें ऐसी मशीनें और प्रोग्राम बनाए जाते हैं जो इंसान की तरह सोच सकें, सीख सकें और निर्णय ले सकें।
    • इन मशीनों को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि वे डेटा से पैटर्न समझें, अनुमान लगाएँ और समय के साथ अपने आप बेहतर होती जाएँ।​
  • एआई का मुख्य उद्देश्य
    • मशीनों को समस्या‑समाधान (problem solving) की क्षमता देना, जैसे पहेलियाँ हल करना, रास्ता ढूँढना, प्लान बनाना।
    • तर्क (reasoning) करना, यानी किसी स्थिति को देखकर सही‑गलत या बेहतर विकल्प चुन पाना।​
    • सीखना (learning), यानी पुराने अनुभव/डेटा से नई चीज़ें अपने आप सीखना।
    • भाषा को समझना (Natural Language Processing), जैसे हिन्दी या अंग्रेज़ी में लिखी/बोली बात को समझकर जवाब देना।​
  • एआई कैसे काम करता है (सरल भाषा में)
    • डेटा इकट्ठा करना: सबसे पहले बहुत सारा डेटा लिया जाता है, जैसे फोटो, आवाज़, टेक्स्ट, ट्रांज़ेक्शन आदि।​
    • मशीन लर्निंग एल्गोरिदम: इन एल्गोरिदम के ज़रिए कंप्यूटर को यह “सिखाया” जाता है कि किस डेटा का क्या मतलब है और किस पर क्या निर्णय लेना है।​​
    • मॉडल बनाना: डेटा से एक मॉडल तैयार होता है जो भविष्य में बिना इंसान की मदद के खुद निर्णय ले सके (जैसे यह फोटो में कुत्ता है या बिल्ली)।
    • फीडबैक और सुधार: अगर मॉडल गलती करता है तो उसे दोबारा ट्रेन किया जाता है, ताकि अगली बार वही गलती न हो।​
  • एआई के प्रमुख प्रकार
    • नैरो एआई (Narrow AI): एक खास काम के लिए बना एआई, जैसे वॉइस असिस्टेंट, चेहरा पहचान, सर्च इंजन, चेटबॉट आदि।​​
    • जनरल एआई (General AI): ऐसा एआई जो इंसान की तरह हर तरह के काम समझ सके; अभी शोध के चरण में है, वास्तविक रूप से उपलब्ध नहीं है।​
    • (थ्योरी में) सुपर इंटेलिजेंस: इंसान से भी ज़्यादा बुद्धिमान एआई, यह अभी केवल अवधारणा के रूप में चर्चा में है।​
  • एआई के उपयोग (आपके रोज़मर्रा के उदाहरण)
    • मोबाइल में वॉइस असिस्टेंट: Siri, Google Assistant, Alexa आदि आपकी आवाज़ समझकर जवाब देते हैं।​​
    • सोशल मीडिया और YouTube की recommendation: कौन‑सा वीडियो या पोस्ट आपको दिखाना है, यह एआई तय करता है।​
    • ऑनलाइन शॉपिंग: कौन‑सा प्रोडक्ट आपको पसंद आ सकता है, ये सुझाव एआई देता है और धोखाधड़ी की पहचान भी करता है।​
    • सेल्फ‑ड्राइविंग कारें: कैमरा और सेंसर से वातावरण देखकर कार खुद ब्रेक, एक्सिलरेटर और स्टीयरिंग कंट्रोल करती है।
  • एआई से जुड़े कुछ और शब्द
    • मशीन लर्निंग (Machine Learning): एआई की वह तकनीक जिसमें मशीन डेटा से खुद पैटर्न सीखती है।
    • डीप लर्निंग (Deep Learning): बहुत गहरे (multi‑layer) न्यूरल नेटवर्क का उपयोग करके इमेज, आवाज़, भाषा जैसी जटिल चीज़ों को पहचानना।​​
    • कंप्यूटर विज़न (Computer Vision): इमेज और वीडियो को समझने की एआई तकनीक, जैसे फेस रिकग्निशन, नंबर प्लेट पहचानना।​

44. निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम भारत में ई-गवर्नेस (egovernance) के लिए आरंभिक विधिक ढांचा उपलब्ध कराता है ? [EMRS Hostel Warden 17.12.2023-1]

Correct Answer: (d) (IT Act, 2000) आई टी अधिनियम, 2000
Solution:
  • आई-टी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) भारत में ई-गवर्नेस के लिए आरंभिक विधिक ढॉचा (initial legal Framework) उपलब्ध कराता है।
  • इस अधिनियम का वर्ष 2008 में संशोधन किया गया, जिसे आई टी (संशोधन) अधिनियम 2008 के नाम से जाना जाता है।
  • अधिनियम का परिचय
    •  9 जून 2000 को राष्ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। यह भारत का पहला ऐसा कानून था
    • जो इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य, डिजिटल हस्ताक्षरों और साइबर अपराधों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया।
    • ई-गवर्नेंस के संदर्भ में, यह अधिनियम इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को कागजी दस्तावेजों के समान वैधता प्रदान करता है
    • जिससे सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना संभव हो सका।
  • ई-गवर्नेंस के लिए प्रमुख प्रावधान
    • यह अधिनियम ई-गवर्नेंस को कई तरीकों से समर्थन देता है:
    • इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर की मान्यता: धारा 5 डिजिटल हस्ताक्षर को कानूनी रूप से मान्य बनाती है
    • जो सरकारी दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग और सत्यापन को सुगम बनाती है।
    • सरकारी कार्यों का डिजिटलीकरण: धारा 6 और 7 के तहत, सरकार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सूचनाएं जारी कर सकती है
    • इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को आधिकारिक दस्तावेज मान सकती है। इससे ई-फाइलिंग, ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रमाण-पत्र संभव हुए।
    • सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन: अधिनियम सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए दिशानिर्देश देता है
    • जो ई-गवर्नेंस पहलों जैसे डिजिटल इंडिया, आधार, डिजीलॉकर आदि के लिए आधारभूत है।
  • ऐतिहासिक महत्व और विकास
    • IT Act, 2000 ने भारत को दुनिया के 12वें देश के रूप में स्थापित किया जो आईटी के लिए अलग विधान रखता है।
    • इससे पहले, ई-गवर्नेंस के लिए कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं था, और कागजी प्रक्रियाएं ही प्रचलित थीं।
    • 2008 में इसके संशोधन ने साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन को मजबूत किया, लेकिन मूल अधिनियम ही प्रारंभिक ढांचा है।
    • राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP, 2006) और डिजिटल इंडिया (2015) जैसी योजनाएं इसी पर आधारित हैं।
  • अन्य विकल्पों से तुलना
    • भारतीय दंड संहिता (IPC): यह सामान्य आपराधिक कानून है, ई-गवर्नेंस के लिए विशिष्ट प्रावधान नहीं रखता।
    • IT (संशोधन) अधिनियम, 2008: यह मूल अधिनियम का विस्तार है, प्रारंभिक नहीं।​
    • गवर्नेंस एक्ट: ऐसा कोई विशिष्ट अधिनियम भारत में ई-गवर्नेंस के लिए नहीं है।​
  • प्रभाव और वर्तमान स्थिति
    • इस अधिनियम ने UMANG ऐप, eCourts, DigiLocker जैसी पहलों को जन्म दिया।
    • CERT-In (धारा 70B) की स्थापना से साइबर सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
    • मार्च 2026 तक, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 ने इसे पूरक बनाया
    • लेकिन IT Act मूल आधार बना हुआ है। यह अधिनियम न केवल ई-गवर्नेंस को कानूनी बल देता है
    • बल्कि नागरिकों और सरकार के बीच डिजिटल पुल का निर्माण करता है।

45. निम्न में से कौन डेस्कटॉप पर दिन व समय रखता (Consist) है? [UKPSC Data Entry Operator 2023]

