कंप्यूटर : एक परिचय (Part – I)Total Questions: 5021. दिए गए कथनों के सही या गलत होने का निर्धारण कीजिए। [NVS Jr. Sect. Asstt. 09.03.2022 (2nd Shift)](i) कंप्यूटर की विभिन्न प्रकार के कार्यों को समान सटीकता और दक्षता के साथ करने की क्षमता 'कर्मठता (diligence)' कहलाती है।(ii) कंप्यूटर की बहुपयोगिता (Versatility) नामक विशेषता यह सुनिश्चित करती है कि कंप्यूटर को कोई थकान एकाग्रता की कमी महसूस नहीं होती है।(a) (i) सही, (ii) सही(b) (i)- गलत, (ii)- गलत(c) (i) गलत, (ii) सही(d) (i) सही, (ii)- गलतCorrect Answer: (b) (i)- गलत, (ii)- गलतSolution:दिए गए दोनों कथन गलत हैं क्योंकि कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार के कार्यों को समान सटीकता एवं दक्षता के साथ करने की क्षमता बहुपयोगिता (Versalility) कहलाती हैकंप्यूटर की कर्मठता (Diligence) नामक विशेषता यह सुनिश्चित करती है कि कंप्यूटर को कोई थकान या एकाग्रता की कमी महसूस नहीं होती है।कथन विश्लेषण की विधिकिसी कथन को सही या गलत ठहराने के लिए पहले उसके मुख्य तथ्यों की जाँच करें।उदाहरण के लिए, विज्ञान में प्रयोगों या स्थापित सिद्धांतों से मिलान करें।भाषा के कथनों में व्याकरण या अर्थ की सत्यता देखें। यदि कथन में तथ्य गलत हो, तो उसे गलत मानें।सामान्य उदाहरणकथन 1: "पानी का रासायनिक सूत्र H₂O है।"यह सही है क्योंकि यह रासायनिक तथ्य है।कथन 2: "सूर्य पृथ्वी के चारों ओर घूमता है।"यह गलत है क्योंकि वास्तव में पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।कथन 3: "क्षार स्पर्श करने पर खुरदुरे लगते हैं।"यह गलत है; क्षार चिकने लगते हैं क्योंकि वे साबुन जैसे पदार्थ बनाते हैं।विस्तृत प्रक्रियाकिसी भी कथन को जाँचने के चरण इस प्रकार हैं:कथन को तोड़ें और मुख्य दावे पहचानें।विश्वसनीय स्रोतों (जैसे NCERT पुस्तकें या वैज्ञानिक पत्रिकाएँ) से तुलना करें।यदि कथन आंशिक रूप से सही हो, तो स्पष्ट करें कि कौन सा भाग गलत है।गलत कथनों को सही रूप में लिखें। उदाहरण: "टॉर्च के बल्ब में तंतु टूटने पर भी वह जलता है" गलत है; सही है "तंतु टूटने पर बल्ब नहीं जलता।"22. कंप्यूटर के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन ठीक नहीं है? [R.R.B. चेन्नई (T.C./C.C.) परीक्षा, 2001, 2002](a) उलझनपूर्ण समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है(b) प्रक्रिया की गति बहुत ऊंची है(c) स्मृति तथा संग्रह क्षमता अधिक है(d) इसके उच्च सामान्य ज्ञान के कारण अनुपयुक्त निर्देशों की संपूर्ति को यह स्वयं ही सुधार सकता है।Correct Answer: (d) इसके उच्च सामान्य ज्ञान के कारण अनुपयुक्त निर्देशों की संपूर्ति को यह स्वयं ही सुधार सकता है।Solution:कंप्यूटर के द्वारा उलझनपूर्ण समस्याओं (Complex Problem) का समाधान आसानी से किया जा सकता है।इसकी प्रक्रिया (Process) की गति बहुत ऊंची है तथा स्मृति (Memory) एवं संग्रह क्षमता (Storage Capacity) अधिक होती है।कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएँउच्च गति (High Speed): कंप्यूटर सेकंडों में लाखों गणनाएँ कर सकता है।शुद्धता (Accuracy): यह GIGO (Garbage In, Garbage Out) सिद्धांत पर काम करता है, यानी सही इनपुट पर 100% सटीक परिणाम देता है।भारी भंडारण क्षमता (Storage): बड़ी मात्रा में डेटा लंबे समय तक स्टोर कर सकता है।दिलेलन्स (Diligence): थकान या बोरियत के बिना लगातार काम करता है।बहुमुखी प्रतिभा (Versatility): विभिन्न कार्य जैसे गणना, डिज़ाइन, संचार आदि कर सकता है।सामान्य गलत कथन के उदाहरणप्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर के बारे में निम्नलिखित प्रकार के कथन गलत पाए जाते हैं:कंप्यूटर स्वयं निर्णय ले सकता है: गलत। कंप्यूटर बुद्धिमान नहीं हैयह केवल दिए गए निर्देशों (प्रोग्राम) का पालन करता है। यह तर्क करता है लेकिन स्वतंत्र सोच नहीं रखता।