कंप्यूटर (भौतिक विज्ञान) (भाग-II)

Total Questions: 39

1. एक लोकल एरिया नेटवर्क के टोपोलॉजी को क्या कहा जाता है, जिसमें हब या स्विच की तरह सभी नोड्स केंद्रीय कनेक्शन बिंदु से अलग-अलग जुड़े होते हैं? [CHSL (T-I) 19 अप्रैल, 2021 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) स्टार टोपोलॉजी
Solution:
  • एक लोकल एरिया नेटवर्क के टोपोलॉजी को स्टार टोपोलॉजी कहा जाता है
  • जिसमें हब या स्विच की तरह सभी नोड्स केंद्रीय कनेक्शन बिंदु से अलग-अलग जुड़े होते हैं।
  • इसमें किसी नोड को होस्ट नोड या केंद्रीय हब (Host Node or Central Hub) का दर्जा दिया जाता है।
  • इसमें विभिन्न नोड या टर्मिनल आपस में सीधा संपर्क न करके होस्ट कंप्यूटर द्वारा संपर्क स्थापित करते हैं।
  • स्टार टोपोलॉजी की विशेषताएं
    • इस टोपोलॉजी में प्रत्येक कंप्यूटर या नोड सीधे केंद्रीय डिवाइस से जुड़ा होता है
    • जो डेटा को प्राप्त करके सभी या विशिष्ट नोड्स को भेजता है।
    • हब सभी सिग्नल को ब्रॉडकास्ट करता है
    • जबकि स्विच MAC एड्रेस के आधार पर इंटेलिजेंटली डेटा फॉरवर्ड करता है
    • जिससे कोलिजन कम होते हैं। यह LAN (Local Area Network) के लिए सबसे लोकप्रिय है
    • क्योंकि इसमें एक नोड फेल होने पर पूरा नेटवर्क प्रभावित नहीं होता।
  • फायदे और नुकसान
    • फायदे: आसान इंस्टॉलेशन और ट्रबलशूटिंग, उच्च परफॉर्मेंस, स्केलेबिलिटी (नए नोड्स आसानी से जोड़ें), और सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट।
    • नुकसान: केंद्रीय डिवाइस पर निर्भरता (सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर), अधिक केबलिंग की जरूरत, और हाई कॉस्ट बड़े नेटवर्क में।
  • कार्यप्रणाली और आधुनिक उपयोग
    • डेटा पैकेट केंद्रीय स्विच पर पहुंचता है
    • जो इसे डेस्टिनेशन MAC एड्रेस चेक कर फॉरवर्ड करता है, CSMA/CD जैसे प्रोटोकॉल के साथ Ethernet LAN में प्रयुक्त।
    • आजकल Gigabit Ethernet स्विचेस के साथ यह होम/ऑफिस नेटवर्क, डेटा सेंटर्स (Spine-Leaf वेरिएंट) में प्रमुख है।
    • हाइब्रिड मॉडल्स में स्टार को अन्य के साथ मिलाया जाता है अधिक मजबूती के लिए।

2. MS Excel 365 में निम्नलिखित में से किस शॉर्टकट-की का इस्तेमाल किसी चयनित रेंज (selected range) के सबसे ऊपरी सेल (cell) के कंटेंट (content) और फॉर्मेट (format) को नीचे के सेल में कॉपी करने के लिए किया जाता है। [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) Ctrl + D
Solution:
  • MS Excel 365 में किसी चयनित रेंज (Selected Range) के सबसे ऊपरी Cell के कंटेंट (content) और फॉर्मेट (format) को नीचे के सेल में कॉपी (Copy) करने के लिए Ctrl + D शॉर्टकट-की का प्रयोग किया जाता है।
  • Ctrl + D कैसे काम करता है
    • किसी रेंज (जैसे A1:A5) को चुनें जहाँ केवल A1 में डेटा हो
    • फिर Ctrl + D दबाने से A1 का कंटेंट, फॉर्मूला और फॉर्मेट (रंग, बोल्ड, बॉर्डर आदि) नीचे की सेलों में कॉपी हो जाता है।
    • यह "फिल डाउन" फीचर फॉर्मूलों के रिलेटिव रेफरेंस को ऑटो एडजस्ट करता है
    • क्लिपबोर्ड का उपयोग न करके तेजी से काम करता है।
  • उपयोग की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