Correct Answer: (d) टास्क बार
Solution:
  • कंप्यूटर सिस्टम में टास्क बार डेस्कटॉप पर दिन व समय (Date & Time) रखता है।
  • टास्कबार की भूमिका
    • विंडोज़ डेस्कटॉप में टास्कबार स्क्रीन के निचले हिस्से में होता है, जहां स्टार्ट बटन, खुले ऐप्स के आइकन और सिस्टम ट्रे शामिल होते हैं।
    • सिस्टम ट्रे (notification area) में घड़ी का आइकन दिनांक (जैसे 11 मार्च 2026) और समय (जैसे 3:30 PM) को continuously प्रदर्शित करता है।​​
    • यह उपयोगकर्ता को तुरंत समय की जानकारी देता है, और क्लिक करने पर कैलेंडर या सेटिंग्स खुल जाती हैं।
    • टास्कबार ही एकमात्र ऐसा कंपोनेंट है जो डेस्कटॉप पर हमेशा सक्रिय रहकर समय "रखता" (consist) है।​
  • अन्य विकल्प क्यों नहीं?
    • कीबोर्ड: इसमें समय नहीं दिखता, केवल इनपुट डिवाइस है।
    • रीसायकल बिन: डिलीट फाइल्स के लिए आइकन, समय से असंबंधित।
    • माय कंप्यूटर/यह पीसी: फाइल एक्सप्लोरर खोलता है, डेस्कटॉप पर समय प्रदर्शित नहीं करता।​
    • केवल टास्कबार ही डेस्कटॉप के मुख्य UI भाग के रूप में समय को persistently रखता है।​
  • विंडोज़ में सेटिंग कैसे करें
    • टास्कबार पर समय सही रखने के लिए:
    • टास्कबार के दाहिने कोने पर राइट-क्लिक करें > "समायोजित करें" (Adjust date/time) चुनें।
    • सेटिंग्स > समय और भाषा > तारीख और समय में जाएं।
    • यहां ऑटोमेटिक सेट टाइम ज़ोन चुनें (भारत के लिए New Delhi), इंटरनेट टाइम सर्वर से सिंक करें।
    • विंडोज 10/11 में डिफ़ॉल्ट प्रारूप dd/mm/yyyy और 12-घंटे का होता है, जिसे बदल सकते हैं।​
  • उन्नत फीचर्स
    • अतिरिक्त घड़ियां: सेटिंग्स में 2 अतिरिक्त टाइम ज़ोन जोड़ें (जैसे USA या Europe के लिए)।
    • इंटरनेट सिंक: "इंटरनेट समय" टैब से time.windows.com जैसे सर्वर से अपडेट करें।
    • कस्टमाइज़ेशन: टास्कबार सेटिंग्स में घड़ी को छिपाएं या प्रारूप बदलें (24-घंटे फॉर्मेट)।​​
    • यदि बैटरी कम हो या CMOS सेटिंग गड़बड़ हो, तो BIOS में RTC (Real-Time Clock) चेक करें, लेकिन सामान्यतः टास्कबार ही मुख्य है।​

46. कंप्यूटर साक्षर माने जाने के लिए निम्न में से किसकी आवश्यकता नहीं है? [S.B.I. (C.G) 07.10.12]