कंप्यूटर कभी गलती नहीं करता: गलत। कंप्यूटर सही इनपुट पर सही परिणाम देता हैलेकिन गलत इनपुट या प्रोग्रामिंग त्रुटि पर गलत आउटपुट दे सकता है।कंप्यूटर में असीमित मेमोरी होती है: गलत। इसकी मेमोरी सीमित होती हैहालांकि आधुनिक कंप्यूटरों में यह बहुत अधिक (TB तक) हो सकती है।कंप्यूटर मानव मस्तिष्क से अधिक बुद्धिमान है: गलत।कंप्यूटर गति और सटीकता में श्रेष्ठ है, लेकिन रचनात्मकता, भावना या अनुभव-आधारित निर्णय में मानव से पीछे है।विस्तृत व्याख्या: सबसे आम गलत कथनएक मानक प्रश्न में विकल्प इस प्रकार हो सकते हैं (आम परीक्षा पैटर्न से):यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है।यह स्वयं निर्णय ले सकता है।यह उच्च गति से कार्य करता है।यह बड़ी मात्रा में डेटा स्टोर कर सकता है।गलत कथन: "यह स्वयं निर्णय ले सकता है"कंप्यूटर को AI या मशीन लर्निंग से 'बुद्धिमान' बनाने की कोशिश हो रही हैलेकिन मूल रूप से यह केवल प्रोग्राम्ड लॉजिक (if-else, loops) पर चलता है।उदाहरण: चेस खेलने वाला कंप्यूटर नियमों का पालन करता है, लेकिन रणनीति प्रोग्रामर द्वारा दी जाती है।वास्तविकता: यह 'डंब मशीन' है – बिना इनपुट के कुछ नहीं करता।23. निम्न में से कौन-से गुण कंप्यूटर की स्थिति के अनुरूप लचीले व्यवहार को दर्शाते हैं? [High Court Group-D Mains Exam-2016](a) सटीकता(b) विश्वसनीयता(c) बहुकौशल (वर्सटिलटी)(d) अविराम डिलिजेंसCorrect Answer: (c) बहुकौशल (वर्सटिलटी)Solution:बहुकौशल (Versatility) अर्थात कंप्यूटर की विविध कार्यों को संपादित करने की क्षमता, यह गुण कंप्यूटर के लचीले व्यवहार को दर्शाता है।इसके अलावा सटीकता (Accuracy), विश्वसनीयता एवं अविराम (Diligence) एवं उच्च गति इत्यादि कंप्यूटर के कुछ अन्य महत्वपूर्ण गुण हैं।बहुकौशल (Versatility) क्या है? बल्कि वर्ड प्रोसेसिंग, डेटाबेस प्रबंधन, ग्राफिक्स डिज़ाइन, गेमिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान और यहां तक कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विविध कार्यों को भी कुशलता से संभाल सकता है।उदाहरणस्वरूप, एक ही कंप्यूटर आज सुबह लेख लिखने, दोपहर में डेटा विश्लेषण और शाम को वीडियो एडिटिंग कर सकता हैबिना थके या सटीकता खोए। यह लचीलापन प्रोग्रामिंग सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर की अनुकूलन क्षमता से आता है।अन्य विकल्पों से तुलनाप्रश्न में दिए गए अन्य गुण—सटीकता (Accuracy), विश्वसनीयता (Reliability) और अविराम/परिश्रम (Diligence)—लचीले व्यवहार को सीधे नहीं दर्शाते।विस्तृत व्याख्या: क्यों बहुकौशल ही सही उत्तर?कंप्यूटर की मूल विशेषताएँ (जैसे गति, सटीकता, परिश्रम, स्मृति, विश्वसनीयता और बहुकौशल) इसे मानव से श्रेष्ठ बनाती हैं।बहुकौशल विशेष रूप से "स्थिति के अनुरूप लचीले व्यवहार" को परिभाषित करता है क्योंकि:कार्यों की विविधता: यह कैलकुलेटर से लेकर सुपरकंप्यूटर तक के रूपों में अनुकूलित हो सकता है। उदाहरण: NASA के अंतरिक्ष मिशनों से लेकर मोबाइल ऐप्स तक।सॉफ़्टवेयर निर्भरता: सही प्रोग्राम लोड करने पर कोई भी कार्य संभव। जैसे Python से डेटा साइंस, Adobe से डिज़ाइन।आधुनिक उदाहरण: क्लाउड कंप्यूटिंग (AWS, Azure) में एक सर्वर वेब होस्टिंग से AI ट्रेनिंग तक स्विच कर सकता है, बिना हार्डवेयर बदले।यह गुण कंप्यूटर को "जनरल पर्पस मशीन" बनाता है, जो 1940s के ENIAC से लेकर आज के क्वांटम कंप्यूटर्स तक विकसित हुआ।वास्तविक-जगत अनुप्रयोगव्यावसायिक: ERP सिस्टम जैसे SAP एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर HR, फाइनेंस और सप्लाई चेन संभालते हैं।