Correct Answer: (c) डैश-वेज सूत्र (Dash-wedge formula)
Solution:- कागज की शीट या कंप्यूटर स्क्रीन जैसी द्वि-आयामी सतह का उपयोग करके अणुओं की त्रि-आयामी संरचनाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए डैश-वेज सूत्र (Dash-Wedge Formula) का उपयोग किया जाता है।
- डैश-वेज सूत्र क्या है?
- डैश-वेज सूत्र, जिसे वेज-एंड-डैश नोटेशन भी कहा जाता है, एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व है
- जो सामान्य बंधनों को साधारण रेखाओं से, पृष्ठ की ओर आते बंधनों को मोटी त्रिकोणीय वेज (∧) से और पृष्ठ के पीछे जाते बंधनों को टूटी हुई डैश रेखा (--) से दर्शाता है।
- यह तरीका 2D माध्यम पर 3D गहराई का भ्रम पैदा करता है
- जैसे कि केंद्रीय परमाणु के चारों ओर बंधों की व्यवस्था tetrahedral हो।
- उदाहरणस्वरूप, अमीनो अम्लों जैसे एलानिन (alanine) की संरचना में चिरल कार्बन पर हाइड्रोजन को डैश से, मिथाइल को वेज से और अन्य को रेखा से दिखाया जाता है।
- कार्यप्रणाली और प्रतीक
- सामान्य रेखा (-): बंध जो सतह के समतल (plane of paper) पर स्थित होते हैं।
- वेज (Solid Wedge, ∧ या →): बंध जो दर्शक की ओर (above the plane) आते हैं
- जो मोटी रेखा से भरा त्रिकोण दर्शाता है।
- डैश (Dashed Wedge, – – –): बंध जो दर्शक से दूर (below the plane) जाते हैं, टूटी रेखा से चिह्नित।
- यह नोटेशन न्यूमैन प्रोजेक्शन या फिशर प्रोजेक्शन से भिन्न है
- क्योंकि फिशर मुख्यतः चिरल कार्बनों के लिए क्षैतिज/लंबवत रेखाओं का उपयोग करता है
- जबकि डैश-वेज सामान्य tetrahedral ज्योमेट्री के लिए अधिक लचीला है।
- उपयोग और महत्व
- यह सूत्र कार्बनिक यौगिकों की स्टीरियोज़ॉमर (enantiomers, diastereomers) को अलग करने में सहायक है
- जैसे कि ब्रोमोक्लोरोमिथेन (BrCHClCH3) में R/S कॉन्फ़िगरेशन निर्धारित करने के लिए।
- आबंध-रेखीय सूत्र केवल कनेक्टिविटी दिखाते हैं
- लुईस संरचना इलेक्ट्रॉनों पर केंद्रित है, और संक्षिप्त संरचनात्मक सूत्र सरलीकृत रूप है
- लेकिन डैश-वेज ही 3D अभिविन्यास को सटीक रूप से 2D पर चित्रित करता है।
- यह रसायनशास्त्रियों को अणुओं की वास्तविक आकारिकी समझने में मदद करता है
- विशेषकर दवाओं और जैविक अणुओं के डिज़ाइन में।
- उदाहरण
- CHBrClF (क्लोरोफ्लोरोब्रोमोमिथेन) के लिए: केंद्रीय C को क्रॉस से दर्शाएं, Br को वेज, Cl को डैश, H और F को रेखा से।
- इससे स्पष्ट होता है कि यह चिरल है और 3D में असममित।
- इसी प्रकार, ग्लूकोज़ की हॉथोर्थ प्रोजेक्शन में α/β एनोमर को डैश-वेज से बेहतर समझा जा सकता है।