कंप्यूटर : एक परिचय (Part – I)

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41. कंप्यूटिंग पॉवर की दी गई मात्रा की लागत कंप्यूटर प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ नाटकीय ढंग से- [S.B.I. (C.G.) 03.06.12 (Ε.Τ.)]

Correct Answer: (e) घट गई है
Solution:
  • कंप्यूटिंग पॉवर की दी गई मात्रा की लागत कंप्यूटर प्रौद्योगिकी (Technology) में प्रगति के साथ नाटकीय ढंग से घटती गई है।
  • मूर का नियम और उसका प्रभाव
    • मूर का नियम 1965 में इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर ने प्रस्तुत किया था।
    • इसके अनुसार, एकीकृत परिपथों (IC) पर ट्रांजिस्टरों की संख्या हर दो वर्ष में दोगुनी हो जाती है
    • जबकि लागत स्थिर रहती है। नतीजतन, एक ही कंप्यूटिंग पावर (जैसे FLOPS - फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशंस पर सेकंड) की कीमत आधी हो जाती है।
    • उदाहरणस्वरूप, 1970 के दशक में 1 मेगाफ्लॉप्स (मिलियन FLOPS) की पावर के लिए लाखों डॉलर लगते थे
    • जबकि आज स्मार्टफोन में बिलियन्स FLOPS मिल जाते हैं जो कुछ सौ डॉलर में उपलब्ध हैं।​​
    • यह प्रगति मिनिएचराइजेशन (लघुकरण) से संभव हुई। ट्रांजिस्टर का आकार नैनोमीटर स्तर तक सिकुड़ गया (जैसे 2nm चिप्स आजकल), जिससे चिप पर अधिक ट्रांजिस्टर समा जाते हैं।
    • डेनार्ड स्केलिंग ने भी मदद की, जहां छोटे ट्रांजिस्टर कम वोल्टेज पर तेजी से काम करते हैं।
    • परिणामस्वरूप, 1980 में एक माइक्रोप्रोसेसर $1000 में 1 MIPS (मिलियन इंस्ट्रक्शंस पर सेकंड) देता था, आज $100 में अरबों MIPS मिलते हैं।
  • तकनीकी कारण
    • मूर का नियम से आगे: अब क्वांटम टनलिंग सीमा पर पहुंच चुके हैं
    • इसलिए 3D स्टैकिंग, चिपलेट डिजाइन (AMD/Intel) और नई सामग्रियां (GaN, SiC) इस्तेमाल हो रही हैं।
    • क्लाउड कंप्यूटिंग: AWS, Azure जैसे प्लेटफॉर्म ने कैपिटल एक्सपेंस को ऑपरेशनल में बदला।
    • पहले अपना डेटासेंटर बनाना पड़ता था, अब पे-एज-यू-गो मॉडल में 1 TFLOPS कुछ पैसे में मिलता है।​
    • विशेषीकृत हार्डवेयर: GPU (NVIDIA), TPU (Google), ASIC (Bitcoin माइनिंग) ने सामान्य CPU से 100x बेहतर परफॉर्मेंस/वाट दिया।
    • मैन्युफैक्चरिंग स्केल: TSMC जैसे फाउंड्री 5nm/3nm पर अरबों चिप्स बनाते हैं, जिससे प्रति यूनिट लागत घटती है।
  • आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
    • लागत कम होने से AI, बिग डेटा, VR जैसे क्षेत्र फले-फूले। 2007 में iPhone लॉन्च होते ही सुपरकंप्यूटर-स्तरीय पावर जेब में आ गई।
    • आज ChatGPT जैसे मॉडल ट्रेन करने के लिए पहले $100 मिलियन लगते, अब $10 मिलियन में हो जाता है। पर्यावरणीय लाभ भी: कम पावर वाली चिप्स ऊर्जा बचाती हैं।​
    • भारत में, Jio/Airtel क्लाउड और स्टार्टअप्स ने इसे सुलभ बनाया। Panipat जैसे शहरों में भी अब AI टूल्स सस्ते सर्वर पर चलते हैं।
  • भविष्य की चुनौतियां
    • मूर का नियम धीमा पड़ रहा है (अब 3 वर्ष प्रति दोगुना)। क्वांटम कंप्यूटिंग (IBM, Google) नई क्रांति लाएगी
    • जहां 1 क्यूबिट से ट्रिलियन्स क्लासिकल बिट्स की पावर मिलेगी।
    • न्यूरोमॉर्फिक चिप्स (Intel Loihi) दिमाग जैसी कुशलता देंगे। हालांकि, ऊर्जा खपत और हीट मैनेजमेंट चुनौतियां बाकी हैं।