शिक्षा: ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स (जैसे Google Classroom) पढ़ाई, टेस्टिंग और एनालिटिक्स एक साथ करते हैं।चिकित्सा: MRI मशीनें इमेजिंग से डायग्नोसिस तक बहुमुखी कार्य करती हैं।यदि कंप्यूटर में यह लचीलापन न हो, तो हर कार्य के लिए अलग मशीन चाहिए होती, जो अव्यवहारिक होता।24. कंप्यूटर निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य नहीं करता है? [I.B.P.S. (C.G) 27.11.11 (Μ.Τ.)](a) एक्सक्यूटिंग(b) प्रोसेसिंग(c) कंट्रोलिंग(d) अंडरस्टैंडिंग(e) आउटपुटिंगCorrect Answer: (d) अंडरस्टैंडिंगSolution:कंप्यूटर में मानव की तरह सोचने और समझने की क्षमता (Capacity) नहीं होती हैजबकि वह इनपुट कराए गए डेटा को संसाधित (Process) कर आउटपुट दे सकता है, किंतु अंडरस्टैंडिंग की क्षमता कंप्यूटर में नहीं होती है।बहुकौशल (Versatility) क्या है?बहुकौशल कंप्यूटर की वह विशेषता है जो इसे स्थिति के अनुसार लचीला बनाती है।कंप्यूटर न केवल गणितीय गणनाएँ करता हैबल्कि वर्ड प्रोसेसिंग, डेटाबेस प्रबंधन, ग्राफिक्स डिज़ाइन, गेमिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान और यहां तक कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विविध कार्यों को भी कुशलता से संभाल सकता है।उदाहरणस्वरूप, एक ही कंप्यूटर आज सुबह लेख लिखने, दोपहर में डेटा विश्लेषण और शाम को वीडियो एडिटिंग कर सकता हैबिना थके या सटीकता खोए। यह लचीलापन प्रोग्रामिंग सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर की अनुकूलन क्षमता से आता है।अन्य विकल्पों से तुलनाप्रश्न में दिए गए अन्य गुण—सटीकता (Accuracy), विश्वसनीयता (Reliability) और अविराम/परिश्रम (Diligence)—लचीले व्यवहार को सीधे नहीं दर्शाते।विस्तृत व्याख्या: क्यों बहुकौशल ही सही उत्तर?कंप्यूटर की मूल विशेषताएँ (जैसे गति, सटीकता, परिश्रम, स्मृति, विश्वसनीयता और बहुकौशल) इसे मानव से श्रेष्ठ बनाती हैं।बहुकौशल विशेष रूप से "स्थिति के अनुरूप लचीले व्यवहार" को परिभाषित करता है क्योंकि:कार्यों की विविधतायह कैलकुलेटर से लेकर सुपरकंप्यूटर तक के रूपों में अनुकूलित हो सकता है। उदाहरण: NASA के अंतरिक्ष मिशनों से लेकर मोबाइल ऐप्स तक।सॉफ़्टवेयर निर्भरता: सही प्रोग्राम लोड करने पर कोई भी कार्य संभव। जैसे Python से डेटा साइंस, Adobe से डिज़ाइन।आधुनिक उदाहरण: क्लाउड कंप्यूटिंग (AWS, Azure) में एक सर्वर वेब होस्टिंग से AI ट्रेनिंग तक स्विच कर सकता है, बिना हार्डवेयर बदले।यह गुण कंप्यूटर को "जनरल पर्पस मशीन" बनाता है, जो 1940s के ENIAC से लेकर आज के क्वांटम कंप्यूटर्स तक विकसित हुआ।वास्तविक-जगत अनुप्रयोगव्यावसायिक: ERP सिस्टम जैसे SAP एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर HR, फाइनेंस और सप्लाई चेन संभालते हैं।शिक्षा: ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स (जैसे Google Classroom) पढ़ाई, टेस्टिंग और एनालिटिक्स एक साथ करते हैं।चिकित्सा: MRI मशीनें इमेजिंग से डायग्नोसिस तक बहुमुखी कार्य करती हैं।यदि कंप्यूटर में यह लचीलापन न हो, तो हर कार्य के लिए अलग मशीन चाहिए होती, जो अव्यवहारिक होता।25. निम्न में से कंप्यूटर की विशेषताएं है-(a) शुद्धता(b) गति(c) विश्वसनीयता(d) सभीCorrect Answer: (d) सभीSolution:कंप्यूटर की विशेषताएं, शुद्धता, गति (Speed), विश्वसनीयता इत्यादि हैं।गति (Speed)कंप्यूटर की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी अत्यधिक गति है। यह लाखों-करोड़ों निर्देशों (instructions) को प्रति सेकंड संसाधित (process) कर सकता हैजो माइक्रोसेकंड, नैनोसेकंड या पिकोसेकंड में मापी जाती है। उदाहरण के लिए, एक साधारण गुणा-भाग जो इंसान को मिनटों में लगता हैकंप्यूटर इसे मिलीसेकंड में पूरा कर देता है। इस गति के कारण जटिल गणनाएं, डेटा विश्लेषण और ग्राफिक्स रेंडरिंग संभव हो पाते हैं।