Correct Answer: (b) कंप्यूटर के महत्व, बहु-उपयोगिता और समाज में व्यापकता की जागरूकता।
Solution:
  • विकल्प (a), (c) और (d) कंप्यूटर साक्षर माने जाने के लिए आवश्यक हैं, जबकि विकल्प (b) कंप्यूटर साक्षरता से सीधे संबंधित नहीं है।
  • कंप्यूटर साक्षरता (Computer Literacy) का अर्थ है कंप्यूटर और उससे जुड़ी तकनीकों का बुनियादी स्तर पर कुशल उपयोग करने की क्षमता
  • जिसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट और जरूरी एप्लीकेशनों को संभालना शामिल है।
  • यह मुख्य रूप से दैनिक कार्यों जैसे वर्ड प्रोसेसिंग, ईमेल भेजना, इंटरनेट ब्राउजिंग और डेटा मैनेजमेंट के लिए आवश्यक है
  • लेकिन इसमें प्रोग्रामिंग या कंप्यूटर के आंतरिक हार्डवेयर को डिजाइन करने जैसी उन्नत स्किल्स की जरूरत नहीं पड़ती।
  • आवश्यक स्किल्स
    • कंप्यूटर साक्षरता के लिए ये मुख्य आवश्यकताएं हैं:
    • हार्डवेयर बेसिक्स: माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर का उपयोग और USB ड्राइव कनेक्ट करना।
    • ऑपरेटिंग सिस्टम: Windows या Linux में फोल्डर नेविगेशन, सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना।
    • जरूरी एप्लीकेशंस: वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, ईमेल क्लाइंट चलाना।
    • इंटरनेट स्किल्स: सुरक्षित ब्राउजिंग, सर्च इंजन उपयोग और ऑनलाइन फॉर्म भरना।
    • ये स्किल्स व्यक्ति को डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनाती हैं
    • लेकिन कंप्यूटर की पीढ़ियों (जैसे वैक्यूम ट्यूब या ट्रांजिस्टर) या चार्ल्स बैबेज के आविष्कार जैसा ऐतिहासिक ज्ञान जरूरी नहीं।
  • किसकी आवश्यकता नहीं?
    • कंप्यूटर साक्षर माने जाने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या कोडिंग की आवश्यकता नहीं है।
    • साक्षरता का मतलब एप्लीकेशंस को चलाना है, न कि उन्हें बनाना। उदाहरणस्वरूप, MS Word चलाना आता है
    • लेकिन Visual Basic में स्क्रिप्ट लिखना जरूरी नहीं। इसी तरह, हार्डवेयर डिजाइन जैसे चिप या मेमोरी यूनिट बनाना भी अनावश्यक है।
    • एक व्यक्ति जरूरत-आधारित सॉफ्टवेयर चला सकता है बिना यह जाने कि कंप्यूटर आंतरिक रूप से कैसे कार्य करता है।
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • आवश्यक: बैंक फॉर्म ऑनलाइन भरना या PDF पढ़ना।
    • अनावश्यक: सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टूल्स जैसे Python सीखना।
    • कंप्यूटर साक्षरता आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था में रोजगार के लिए जरूरी है
    • लेकिन यह कोई इंजीनियरिंग डिग्री नहीं मांगती।
    • विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस (2 दिसंबर) भी इसी बेसिक जागरूकता पर जोर देता है।​​
  • निष्कर्ष में विस्तार
    • कंप्यूटर साक्षरता डिजिटल डिवाइड को कम करने का माध्यम है
    • खासकर भारत जैसे देश में जहां 2026 तक डिजिटल इंडिया के तहत हर नागरिक को बेसिक स्किल्स सिखाने का लक्ष्य है।
    • यह स्किल्स सीखने के लिए 6 महीने का CCC सर्टिफिकेट पर्याप्त है
    • जिसमें प्रोग्रामिंग शामिल नहीं। फोकस उपयोग पर रखें, निर्माण पर नहीं—यही साक्षरता की कुंजी है।​​

47. भारत का IT वर्ष अस्तित्व में आया ? [UPP Radio Head Operator-2022 31/01/2024 (1st Shift)]