42. निर्वात ट्यूब (Vacuum Tube) का उपयोग कब हुआ था? [UKPSC Data Entry Operator 2023]

Correct Answer: (a) प्रथम पीढ़ी
Solution:
  • निर्वात ट्यूब (Vacuum Tube) का उपयोग प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में हुआ था।
  • आविष्कार और प्रारंभिक विकास
    • यह एक सील्ड ग्लास ट्यूब था जिसमें हवा को लगभग पूरी तरह हटाकर निर्वात बनाया जाता था
    • इसमें कैथोड (तप्त फिलामेंट) से निकलने वाले इलेक्ट्रॉन एनोड तक एक दिशा में बहते थे।
    • 1906 तक इसका व्यावहारिक उपयोग शुरू हो गया।
    • बाद में, 1907 में ली डे फॉरेस्ट ने इसमें ग्रिड जोड़कर ट्रायोड विकसित किया, जो एम्पलीफायर के रूप में काम करता था।
    • इसका उपयोग रेडियो संचार में वायरलेस टेलीग्राफी के लिए शुरू हुआ
    • जहां यह सिग्नल को बढ़ाने और डिटेक्ट करने में सहायक था।
    • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रडार और अन्य सैन्य उपकरणों में इसका व्यापक प्रयोग हुआ।​
  • कंप्यूटरों में उपयोग
    • पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों (लगभग 1940-1956) में निर्वात ट्यूब स्विचिंग और एम्पलीफिकेशन के लिए मुख्य घटक था।
    • उदाहरणस्वरूप, ENIAC (1945) में लगभग 18,000 ट्यूबें लगी थीं, जो हजारों गणनाओं प्रति सेकंड कर सकती थीं।
    • हालांकि, ये ट्यूबें बड़ी, गर्म होतीं (हजारों डिग्री तक), बिजली की भारी खपत करतीं और अक्सर जल जातीं (MTBF मात्र कुछ घंटे)।
    • इस पीढ़ी के अन्य कंप्यूटर जैसे UNIVAC और EDSAC भी इन्हीं पर आधारित थे।
    • 1950 के दशक तक ट्रांजिस्टर के आविष्कार (1947, बेल लैब्स) ने इन्हें धीरे-धीरे प्रतिस्थापित करना शुरू कर दिया।​
  • प्रकार और कार्यप्रणाली
    • निर्वात ट्यूब के प्रमुख प्रकार थे:
    • डायोड: दो इलेक्ट्रोड (कैथोड-एनोड), एक दिशा में करंट प्रवाह।​
    • ट्रायोड: तीन इलेक्ट्रोड (ग्रिड जोड़ा), एम्पलीफिकेशन के लिए।
    • टेट्रोड और पेंटोड: अधिक ग्रिड्स के साथ, बेहतर प्रदर्शन रेडियो में।
  • प्रमुख अनुप्रयोग
    • रेडियो और टीवी: 1920-1960 तक एम्पलीफायर और डिटेक्टर के रूप में।
    • रडार और माइक्रोवेव: मैग्नेट्रॉन ट्यूब (1940) ने रडार संभव बनाया।​
    • प्रारंभिक कंप्यूटर: लॉजिक गेट्स और मेमोरी के लिए।
    • ऑडियो एम्पलीफायर: आज भी हाई-एंड ऑडियो में "वॉर्म साउंड" के लिए।​
  • पतन और वर्तमान स्थिति
    • ट्रांजिस्टर के सस्ते, छोटे और विश्वसनीय होने से 1960 के बाद कंप्यूटिंग में इन्हें छोड़ दिया गया।
    • लेकिन विशेष अनुप्रयोगों जैसे हाई-पावर RF एम्पलीफायर, चिकित्सा उपकरण (X-रे मशीनें) और कुछ गिटार एम्प्स में आज भी उपयोग होता है।

43. प्रथम पीढ़ी (First Generation) के कंप्यूटर का निर्माण किसने किया?