शुद्धता (Accuracy)कंप्यूटर अपना हर कार्य बिना किसी त्रुटि के करता है, बशर्ते इनपुट सही हो।यह GIGO (Garbage In, Garbage Out) सिद्धांत पर काम करता है, अर्थात गलत डेटा पर ही गलत परिणाम आता है।मानव की तुलना में इसकी सटीकता 100% के करीब होती है, जो लंबे कैलकुलेशन या डेटा प्रोसेसिंग में महत्वपूर्ण है।उच्च संग्रहण क्षमता (High Storage Capacity)कंप्यूटर में विशाल मात्रा में डेटा स्टोर करने की क्षमता होती हैजैसे टेराबाइट्स में इमेज, वीडियो, दस्तावेज और प्रोग्राम।यह डेटा को वर्षों तक सुरक्षित रख सकता है और जरूरत पर तुरंत एक्सेस प्रदान करता है। आधुनिक हार्ड डिस्क, SSD और क्लाउड स्टोरेज इस क्षमता को और बढ़ाते हैं।विश्वसनीयता (Reliability)कंप्यूटर के परिणाम हमेशा विश्वसनीय होते हैं क्योंकि यह थकान, भावनाओं या विचलन से प्रभावित नहीं होता।यह लगातार एकसमान प्रदर्शन देता है, जो वैज्ञानिक अनुसंधान, बैंकिंग और मेडिकल डायग्नोसिस जैसे क्षेत्रों में उपयोगी है।परिश्रमता (Diligence)कंप्यूटर कभी थकता नहीं है और बिना रुके घंटों, दिनों या महीनों तक कार्य कर सकता है।इसकी कार्य क्षमता या शुद्धता में कोई कमी नहीं आती, भले ही कार्य दोहरावपूर्ण या उबाऊ हो।इंसान को आराम की जरूरत पड़ती है, लेकिन कंप्यूटर 24/7 सक्रिय रह सकता है।बहुमुखी प्रतिभा (Versatility)कंप्यूटर एक ही मशीन पर लेखन, गणना, डिजाइनिंग, गेमिंग, संचार और वैज्ञानिक सिमुलेशन जैसे विविध कार्य कर सकता है।सॉफ्टवेयर बदलकर यह किसी भी क्षेत्र में अनुकूलित हो जाता है, जैसे शिक्षा में ई-लर्निंग या व्यवसाय में अकाउंटिंग।स्वचालन (Automation)एक बार निर्देश दिए जाने पर कंप्यूटर स्वतः ही कार्य पूरा कर लेता है, बिना मानवीय हस्तक्षेप के।यह दोहरावपूर्ण कार्यों को तेजी से संभालता है, जैसे फैक्टरी में उत्पादन नियंत्रण या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन।स्मृति शक्ति (Power of Remembrance)कंप्यूटर की मेमोरी (RAM/ROM) डेटा को लंबे समय तक स्टोर रखती हैतुरंत पुनःप्राप्त कर सकती है। यह स्थायी (secondary storage) और अस्थायी (primary memory) दोनों रूपों में उपलब्ध होती है।तत्परता (Promptness)कंप्यूटर तुरंत प्रतिक्रिया देता है, जो रीयल-टाइम एप्लीकेशन्स जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या स्टॉक ट्रेडिंग में आवश्यक है।ये विशेषताएं कंप्यूटर को आधुनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाती हैंहालांकि इसकी सीमाएं जैसे बिजली पर निर्भरता और रचनात्मकता की कमी भी हैं। फिर भी, ये इसे सभी क्षेत्रों में अपरिहार्य बनाती हैं।26. किसी व्यवस्था के कंप्यूटरीकरण में आवश्यकता होती है- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]1. उसको करने की दृढ़ इच्छाशक्ति की।2. संबंधित वित्तीय संसाधनों की।3. जनशक्ति के प्रशिक्षण की।4. एक अत्याधुनिक संरचना की।नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-(a) 1 और 2(b) 2 और 3(c) 1, 2 और 3(d) चारों सभीCorrect Answer: (d) चारों सभीSolution:किसी व्यवस्था के कंप्यूटरीकरण में उसको करने की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ-साथ अत्याधुनिक संरचना और वित्तीय संसाधनों (Financial Resources) की भी आवश्यकता होती हैसाथ ही कर्मचारियों को कंप्यूटर के प्रयोग हेतु प्रशिक्षित भी करना होता है।हार्डवेयर आवश्यकताएंकंप्यूटरीकरण की शुरुआत मजबूत हार्डवेयर से होती हैजिसमें कंप्यूटर सिस्टम (डेस्कटॉप, लैपटॉप या सर्वर), प्रिंटर, स्कैनर, बारकोड रीडर और नेटवर्किंग उपकरण जैसे राउटर शामिल होते हैं।इनकी क्षमता व्यवस्था के आकार पर निर्भर करती है—छोटी व्यवस्था के लिए सामान्य पीसी पर्याप्त हैंजबकि बड़ी व्यवस्था में मेनफ्रेम या क्लाउड सर्वर जरूरी होते हैं।