कृषि (भारत का भूगोल)

Total Questions: 54

51. निम्नलिखित में से किसमें केवल खरीफ की फसलें शामिल हैं? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) कपास और धान
Solution:
  • भारत में कपास और धान की फसलें खरीफ की फसलों के अंतर्गत आती हैं।
  • खरीफ की फसलों की बुआई जून से जुलाई माह (मानसून के आगमन) के बीच प्रारंभ होती है।
  • सरसों, जौ, चना तथा मटर रबी की फसलें हैं, जबकि मक्का खरीफ की फसल है।
  • खरीफ की फसलों की विस्तृत सूची और उनसे संबंधित विशेषताएं:
    • धान (चावल): प्रमुख खरीफ फसल, दक्षिण-एशिया के अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी और वर्षा के साथ उगाई जाती है.​
    • मक्का: खरीफ फसल के रूप में व्यापक रूप से उगाई जाती है.​
    • ज्वार और बाजरा: मूलतः खरीफ ऋतु की प्रमुख अनाज फसलें.​
    • मूंग और उड़द: दाल आधारित खरीफ फसलें, प्रायः मानसून के मौसम में बोई जाती हैं.​
    • अरहर/तुअर: खरीफ दालें के रूप में उगाई जाती हैं.​
    • मूंगफली (तिलहन): खरीफ मौसम में उगने वाली तिलहन फसलें हैं.​
    • सोयाबीन: खरीफ के प्रमुख पनपने वाली फसलें.​
    • कपास: कुछ क्षेत्रों में खरीफ फसल मानी जाती है, यह मानसून के दौरान बोई जाती है.​
    • अन्य उदाहरण: गन्ना, सौंफ/सन? (ध्यान दें कि गन्ना कभी क्षेत्रीय तौर पर खरीफ के अंतर्गत गिना जा सकता है; कई स्रोत इसे खरीफ के साथ जोड़ते हैं).​
    • धान
    • मक्का
    • ज्वार
    • बाजरा
    • मूंग
    • उड़द
    • तुअर/अरहर
    • मूंगफली
    • सोयाबीन
    • कपास (कुछ परिस्थितियों में)
  • ध्यान दें:
    • कई स्रोतों पर खरीफ की फसलें की एक व्यापक सूची दी जाती है
    • जिसमें अन्य फसलें भी शामिल हो सकती हैं (जैसे गन्ना, सन/सना, आदि); वास्तविक चयन प्रश्न में विकल्पों के अनुसार सही उत्तर तय किया जाता है.​
    • रबी और खरीफ के बीच मुख्य अंतर यह है कि रबी ठंडे मौसम में बोई जाती है
    • आमतौर पर जनवरी-फरवरी में काटी जाती है
    • जबकि खरीफ जून-July में बोई जाती है और सितंबर-अक्तूबर में कटाई होती है.​
  • अगर चाहें, एक स्पष्ट-निर्णय वाले क्रम में विभाजित उत्तर बना सकता हूँ:
    • खरीफ की फसलें (उदा. धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, तुअर, मूंगफली, सोयाबीन, कपास)
    • रबी की फसलें (उदा. गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों आदि)

