1. संवर्धित वास्तविकता [ऑगमेंटेड रियलिटी (AR)] में एक छद्म वातावरण सृजित हो जाता है और भौतिक संसार पूरी तरह बहिष्कृत हो जाता है।
2. आभासी वास्तविकता [वर्चुअल रियलिटी (VR)] में कंप्यूटर द्वारा सृजित प्रतिमाएं वास्तविक जीवन की वस्तुओं या परिवेशों पर प्रक्षेपित हो जाती हैं।
3. AR व्यक्तियों को संसार में विद्यमान रहने देता है और स्मार्ट- फोन या PC के कैमरे का उपयोग कर अनुभव को उन्नत करता है।
4. VR संसार को पृथक कर देता है और व्यक्ति को एक अलग घरातल पर ले जाकर उसे पूर्ण निमग्नता का अनुभव प्रदान करता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct Answer: (b) 3 और 4
Solution:संवर्धित वास्तविकता (AR: ऑगमेंटेड रियलिटी) व्यक्ति के वास्तविक परिवेश के प्रत्यक्षीकरण को कंप्यूटरीकृत प्रक्षेपणों के माध्यम से उन्नत और परिवर्धित करती है, जिसमें व्यक्ति वास्तविक संसार में बना रहकर स्मार्टफोन या PC के कैमरे के माध्यम से संवर्धित अनुभव प्राप्त करता है। वास्तव में ऑगमेंटेड रियलिटी वास्तविक एवं आभासी (कंप्यूटर जनरेटेड) दुनिया का संयोजन (Combination) है। इसके विपरीत आभासी वास्तविकता (VR वर्चुअल रियलिटी) व्यक्ति के वास्तविक परिवेश को एक छद्म परिवेश से पूरी तरह प्रतिस्थापित कर देती है और व्यक्ति वास्तविक संसार से पृथक होकर एक आभासी दुनिया में पहुंच जाता है। इसमें व्यक्ति अपने को स्क्रीन पर उपस्थित दृश्य में पाता है तथा अपने वास्तविक संसार में उसकी उपस्थिति का एहसास खत्म हो जाता है। अतः केवल कथन 3 और 4 सत्य है।