कला एवं संस्कृति (रेलवे) भाग-II

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित में से कौन-सा त्योहार फसल त्योहार है? [RRB ALP & Technicians परीक्षा, 23.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (2) ओणम
Solution:

ओणम दक्षिण भारत के केरल राज्य में मनाया जाने वाला सबसे प्रमुख 10 दिवसीय फसल उत्सव है। यह त्योहार चिंगम (अगस्त-सितंबर) महीने में राजा महाबली की घर वापसी और विष्णु जी के वामन अवतार की याद में मनाया जाता है। इसे पुक्कलम (फूलों की रंगोली), ओणम साध्या (भोज), और नौका दौड़ के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
केरल के प्रमुख त्योहारों में निम्नलिखित शामिल हैं:
• त्रिशूर पूरम
• विशु (अप्रैल)
• मंदिर उत्सव
• नौका दौड़

अन्य उल्लेखनीय समारोहों में कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिक प्रदर्शनी, नवरात्रि और स्थानीय मंदिर पूरम शामिल हैं।

12. निम्नलिखित में से किस इमारत का निर्माण प्रथम विश्व युद्ध में बलिदान देने वाले अविभाजित भारत के सैनिकों के युद्ध स्मारक के रूप में किया गया? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 22.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) इंडिया गेट
Solution:

इंडिया गेट नई दिल्ली में स्थित है।
• इसकी आधारशिला 1921 में ड्यूक ऑफ कनॉट द्वारा रखी गई थी, जिसे एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया है।
• 1919 के अफगान युद्ध में उत्तर पश्चिमी सीमांत में मारे गए 13,516 सैनिकों के अतिरिक्त प्रवेश द्वार की दीवारों पर तथा प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सेना के 90,000 सैनिकों के नाम अंकित हैं।
• इंडिया गेट फ्रांस के आर्क-डी-ट्रायम्फ के समान है।

• लाल किले का लाहौरी गेट दिल्ली के ऐतिहासिक किले का मुख्य पश्चिमी प्रवेश द्वार है, जो अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है।
• गेटवे ऑफ़़ इंडिया भारत का एक ऐतिहासिक स्मारक है जो मुम्बई में होटल ताज महल के ठीक सामने स्थित है।
• बुलंद दरवाजा, जिसे "शानदार द्वार" (Gate of Magnificence) कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी में स्थित दुनिया का सबसे ऊंचा प्रवेश द्वार है।

13. तिरुवरूर और अजंता के मंदिरों की दीवारों पर किस प्रकार की चित्रकारी मौजूद है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 23.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) भित्ति (Mural)
Solution:

भित्ति चित्र के किसी भी कलाकृति को सीधे दीवार, छत या अन्य स्थायी सतहों पर चित्रित या लगाया जाता है।
• यह पेंटिंग दक्षिण भारत में अजंता से बादामी तक की भित्ति चित्रकला परंपरा का विस्तार हैं।
• सत्रहवीं एवं अठारहवीं शताब्दी में नायक वंश के चित्र तमिलनाडु के थिरुपराकुनराम, श्रीरंगम एवं तिरुवरूर में देखे जाते हैं।

14. फड़ नामक राजस्थानी चित्रकला शैली, चित्रकारी का ...... रूप है। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 23.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) धार्मिक
Solution:

फड़ चित्रकला शैली मुख्यतः राजस्थान में प्रचलित है।
• यह कला की एक धार्मिक स्क्रॉल पेंटिंग शैली है।
• इसका नाम कपड़े के लंबे टुकड़े या उस पर रंगे हुए स्क्रॉल के कारण पड़ा है।
• इसकी शुरुआत राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के निकट शाहपुरा में जोशी परिवार ने की थी।

15. कौन सा भारत का सबसे ऊँचा विक्ट्री टॉवर है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 23.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) फतेह बुर्ज
Solution:

'फतेहबुर्ज' भारत का सबसे ऊंचा विजय मीनार है, जो पंजाब के मोहाली जिले के छप्परचिरी गांव में स्थित है।
• यह 328 फीट की मीनार बाबा बंदा सिंह बहादुर को समर्पित है, जिन्हें 1711 में भारत में सिख शासन स्थापित करने का गौरव प्राप्त था।