    • रेंज चुनें: ऊपरी सेल पर क्लिक करें, Shift दबाकर नीचे तक चुनें (या Ctrl + Shift + Down Arrow)।
    • Ctrl + D दबाएँ: एक बार में ऊपरी सेल का पूरा कंटेंट और फॉर्मेट नीचे भर जाता है।
    • सिंगल सेल के लिए: ऊपरी सेल और उसके नीचे वाला चुनकर Ctrl + D दबाएँ
  • फायदे और टिप्स
    • Ctrl + D डेटा एंट्री, फाइनेंशियल रिपोर्ट्स या लिस्ट बनाने में समय बचाता है
    • क्योंकि ड्रैग-फिल या मल्टीपल पेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती।
    • टेबल्स में इस्तेमाल करें तो ऑटो-एक्सपैंड होता है
    • विंडोज/मैक दोनों पर काम करता है (मैक पर Fn की दबा सकते हैं)।
    • नॉन-कंटिग्यूअस रेंज के लिए अलग-अलग अप्लाई करें या रिबन से Fill > Down चुनें।

3. निम्न में से कौन-सा 'C' लैंग्वेज में लिखा हुआ पहला ऑपरेटिंग सिस्टम था? [CHSL (T-I) 6 अगस्त, 2021 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) यूनिक्स
Solution:
  • यूनिक्स (UNIX) 'C' लैंग्वेज में लिखा हुआ पहला ऑपरेटिंग सिस्टम था।
  • 'C' प्रोग्रामिंग भाषा का विकास बेल लैब्स में डेनिस रिची द्वारा किया गया था।
  • यूनिक्स नामक ऑपरेटिंग सिस्टम विशेष रूप से वेब सर्वर के लिए उपयोग किया जाता है।
  • विकास का इतिहास
    • यूनिक्स का प्रारंभिक संस्करण 1969 में बेल लैब्स में केन थॉम्पसन द्वारा असेंबली भाषा में विकसित किया गया था।
    • 1972-73 में डेनिस रिची ने 'C' भाषा का विकास किया
    • जिसके तुरंत बाद यूनिक्स के कर्नेल को मुख्य रूप से 'C' में पुनर्लिखित किया गया।
    • इससे पहले अधिकांश ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे Multics या CTSS) असेंबली में ही लिखे जाते थे
    • क्योंकि उच्च-स्तरीय भाषाओं को हार्डवेयर के निकट नियंत्रण के लिए अक्षम माना जाता था।
  • 'C' में पुनर्लेखन का महत्व
    • 'C' में यूनिक्स को फिर से लिखने से इसकी पोर्टेबिलिटी बढ़ी
    • अर्थात इसे विभिन्न हार्डवेयर पर आसानी से अनुकूलित किया जा सका।
    • यह कदम ऑपरेटिंग सिस्टम विकास में क्रांतिकारी साबित हुआ
    • क्योंकि इससे साबित हो गया कि उच्च-स्तरीय भाषा से भी कर्नेल जैसी संवेदनशील सॉफ्टवेयर कुशलतापूर्वक बनाई जा सकती है।
    • यूनिक्स का यह संस्करण 1970 के दशक में व्यापक रूप से अपनाया गया
    • जो इंटरनेट सर्वरों, वर्कस्टेशनों और मेनफ्रेम्स के लिए आधार बना।
    • यूनिक्स ही वह प्रारंभिक OS था जिसने 'C' को OS विकास का मानक बनाया
    • जिसका प्रभाव लिनक्स, BSD आदि पर दिखता है।

4. ........ प्रिंटर की स्पीड अक्षर/चिह्न (characters) प्रति सेकंड (CPS) में पाई जाती है। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) डॉट मैट्रिक्स
Solution:
  • डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की स्पीड अक्षर / चिह्न (Characters) प्रति सेकंड (CPS) में पाई जाती है।
  • यह धीमी गति का प्रिंटर है। इनका प्रारंभिक मूल्य और प्रति कॉपी खर्च कम होता है, परंतु प्रिंट की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है।
  •  यह मापन इकाई प्रिंटर की गति को व्यक्त करती है
  • वह एक सेकंड में कितने अक्षर (characters) या चिह्न प्रिंट कर सकता है।
  • आधुनिक लेजर या इंकजेट प्रिंटरों में स्पीड पेज प्रति मिनट (PPM) में मापी जाती है।
  • CPS क्या है?