Correct Answer: (c) दोनों (a) व (b)
Solution:
  • प्रथम पीढ़ी (First Generation) के कंप्यूटर का निर्माण जे. प्रेस्पर एकर्ट एवं जॉन म्युचली ने किया था।
  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर किसे कहते हैं?
    • सामान्यतः 1946 से लगभग 1956/59 के बीच बने इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों को प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर कहा जाता है।
    • इन कंप्यूटरों में मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) का उपयोग होता था, इसलिए इन्हें वैक्यूम ट्यूब आधारित कंप्यूटर भी कहा जाता है।
  • निर्माण किसने किया? (मुख्य आविष्कारक)
    • प्रथम पीढ़ी की शुरुआत ENIAC नामक कंप्यूटर के विकास से मानी जाती है, जो एक पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर था।
    • ENIAC का निर्माण अमेरिका के पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में जॉन डब्ल्यू. मौच्ली और जे. प्रेस्पर एकर्ट की टीम ने किया था।
    • इसी ENIAC और इसके बाद बने EDVAC, EDSAC, UNIVAC जैसे कंप्यूटरों के कारण “पहली पीढ़ी” की परिकल्पना स्थापित हुई।
    • इसलिए यदि सीधे नाम पूछा जाए कि “प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का निर्माण किसने किया?”, तो सामान्यतः उत्तर दिया जाता है:
  • जॉन मौच्ली और जे. प्रेस्पर एकर्ट (ENIAC के आविष्कारक)
  • वैक्यूम ट्यूब का योगदान किसका था?
    • पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की नींव वैक्यूम ट्यूब तकनीक पर टिकी थी।
    • वैक्यूम ट्यूब का आविष्कार 20वीं सदी की शुरुआत में हुआ; विभिन्न स्रोतों में जॉन एम्ब्रोस फ्लेमिंग और ली डी फॉरेस्ट जैसे वैज्ञानिकों के योगदान का उल्लेख मिलता है
    • जिन्होंने प्रारंभिक वैक्यूम ट्यूब/इलेक्ट्रॉन ट्यूब विकसित कीं जिन पर बाद के कंप्यूटर आधारित हुए।
    • इस तरह, तकनीकी आधार (वैक्यूम ट्यूब) कई वैज्ञानिकों ने दिया
    • लेकिन कंप्यूटर के रूप में प्रथम पीढ़ी की शुरुआत ENIAC के निर्माताओं मौच्ली और एकर्ट से जोड़ी जाती है।
  • पहली पीढ़ी के प्रमुख कंप्यूटर उदाहरण
    • ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) – पहला बड़ा इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर, 1946 में चालू हुआ।
    • EDVAC (Electronic Discrete Variable Automatic Computer) – स्टोर्ड प्रोग्राम की अवधारणा वाला शुरुआती कंप्यूटर।​
    • EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Calculator) – ब्रिटेन में विकसित प्रारंभिक स्टोर्ड-प्रोग्राम कंप्यूटर।​
    • UNIVAC‑I (Universal Automatic Computer) – पहला व्यावसायिक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर माना जाता है।
    • इन सभी में वैक्यूम ट्यूबों की हजारों–लाखों संख्या प्रयोग होती थी
    • ये बहुत बड़े, महंगे, अधिक बिजली खर्च करने वाले और गर्मी उत्पन्न करने वाले सिस्टम थे।
  • संक्षेप में मुख्य बिंदु
    • अवधि: लगभग 1946–1956/59 (स्रोतों के अनुसार वर्ष थोड़े बदल सकते हैं)।
    • मुख्य तकनीक: वैक्यूम ट्यूब, पंचकार्ड, पेपर टेप, मैग्नेटिक टेप आदि इनपुट/आउटपुट व स्टोरेज के लिए।
    • मुख्य निर्माता (प्रारंभिक कंप्यूटर): जॉन मौच्ली और जे. प्रेस्पर एकर्ट (ENIAC, बाद में EDVAC, UNIVAC आदि प्रोजेक्ट्स से जुड़े)।

