कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (भाग-3) (आर्थिक विकास)

Total Questions: 50

11. आर्थिक सर्वेक्षण, 2020-21 के अनुसार, निम्न राज्यों को दुग्ध उत्पादन के आधार पर घटते क्रम में सजाएं - [Chhatisgarh P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) मध्य प्रदेश > गुजरात > पंजाब > हरियाणा
Solution:आर्थिक सर्वेक्षण, 2020-21 के अनुसार वर्ष 2019-20 (P) में दुग्ध उत्पादक शीर्ष 5 राज्य निम्न है- उत्तर प्रदेश राजस्थान > मध्य प्रदेश > गुजरात > आंध्र प्रदेश। इसके बाद क्रमशः पंजाब, महाराष्ट्र तथा हरियाणा का स्थान है। Basic Animal HusBandry Statistics 2023 के अनुसार वर्ष 2022-23 में दुग्ध उत्पादक शीर्ष 5 राज्य निम्न है- उत्तर प्रदेश > राजस्थान मध्य प्रदेश > गुजरात > आंध्र प्रदेश। वर्ष 2022-23 में देश में प्रतिव्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 459 ग्राम प्रतिदिन है।

12. 'नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2023]

(1) इस योजना में केवल साहीवाल, गिर, थारपारकर एवं गंगातीरी प्रजाति की दुधारू गायें ही सम्मिलित की गई हैं।

(2) लाभार्थी के पास गोपालन का कम-से-कम एक वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (b) केवल 1
Solution:'नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' की शुरुआत राज्य में मवेशियों की नस्ल में सुधार एवं दूध उत्पादन बढ़ाने हेतु नंद बाबा मिशन के एक हिस्से के रूप में की गई। प्रथम चरण (2023-24) में प्रदेश के 10 मंडल मुख्यालयों के जनपदों अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, झांसी, मेरठ, आगरा एवं बरेली में संचालित की जा रही है। प्रथम चरण में प्रदेश में 25 दुधारू गायों की 35 इकाइयां स्थापित की जाएंगी। दुधारू गायों में साहीवाल, गिर, थारपारकर एवं गंगातीरी प्रजाति की गायें ही सम्मिलित की जाएंगी। परंतु गंगातीरी नस्ल की गोवंश वाली इकाइयों में अधिकतम पांच गंगातीरी गोवंश अनुमन्य होंगे। परियोजना के वित्तीय उपाशय का आकलन गोवंश क्रय एवं अवस्थापना पर व्यय तथा इकाई संचालन पर व्यय के अनुसार निर्धारित किया गया है। परियोजना के दो विकल्प होंगे-

(1 ) लागत 6250000 रुपये साहीवाल अथवा गिर अथवा थारपारकर नस्ल के 25 गोवंश हेतु 100000 रुपये प्रति गोवंश के आधार पर आगणन किया जाएगा।

(2) लागत 6100000 रुपये साहीवाल अथवा गिर अथवा थारपारकर नस्ल के 20 गोवंश के साथ-साथ गंगातीरी नस्ल की अधिकतम 5 गोवंश। गंगातीरी गोवंश क्रय का मूल्य 70000 रुपये प्रति गोवंश के आधार पर आगणित किया जाएगा तथा साहीवाल अथवा गिर अथवा थारपारकर नस्ल की गायों का आगणन 100000 रुपये प्रति गोवंश के आधार पर किया जाएगा। कुल अनुदान परियोजना लागत का 50 प्रतिशत देय होगा।

उद्देश्य

राज्य में उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश का संवर्धन,

पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि,

राज्य में पशुपालकों हेतु उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश की

उपलब्धता सुनिश्चित करना,

रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा

पशुपालकों की आय को बढ़ाना।

लाभार्थी का चयन :

(i) लाभार्थी की पात्रता :

(क) लाभार्थी स्थानीय निवासी होना चाहिए।

(ख) लाभार्थी का आधारकार्ड अथवा पहचान-पत्र होना चाहिए।

(ग) गोपालन अथवा महिष पालन का कम-से-कम तीन वर्षों का अनुभव होना चाहिए तथा इसका प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा दिया गया हो।

(घ) इकाई स्थापना हेतु लगभग 0.5 एकड़ भूमि आवश्यक होगी।

(ङ) इसके अतिरिक्त लगभग 1.5 एकड़ की भूमि चारा उत्पादन हेतु स्वयं की अथवा पैतृक /साझेदारी अथवा न्यूनतम 07 वर्षों के लिए पंजीकृत अनुबंध पर ली गई हो तथा भूमि परियोजना के अनुकूल (जलभराव इत्यादि से मुक्त) हो।

(च) पूर्व में संचालित कामधेनु अथवा मिनी कामधेनु अथवा माइक्रो कामधेनु योजना के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा।

13. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है? [U.P. R.O./A.R.O. (Pre) 2021]

पशुनस्ल
भैंसभदावरी
गायसाहीवाल
बकरीजमुनापारी
भेड़थारपारकर
Correct Answer: (d)
Solution:थारपारकर गाय की नस्ल है, जो गुजरात एवं राजस्थान राज्यों में पाई जाती है। शेष सभी विकल्प सही हैं।

14. समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है / हैं? [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2023]

1. MPEDA की स्थापना 1972 में हुई थी।

2. इसका मुख्यालय कोलकाता में है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (a) केवल 1
Solution:समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) की स्थापना वर्ष 1972 में संसद के एक अधिनियम द्वारा हुई थी। इससे पूर्व सितंबर, 1961 में भारत सरकार द्वारा स्थापित समुद्री उत्पाद निर्यात संवर्धन परिषद 24 अगस्त, 1972 को MPEDA में मिल गया। इसका मुख्यालय कोच्चि (केरल) में है। कोलकाता में इसका एक प्रादेशिक डिवीजन (Regional Division) है।

15. भारत में सबसे महत्वपूर्ण मत्स्य उद्योग हैं- [40th B.P.S.C. (Pre) 1995]

Correct Answer: (d) प्राकृतिक अंतःस्थलीय
Solution:भारत में प्राकृतिक अंतः स्थलीय मत्स्य उद्योग सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्योग है। The State of World Fisheries and Aquaculture, 2022, के अनुसार 'मत्स्य एवं जलीय कृषि के संदर्भ में चीन (35%) तथा भारत (8%) क्रमशः पहले तथा दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2020 के संदर्भ में अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन में भारत (16%) पहली बार चीन (13%) को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पर रहा। Handbook on Fisheries Statistics, 2022 के अनुसार, विगत 5 वर्षों में भारत में मत्स्य उत्पादन इस प्रकार है-
वर्षसमुद्री (लाख टन में)अंतर्देशीय (लाख टन में)कुल (लाख टन में)
2017-1837.5689.48127.04
2018-1938.5397.20135.73
2019-2037.27104.37141.64
2020-202134.76112.49147.25
2021-202241.27121.21162.48

दिसंबर, 2023 में जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में भारत में अंतःस्थलीय मत्स्य उत्पादन 131.13 लाख टन रहा।

16. निम्नलिखित में से विश्व में मछली का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन-सा है? [U.P. R.O./A.R.O. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) चीन
Solution:प्रश्नकाल The State of World Fisheries and Aquaculture, 2022 के अनुसार कुल मत्स्य तथा जलीय कृषि (Fisheries & Aquaculture) के उत्पादन में 35 प्रतिशत हिस्से के साथ चीन शीर्ष उत्पादक देश है, इसके बाद भारत (8%) का स्थान है। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है।

17. नीली क्रांति' संबंधित है- [U.P.P.C.S. (Pre) 1997*]

Correct Answer: (d) मत्स्य उत्पादन से
Solution:नीली क्रांति 'मत्स्य उत्पादन' से संबंधित है। इस क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 'राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड' की स्थापना 9 सितंबर, 2006 को एक स्वायत्त संस्था के रूप में की गई थी, जिसका मुख्यालय हैदराबाद में है।

18. निम्नलिखित में से क्या भारत में नीली क्रांति से संबंधित है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (c) मत्स्य पालन
Solution:भारत में 'नीली क्रांति' (Blue Revolution) मत्स्य पालन से संबंधित है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र से संबंधित अन्य क्रांतियां निम्नलिखित हैं-

हरित क्रांति                           -              खाद्य उत्पादन

श्वेत क्रांति                             -            दुग्ध उत्पादन

भूरी क्रांति                            -           उर्वरक उत्पादन

पीली क्रांति                          -           तिलहन उत्पादन

लाल क्रांति                           -          मांस/टमाटर उत्पादन

19. काली क्रांति' संबंधित है- [60th to 62nd B.P.S.C. (Pre) 2016]

Correct Answer: (c) कच्चा तेल उत्पादन
Solution:
प्रमुख क्रांतियांसंबंध
हरित क्रांतिखाद्यान्न उत्पादन
नीली क्रांतिमत्स्य उत्पादन
लाल क्रांतिटमाटर/मांस उत्पादन
श्वेत क्रांतिदुग्ध उत्पादन
पीली क्रांतितिलहन उत्पादन
काली क्रांतिकच्चा तेल उत्पादन

20. पीत क्रांति संबंधित है उत्पादन से- [U.P.P.C.S. (Pre) 2007*]

Correct Answer: (c) तिलहन के
Solution:पीत या पीली क्रांति (Yellow Revolution) का संबंध तिलहन उत्पादन से है। इस क्रांति की शुरुआत 'भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद' (Indian Council of Agricultural Research) द्वारा चलाए गए 'तिलहन पर तकनीकी मिशन' (Technology Mission on Oilseeds) से वर्ष 1986 में हुई। इस मिशन के प्रारंभ से विभिन्न तिलहनों में 25% से लेकर 420% तक की वृद्धि दर अंकित की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण, 2022- 23 के अनुसार वर्ष 2021-22 (4th A.E.) में तिलहन उत्पादन 37.7 मिलियन टन अनुमानित है, जबकि वर्ष 2020-21 में यह 35.9 मिलियन टन उत्पादित था।