    • CPS प्रति सेकंड प्रिंट होने वाले अक्षरों की संख्या दर्शाता है, जिसमें अल्फाबेट, नंबर, सिंबल आदि शामिल होते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, एक डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर 50 से 500 CPS तक की स्पीड वाला हो सकता है।
    • यह मापन सरल टेक्स्ट प्रिंटिंग पर आधारित होता है
    • फॉन्ट साइज़, रेजोल्यूशन या मोड (जैसे draft या near-letter quality) से प्रभावित होता है।
  • किन प्रिंटरों में CPS उपयोगी?
    • डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर: पिनों से रिबन को स्ट्राइक कर डॉट्स बनाते हैं; स्पीड CPS में मापी जाती है क्योंकि ये कैरेक्टर-बाय-कैरेक्टर प्रिंट करते हैं।
    • डेज़ी व्हील प्रिंटर: व्हील पर लगे चिह्नों से प्रभाव डालते हैं; CPS ही मुख्य इकाई।
    • ये पुराने टेक्नोलॉजी हैं, जो मल्टी-पार्ट फॉर्म्स या कार्बन कॉपी के लिए उपयुक्त थे।
    • CPS मुख्यतः प्रभाव-आधारित प्रिंटरों के लिए था
    • जबकि PPM आधुनिक प्रिंटिंग में स्टैंडर्ड है क्योंकि यह पूरे पेज को ध्यान में रखता है।
  • CPS के लाभ-हानि
    • CPS सरल और सटीक था मल्टी-यूज़र एनवायरनमेंट में, लेकिन शोर, धीमी गति और कम क्वालिटी इसके दोष थे।
    • आधुनिक प्रिंटर 20-50 PPM तक पहुँचते हैं
    • जो CPS से कहीं तेज़ है। स्पीड टेस्टिंग स्टैंडर्ड टेक्स्ट से की जाती है।​

5. निम्नलिखित में से कौन-सा चौथी पीढ़ी (4th Generation) के कंप्यूटर का एक उदाहरण नहीं है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) ICL 2900
Solution:
  • ICL 2900, तृतीय पीढ़ी (Third Generation) के कंप्यूटर का उदाहरण है
  • जबकि Apple II, STAR 1000 तथा TRS- 80 चौथी पीढ़ी (Fourth generation) के कंप्यूटर हैं।
  • इनमें इंट्रीग्रेटेड परिपथ (IC) के स्थान पर माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया गया था।
  • चौथी पीढ़ी की मुख्य विशेषताएं
    • इस पीढ़ी में कंप्यूटर छोटे, तेज, सस्ते और पोर्टेबल बने, क्योंकि एक सिंगल चिप पर हजारों ट्रांजिस्टर समाहित हो गए।
    • STAR 1000, CRAY-1, PDP 11, DEC 10, IBM PC, Apple II, Apple Macintosh जैसे उदाहरण प्रमुख हैं।
    • नेटवर्किंग, GUI (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) और हाई-लेवल लैंग्वेज जैसे C, C++ का प्रचलन बढ़ा।
  • सामान्य उदाहरण
    • IBM PC (1981): पहला पर्सनल कंप्यूटर, Intel 8088 प्रोसेसर पर आधारित।
    • Apple II (1977): होम कंप्यूटिंग का प्रतीक, माइक्रोप्रोसेसर आधारित।
    • CRAY-1 (1976): सुपरकंप्यूटर, वैज्ञानिक गणनाओं के लिए।
    • PDP 11: मिनीकंप्यूटर, VLSI तकनीक।
  • गैर-उदाहरण की पहचान