Correct Answer: (d) 2000
Solution:
  • भारत का IT अधिनियम वर्ष 2000 में अस्तित्व में आया जिसे Information Technology Act 2000 के नाम से जानते है।
  • प्रारंभिक नींव (1950-1960)
    • स्वतंत्र भारत में तकनीकी विकास पर जोर देने के लिए 1946 में नलिनी रंजन सरकार समिति ने तकनीकी संस्थानों की सिफारिश की
    • जिसके फलस्वरूप IIT खड़गपुर 1951 में स्थापित हुआ। यहाँ हिजली डिटेंशन कैंप में कक्षाएँ चलती थीं
    • प्रारंभिक कंप्यूटर प्रशिक्षण भी शुरू हुआ। 1966 में भाभा समिति (इलेक्ट्रॉनिक्स समिति) ने 1966-1975 की 10-वर्षीय योजना बनाई, जो IT सेवा उद्योग की आधारशिला बनी।
  • उद्योग का जन्म (1967-1970)
    • 1967 में मुंबई में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की स्थापना हुई, जो भारत का पहला IT निर्यातक बना।
    • 1977 में TCS ने बरोज़ के साथ साझेदारी की, जिससे IT सेवाओं का निर्यात शुरू हुआ।
    • 1973 में मुंबई के SEEPZ (सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट जोन) की स्थापना हुई
    • जो आधुनिक IT पार्कों का अग्रदूत था। 1980 के दशक में देश के 80% सॉफ्टवेयर निर्यात इसी से होते थे।
  • तेज़ विकास (1980-1990)
    • 1980 के दशक में Y2K समस्या ने भारत को वैश्विक आउटसोर्सिंग हब बनाया
    • जहाँ कम लागत पर सॉफ्टवेयर समाधान दिए गए। 1991-96 के बीच उद्योग ने 50% वार्षिक वृद्धि दर्ज की।
    • 1995-96 को IT उछाल का वर्ष कहा जाता है।
    • इंफोसिस, विप्रो जैसी कंपनियाँ उभरीं और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स (विशेषकर IIT से) ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई।
  • कानूनी ढांचा और विस्तार (2000 के बाद)
    • 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) लागू हुआ, जो साइबर अपराध, ई-कॉमर्स और डिजिटल हस्ताक्षरों को मान्यता देता है।
    • इससे इलेक्ट्रॉनिक शासन मजबूत हुआ। 1990 के बाद स्टार्टअप्स ने AI, क्लाउड, मोबाइल ऐप्स में नवाचार किया।
    • आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा IT निर्यातक है, जिसमें NASSCOM की भूमिका अहम रही।​
  • प्रमुख मील के पत्थर
    • 1951: IIT खड़गपुर स्थापना, प्रारंभिक कंप्यूटिंग प्रशिक्षण।
    • 1967: TCS की शुरुआत।
    • 1973: पहला सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट जोन।
    • 1991: उदारीकरण से बूम।
    • 2000: IT Act।
    • Y2K (1999-2000): वैश्विक मान्यता।

48. ITA-2000 का पूर्ण रूप क्या है? [UPP Radio Head Operator Exam-2022 31/01/2024 (1st Shift)]

Correct Answer: (c) इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट- 2000
Solution:
  • ITA-2000 का पूर्ण सरूप इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000) है। इसे वर्ष 2008 में संस्रोधित किया गया था।
  • ITA-2000 का पूर्ण रूप Information Technology Act, 2000 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000) है।
  • परिचय
    • यह भारत का पहला प्रमुख साइबर कानून है, जो डिजिटल लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और साइबर अपराधों को नियंत्रित करता है।
    • इसे 9 जून 2000 को पारित किया गया और 17 अक्टूबर 2000 को लागू किया गया।
    • इसका उद्देश्य ई-कॉमर्स को कानूनी मान्यता देना, डिजिटल हस्ताक्षरों को प्रमाणित करना और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  • इतिहास
    • संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 51/162 (1996) के बाद भारत ने इसे तैयार किया, जो UNCITRAL मॉडल लॉ पर आधारित है।
    • तत्कालीन सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रेम प्रकाश महाजन की अध्यक्षता में समिति ने इसे अंतिम रूप दिया।
    • राष्ट्रपति के.आर. नारायणन ने 9 मई 2000 को हस्ताक्षर किए, जिससे भारत इंटरनेट से संबंधित कानून वाला 12वां देश बना।
  • मुख्य उद्देश्य
    • इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज और ई-कॉमर्स को कानूनी मान्यता प्रदान करना।
    • भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872, बैंकर बुक एविडेंस एक्ट 1891 और RBI एक्ट 1934 में संशोधन।
    • साइबर अपराधों जैसे हैकिंग, डेटा चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर नियंत्रण।
  • संरचना
    • कानून में 94 धाराएँ, 4 अध्याय और 13 अनुसूचियाँ हैं, जो 2008 में संशोधित हुए।​
    • अध्याय 1-4: प्रारंभिक, डिजिटल सिग्नेचर, इलेक्ट्रॉनिक गवाही और साइबर अपराध।
    • अध्याय 9: अपराध और दंड (जैसे धारा 66: हैकिंग पर 3 साल जेल या ₹5 लाख जुर्माना)।
    • अध्याय 11: अपराधियों की संपत्ति जब्ती।
  • महत्वपूर्ण संस्थाएँ
    • कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटी (CCA): डिजिटल सिग्नेचर प्रमाणित।
    • अडजुडिकेटिंग ऑफिसर: सिविल मामलों का निपटारा (₹5 करोड़ तक)।
    • साइबर अपरिल कोर्ट: अपील ट्रिब्यूनल।​
  • प्रभाव
    • IT Act ने ई-गवर्नेंस (जैसे e-Gazette), ई-फाइलिंग और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दिया।
    • साइबर अपराधों पर पहला कानूनी ढांचा प्रदान किया, लेकिन चुनौतियाँ जैसे गोपनीयता और डेटा संरक्षण बनी रहीं।​​