उच्च गति वाली प्रोसेसिंग और पर्याप्त स्टोरेज (SSD/HDD) सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि डेटा तेजी से प्रोसेस हो सके।सॉफ्टवेयर आवश्यकताएंउपयुक्त सॉफ्टवेयर का चयन व्यवस्था के प्रकार पर आधारित होता हैजैसे ERP (Enterprise Resource Planning) सिस्टम बिजनेस के लिए, Tally या QuickBooks लेखांकन के लिए, या कस्टम सॉफ्टवेयर विशिष्ट जरूरतों के लिए।सॉफ्टवेयर में डेटा एंट्री, प्रोसेसिंग, रिपोर्टिंग और एनालिसिस की सुविधाएं होनी चाहिए।ओपन-सोर्स (जैसे Odoo) या प्रोप्राइटरी सॉफ्टवेयर चुनते समय लाइसेंस, अपडेट और हिंदी सपोर्ट की जांच करें।ऑटोमेशन फीचर्स जैसे बैच प्रोसेसिंग और इंटीग्रेशन API आवश्यक हैं।डेटा प्रबंधन और माइग्रेशनमौजूदा मैनुअल डेटा (रजिस्टर, फाइलें) को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करना पड़ता हैजिसमें स्कैनिंग, OCR (Optical Character Recognition) टूल्स और डेटा एंट्री का उपयोग होता है।डेटा क्लीनिंग, डुप्लिकेट हटाना और बैकअप सिस्टम (क्लाउड या लोकल) स्थापित करना जरूरी हैडेटा लॉस न हो। GIGO सिद्धांत (Garbage In, Garbage Out) का पालन करें—सही इनपुट ही सटीक आउटपुट देगा।नेटवर्किंग और इंटरनेट कनेक्टिविटीव्यवस्था को कनेक्ट करने के लिए LAN/WAN सेटअप, फायरवॉल और VPN आवश्यक हैंखासकर मल्टी-यूजर एक्सेस के लिए। उच्च-स्पीड ब्रॉडबैंड (फाइबर ऑप्टिक) और क्लाउड सर्विसेज (AWS, Google Cloud) डेटा शेयरिंग और रिमोट एक्सेस सक्षम बनाते हैं।पनिपत जैसे क्षेत्र में स्थानीय ISP की विश्वसनीयता जांचें।मानव संसाधन और प्रशिक्षणकर्मचारियों को कंप्यूटर साक्षरता, सॉफ्टवेयर उपयोग और ट्रबलशूटिंग का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है।आईटी विशेषज्ञ (सिस्टम एडमिन, डेवलपर) की नियुक्ति करें।शुरुआत में मैनुअल और डिजिटल प्रक्रिया समांतर चलाएं ताकि संक्रमण सुगम हो।सुरक्षा उपायसाइबर खतरों से बचाव के लिए एंटीवायरस, फायरवॉल, एन्क्रिप्शन, पासवर्ड पॉलिसी और नियमित बैकअप जरूरी हैं।डेटा प्राइवेसी कानून (IT Act 2000) का पालन करें। रेगुलर सिक्योरिटी ऑडिट और अपडेट रखें।बजट और योजनाकंप्यूटरीकरण में प्रारंभिक निवेश (हार्डवेयर 40%, सॉफ्टवेयर 30%, प्रशिक्षण 20%) और मेंटेनेंस लागत शामिल है।ROI (Return on Investment) कैलकुलेट करें—स्पीड, सटीकता और पेपरलेस कार्य से 6-12 महीने में लाभ मिलता है।चरणबद्ध योजना बनाएं: आकलन, खरीद, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग, लाइव।रखरखाव और अपग्रेडनियमित मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट, सॉफ्टवेयर अपडेट और हार्डवेयर अपग्रेड सुनिश्चित करें।डाउनटाइम कम करने के लिए UPS और रिडंडेंट सिस्टम लगाएं। लंबे समय में क्लाउड माइग्रेशन से लागत घटती है।यह प्रक्रिया व्यवस्था को तेज, विश्वसनीय और बहुमुखी बनाती है, लेकिन सही योजना के बिना असफल हो सकती है।27. कंप्यूटर अपनी शक्ति प्राप्त करता है- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2006](a) अपनी गति से(b) शुद्धता से(c) स्मृति से(d) उपरोक्त सभी सेCorrect Answer: (d) उपरोक्त सभी सेSolution:कंप्यूटर बहुत तेज गति से गणनाएं (Calculation) करता है। माइक्रो कंप्यूटर मिलियन गणनाएं प्रति सेकंड कार्यान्वित कर सकता है।कंप्यूटर बहुत ही शुद्ध गणनाएं करने वाली मशीन है। यह जटिल से जटिल गणनाएं (Complex Calculation) बिना किसी त्रुटि के करता है।कंप्यूटर की अपनी मुख्य तथा सहायक मेमोरी होती है, जो कि कंप्यूटर के आंकड़ों (Data) को संचित (Store) करने में सहायता करती है।