    • ENIAC या UNIVAC जैसे वैक्यूम ट्यूब/ट्रांजिस्टर आधारित कंप्यूटर (पहली/दूसरी पीढ़ी) चौथी पीढ़ी के नहीं हैं।
    • यदि विकल्प दिए जाते जैसे (a) IBM PC, (b) Apple Macintosh, (c) ENIAC, (d) CRAY-1, तो ENIAC सही उत्तर है
    • क्योंकि यह 1945 का पहली पीढ़ी का कंप्यूटर था। विस्तार से, चौथी पीढ़ी में माइक्रोप्रोसेसर अनिवार्य है
    • जबकि ENIAC में 18,000 वैक्यूम ट्यूब थे।

6. RPG का विस्तृत रूप (पूर्ण रूप) क्या है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) रिपोर्ट प्रोग्राम जनरेटर
Solution:
  • RPG का विस्तृत रूप (पूर्ण रूप) रिपोर्ट प्रोग्राम जनरेटर है।
  • आरपीजी व्यावसायिक अनुप्रयोगों के लिए एक उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • आरपीजी IV, आरपीजी का वर्तमान संस्करण है।
  • इतिहास और विकास
    • RPG की शुरुआत 1959 में IBM द्वारा की गई थी
    • जब इसे IBM 1401 जैसे मेनफ्रेम सिस्टम पर पंच कार्ड प्रोसेसिंग के विकल्प के रूप में डिज़ाइन किया गया।
    • मूल रूप से रिपोर्ट जनरेट करने पर केंद्रित, यह धीरे-धीरे एक पूर्ण प्रोग्रामिंग भाषा में विकसित हुई
    • जिसमें RPG II, RPG III, RPG/400 और आधुनिक RPG IV (ILE RPG) संस्करण शामिल हैं।
    • यह COBOL जैसी भाषाओं के समकक्ष बनी, लेकिन IBM iSeries, AS/400 और Power Systems पर विशेष रूप से लोकप्रिय रही।
  • मुख्य विशेषताएं
    • प्रक्रियात्मक संरचना: डेटा को चक्रीय रूप से (program cycle) प्रोसेस करता है
    • जो रिपोर्ट और बिजनेस लॉजिक के लिए आदर्श है।
    • उपयोग: डेटाबेस हैंडलिंग, फाइल I/O, गणना और आउटपुट फॉर्मेटिंग में मजबूत
    • आज भी बैंकिंग, इन्वेंटरी और ERP सिस्टम में प्रयुक्त।
    • आधुनिक अपडेट: RPG IV में फ्री-फॉर्मेट कोड, SQL इंटीग्रेशन, GUI सपोर्ट और मॉड्यूलर प्रोग्रामिंग जोड़ी गई।
  • कंप्यूटर संदर्भ में महत्व
    • कंप्यूटर विज्ञान के प्रश्नों में RPG को अक्सर Report Program Generator ही माना जाता है
    • (गेमिंग का संदर्भ)। IBM के मिडरेंज सिस्टम पर यह प्रमुख भाषा बनी रही
    • जहां लाखों लाइनों का कोड आज भी चल रहा है।
    • इसकी सरलता ने गैर-प्रोग्रामर को भी बिजनेस एप्लिकेशन बनाने में सक्षम बनाया।

7. डेटा ट्रांसमिशन के निम्न में से किस मोड (modes) में, डेटा का प्रवाह दोनों दिशाओं में होता है, लेकिन एक समय में केवल एक ही दिशा में डेटा का प्रवाह हो सकता है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) हाफ - डुप्लेक्स
Solution:
  • ट्रांसमिशन मोड किसी नेटवर्क में दो नेटवर्क डिवाइस के बीच डेटा स्थानांतरण के तंत्र को संदर्भित करता है
  • ये तीन प्रकार के होते हैं-