44. एनीऐक (ENIAC) की खोज हुई थी-

Correct Answer: (a) प्रथम पीदी में
Solution:
  • एनिऐक (ENIAC) की खोज प्रथम पीढ़ी (First Generation) में हुई थी।
  • यह पहला व्यावहारिक प्रयोग वाला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था।
  • विकास का इतिहास
    • ENIAC परियोजना की शुरुआत 1943 में हुई, जब अमेरिकी सेना के बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (BRL) ने तोपखाने की फायरिंग टेबल्स की तेज गणना के लिए इसे कमीशन किया।
    • 5 जून 1943 को ठेका साइन हुआ और "प्रोजेक्ट PX" के तहत गुप्त रूप से काम शुरू हुआ, जो 1945 के अंत तक पूरा हुआ।
    • इसे पहली बार 10 दिसंबर 1945 को थर्मोन्यूक्लियर हथियार (हाइड्रोजन बम) की संभाव्यता अध्ययन के लिए इस्तेमाल किया गया
    • हालांकि मूल उद्देश्य आर्टिलरी कैलकुलेशन था। 14 फरवरी 1946 को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया, जो इसे "जाइंट ब्रेन" के नाम से प्रसिद्ध बनाया।
    • यह फोटो 1946 की है, जिसमें ENIAC के पैनल्स पर काम करते तकनीशियन दिख रहे हैं, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • ENIAC में लगभग 17,468 वैक्यूम ट्यूब्स, 7,200 क्रिस्टल डायोड्स, 1,500 रिले, 70,000 प्रतिरोधक और 10,000 कंडेंसर थे
    • जो इसे 30 टन वजनी और 1800 वर्ग फुट जगह घेरने वाला बनाते थे।
    • यह 5,000 जोड़ प्रति सेकंड, 385 गुणा प्रति सेकंड और डिवीजन जैसी गणनाएं सेकंडों में कर सकता था
    • जो उस समय क्रांतिकारी था। प्रोग्रामिंग स्विचेस और केबल्स को मैन्युअली बदलकर की जाती थी, जिसमें घंटों लगते थे।
  • उपयोग और महत्व
    • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ENIAC का इस्तेमाल मौसम पूर्वानुमान, कोस्मिक रे, रैंडम नंबर्स, भौतिकी समस्याओं और इंजीनियरिंग में हुआ।
    • जुलाई 1946 में सेना ने इसे स्वीकार किया, फिर 1947 में एबरडीन प्रोविंग ग्राउंड स्थानांतरित कर 1955 तक चालू रखा।
    • इसने आधुनिक कंप्यूटिंग की नींव रखी, जैसे स्टोर्ड-प्रोग्राम कॉन्सेप्ट (जॉन वॉन न्यूमैन के योगदान से)।
  • सीमाएं
    • इसकी उच्च बिजली खपत (1.5 लाख वॉट तक), अत्यधिक गर्मी और मैन्युअल रीप्रोग्रामिंग प्रमुख कमियां थीं। वैक्यूम ट्यूब्स के फेल होने से रखरखाव मुश्किल था।
    • ENIAC के पैनल्स और फंक्शन टेबल्स की यह तस्वीर पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शित है, जो इसके जटिल सर्किट्री को दिखाती है।
  • विरासत
    • ENIAC ने पहली पीढ़ी के कंप्यूटर्स को जन्म दिया और आज के माइक्रोप्रोसेसर्स तक का सफर शुरू किया।
    • 1995 में "ENIAC ऑन ए चिप" बनाकर 50वीं वर्षगांठ मनाई गई। यह सूचना युग की शुरुआत का प्रतीक है।

45. कंप्यूटर की किस पीढ़ी में प्रोग्रामिंग के लिए यांत्रिक (मैकेनिकल) भाषा का प्रयोग किया गया था? [रेलवे एनटीपीसी ऑनलाइन परीक्षा, 12 अप्रैल, 2016 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पहली
Solution:
  • कंप्यूटर के विकास क्रम की अब तक कुल पांच पीढ़ियां हुई हैं। पहली पीढ़ी में प्रोग्रामिंग के लिए यांत्रिक भाषा (Mechanical Language) का प्रयोग किया गया था।
  • इनपुट के लिए इनमें पंचकार्ड एवं पेपरटेप का उपयोग किया जाता था और आउटपुट प्रिंटर के द्वारा प्रिंट किया जाता था।
  • पहली पीढ़ी का अवलोकन
    • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर 1940 से 1956 तक के थे, जिनमें वैक्यूम ट्यूब्स का उपयोग मुख्य घटक के रूप में किया गया था।
    • इनमें मेमोरी के लिए चुंबकीय ड्रम (मैग्नेटिक ड्रम) का इस्तेमाल होता था
    • प्रोग्रामिंग पूरी तरह मशीन भाषा में होती थी, जो सीधे CPU को फ्रंट पैनल स्विचेस के माध्यम से निर्देश देती थी।
    • ये कंप्यूटर बहुत बड़े आकार के, बिजली की अधिक खपत करने वाले और गर्मी उत्पन्न करने वाले थे, तथा इनकी गति मिलीसेकंड में मापी जाती थी।
  • यांत्रिक भाषा की विशेषताएँ
    • यांत्रिक भाषा वास्तव में बाइनरी कोड पर आधारित मशीन लैंग्वेज थी, जिसमें प्रोग्रामर को 0 और 1 के क्रम से निर्देश लिखने पड़ते थे
    • क्योंकि कंप्यूटर केवल इसी भाषा को समझ सकता था। उदाहरण के लिए
    • किसी अक्षर "A" का ASCII कोड 01000001 होता था, जो सीधे हार्डवेयर को दिया जाता था।
    • इसमें कोई उच्च-स्तरीय भाषा या असेंबली नहीं थी, इसलिए प्रोग्रामिंग अत्यंत जटिल और त्रुटि-प्रवण थी; हर छोटा बदलाव स्विचेस को फ्लिप करके करना पड़ता था।
  • पहली पीढ़ी के प्रमुख उदाहरण
    • ENIAC (1946): पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर, जिसमें 18,000 वैक्यूम ट्यूब्स थे और प्रोग्रामिंग स्विचेस व वायरिंग से होती थी।​
    • UNIVAC I (1951): पहला व्यावसायिक कंप्यूटर, जो सेंसर डेटा प्रोसेसिंग के लिए इस्तेमाल हुआ।​
    • ये मशीनें मुख्यतः वैज्ञानिक गणनाओं और सैन्य उपयोग के लिए बनीं, लेकिन उनकी विश्वसनीयता कम थी क्योंकि वैक्यूम ट्यूब्स जल्दी खराब हो जाते थे।​
  • प्रभाव और सीमाएँ
    • इस पीढ़ी ने कंप्यूटर क्रांति की नींव रखी, लेकिन यांत्रिक भाषा के कारण केवल विशेषज्ञ ही प्रोग्रामिंग कर पाते थे।
    • इनकी लागत लाखों डॉलर थी और रखरखाव मुश्किल। बाद की पीढ़ियों ने आकार कम किया
    • गति बढ़ाई और प्रोग्रामिंग को उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया। आज की पांचवीं पीढ़ी AI और क्वांटम कंप्यूटिंग पर आधारित है।

