कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (भाग-3) (आर्थिक विकास)

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41. मौसम आधारित फसल बीमा योजना सर्वप्रथम लागू की गई थी- [U.P.U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010]

Correct Answer: (b) कर्नाटक में
Solution:मौसम आधारित फसल बीमा योजना सर्वप्रथम कर्नाटक में वर्ष 2007 (खरीफ सीजन) में लागू की गई थी।

42. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - [56th to 59th B. P. S.C. (Pre) 2015]

I. 'वर्षा बीमा', भारतीय कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड (AICIL) द्वारा किया जाता है।

II . यह योजना वर्ष 2007 के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून अवधि में शुरू की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct Answer: (a) केवल I
Solution:'वर्षा बीमा' (Rainfall Insurance) भारतीय कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड (AICIL) द्वारा वर्ष 2004 में दक्षिण-पश्चिम मानसून अवधि (खरीफ, 2004 सत्र) में शुरू की गई थी।

43. फसल बीमा निम्न में से किसके एकाधिकार में है? [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]

Correct Answer: (e) 'भारतीय कृषि बीमा कंपनी'
Solution:भारत में कृषि क्षेत्र को बीमा कवर उपलब्ध कराने हेतु 'भारतीय कृषि बीमा कंपनी' निर्दिष्ट संस्था है। इससे पहले कृषि क्षेत्र में लागू बीमा योजनाओं का क्रियान्वयन 'सामान्य बीमा कंपनी' (General Insurance Company : GIC) द्वारा किया जाता था, किंतु कृषि क्षेत्र की व्यापक एवं विशिष्ट आवश्यकताओं के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा 20 दिसंबर, 2002 को भारतीय कृषि बीमा कंपनी लि. (AICIL) की स्थापना की गई, जो कृषि क्षेत्र के बीमा कवर (वर्षा बीमा, फसल बीमा आदि) हेतु प्रमुख उत्तरदायी बीमा संस्था है। एआईसी (AIC) द्वारा 'वर्षा बीमा' को खरीफ वर्ष 2004 (दक्षिण-पश्चिम मानसून अवधि) दौरान शुरू किया गया था। भारतीय कृषि बीमा कंपनी में भारतीय सामान्य बीमा निगम, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड तथा नाबार्ड (NABARD) ने पूंजी लगा रखी है। प्रो. वी.एम. दाण्डेकर को 'भारत में फसल बीमा का जनक' (Father of Crop Insurance in India) कहा जाता है।

44. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए [U.P.P.C.S. (Pre) 2010]

1. भारतवर्ष में फसल बीमा योजना 1985 में प्रारंभ की गई।

2. उत्तर प्रदेश में शस्य-जलवायु क्षेत्रों की कुल संख्या 9 है।

3. काम के बदले अनाज कार्यक्रम 1977 में प्रारंभ किया गया।

4. नीली क्रांति का संबंध सरसों के उत्पादन से है।

इस कथनों में-

Correct Answer: (d) केवल 1, 2 तथा 3 सही हैं।
Solution:नीली क्रांति का संबंध मत्स्य पालन से है न कि सरसों उत्पादन से, अन्य सभी कथन सत्य हैं।

45. 'हरियाली योजना' संबंधित है- [U.P. P.C.S (Mains) 2016]

Correct Answer: (c) जल प्रबंधन से
Solution:जनवरी, 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दो हजार करोड़ रुपये की लागत वाली जल संग्रहण से संबंधित विकास योजना 'हरियाली' का शुभारंभ किया था। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य जल संग्रहण योजनाओं का क्रियान्वयन, वर्षा जल का संचयन, पेयजल समस्या का निवारण, सिंचाई हेतु जल की व्यवस्था तथा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देना है।

46. हरियाली कार्यक्रम का संबंध है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (c) जल संचयन प्रबंधन कार्यक्रम के समर्थन से।
Solution:'हरियाली कार्यक्रम' का संबंध जल संचयन प्रबंधन कार्यक्रम के समर्थन से है। 'एकीकृत जल संभरण प्रबंधन कार्यक्रम' (IWMP) के तहत आने वाले इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न स्रोतों से प्राप्त पानी को रोकने और हरियाली बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं।

47. 'विशेष कृषि उपज योजना' का संबंध है- [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]

Correct Answer: (c) कृषि पदार्थों के निर्यात के उछाल (थ्रस्ट) से
Solution:'विशेष कृषि उपज योजना' का संबंध कृषिगत उत्पादों की निर्यात वृद्धि से है। इस योजना का उल्लेख 'आयात निर्यात नीति, 2004-09' में किया गया था। विशेष कृषि उपज योजना का उद्देश्य फल, फूल, सब्जियों, डेयरी, कुक्कुट, लघु वनोत्पाद आदि के उत्पादकों को इनके उत्पादन वृद्धि और निर्यात वृद्धि हेतु प्रोत्साहन प्रदान करना है।

