Correct Answer: (c) सबसे बड़ा, सबसे बड़ा
Solution:- भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
- भारत में दलहन के रूप में मुख्य रूप से अरहर, चना, मटर, मसूर आदि की पैदावार होती है
- संक्षिप्त निष्कर्ष
- भारत विश्व में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक है, जबकि देश ही नहीं बल्कि वैश्विक खपत का एक बड़ा हिस्सा भी भारत में ही होता है।
- साथ ही, भारत दालों का बड़ा आयातक भी है, जिसे आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयास वर्षों से जारी हैं।
- भारत दालों का उत्पादक
- भारत वैश्विक दाल उत्पादन का प्रमुख हिस्सा संभालता है
- यह दावा कई ठोस आँकड़ों से समर्थित है जिसमें वैश्विक उत्पादन का लगभग एक चौथाई हिस्सा भारत से आता है।
- यह स्थिति दालों के लिए भारत की कृषि-तंत्र की परिधि और किसानों की उत्पादकता को दर्शाती है।
- हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में दालों का उत्पादन लगातार वृद्धि की राह पर है
- 2024–25 के आस-पास उत्पादन स्तर लगभग 252 लाख टन (तीसरे अग्रिम अनुमान) तक पहुँच चुका है
- जिसे राष्ट्रीय पोषण सुरक्षा कार्यक्रमों के साथ जोड़ा गया है।
- इससे साफ दिखता है कि घरेलू उत्पादन में वृद्धि की प्रवृत्ति मजबूती से बनी हुई है।
- भारत दालों का उपभोक्ता
- विश्व खपत के संदर्भ में भारत दालों का एक बड़ा उपभोक्ता है
- जिसे वैश्विक खपत का लगभग 27% के करीब माना गया है।
- यह दर्शाता है कि भारत की दालों पर निर्भरता केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है
- बल्कि घरेलू खपत का एक बड़ा हिस्सा भी देश में ही है।
- दालों की आयात-निर्भरता परिप्रेक्ष्य में भी ध्यान देने योग्य है: हाल के वर्षों में आयात का स्तर उच्च रहा है
- सरकार ने आयात-निर्भरता कम करने तथा घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिये कार्यक्रम चालू किये हैं।
- उदाहरण के तौर पर, 2023–24 में आयात मात्रा उल्लेखनीय रही है
- आत्मनिर्भरता उन्नयन के लिए नीति-उद्देश्य स्पष्ट हैं।
- उत्पादन और आत्मनिर्भरता के प्रयास
- सरकार ने दालों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए 2025–26 से 2030–31 के दौरान क्रियान्वयन हेतु आत्मनिर्भरता मिशन को मंजूरी दी है
- जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता घटाना और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- यह स्पष्ट करता है कि सरकार दालों के संदर्भ में दीर्घकालिक सुरक्षा और किसानों की आय को उन्नत करने के लिए नीतिगत ढांचे बना रही है।
- OECD-FAO Agricultural Outlook 2025–2034 के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत में दाल उत्पादन वृद्धि की संभावना प्रबल है
- जिससे 80 लाख टन के बराबर वृद्धि संभव मानी जा रही है।
- यह अध्ययन बताता है कि उन्नत तकनीक, बुआई-व्यवस्था में विस्तार, और फसली सुधार उत्पादन वृद्धि के प्रमुख चालक होंगे।
- कौन से दालें प्रमुख हैं
- भारत में प्रमुख दालों में चना, मूंग, उड़द, मोठ/तुर आदि शामिल हैं
- इनका आहार-व्यापक प्रभाव और प्रोटीन-स्रोत के रूप में महत्व है।
- इसके अलावा पत्तेदार और स्वादिष्ट पकवानों में भी इन दालों का व्यापक उपयोग होता है।
- निष्कर्ष
- संक्षेप में, भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक है
- वैश्विक दाल खपत में उसका हिस्सा बड़ा रहा है, जबकि घरेलू खपत के साथ आयात-अवरोध भी एक चुनौती बना हुआ है।
- सरकार की आत्मनिर्भरता और उत्पादन वृद्धि की योजनाओं के साथ, आने वाले वर्षों में दालों की आत्मनिर्भरता और किसानों की आय में वृद्धि के अवसर बढ़ सकते हैं।