49. कोई व्यक्ति 'कंप्यूटर साक्षर कहलाता है, यदि यह सक्षम हो केवल- [रेलवे एनटीपीसी ऑनलाइन (मुख्य) परीक्षा, 19 जनवरी, 2017 (11-पाली)]

Correct Answer: (a) आवश्यक एप्लिकेशनों को चलाने में
Solution:
  • कोई व्यक्ति कंप्यूटर सवार' कहलाता है, यदि वह केवल आवश्याक अनुप्रयोगों (Applications) को चलाने में सक्षम हो।
  • ये आवश्यक अनुप्रयोग ऐसे होते हैं, जो प्रयोगकर्ता (User) को उनके कार्यों में सहयोग करते हैं, जैसे वेब ब्राउजर एवं एम. एस. ऑफिस इत्यादि।
  • वस्तुनिष्ठ उत्तर (एग्ज़ाम की भाषा में)
    • बहुविकल्पीय प्रश्न के रूप में पूछा जाता है –
    • “कोई व्यक्ति ‘कम्प्यूटर साक्षर’ कहलाता है, यदि वह सक्षम हो केवल–”
    • तो इसका सही विकल्प होता है:
  • आवश्यक (जरूरत‑आधारित) एप्लिकेशनों को चलाने में।
    • अर्थात, जो व्यक्ति अपना काम करने के लिए ज़रूरी प्रोग्राम जैसे वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, ब्राउज़र आदि चला सके, उसे कम्प्यूटर साक्षर माना जाता है।
  • कम्प्यूटर साक्षरता का अर्थ
    • कम्प्यूटर साक्षरता का अर्थ है कम्प्यूटर और उससे जुड़ी तकनीक का ऐसा बुनियादी ज्ञान और कौशल, जिससे व्यक्ति उसे काम के लिए सहज रूप से उपयोग कर सके।
    • इसमें कम्प्यूटर पर काम करना, फाइलें बनाना‑सहेजना, प्रोग्राम खोलना‑बंद करना, माउस‑कीबोर्ड का सही उपयोग करना आदि शामिल है
    • ज़रूरी नहीं कि वह प्रोग्रामिंग या बहुत उन्नत तकनीकी ज्ञान जानता हो।
  • केवल इतना’ क्या‑क्या शामिल माना जाता है
    • जब हम कहते हैं “केवल इतना सक्षम हो”, तो आम तौर पर ये मूल बातें मानी जाती हैं:
    • कम्प्यूटर ऑन/ऑफ करना, लॉगिन करना।
    • ज़रूरी एप्लिकेशन (जैसे वर्ड, एक्सेल, ब्राउज़र, ई‑मेल क्लाइंट) खोलकर उन पर बुनियादी काम कर पाना।
    • फाइल बनाना, सेव करना, खोलना, प्रिंट करना जैसी सामान्य क्रियाएँ करना।
    • साधारण समस्या जैसे हैंग होना, सही से शटडाउन न होना, बुनियादी सेटिंग बदलना आदि को संभाल सकना।
    • यही न्यूनतम स्तर किसी व्यक्ति को ‘कम्प्यूटर साक्षर’ की श्रेणी में रख देता है।
  • कम्प्यूटर साक्षर और विशेषज्ञ में अंतर
    • कम्प्यूटर साक्षर व्यक्ति: केवल इतना जानता है कि कम्प्यूटर से अपना रोज़मर्रा का काम कैसे कराया जाए, जैसे टाइपिंग, इंटरनेट चलाना, ई‑मेल भेजना, डॉक्यूमेंट बनाना।
    • विशेषज्ञ/प्रोफेशनल: सिस्टम कैसे काम करता है, नेटवर्किंग, प्रोग्रामिंग, सिक्योरिटी, हार्डवेयर‑सॉफ्टवेयर कॉन्फ़िगरेशन आदि गहराई से जानता है; ये कम्प्यूटर साक्षरता से आगे का स्तर है।​

