Correct Answer: (b) चावल, कपास, बाजरा, मक्का, ज्वार
Solution:- भारत के उत्तरी राज्यों में खरीफ मौसम से संबंधित फसल चावल, कपास, बाजरा, मक्का तथा ज्वार है।
- भारतीय उपमहाद्वीप में खरीफ की फसल उन फसलों को कहते हैं
- जिन्हें जून-जुलाई (मानसून के आगमन के समय) में बोते हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटते हैं।
- उत्तर का संक्षिप्त सार
- खरीफ मौसम (मानसून के बाद का मौसम) जून से अक्टूबर तक चलता है।
- इस मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलें अत्यंत विविध हैं; चावल (धान) को सबसे प्रमुख माना जाता है
- उसके बाद मक्का, ज्वार, बाजरा, दालें (अरहर, मूंग, उड़द आदि), तिलहन और कुछ पादप फसलें शामिल हैं।
- पंजाब, हरियाणा, Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश), बिहार जैसे राज्य प्रमुख उत्पादक हैं, पर उत्तर भारत के अन्य राज्य भी शामिल रहते हैं।
- खरीफ फसलें: मुख्य समूह और उदाहरण
- धान (चावल): सबसे महत्वपूर्ण खरीफ फसल; उत्तरी राज्यों में मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि में उगाई जाती है
- मानसून के साथ अच्छी वर्षा और तापमान चाहिए। साथ ही हरित क्रांति ने इन क्षेत्रों में धान उत्पादन को बढ़ावा दिया.
- मक्का: चावल के बाद प्रमुख खरीफ फसल, गर्म मौसम और पर्याप्त वर्षा/सिंचाई में उगती है.
- ज्वार और बाजरा: दलहन/आलू आदि के साथ संयोजन में उगाई जाती हैं; सूखा सहनशीलता कुछ क्षेत्रों में लाभदायक होती है.
- दलहनें (दालें): अरहर (तुलसी/तुअर), मूंग, उड़द आदि खरीफ में बोए जाते हैं
- उत्तर भारत में पानी की उपलब्धता के अनुसार विविधता दिखाते हैं.
- तिलहन: सोयाबीन, सूरजमुखी आदि विभिन्न क्षेत्रों में खरीफ फसल के तौर पर उगाए जाते हैं
- भिन्न जिलों में उपयुक्त मौसम और मिट्टी के अनुसार चुनी जाती हैं.
- कपास और जूट: कुछ क्षेत्रों में खरीफ में उगाई जाती हैं
- विशेषकर कपास उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में उगाई जाती है; जूट भी विशेष जलवायु में किया जाता है.
- राज्यवार प्रमुख बिंदु
- पंजाब और हरियाणा: गेहूँ के साथ-साथ खरीफ में चावल (धान) और मक्का आदि प्रमुख होते हैं
- हरित क्रांति और सिंचाई सुविधाओं से इन राज्यों के धान उत्पादन में वृद्धि देखी गई है.
- उत्तर प्रदेश: धान, मक्का, ज्वार- बाजरा आदि खरीफ फसलें व्यापक रूप से बोई जाती हैं
- राज्य में यथासंभव वर्षा और सिंचाई के संसाधन आकर्षक भूमिका निभाते हैं.
- बिहार: धान प्रमुख खरीफ फसल के रूप में उगती है
- वर्षा-आधारित कृषि और रेलवे/सिंचाई से संबंधित पहलों के कारण उत्पादन प्रभावशाली रहता है.
- खरीफ फसल योजना और मौसम संबंधी तथ्य
- बुवाई: खरीफ फसलें जून से जुलाई के महीने में वर्षा के प्रवेश के साथ बोई जाती हैं
- कटाई सितंबर से अक्टूबर तक होती है (फसल प्रकार के अनुसार भिन्नता हो सकती है).
- जलवायु आवश्यकताएं: खरीफ में उगाई जाने वाली फसलें उच्च आर्द्रता और गर्म तापमान चाहती हैं; वर्षा पर्याप्त हो तो पैदावार बेहतर रहती है.
- सरकारी सहायता: खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज, कीटनाशक, और सिंचाई सब्सिडी/समर्थन मिल सकता है
- यह क्षेत्रीय नीतियों पर निर्भर करता है.
- घटक तुलना (खरीफ के मुख्य समूह बनाम अन्य ऋतुयों के समूह)
- खरीफ बनाम रबी: खरीफ जून-जुलाई में बोई जाती है और अक्टूबर तक कटाई होती है
- रबी अक्टूबर-नवम्बर में बोई जाती है और अप्रैल-मई तक कटाई होती है.
- मुख्य फसल समूहों का स्थान: खरीफ–धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग, उर्द, तिलहनों आदि; रबी–गेंहूं, ज्वार/राई, मटर, सरसों आदि; जायद–तरबूज, खरबूजा आदि गर्मी-शुष्क मौसम की फसलें हैं.