  • सिम्प्लेक्स मोड
  • हाफ डुप्लेक्स मोड
  • फुल डुप्लेक्स मोड
  • सिम्प्लेक्स मोड
    • इस मोड में सेंडर (प्रेषक) और रिसीवर (ग्राही) के बीच डेटा स्थानांतरण केवल एक दिशा में होता है।
    • इस मोड में सेंडर डाटा प्रेषित कर सकता है
    • जबकि रिसीवर डेटा ग्रहण कर सकता है, रिसीवर सेंडर को रिप्लाई नहीं कर सकता है।
    • उदाहरण-की-बोर्ड - मॉनिटर
  • हाफ डुप्लेक्स मोड
    • इस मोड में डेटा प्रवाह दोनों दिशाओं में होता है
    • लेकिन एक समय में केवल एक ही दिशा में डेटा का प्रवाह हो सकता है।
    • उदाहरण-वाकी टॉकी
  • फुल डुप्लेक्स मोड
    • इस मोड में एक ही समय में डेटा का प्रवाह दोनों दिशाओं में हो सकता है।
    • उदाहरण-टेलीफोन
  • डेटा ट्रांसमिशन मोड्स का अवलोकन
    •  सिंप्लेक्स मोड में डेटा केवल एक दिशा में जाता है, जैसे कीबोर्ड से कंप्यूटर में।
    • फुल-डुप्लेक्स में डेटा दोनों दिशाओं में एक साथ प्रवाहित होता है
    • जैसे टेलीफोन कॉल। हाफ-डुप्लेक्स इन दोनों के बीच का मोड है
    • जहां दोनों दिशाओं का उपयोग संभव है लेकिन स्विचिंग द्वारा।
  • हाफ-डुप्लेक्स की विशेषताएं
    • इस मोड में संचार चैनल डेटा भेजने और प्राप्त करने के बीच स्विच करता रहता है।
    • एक समय में केवल एक डिवाइस ही ट्रांसमिट कर सकता है
    • जिससे टकराव से बचा जा सके। यह मोड नेटवर्किंग में CSMA/CD प्रोटोकॉल के साथ उपयोग होता है
    • जहां डिवाइस चैनल सुनता है और खाली होने पर ट्रांसमिट करता है।
    • बैंडविड्थ का आधा उपयोग एक दिशा में होता है
    • इसलिए यह फुल-डुप्लेक्स से धीमा लेकिन सिंप्लेक्स से बेहतर है।

8. एपल II ....... पीढ़ी के कंप्यूटर का एक उदाहरण है। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) चतुर्थ
Solution:
  • एपल II चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर का उदाहरण है।
  • चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर VLSI तकनीक का प्रयोग किया गया है।
  • विकास और लॉन्च
    • एपल II को मूल रूप से एपल I का उत्तराधिकारी बनाया गया, जो एक साधारण मदरबोर्ड था।
    • वोज्नियाक ने इसे 8-बिट MOS 6502 माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित डिजाइन किया
    • जिसमें कलर ग्राफिक्स, सात एक्सपैंशन स्लॉट्स, इनबिल्ट BASIC इंटरप्रेटर और टीवी मॉनिटर से कनेक्ट होने की सुविधा थी।
    • इसे अप्रैल 1977 में वेस्ट कोस्ट कंप्यूटर फेयर में पेश किया गया
    • जिसकी शुरुआती कीमत 4 KB RAM वाले मॉडल के लिए $790 थी
    • यह तेजी से लोकप्रिय हुआ क्योंकि इसमें प्लास्टिक केस, पावर सप्लाई और कीबोर्ड पहले से फिटेड थे।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • यह कंप्यूटर माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था