46. यूनिवैक (UNIVAC) का विस्तारित रूप क्या है ? [IBPS BANK CLERK EXAM-2014 (Online)]

Correct Answer: (a) यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कंप्यूटर
Solution:
  • यूनिबैंक (UNIVAC) का विस्तारित रूप यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कंप्यूटर है।
  • इतिहास
    • यह Eckert–Mauchly Computer Corporation द्वारा बनाया गया, जो बाद में Remington Rand का हिस्सा बना।
    • 1952 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में इसकी भविष्यवाणी ने इसे प्रसिद्धि दिलाई।​
    • कुल मिलाकर, लगभग 46 UNIVAC सिस्टम बने, जिनका उपयोग सरकारी और व्यावसायिक कार्यों में हुआ।​
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • UNIVAC में 5,000 वैक्यूम ट्यूब, 18,000 क्रिस्टल डायोड और 300 रिले का उपयोग हुआ, जो इसे उस समय के अनुसार शक्तिशाली बनाता था।​
    • इसका आकार विशाल था—लगभग 25 फीट x 50 फीट, वजन 9 टन, और यह 35 वर्ग मीटर जगह घेरता था। बिजली खपत करीब 125 किलोवाट थी।​
    • इनपुट के लिए टेप ड्राइव, संग्रहण के लिए मैग्नेटिक टेप का इस्तेमाल होता था। यह संख्यात्मक के साथ-साथ पाठ्य जानकारी (जैसे "thank you") भी प्रोसेस कर सकता था।
    • यह UNIVAC I का फोटो है, जो नेवी इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई ऑफिस में स्थापित सिस्टम दर्शाता है—विशाल कैबिनेट और कंसोल के साथ।​
  • उपयोग और महत्व
    • UNIVAC का मुख्य उपयोग बिक्री रिकॉर्ड, पेरोल गणना और लेन-देन (प्रति माह 90,000 तक) में था।
    • इसकी कीमत उस समय लगभग 1.1 करोड़ रुपये थी, इसलिए केवल बड़ी कंपनियाँ ही खरीद पाती थीं।
    • यह ट्रांजिस्टर-आधारित कंप्यूटरों से पहले वैक्यूम ट्यूब पर आधारित था
    • आधुनिक कंप्यूटिंग की नींव रखा। बाद के मॉडल जैसे UNIVAC II और 1100 सीरीज ने इसे विस्तार दिया।
    • कंप्यूटर विज्ञान के विकास में UNIVAC ने डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज को बढ़ावा दिया।​
  • अन्य रूप
    • कुछ स्रोतों में हिंदी में इसे यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कंप्यूटर या यूनिवर्सल आटोमेटिक कम्प्यूटर कहा जाता है
    • लेकिन मूल अंग्रेजी रूप Universal Automatic Computer ही मानक है।
    • एक असामान्य रूप "Universal Non Integrated Vacuum Actuated Computer" भी उल्लिखित है, पर यह कम प्रचलित है।