कंप्यूटर की मूल संरचनाकंप्यूटर की शक्ति उसके हार्डवेयर घटकों से आती है, खासकर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) से, जिसे कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है।CPU में अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) गणना और तर्क करती है, जबकि कंट्रोल यूनिट सभी कार्यों को नियंत्रित करती है।मेमोरी (RAM और ROM) डेटा को तेजी से स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देती है, जो बिना इसके कंप्यूटर सुस्त हो जाता।शक्ति के स्रोत: गति (Speed)कंप्यूटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी अविश्वसनीय गति है, जो GHz (गिगाहर्ट्ज़) में मापी जाती है।आधुनिक CPU प्रति सेकंड अरबों ऑपरेशन (FLOPS - फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) कर सकता है।उदाहरण के लिए, एक सुपरकंप्यूटर पूरे सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके ब्रह्मांड-स्तरीय गणनाएं कर सकता है। यह गति मानव मस्तिष्क से लाखों गुना तेज है।शुद्धता (Accuracy)कंप्यूटर हमेशा सटीक परिणाम देता है यदि इनपुट सही हो, क्योंकि यह थकान या भावनाओं से प्रभावित नहीं होता।कोई गलती प्रोग्रामिंग या डेटा एरर से ही होती है। इस शुद्धता के कारण बैंकिंग, स्पेस मिशन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग होता है।स्मृति और भंडारण (Memory & Storage)स्मृति कंप्यूटर की शक्ति का आधार है - RAM अस्थायी डेटा रखती है, जबकि हार्ड डिस्क या SSD स्थायी भंडारण करते हैं।बड़ी मेमोरी जितनी अधिक, उतनी ही तेज मल्टीटास्किंग। क्वांटम कंप्यूटर जैसे उन्नत सिस्टम में स्मृति की क्षमता और भी बढ़ जाती है।कार्यप्रणाली (Working Process)कंप्यूटर इनपुट (कीबोर्ड, माउस) लेता है, CPU इसे प्रोसेस करता है, मेमोरी सहायता करती है, और आउटपुट (स्क्रीन, प्रिंटर) देता है।यह वॉन न्यूमैन आर्किटेक्चर पर आधारित है। बिजली (पावर सप्लाई) इसके कार्य करने की मूल शक्ति है।आधुनिक शक्ति के उदाहरणसुपरकंप्यूटर: मौसम पूर्वानुमान, प्रोटीन फोल्डिंग जैसी जटिल समस्याएं हल करते हैं।क्लाउड कंप्यूटिंग: कई कंप्यूटर मिलकर पेटाबाइट डेटा प्रोसेस करते हैं।भविष्य: क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक से लाखों गुना शक्तिशाली होंगे।28. पहला संक्रियात्मक इलेक्ट्रॉनिक अंकीय कंप्यूटर है- [S.S.C. स्टेनोग्राफर परीक्षा, 2011 S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा 2010](a) ENIAC(b) EDVAC(c) EDSAC(d) UNIVACCorrect Answer: (a) ENIACSolution:ENIAC (Electronic Numerical Integrator And Calculator) पहला व्यावहारिक प्रयोग वाला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था।इसमें वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tubes) का प्रयोग किया गया था।इसका आविष्कार वर्ष 1946 में जे.पी एकर्ट (J.P. Eckert) एवं जॉन माँचली (John Mauchly) ने किया। इसके लिए सिद्धांत एम. टूरिंग (M. Turing) द्वारा दिए गए थे।विकास और आविष्कारकENIAC का डिजाइन और निर्माण पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय (University of Pennsylvania) में 1943 में शुरू हुआ1945 में पूरा हुआ, जबकि इसे 1946 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया।इसके प्रमुख आविष्कारक जे. प्रेस्पर एकर्ट (J. Presper Eckert) और जॉन डब्ल्यू. मौचली (John W. Mauchly) थे।विकास में एम. ट्यूरिंग के सिद्धांतों का भी योगदान माना जाता है।यह फोटो ENIAC के पैनलों को दर्शाती है, जो इसके विशाल आकार को स्पष्ट करती है।तकनीकी विशेषताएँENIAC पूरी तरह वैक्यूम ट्यूब्स (vacuum tubes) पर आधारित थाजिसमें लगभग 17,468 से 18,000 वैक्यूम ट्यूब्स, 7,200 क्रिस्टल डायोड्स, 1,500 रिले, 70,000 प्रतिरोधक (resistors) और 10,000 कैपेसिटर लगे थे।