    • जो चतुर्थ पीढ़ी (1972 से आगे) की मुख्य विशेषता है
    • जिसमें IC (इंटीग्रेटेड सर्किट्स) और VLSI तकनीक का उपयोग हुआ।
    • इसमें 4-48 KB RAM, फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (1978 में जोड़ी गई)
    • ओपन आर्किटेक्चर था जो थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर को आसान बनाता था।
    • विसिकल स्प्रेडशीट जैसे सॉफ्टवेयर ने इसे बिजनेस और एजुकेशन के लिए आदर्श बनाया
    • यह टीवी से कनेक्ट होकर कलर डिस्प्ले देता था।
  • महत्व और प्रभाव
    • एपल II ने पर्सनल कंप्यूटर क्रांति शुरू की, खासकर अमेरिकी स्कूलों और घरों में, जहां यह कमोडोर PET को पीछे छोड़ गया।
    • इसकी बिक्री 1977 से 1993 तक चली, और कंपनी को अरबों का राजस्व दिया
    • जो एपल को प्रमुख ब्रांड बनाया। यह माइक्रो कंप्यूटरों का प्रतीक बना
    • जिसने लिसा और मैकिंटॉश जैसे बाद के मॉडल्स की नींव रखी।
  • पीढ़ीगत संदर्भ
    • कंप्यूटर पीढ़ियां इस प्रकार हैं: प्रथम (वैक्यूम ट्यूब्स, 1946-58), द्वितीय (ट्रांजिस्टर, 1959-64), तृतीय (IC, 1965-71), चतुर्थ (माइक्रोप्रोसेसर, 1972-अब तक)।
    • एपल II चतुर्थ पीढ़ी का प्रतिनिधि है क्योंकि इसमें MOS 6502 चिपसेट का उपयोग हुआ
    • जो इसे छोटा, तेज और किफायती बनाता था।

9. निम्नलिखित में से कौन दूसरी पीढ़ी का सिस्टम है? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) हनीवेल 400
Solution:
  • हनीवेल 400 दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का उदाहरण है।
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर हार्डवेयर का प्रयोग किया गया था।
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर सिस्टम की पहचान
    • कंप्यूटर विज्ञान में "दूसरी पीढ़ी का सिस्टम" आमतौर पर 1956 से 1963 के बीच विकसित कंप्यूटरों को संदर्भित करता है
    • जो वैक्यूम ट्यूब्स के स्थान पर ट्रांजिस्टर तकनीक पर आधारित थे
    • ये सिस्टम पहली पीढ़ी से छोटे, तेज़, कम ऊर्जा खपत वाले और अधिक विश्वसनीय थे
    • चुंबकीय कोर मेमोरी का उपयोग करते थे.
  • मुख्य विशेषताएं
    • ट्रांजिस्टर ने इन सिस्टम्स को असेंबली भाषा और प्रारंभिक उच्च-स्तरीय भाषाओं (जैसे FORTRAN, COBOL) का समर्थन करने में सक्षम बनाया
    • जिससे प्रोग्रामिंग सरल हुई
    • बैच प्रोसेसिंग, मल्टीप्रोग्रामिंग और बेहतर इनपुट/आउटपुट (चुंबकीय टेप/डिस्क) इनकी प्रमुख सुविधाएं थीं
    • जो माइक्रोसेकंड स्पीड प्रदान करती थीं
    • रखरखाव आसान होने से ये व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त बने.
