कला एवं संस्कृति (राजस्थान) (Part-1)

Total Questions: 55

31. जैसलमेर के नरेश कुलदेवी के रूप में निम्न में से किस देवी की पूजा करते थे? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 1996]

Correct Answer: (c) स्वांगिया देवी
Solution:जैसलमेर के नरेश की कुलदेवी स्वांगिया देवी थी, जिनकी वे पूजा करते थे।

32. राजस्थान में ऊंट के बीमार होने पर किस देवता की पूजा की जाती है? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 1996]

Correct Answer: (c) पाबूजी
Solution:ऊंट के बीमार होने पर राजस्थान में ऊंटों के देवता के रूप में प्रसिद्ध पाबूजी की पूजा की जाती है।

33. लोकदेवता मल्लीनाथजी का मंदिर कहां पर है? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2012]

Correct Answer: (a) तिलवाड़ा (बाड़मेर)
Solution:राजस्थान में लोकदेवता मल्लीनाथजी का मंदिर तिलवाड़ा (बाड़मेर) में स्थित है। यहां प्रतिवर्ष चैत्र माह एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक विराट पशु मेला लगता है।

34. निम्नलिखित में कौन-सी राजस्थान की लोक देवी नहीं हैं? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2012]

Correct Answer: (d) हिडिम्बा माता
Solution:हिडिम्बा माता राजस्थान की नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की लोक देवी हैं। हिडिम्बा माता का मंदिर हिमाचल प्रदेश के मनाली में स्थित है। इस मंदिर का नाम महाभारत के एक पात्र के नाम पर रखा गया है।

35. संत पीपा के अनुसार, मोक्ष का प्रमुख साधन था- [R.A.S./R.T.S. (Pre), 1994]

Correct Answer: (b) भक्ति
Solution:संत पीपा के अनुसार, मोक्ष का प्रमुख साधन ईश्वर की भक्ति है।

36. राजस्थान में मेवानगर प्रसिद्ध है- [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2010]

Correct Answer: (a) पार्श्वनाथ जैन मंदिर के लिए
Solution:राजस्थान में 'मेवानगर' पार्श्वनाथ जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

37. जोधपुर के निकट ओसियां में मंदिरों का समूह जिसकी देन है, [R.A.S./R.T.S. (Pre), 1999]

Correct Answer: (d) प्रतिहार
Solution:ओसियां 8वीं से 11वीं शताब्दी के मध्य निर्मित ब्राह्मण और जैन मंदिरों के समूह के रूप में प्रसिद्ध स्थान है, जिनका निर्माण प्रतिहार काल के दौरान कराया गया था।

38. चित्तौड़गढ़ किले के निम्नलिखित मंदिरों में से कौन-सा एक जैन मंदिर है? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2018]

Correct Answer: (b) सातवीश देवरी
Solution:चित्तौड़गढ़ के किले में सातवीश देवरी मंदिर एक जैन मंदिर है। संभवतः मंदिर में बनी कुल 27 देवरियों के कारण ही इसे सातवीश देवरी मंदिर कहा जाता है। मुख्य मंदिर में आदिनाथ की मूर्ति है, इनके दाएं शांतिनाथ तथा बाएं अजितनाथ की मूर्ति विद्यमान है। यह मंदिर सभी जैन तीर्थंकरों को समर्पित है।

39. बाडौली के मंदिर किस मंदिर शैली से संबंधित हैं? [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2007]

Correct Answer: (c) वेसर
Solution:वेसर (Vesara) मंदिर निर्माण की एक शैली है, जिसमें नागर और द्रविड़ शैली का मिश्रण होता है। बाडौली के मंदिर इसी शैली से संबंधित हैं।

40. जोधपुर नरेश मानसिंह की रानी भटियाणी प्रतापकुंवरी ने अपने द्वारा बनाए गए मंदिर को पुनः अन्यत्र बनवाया, क्योंकि पहले वाला मंदिर जमीन में धंस गया था, और उसने उसकी प्राण प्रतिष्ठा 1857 में कराई। उस मंदिर का नाम है- [R.A.S./R.T.S. (Pre), 2021]

Correct Answer: (d) तीजा मांजी का मंदिर
Solution:जोधपुर नरेश मानसिंह की तीसरी रानी भटियाणी प्रतापकुंवरी भगवान राम की अनन्य उपासिका थी। उसने राम भक्ति पर आधारित सैकड़ों पदों की रचना की। महाराजा मानसिंह की मृत्यु (1843 ई.) के 6 वर्ष बाद चंद्र ग्रहण पड़ने वाला था। ग्रहण पर दान देने के लिए रानी ने एक मंदिर का निर्माण कराया तथा जयपुर से राम, लक्ष्मण तथा सीता की प्रतिमाएं मंगवाकर स्थापित की। 1849 ई. में जब चंद्रग्रहण हुआ तो रानी ने नागौर से निरंजनी संप्रदाय के महंत मोतीराम को वह मंदिर भेंट कर दी। कुछ माह बाद ही यह मंदिर जमीन में धंस गया। अपना संकल्प खंडित होते देखकर रानी ने जमीन खरीदकर एक नया मंदिर बनवाया, जो अब तीजा मांजी का मंदिर कहलाता है। 1857 ई. में जब इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई, तब राजमाता प्रताप कुंवरी और जोधपुर नरेश तखत सिंह तीन दिन तक मंदिर परिसर में ही रहे। राजा तखत सिंह ने इस मंदिर को बावड़ी गांव की दो बीघा जमीन भेंट की थी।