यह दशमलव (decimal) आधारित था, 10-अंकीय संख्याओं पर काम करता थाप्रति सेकंड 5,000 से अधिक गणनाएँ (जैसे जोड़, घटाव, गुणा, भाग) कर सकता था।इसकी बिजली खपत 150 किलोवाट थी, वजन लगभग 30 टन, और यह पूरे कमरे (लगभग 1,800 वर्ग फुट) में फैला था।प्रोग्रामिंग और इनपुट विधिENIAC को वायर्ड प्रोग्रामिंग द्वारा प्रोग्राम किया जाता था, यानी स्विचेस, केबल्स और प्लग्स को बदलकर।पंच्ड कार्ड्स (punched cards) से डेटा इनपुट होता था। इसमें 20 तक 10-अंकीय संख्याएँ स्टोर की जा सकती थीं।प्रोग्रामिंग जटिल थी, जिसमें महिलाएँ जैसे बेट्टी स्नाइडर और ग्लेन बेक प्रमुख भूमिका निभाती थीं।ENIAC के बैक साइड पर वैक्यूम ट्यूब्स की चमकदार व्यवस्था, जो इसकी इलेक्ट्रॉनिक प्रकृति को दिखाती है।ऐतिहासिक महत्वENIAC को "आधुनिक कंप्यूटरों की दादी" कहा जाता है, क्योंकि इसने इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटिंग की शुरुआत की।इससे पहले ABC (Atanasoff-Berry Computer) जैसे उपकरण थेलेकिन वे सीमित उद्देश्य वाले और द्विआधारी थे।ENIAC ने वैज्ञानिक अनुसंधान, मिसाइल डेटा और मौसम पूर्वानुमान में योगदान दिया। इसकी कीमत लगभग $450,000 थी।सीमाएँ और उत्तराधिकारीवैक्यूम ट्यूब्स के कारण यह अक्सर खराब होता था (औसतन हर दो दिन में) और गर्मी उत्पन्न करता था।इसके बाद EDVAC, EDSAC और UNIVAC जैसे कंप्यूटर आएजो स्टोरेज प्रोग्राम कॉन्सेप्ट पर आधारित थे। 1995 में ENIAC को चिप पर मिनिएचराइज किया गया।29. अनंत प्रकृति की मेमोरी से युक्त, एवं कंप्यूटेशन की समस्याओं के विश्लेषण में प्रयुक्त होने वाले एक सैद्धान्तिक कंप्यूटर को कहते हैं? [R.R.B. Online J.E. Exam Secunderabad-2014 (II-Shift)](a) टेप कैलक्यूलेटर(b) बैबेज मशीन(c) ट्यूरिंग मशीन(d) सैद्धांतिक मशीनCorrect Answer: (c) ट्यूरिंग मशीनSolution:ट्यूरिंग मशीन (Turing Machine) एक गणितीय मॉडल है, जिसमें एक अनंत लंबाई (Infinite Length) वाली टेप होती है।अनंत प्रकृति की स्मृति से युक्त एवं गणनाओं (Computation) की समस्याओं के विश्लेषण में प्रयुक्त होने वाले एक सैद्धांतिक कंप्यूटर को ट्यूरिंग मशीन कहते हैं।संरचना के मुख्य घटकट्यूरिंग मशीन की संरचना निम्नलिखित भागों से बनी होती है:अनंत टेप: अनंत मेमोरी के रूप में कार्य करती है, जो बाएँ और दाएँ दोनों दिशाओं में अनंत विस्तारित होती है। शुरू में टेप खाली (ब्लैंक) होती है।टेप हेड: एक सिर जो टेप के एक सेल को पढ़ता या लिखता है। यह एक समय में केवल एक सेल एक्सेस कर सकता है।कंट्रोल यूनिट: मशीन की अंतर्निहित स्थिति (फाइनाइट स्टेट्स) को नियंत्रित करती है। यह एक फाइनाइट स्टेट मशीन (FSM) की तरह कार्य करती है।टेबल ऑफ ट्रांजिशन: नियमों की तालिका जो वर्तमान स्थिति और पढ़े गए सिंबल के आधार पर अगली कार्रवाई बताती है।उदाहरण: δ(q, a) = (q', b, R), जहाँ q वर्तमान स्टेट, a पढ़ा सिंबल, q' अगली स्टेट, b लिखा सिंबल, R दाएँ शिफ्ट।इनिशियल स्टेट और हल्ट स्टेट: मशीन एक प्रारंभिक स्थिति से शुरू होती है और हल्ट स्थिति में पहुँचकर रुक जाती है।कार्यप्रणालीट्यूरिंग मशीन इनपुट को टेप पर लिखकर शुरू होती है। प्रत्येक चक्र में:हेड वर्तमान सेल पढ़ता है।ट्रांजिशन टेबल से अगली कार्रवाई चुनता है।सिंबल लिखता है, हेड मूव करता है, स्टेट बदलता है।प्रकारट्यूरिंग मशीन के विभिन्न वेरिएंट हैं:डिटर्मिनिस्टिक ट्यूरिंग मशीन (DTM): प्रत्येक स्थिति-इनपुट पर एक ही ट्रांजिशन।नॉन-डिटर्मिनिस्टिक ट्यूरिंग मशीन (NTM): एक से अधिक संभावित ट्रांजिशन, जो समान शक्ति वाली होती है।यूनिवर्सल ट्यूरिंग मशीन (UTM): किसी अन्य ट्यूरिंग मशीन का सिमुलेशन कर सकती हैयदि उसका विवरण टेप पर दिया जाए। यह आधुनिक कंप्यूटरों का आधार है।मल्टी-टेप/मल्टी-हेड: कई टेप या हेड वाली, लेकिन समान कम्प्यूटेशनल पावर।