1. हरित क्रांति देश के छोटे-छोटे खंडों तक सीमित रही है।
2. गरीबों की कमाई की तुलना में खाद्य के भाव बहुत अधिक है।
3. मोटे अनाजों की तुलना में गेहूं और धान पर अत्यधिक बल दिया गया है।
4. हरित क्रांति के अधिकांश लाभ नकदी फसलों को ही मिले है खाद्य फसलों को नहीं।
निम्नलिखित कूटों में सही उत्तर का चयन कीजिए-
Correct Answer: (a) 1, 2 और 3
Solution:हरित क्रांति की यह आलोचना की जाती है कि इसका लाभ कुछ विशेष क्षेत्रों एवं बड़े किसानों को ही मिला है। पुनः हरित क्रांति में मोटे अनाजों की उपेक्षा कर गेहूं, चावल एवं कुछ नकदी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर ही ध्यान केंद्रित किया गया। खाद्यान्न की कीमतें मात्र प्रथम पंचवर्षीय योजना की अवधि को छोड़कर निरंतर बढ़ती रही हैं, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्यों (Minimum Support Price) में वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा है। खाद्यान्नों की कीमत वृद्धि की अपेक्षा रामाज के निम्न आय वर्ग के लोगों की आय में कम वृद्धि हुई है। अतः वर्ष 1950-90 की अवधि में खाद्यान्नों में लगभग तीन गुनी वृद्धि के बावजूद भारत को अभी भी भूख से मुक्ति प्राप्त नहीं हो सकी है।