• विजय स्तंभ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले में स्थित एक प्रसिद्ध 9-मंजिला ऐतिहासिक स्मारक है। इसका निर्माण मेवाड़ के राजा महाराणा कुंभा ने 1440-1448 ईस्वी के बीच सारंगपुर की लड़ाई में महमूद खिलजी पर विजय के उपलक्ष्य में करवाया था। 122 फीट ऊंचे इस विष्णु स्तंभ का निर्माण जेता और उनके पुत्रों (नापा, पोमा, पूंजा) ने किया था, जो भारतीय स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है।

कुतुब मीनार दक्षिण दिल्ली के महरौली में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो 73 मीटर (239.5 फीट) ऊंची ईंटों से बनी विश्व की सबसे ऊंची मीनार है। इसका निर्माण 1192-1199 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया था, जिसे इल्तुतमिश और फिरोज शाह तुगलक ने पूरा किया। यह परिसर अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद और प्रसिद्ध लौह स्तंभ के लिए जाना जाता है।

झूलता मीनार अहमदाबाद की सबसे बड़ी मीनार है, माना जाता है कि सारंगपुर दरवाजे के पास सीदी बशीर मस्जिद को 1452 ईस्वी में सुलतान अहमद शाह के गुलाम सीदी बशीर ने इसका निर्माण किया था। 1753 में अहमदाबाद में मराठा और गुजरात सल्तनत खान के बीच युद्ध के दौरान इस झूलती मीनार का पिछला हिस्सा टूट गया था।

16. इनमें से कौन सा संगीत वाद्ययंत्र इंडो-इस्लामिक मूल का नहीं है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 23.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) वीणा
Solution:

वीणा भारत के सबसे प्राचीन वाद्य यंत्रों में से एक है।
• वैदिक लेखन के संदर्भ से, यह पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व के आसपास का हो सकता है।
• सरस्वतीवीणा कर्नाटक का प्रमुख संगीत है, एवं रुद्रवीणा हिंदुस्तानी संगीत में सबसे सर्वाधिक बजायी जाने वाली वाद्य यंत्र है।

17. .... मध्य प्रदेश में भगवान बुद्ध के सम्मान में सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया बौद्ध स्मारक है। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 25.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) सांची स्तूप
Solution:

सांची स्तूप भारत में पत्थरों से निर्मित सर्वाधिक प्राचीन स्तूप है जिसे तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया था।
• ऐसा माना जाता है कि सांची स्तूप में बुद्ध के अवशेष रखे गए हैं।
• इसे 1989 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।

• धमेख स्तूप, वाराणसी के पास सारनाथ में स्थित एक प्रमुख बौद्ध स्तूप है, जो 43.6 मीटर ऊँचा और 28 मीटर व्यास का एक विशाल बेलनाकार स्मारक है। सम्राट अशोक द्वारा 249 ईसा पूर्व में निर्मित (मौजूदा संरचना 5वीं सदी की), यह वही स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपने पहले पांच शिष्यों को पहला उपदेश (धम्मचक्कपवत्तन सुत्त) दिया था।

• बाविकोंडा स्तूप आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के पास समुद्र तल से 130 मीटर ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित 3rd शताब्दी ईसा पूर्व का एक अत्यंत प्राचीन बौद्ध स्थल है। "कुओं की पहाड़ी" के रूप में प्रसिद्ध, यह परिसर यूनेस्को धरोहर स्थल घोषित किया गया है, जहाँ खुदाई में महाचैत्य, बुद्ध के अवशेष, रोमन और सातवाहन सिक्के मिले हैं।

• महाबोधि मंदिर बिहार के बोधगया में स्थित एक अत्यंत पवित्र यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जहाँ लगभग 531 ईसा पूर्व में महात्मा बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। सम्राट अशोक द्वारा निर्मित यह प्राचीन मंदिर, ईंट से बना है और बुद्ध के जीवन से जुड़े चार सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।

18. काठियावाड़ प्रायद्वीप ..... का भौगोलिक और सांस्कृतिक विस्तार है। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 25.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) राजस्थान
Solution:

काठियावाड़ प्रायद्वीप गुजरात में कच्छ की खाड़ी एवं खंभात की खाड़ी से घिरा हुआ है।
• यह राजस्थान को भौगोलिक और सांस्कृतिक विस्तार प्रदान करता है। इस स्थान का नाम राजपुत शासक वर्ग की 'काठी जाति' के नाम पर पड़ा है।

19. मोअत्सू (Moatsu) पर्व भारत के किस राज्य में मनाया जाता है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 25.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) नागालैंड
Solution:

पूर्वोत्तर भारत में स्थित नागालैंड, जिसे "त्योहारों की भूमि" कहा जाता है, में साल भर जीवंत और जनजातीय विशिष्ट उत्सव मनाए जाते हैं। इनमें सबसे प्रमुख 10 दिवसीय हॉर्नबिल महोत्सव (1-10 दिसंबर) किसामा में आयोजित होता है, जो नागा संस्कृति, भोजन और संगीत का प्रदर्शन करता है। अन्य प्रमुख त्योहारों में सेकरेनयी (फरवरी), मोआत्सु (मई) और आओलेंग (अप्रैल) शामिल हैं।
• मोआत्सु नागालैंड के एओ जनजातिय समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है।
• यह सामुदायिक बंधन का त्योहार है जो मई महीने में तीन दिनों तक मनाया जाता है।

पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्य-वार त्यौहार:
• असम: बिहू (रंगाली, कोंगाली, भोगाली),अंबुबाची मेला कामाख्या।
• अरुणाचल प्रदेश: लोसार महोत्सव (तिब्बती नव वर्ष), ज़ीरो संगीत महोत्सव (जीरो वैली में), तोरग्या मठ महोत्सव।
• सिक्किम: लोसूंग फेस्टिवल, सागा दावा।
• मेघालय: वांगला महोत्सव।
• मणिपुर: निंगोल चाकोबा, चापचार कुट और कंग चिंगबा।
• मिजोरम: चापचार कुट, एन्थ्यूरियम और पावल कुट।
• त्रिपुरा: खर्ची पूजा

20. प्रख्यात नृत्यांगना प्रतिभा प्रहलाद किस नृत्य शैली से संबंधित हैं? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) भरतनाट्यम
Solution:

प्रतिभा प्रहलाद एक भरतनाट्यम नृत्यांगना, शिक्षक, कोरियोग्राफर, कला प्रशासक एवं लेखिका हैं।
• वह दिल्ली में आयोजित होने वाली 'अंतर्राष्ट्रीय कला महोत्सव' की संस्थापक निदेशक थीं।
• उन्हें 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• नृत्य के क्षेत्र में 'केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2001)' से सम्मानित होने वाली वह सबसे कम आयु की नृत्यांगना हैं।
वैजयंतीमाला,मालविका सरुक्कई,पद्मिनी, रुक्मिणी देवी अरुंडेल, पद्मा सुब्रह्मण्यम, वैजयंतीमाला और अलार्मेल वल्ली इसके कुछ सबसे प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित नृत्यांगनाएं हैं।

प्रमुख कथकली नृत्यांगनाएँ:
नृत्यांगनाओं में मृणालिनी साराभाई, चेमनचेरी कुन्हीरामन नायर (पुरुष, लेकिन महिला भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध) और केरल कलामंडलम से प्रशिक्षित अन्य कलाकार शामिल हैं।

प्रमुख कथक नृत्यांगनाएँ:
सितारा देवी, दमयंती जोशी, रोहिणी भाटे, कुमुदिनी लाखिया,शोवना नारायण।
अन्य प्रसिद्ध नृत्यांगनाएँ: रानी कर्णा, सुनीता हज़ारीलाल, जयकंवर (प्रथम महिला कथक नर्तकी मानी जाती हैं), अनुराधा सिंह।

प्रमुख ओडिसी नृत्यांगनाएँ:
संजुक्ता पाणिग्रही, कुमकुम मोहंती, सोनल मानसिंह, माधवी मुद्गल, और सुजाता महापात्रा प्रमुख ओडिसी नृत्यांगनाएं हैं।