कम्प्यूटेशन में महत्वट्यूरिंग मशीन कम्प्यूटेबिलिटी की नींव है। चर्च-ट्यूरिंग थीसिस के अनुसार, यह सभी प्रभावी गणनाओं का मानक मॉडल है।यह बताती है कि कौन-सी समस्याएँ हल हो सकती हैं (डिसाइडेबल) और कौन-सी नहींजैसे हल्टिंग प्रॉब्लम—जो अपूर्ण (अंडिसाइडेबल) है। यह λ-कैलकुलस, रिकर्सिव फंक्शन्स और पोस्ट सिस्टम्स के समतुल्य है।ऐतिहासिक पृष्ठभूमि1930 के दशक में एलन ट्यूरिंग ने "ऑन कम्प्यूटेबल नंबर्स" पत्र में इसे प्रस्तुत कियाजो हिल्बर्ट के एंटशेयडुंग्सप्रॉब्लेम का उत्तर था। यह Entscheidungsproblem (डिसाइडेबिलिटी प्रॉब्लम) को असंभव सिद्ध करता है।द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, यह डिजिटल कंप्यूटर्स के डिजाइन को प्रभावित किया।सीमाएँ और विस्तारट्यूरिंग मशीन अनंत समय/मेमोरी मानती है, जबकि वास्तविक कंप्यूटर सीमित हैं।यह रैम्बर्ट-मेयर्स-स्कॉट मशीनों से श्रेष्ठ है क्योंकि सीमित स्टेट मशीनें अनंत मेमोरी के बिना सभी फंक्शन्स नहीं निष्पादित कर सकतीं।ओरेकल ट्यूरिंग मशीन हाइपरकम्प्यूटेशन के लिए विस्तार है, लेकिन चर्च-ट्यूरिंग थीसिस के विरुद्ध।आधुनिक प्रासंगिकताआज ट्यूरिंग मशीन कम्प्यूटर साइंस की आधारशिला हैप्रोग्रामिंग लैंग्वेजेस, ऑपरेटिंग सिस्टम्स, AI एल्गोरिदम्स सब इसके सिमुलेशन हैं।क्वांटम कम्प्यूटिंग में क्वांटम ट्यूरिंग मशीन इसका विस्तार है।यह P vs NP जैसी असमाधित समस्याओं के अध्ययन में प्रयुक्त होती है। ट्यूरिंग अवार्ड इससे प्रेरित है।30. हर्मन होलेरिथ ने अपने टेबुलेटिंग सिस्टम में पूर्णता प्राप्त की और यह मशीन विकसित की- [S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2014](a) एनालिटिकल इंजन(b) सेंसस टेबुलेटर(c) टेबुलेशन इंजन(d) उपर्युक्त में से कोई नहींCorrect Answer: (b) सेंसस टेबुलेटरSolution:हर्मन होलेरिथ ने 1890 की जनगणना के आंकड़ों को संशोधित करने (Process) व सारणीबद्ध (Tabulating) करने का अनुबद्ध प्राप्त किया था।यह अनुबद्ध उनको पूर्व में आयोजित प्रतियोगिता में उनके द्वारा बनाए गए टेबुलेटर मशीन के द्वारा डेटा को सबसे कम समय में कैप्चर करने के लिए मिला।चूंकि इस मशीन का कार्य जनगणना की डेटा को संशोधित व सारणीबद्ध करना था। इसलिए इस मशीन को होलेरिथ सेंसस टेबुलेटर मशीन भी कहा गया।टेबुलेटिंग सिस्टम का विकासहोलेरिथ ने 1880 के दशक में पंच कार्ड प्रणाली पर काम शुरू किया, जो Jacquard लूम से प्रेरित थी।उन्होंने कार्ड्स पर छेद बनाकर डेटा को एनकोड करने वाली मशीनें बनाईजिन्हें विद्युत सर्किट के माध्यम से पढ़ा जा सकता था। 1884 में उन्होंने पेटेंट दाखिल किया, जो 1889 में स्वीकृत हुआ।सेंसस टेबुलेटर की विशेषताएंयह मशीन पंच कार्ड इनपुट, टेबुलेटर (गणना करने वाली) और सॉर्टर से युक्त थी।कार्ड्स पर व्यक्ति की उम्र, लिंग, नस्ल आदि छेदों से दर्शाए जाते थे।मशीन विद्युत रूप से इन्हें पढ़कर आंकड़े तुरंत गिन लेती थी।बाद के संस्करणों में स्वचालित फीडिंग और जोड़ने की क्षमता जोड़ी गई।1890 जनगणना में सफलता1888 के टेस्ट में होलेरिथ की मशीन ने प्रतिद्वंद्वियों को हराया: 10,000 लोगों का डेटा 5.5 घंटों में संसाधित किया, जबकि अन्य को 44-55 घंटे लगे।1890 जनगणना में कुल आबादी (62,622,250) का आंकड़ा वर्षांत तक तैयार हो गयाजो पहले की तुलना में 2 वर्ष कम समय में पूर्ण हुआ। लागत भी 5 मिलियन डॉलर कम आई।प्रभाव और विरासतइस सफलता से होलेरिथ ने 1896 में टेबुलेटिंग मशीन कंपनी स्थापित की, जो बाद में IBM बनी।यूरोप में भी इसका व्यापक उपयोग हुआ। यह पंच कार्ड प्रणाली आधुनिक डेटा प्रोसेसिंग की पूर्ववर्ती थी।अन्य उपयोग1887 में पहली बार न्यूजीलैंड की मृत्यु दर गणना में प्रयुक्त।अमेरिका के अलावा रेलवे, बीमा और सांख्यिकी में लोकप्रिय।Submit Quiz« Previous12345Next »