48. 'राष्ट्रीय विशेष कृषि उपज योजना' मुख्य रूप से संबंधित है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2009]

Correct Answer: (d) निर्यात योग्य कृषि उत्पाद से
Solution:'विशेष कृषि उपज योजना' का संबंध कृषिगत उत्पादों की निर्यात वृद्धि से है। इस योजना का उल्लेख 'आयात निर्यात नीति, 2004-09' में किया गया था। विशेष कृषि उपज योजना का उद्देश्य फल, फूल, सब्जियों, डेयरी, कुक्कुट, लघु वनोत्पाद आदि के उत्पादकों को इनके उत्पादन वृद्धि और निर्यात वृद्धि हेतु प्रोत्साहन प्रदान करना है।

49. पी.एम. कुसुम योजना का उद्देश्य है- [66th B.P.S.C. (Pre) Exam. 2020]

Correct Answer: (d) किसानों को डीजल और केरोसीन पर निर्भरता समाप्त करना तथा पंप सेटों को सौर ऊर्जा से जोड़ना
Solution:वर्ष 2015 में पेरिस जलवायु समझौते में की गई अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से स्थापित विद्युत क्षमता का 40 प्रतिशत हासिल करने के लिए विभिन्न नीतिगत उपाय किए हैं। किसानों को ऊर्जा और जल सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आमदनी बढ़ाने, खेती के क्षेत्र को डीजल से मुक्त करने तथा पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार ने फरवरी, 2019 में पीएम-कुसुम योजना को मंजूरी दी थी। P.M. - KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) का उद्देश्य सौर ऊर्जा की स्थापना करना तथा पंप सेटों को सौर ऊर्जा से जोड़कर किसानों की डीजल पर निर्भरता को समाप्त करना है।

'पीएम कुसुम' से संबंधित अद्यतन (23 दिसंबर, 2023 को जारी) जानकारी निम्न है प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के मुख्य उद्देश्यों में कृषि क्षेत्र का डी- डीजलीकरण, किसानों को जल एवं ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाना शामिल है। इस योजना के तीन घटक हैं जिनमें 34,422 करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ 31 मार्च, 2026 तक 34.8 गीगावॉट की सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है।

इस योजना की अन्य मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं-

घटक लक्ष्य एवं मानदंड-

यह योजना मांग पर आधारित है और योजना के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कार्यान्वयन के लिए देश के सभी किसानों के लिए खुली हुई है।

घटक ए : किसानों की बंजर/परती/चरागाह/दलदली/कृषि योग्य भूमि पर 10,000 मेगावॉट के विकेंद्रीकृत ग्राउंड स्टिल्ट माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना। ऐसे संयंत्र व्यक्तिगत किसान, सौर ऊर्जा डेवलपर, सहकारी समितियों, पंचायतों और किसान उत्पादक संगठनों द्वारा स्थापित किए जा सकते हैं।

घटक बीः ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में 14 लाख स्वचालित सौर पंपों की स्थापना।

घटक-सी : (i) व्यक्तिगत पंप सौरकरण और (ii) फीडर स्तर सौरकरण के माध्यम से 35 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरकरण।

घटक-बी और घटक-सी के अंतर्गत लाभार्थी व्यक्तिगत किसान, जल उपयोगकर्ता संघ, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां और समुदाय/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली शामिल हो सकते हैं। पीएम-कुसुम के अंतर्गत राज्यवार लक्ष्य या निधि आवंटन नहीं किया जाता है, क्योंकि यह एक मांग आधारित योजना है। इसके अतिरिक्त, कतिपय लक्ष्यों की प्राप्ति करने पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की निधियां जारी की जाती हैं।

50. पीएम कुसुम योजना संबंधित है- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2023]

Correct Answer: (a) कृषि सौर्य पंप व्यवस्था से
Solution:पीएम कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना का प्रारंभ वर्ष 2019 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया था। इस योजना के तीन घटक हैं जिनमें लगभग 34422 करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ 31 मार्च, 2026 तक 34.8 गीगावॉट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करना है। इसके तीनों घटक इस प्रकार हैं

घटक ए - किसानों की बंजर / परती/चरागाह/दलदली/कृषि योग्य भूमि पर 10000 मेगावॉट के विकेंद्रीकृत ग्राउंड/स्टिल्ट माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना।

घटक बी- ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में 14 लाख स्वचालित सौर पंपों की स्थापना।

घटक सी - (i) व्यक्तिगत पंप सौरकरण और (ii) फीडर स्तर सौरकरण के माध्यम से 35 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरकरण।