Correct Answer: (b) 7 लाख करोड़ रु.
Solution:- भारत सरकार की सितंबर, 2020 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार
- भारत सरकार द्वारा पिछले 6 वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दरों पर 7 लाख करोड़ रु. का भुगतान किया गया है।
- प्रेस विज्ञप्ति का संदर्भ
- यह जानकारी आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक से जुड़ी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई
- जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
- विज्ञप्ति में वर्तमान सरकार द्वारा MSP व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- इसी संदर्भ में रबी विपणन सीजन 2021-22 के लिए 6 रबी फसलों (गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम) के MSP में वृद्धि की घोषणा भी की गई
- जो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप थी।
- MSP भुगतान का विस्तार
- भुगतान वृद्धि: पिछले 6 वर्षों में MSP पर खरीद का मूल्य 7 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
- जो पूर्ववर्ती UPA सरकार के 6 वर्षों (2004-05 से 2009-10) के भुगतान से लगभग दोगुना था। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिला।
- उदाहरण वृद्धि: मसूर के MSP में 300 रुपये/क्विंटल, चना व सरसों में 225 रुपये/क्विंटल, कुसुम में 112 रुपये/क्विंटल
- जौ में 75 रुपये/क्विंटल और गेहूं में 50 रुपये/क्विंटल की बढ़ोतरी की गई।
- MSP 22 अनिवार्य फसलों (खरीफ की 14, रबी की 6 और 2 व्यावसायिक) के लिए निर्धारित होती है
- जिसकी सिफारिश कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) करता है। यह व्यवस्था फसल मूल्यों में गिरावट से किसानों की रक्षा करती है।
- MSP का महत्व
- MSP भारत सरकार का बाजार हस्तक्षेप उपकरण है, जो खरीफ व रबी फसलों पर लागू होता है।
- सितंबर 2020 के समय यह घोषणा किसान आंदोलनों के बीच हुई
- जब सरकार ने MSP को कानूनी गारंटी देने से इंकार किया लेकिन खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया।
- कुल मिलाकर, यह भुगतान किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य से जुड़ा था।