47. वाणिज्यिक प्रयोग के लिए उपलब्ध कराया गया पहला कंप्यूटर था- [S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011]

Correct Answer: (c) यूनिवाँक
Solution:
  • यूनिवॉक 1 (UNIVAC I) जिसे यूनिवॉक (यूनिवैक) के साधारण नाम से जाना जाता है
  • विश्व का प्रथम कंप्यूटर है जिसका उत्पादन अमेरिका में वाणिज्य प्रयोग के लिए किया गया था।
  • प्रथम यूनिवॉक वर्ष 1951 में अमेरिका के जनगणना ब्यूरो (Census Bureau) को प्रदत्त किया गया था।
  • विकास और डिजाइन
    • UNIVAC I का डिजाइन जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली ने किया था, जो पहले ENIAC के निर्माता थे।
    • इसे पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में विकसित किया गया और अमेरिका में पहली बार व्यावसायिक रूप से उत्पादित कंप्यूटर के रूप में जाना जाता है।
    • पहला UNIVAC 1951 में अमेरिकी जनगणना ब्यूरो (U.S. Census Bureau) को सौंपा गया, जो सरकारी डेटा प्रोसेसिंग के लिए इस्तेमाल हुआ।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • यह वैक्यूम ट्यूब्स पर आधारित था और लगभग 5,000 गणनाएं प्रति सेकंड कर सकता था।
    • इसकी मेमोरी मैग्नेटिक मरकरी डिले लाइन्स और मैग्नेटिक टेप्स पर निर्भर थी
    • जिसमें 1,000 शब्दों (लगभग 12,000 बाइट्स) की क्षमता थी।
    • मशीन का वजन करीब 16 टन था और यह 35 फीट लंबी तथा 30 फीट चौड़ी जगह घेरती थी।
    • इनपुट-आउटपुट के लिए पंच कार्ड्स और मैग्नेटिक टेप्स का उपयोग होता था।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • ENIAC (1945) दुनिया का पहला सामान्य-उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था
    • लेकिन यह सैन्य उपयोग तक सीमित रहा और व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं था। UNIVAC I
    • ने पहली बार कंप्यूटर को व्यवसायों, जनगणना और मौसम पूर्वानुमान जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए सुलभ बनाया।
    • 1952 में राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की भविष्यवाणी करने के लिए इसका उपयोग हुआ, जो सार्वजनिक प्रसारण में पहली बार कंप्यूटर की क्षमता दिखाया।
  • अन्य कंप्यूटरों से तुलना
    • UNIVAC I ने Remington Rand कंपनी को कंप्यूटिंग बाजार में अग्रणी बनाया, हालांकि इसकी कीमत $1 मिलियन से अधिक थी।
    • कुल 46 यूनिट्स बने, जो 1950-60 के दशक में सरकारी और बड़े व्यवसायों में इस्तेमाल हुए।
  • भारत में प्रभाव
    • भारत में पहला कंप्यूटर 1955 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता में स्थापित HEC-2M था
    • लेकिन UNIVAC ने वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक कंप्यूटिंग की नींव रखी।
    • यह मशीन आधुनिक डिजिटल युग की शुरुआत थी, जिसने डेटा प्रोसेसिंग को क्रांतिकारी बनाया।​

48. पहला डिजिटल कंप्यूटर UNIVAC-I किस पीढ़ी में निर्मित हुआ था?