50. ..........,सद्य अनुक्रिया संचार (रीयल-टाइम कम्यूनिकेशन) के लिए एक वीडियो कोलैबोरेशन टूल है? [U.P. SI/ASI 04.12.2022 (2nd Shift)]

Correct Answer: (a) जूम
Solution:
  • जूम (Zoom) सथ अनुक्रिया संचार (Real Time Communication) के लिए एक वीडियों कोलैबोरेशन दूल है।
  • AnyDesk के माध्यम से दूरस्थ व्यक्ति के साथ सीधे संवाद करने में आप कनेक्ट हो सकते हैं।
  • एक हॉकर वर्चुअल नेटवर्क बनाकर कंटेनरों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने देता है। बीएमवेयर एक वर्चुअलाइजेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग सॉफ्टवेयर प्रदाता है।
  • ज़ूम की मुख्य विशेषताएँ
    • ज़ूम वास्तविक समय संचार को आसान बनाता है, जिसमें उच्च-गुणवत्ता वाली वीडियो और ऑडियो कॉल, स्क्रीन शेयरिंग, चैट, ब्रेकआउट रूम और रिकॉर्डिंग शामिल हैं।
    • यह 1000 से अधिक प्रतिभागियों को सपोर्ट करता है और बैकग्राउंड नॉइज़ को कम करने वाली तकनीक प्रदान करता है।
    • बड़े पैमाने पर इवेंट्स के लिए भी उपयुक्त, जैसे वेबिनार जहां 100,000 तक दर्शक जुड़ सकते हैं।​
  • उपयोग के क्षेत्र
    • ज़ूम का उपयोग व्यवसायिक मीटिंग्स, ऑनलाइन क्लासेस, टीम कोलैबोरेशन और दूरस्थ कार्यों में होता है।
    • महामारी के दौरान इसकी लोकप्रियता बढ़ी, क्योंकि यह आसानी से इंस्टॉल होता है
    • मोबाइल-डेस्कटॉप दोनों पर काम करता है। एन्क्रिप्शन और पासवर्ड प्रोटेक्शन जैसी सुरक्षा सुविधाएँ इसे विश्वसनीय बनाती हैं।​
  • हालिया अपडेट्स (2026 तक)
    • ज़ूम ने AI-सपोर्टेड फीचर्स जैसे ऑटोमैटिक ट्रांसक्रिप्शन और समरी जोड़े हैं, जो रीयल-टाइम नोट्स लेने में मदद करते हैं।
    • यह माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और गूगल वर्कस्पेस के साथ इंटीग्रेट होता है।
    • फ्री वर्जन 40 मिनट की मीटिंग्स तक सीमित है, जबकि पेड प्लान्स अधिक सुविधाएँ देते हैं।​