  • उदाहरण सिस्टम
    • IBM 1401: व्यावसायिक डेटा प्रोसेसिंग के लिए लोकप्रिय, ट्रांजिस्टर-आधारित मेनफ्रेम.
    • Honeywell 400: दूसरी पीढ़ी का प्रमुख मेनफ्रेम, 1960 के दशक में जारी.
    • CDC 1604: वैज्ञानिक गणनाओं के लिए उच्च-प्रदर्शन वाला सिस्टम.
  • उपयोग और प्रभाव
    • दूसरी पीढ़ी ने कंप्यूटिंग को व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, इन्वेंटरी में विस्तार दिया
    • क्योंकि ये सस्ते और विश्वसनीय बने. हालांकि
    • अभी भी महंगे और विशेषज्ञों के लिए सीमित, लेकिन ट्रांजिस्टर ने माइक्रोप्रोसेसर क्रांति की नींव रखी
    • भारत में भी ये प्रारंभिक अनुसंधान संस्थानों में पहुंचे।

10. प्रीत अपनी एप्लिकेशन के लिए ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (Object oriented programming) भाषा का इस्तेमाल करना चाहती है। उसे निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा चुननी चाहिए? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) जावा
Solution:
  • जावा (Java) एक ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (Object Oriented Programming) भाषा है।
  • इस भाषा में डेटा और फंक्शन को एक साथ प्रयोग किया जाता है
  • जिसे Class कहा जाता है।
  • OOP की मूल विशेषताएं
    • OOP चार मुख्य सिद्धांतों पर टिकी होती है
    • इनकैप्सुलेशन (डेटा को सुरक्षित रखना), इनहेरिटेंस (कोड पुन: उपयोग), पॉलीमॉर्फिज्म (एक ही फंक्शन का अलग-अलग रूप), और एब्स्ट्रैक्शन (जटिलता छिपाना)। जावा इन सभी को मजबूती से लागू करती है
    • जबकि पास्कल मुख्य रूप से प्रोसीजरल भाषा है
    • (हालांकि इसमें कुछ OOP एक्सटेंशन हैं लेकिन पूर्ण नहीं), बेसिक प्रोसीजरल/स्क्रिप्टिंग है
    • इसलिए विकल्पों में जावा सर्वश्रेष्ठ है।
  • जावा क्यों चुनें?
    • जावा 1995 में जेम्स गोस्लिंग द्वारा विकसित हुई और मोबाइल ऐप्स (Android), वेब, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर के लिए आदर्श है।
    • इसकी प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता JVM के कारण मिलती है
    • जो कोड को कहीं भी चलाने देती है। Android ऐप्स के लिए जावा लंबे समय से स्टैंडर्ड रही, हालांकि Kotlin (जो जावा से interoperable है) अब आधिकारिक रूप से पसंदीदा है
    • लेकिन मूल प्रश्न के विकल्पों में जावा फिट बैठता है।
    • पास्कल और बेसिक OOP के लिए अनुपयुक्त हैं
    • जबकि जावा या पास्कल विकल्प सही दिशा दिखाता है लेकिन जावा ही अंतिम पसंद है।
  • ऐप डेवलपमेंट के लिए विस्तृत फायदे
    • जावा से Preet Android Studio में आसानी से ऐप बना सकती है
    • जिसमें रिच लाइब्रेरीज़ (जैसे Swing, JavaFX) UI के लिए उपलब्ध हैं।
    • Kotlin को अपनाकर जावा कोड को सरल बनाया जा सकता है
    • (concise syntax, null safety), लेकिन OOP आधार जावा ही है।
    • वास्तविक दुनिया में Pinterest, Trello जैसे ऐप्स Kotlin/Java पर बने हैं।
    • यदि क्रॉस-प्लेटफॉर्म चाहिए तो Flutter (Dart) या React Native पर विचार करें, लेकिन प्रश्न OOP फोकस पर है।