Correct Answer: (a) प्रथम पीढ़ी
Solution:
  • पहला डिजिटल कंप्यूटर UNIVAC-I को प्रथम पीढ़ी में विकसित किया गया था।
  • पहली पीढ़ी की विशेषताएँ
    • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर मुख्य रूप से वैक्यूम ट्यूब्स का उपयोग करते थे
    • जो बड़े आकार वाले, अधिक बिजली खपत करने वाले और गर्मी उत्पन्न करने वाले होते थे।
    • इनमें मशीन भाषा (मशीनी कोड) का उपयोग होता था
    • इनपुट-आउटपुट के लिए पंच कार्ड्स या चुंबकीय टेप्स का सहारा लिया जाता था।
    • प्रोग्रामिंग बहुत जटिल थी क्योंकि कोई उच्च-स्तरीय भाषाएँ उपलब्ध नहीं थीं।
  • UNIVAC-I का इतिहास
    • UNIVAC-I (Universal Automatic Computer-I) का विकास जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मॉचली ने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में किया
    • जो पहले ENIAC कंप्यूटर के डिजाइनर थे। इसे 1951 में अमेरिकी जनगणना ब्यूरो (U.S. Census Bureau) के लिए स्थापित किया गया।
    • यह 25-50 फीट लंबा, 5600 वैक्यूम ट्यूब्स, 18,000 क्रिस्टल डायोड्स और 300 रिले से बना था।
    • UNIVAC-I मैग्नेटिक टेप से लैस पहला कंप्यूटर था और बफर मेमोरी का उपयोग करने वाला प्रारंभिक मॉडल।
  • तकनीकी विनिर्देश
    • मेमोरी: 1000 शब्दों की चुंबकीय मेमोरी (लगभग 12 KB)।
    • गति: प्रति सेकंड हजारों गणनाएँ, लेकिन ENIAC से अधिक कुशल।
    • उपयोग: सरकारी डेटा प्रोसेसिंग, मौसम पूर्वानुमान, जनगणना और वैज्ञानिक गणनाएँ।
    • 1952 के राष्ट्रपति चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करने के लिए प्रसिद्ध। यह लगभग 150 किलोवाट बिजली खपत करता था।
  • सीमाएँ और योगदान
    • इन कंप्यूटरों की मुख्य समस्या वैक्यूम ट्यूब्स का बार-बार फेल होना था, जिससे विश्वसनीयता कम थी।
    • फिर भी, UNIVAC-I ने व्यावसायिक कंप्यूटिंग की नींव रखी और दूसरी पीढ़ी (ट्रांजिस्टर आधारित) के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
    • कुल 46 UNIVAC-I सिस्टम बनाए गए, जिन्होंने डेटा प्रोसेसिंग क्रांति लाई।

49. UNIVAC तथा ENIAC कंप्यूटर उदाहरण है- [R.R.B.-J.E. Exam 4th Sep., 2015 (II-Shift)]

Correct Answer: (a) प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर उपकरण का
Solution:
  • UNIVAC और ENIAC कंप्यूटर प्रणाली के कंप्यूटिंग उपकरणों (Computing Devices) के उदाहरण हैं।
  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में स्मृति (Memory) के लिए चुंबकीय ड्रम (Magnetic Drum) के लिए वैक्यूम ट्यूबों (Vacuum Tube) का इस्तेमाल किया जाता था।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर मशीनी भाषा (Machine Language) पर निर्भर थे। सबसे कम स्तर की प्रोग्रामिंग भाषा कंप्यूटरों द्वारा समझी जाने वाली थी
  • जिसके कारण एक समय में केवल एक ही समस्या हल कर सकते थे।
  • ENIAC का परिचय
    • ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) दुनिया का पहला सामान्य-उद्देश्यीय इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर था।
    • इसे 1945 में जॉन मॉचली और जे. प्रेस्पर एकर्ट ने अमेरिकी सेना के लिए विकसित किया, मुख्यतः द्वितीय विश्व युद्ध में तोपखाने की फायरिंग टेबल गणना के लिए।
    • इसका आकार 1,800 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला था, वजन 27 टन, जिसमें 17,468 वैक्यूम ट्यूब, 70,000 रेसिस्टर, 10,000 कैपेसिटर, 1,500 रिले और 6,000 स्विच लगे थे।​
    • यह प्रति सेकंड 5,000 जोड़ और 357 गुणन कर सकता था, लेकिन प्रोग्रामिंग के लिए वायरिंग और स्विच बदलने पड़ते थे, जो घंटों लगते थे।​
    • ENIAC के वैक्यूम ट्यूब इसकी आंतरिक संरचना के प्रमुख हिस्से थे, जो लगातार खराब होते रहते थे।
  • UNIVAC का परिचय
    • UNIVAC (Universal Automatic Computer) पहला व्यावसायिक कंप्यूटर था
    • जिसे 1951 में एक ही टीम (मॉचली और एकर्ट) ने Eckert-Mauchly Computer Corporation के तहत बनाया।
    • यह Remington Rand द्वारा Census Bureau को सौंपा गया और 1952 के राष्ट्रपति चुनाव परिणाम की सटीक भविष्यवाणी से प्रसिद्ध हुआ।
    • UNIVAC में मैग्नेटिक टेप स्टोरेज था, जो पंच कार्ड से बेहतर था और 1 मिलियन कैरेक्टर तक डेटा संभाल सकता था।​
  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर
    • ENIAC और UNIVAC वैक्यूम ट्यूब वाली प्रथम पीढ़ी (1940-1956) के प्रतिनिधि हैं। इनमें EDVAC, IBM-701 जैसे अन्य उदाहरण भी शामिल हैं।​
    • विशेषताएं: बड़े आकार, उच्च बिजली खपत (ENIAC: 150 kW), मशीन भाषा में प्रोग्रामिंग, गर्मी और रखरखाव की समस्या।
    • इनका उपयोग सैन्य, वैज्ञानिक गणना और जनगणना में हुआ, जो बाद की पीढ़ियों के लिए आधार बने।​
  • महत्वपूर्ण योगदान
    • ENIAC ने इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल गणना की शुरुआत की, जबकि UNIVAC ने व्यावसायिक उपयोग को संभव बनाया।
    • UNIVAC ने FLOW-MATIC सॉफ्टवेयर विकसित किया, जो COBOL का आधार बना।​
    • 1970 तक 46 UNIVAC इकाइयां लगीं, लेकिन IBM से प्रतिस्पर्धा में पीछे रह गया।​
  • सीमाएं और विरासत
    • इनकी मुख्य समस्या वैक्यूम ट्यूबों का बार-बार फेल होना और भारी बिजली खपत थी।​
    • फिर भी, ये ट्रांजिस्टर-आधारित दूसरी पीढ़ी (जैसे IBM 7094) के लिए प्रेरणा बने।​
    • आज UNISYS के रूप में इनकी विरासत जारी है।​

50. Automatic Calculator किस पीढ़ी (Generation) का उदाहरण है?

Correct Answer: (a) प्रथम पीढ़ी
Solution:
  • ऑटोमैटिक कैलकुलेटर (Automatic Calculator) प्रथम पीढ़ी (First Generation) का उदाहरण है।
  • प्रथम पीढ़ी का परिचय
    • कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी (1946-1956) वैक्यूम ट्यूब्स पर निर्भर थी, जो बड़े आकार वाली, गर्मी उत्पन्न करने वाली और कम विश्वसनीय तकनीक थी।
    • इस पीढ़ी में ऑटोमैटिक कैलकुलेटर जैसे ENIAC प्रमुख उदाहरण हैं।
    • ये मशीनें जटिल गणनाओं के लिए बनाई गईं, लेकिन बिजली की भारी खपत और लगातार खराबी उनकी कमजोरी थी।
  • ऑटोमैटिक कैलकुलेटर का इतिहास
    • EDSAC को 1949 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में विकसित किया गया, जो पहला व्यावहारिक रूप से उपयोगी ऑटोमैटिक कैलकुलेटर था।
    • यह स्टोरेज के लिए डिले लाइन मेमोरी (mercury delay lines) का उपयोग करता था और प्रोग्राम को स्वचालित रूप से चलाने में सक्षम था।
    • इसी तरह, ASCC (Automatic Sequence Controlled Calculator), जिसे हार्वर्ड मार्क I
    • भी कहा जाता है, 1944 में इबेनेसर हार्वर्ड और टीम द्वारा बनाया गया—यह इलेक्ट्रो-मैकेनिकल था
    • 51 फीट लंबा था। UNIVAC (Universal Automatic Computer) 1951 में आया, जो व्यावसायिक उपयोग के लिए पहला था।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • वैक्यूम ट्यूब्स: मुख्य कम्पोनेंट, जो स्विच और एम्पलीफायर के रूप में काम करते थे, लेकिन 18,000 ट्यूब्स वाले ENIAC में 150 किलोवाट बिजली लगती थी।
    • मेमोरी: चुंबकीय ड्रम या डिले लाइन्स; कोई सेमीकंडक्टर नहीं।
    • प्रोग्रामिंग: मशीन लैंग्वेज या असेंबली; पंच कार्ड या वायर्ड पैनल से इनपुट।
    • आकार और लागत: कमरों जितने बड़े, लाखों डॉलर महंगे।
  • अन्य पीढ़ियों से तुलना
    • प्रथम पीढ़ी ने कंप्यूटर को जन्म दिया, लेकिन दूसरी पीढ़ी ने ट्रांजिस्टर से क्रांति लाई।
    • ऑटोमैटिक कैलकुलेटर ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैज्ञानिक गणनाओं (जैसे बैलिस्टिक टेबल) में मदद की।
  • महत्व और प्रभाव
    • ये मशीनें सैन्य, मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बनीं, जिन्होंने आधुनिक कंप्यूटिंग की नींव रखी।
    • ENIAC को प्रोग्रामेबल इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर माना जाता है
    • जबकि EDSAC ने पहली बार स्टोरेज प्रोग्राम कॉन्सेप्ट लागू किया।
    • आज के सुपरकंप्यूटर इनकी देन हैं, हालांकि वे अब संग्रहालयों में हैं।