52. निम्नलिखित में से कौन नई कृषि-रणनीति की विशेषताओं में से एक नहीं है? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) जैविक खाद का प्रयोग
Solution:
  • जैविक खादों का प्रयोग नई कृषि रणनीति की विशेषताओं में से एक नहीं है।
  • नई कृषि रणनीति फसल की उपज बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के लिए रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देती है।
  • नई कृषि-रणनीति की सामान्य विशेषताएं
    • संकर बीजों का प्रयोग: फसल की उपज बढ़ाने, रोग- कीट प्रतिरोध और असमय खाद्य सुरक्षा के लिए इंजीनियरित संकर बीजों का महत्त्वपूर्ण योगदान माना जाता है
    • [उच्च-स्तरीय शिक्षा/नीतियों में अक्सर संकर बीजों पर जोर दिखता है]।
    • यह अवधि-विशिष्ट नीति विमर्शों में आमतौर पर एक प्रमुख घटक माना गया है
    • [उदा. डिजिटलीकरण, उन्नत बीज, सिंचाई सुधार, मशीनरीकरण आदि]।
    • व्यापक सिंचाई (मशीन-आधारित, वर्षा-निर्भरता कम करना): कृषि-उत्पादन सुरक्षा और पानी के कुशल उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर सिंचाई तकनीकों का प्रचार किया गया है।
    • आधुनिक तकनीक-आधारित अनुप्रयोग: AI, IoT, ड्रोन, GIS आदि के द्वारा निगरानी, कदम-दर-खुराक नियंत्रण और फसल-उन्नयन पर जोर दिया गया है।
    • मशीनकरण और उत्पादन-प्रणाली का आधुनिकीकरण: खेतों में आधुनिक कृषि उपकरणों के प्रयोग से कुशलता बढ़ाने और लागत घटाने की दिशा।
  • जैविक खाद का स्थान
    • जैविक खाद (organic fertilizers) एक कृषि-प्रणाली में उर्वरक के विकल्प के रूप में माना जाता है
    • परंतु कभी-कभी नई कृषि-रणनीति/नीतियों की विस्तृत सूची में यह एक अनिवार्य या मुख्य विशेषता के तौर पर नहीं गिनी जाती। मौजूदा पूरक/विकासशील पथों में जैविक खाद का स्थान नीति-आयोजन-डायनमिक्स के हिसाब से विविध हो सकता है
    • कई मॉडल में जैविक खाद के बजाय रसायनिक उर्वरकों के साथ संतुलन, टिकाऊ पोषक-तत्व निर्भरता, और मिट्टी-स्वास्थ्य सुधार पर अधिक बल दिया गया है।
  • क्यों पूछा गया प्रश्न खास है
    • प्रश्न में “नई कृषि-रणनीति की विशेषताओं” की एक सूची दी जाती है और पूछा जाता है
    • इनमें से कौन-सी विशेषता नहीं है। इस प्रकार, सही उत्तर अक्सर सामान्य-सी धारणा बन चुकी होती है
    • “जैविक खाद” को नई रणनीति के मुख्य स्तंभों में नहीं गिना गया है
    • जबकि अन्य तत्व जैसे संकर बीज, आधुनिक टेक्नोलॉजी, व्यापक सिंचाई आदि प्रमुख रूप से शामिल माने जाते हैं।
  • संभावित गलतफहमी दूर करने के सुझाव
    • यदि किसी पाठ में जैविक खाद और जैविक खेती को मजबूत-स्तर पर प्राथमिकता दी गयी हो
    • तो वह विशेष संदर्भ पर निर्भर करेगा कि वह नीति क्या कहती है।
    • इसलिए अध्ययन सामग्री/स्रोत के उसी पाठ में परिभाषा और स्पस्ट सूची देखना चाहिए ताकि सही/गलत का निर्णय पाठ-विशिष्ट हो सके।
  • निष्कर्ष
    • मुख्य बिंदु यह है कि नई कृषि-रणनीति की सामान्य विशेषताओं में जैविक खाद का उल्लेख कई स्रोतों में प्रमुख तत्व नहीं माना गया है
    • जबकि संकर बीज, आधुनिक तकनीक, और विस्तृत सिंचाई जैसी चीजें अधिकतर परिकलित (मॉडल/नीति-विवरण) में शामिल हैं
    • नीति-समरी/कौशल-गाइडलाइंस इत्यादि]।
    • जैविक खाद की स्थिति पाठ के अनुसार भिन्न हो सकती है
    • सामान्यतः यह “नई कृषि-रणनीति की विशेषताओं” में एक नहीं मानी जाती।

53. निम्नलिखित में से कौन-सी उत्तरी भारत में रबी की फसल है? [phase XI 30 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) सरसों
Solution:
  • सरसों उत्तरी भारत में रबी की फसल है। मक्का, चावल तथा कपास खरीफ की फसल है।
  • रबी की फसल उत्तर भारत में मुख्यतः अक्टूबर से नवंबर माह के दौरान बोई जाती है। फसल की कटाई मार्च से अप्रैल के महीने में की जाती है।
  • रबी फसल क्या होती है
    • रबी फसलें वे फसलें हैं जिन्हें ठंडी सर्दियों में बोया जाता है और गर्मियों की शुरुआत तक पककर तैयार होती हैं।
    • भारत में इनकी बुवाई अक्टूबर–दिसंबर के दौरान होती है
    • कटाई मार्च–अप्रैल के आस-पास होती है. यह मौसम पश्चिमी विक्षोभ और ठंडे वातावरण पर निर्भर रहता है.​
  • उत्तर भारत में सामान्य रबी फसलें
    • गेहूं: उत्तर भारत की प्रमुख रबी फसल, मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में व्यापक उत्पादन होता है.​
    • चना: उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब आदि में बोया जाता है और रबी मौसम की एक महत्वपूर्ण फसल है.​
    • सरसों/सरसो: पंजाब, हरियाणा जैसे क्षेत्रों में प्रमुख रबी फसल; बीज के रूप में तेल देने वाला पौधा है.​
    • जौ: ठंडी ठंडी परिस्थितियों में उगाई जाने वाली रबी फसल; उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित.​
    • मटर: रबी फसल के रूप में उगाई जाती है, खासकर उत्तर भारत में किन्तु क्षेत्रीय विविधता है.​
    • रिजका/लाही आदि अन्य उदाहरण भी हो सकते हैं, पर मुख्य जलवायु-उपयुक्त फसलें गेहूं, चना, सरसों, जौ, मटर हैं.​
  • उत्तर भारत में इन फसलों के प्रमुख राज्य/इलाके
    • गेहूं: पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक उत्पादन; इन क्षेत्रों में सर्दियों की जलवायु और मानसून के बाद उपलब्ध पानी इनकी सफलता में मदद करते हैं.​
    • चना, सरसों, मटर: उत्तर भारत के अन्य प्रमुख राज्यों में भी उगाई जाती हैं, पर गेहूं सबसे अधिक प्रमुखता वाला रबी होगा.​
  • रबी बनाम खरीफ ज़ायद
    • रबी सर्दी/शीत ऋतु की फसलें हैं; खरीफ गर्मियों/बरसात के मौसम में बोई जाती हैं
    • ज़ायद गर्म/शुष्क मौसम में उगाई जाने वाली फसलें हैं (जायद मार्च–जुलाई बोई जाती हैं).​
  • क्यों यह उत्तर ठोस रूप से मान्य है
    • ठंडी ऋतु में बोई जाने वाली रबी फसलों के लिए अक्टूबर–दिसंबर उपयुक्त होते हैं
    • फिर कटाई गर्मी के अगले महीनों में होती है; उत्तर भारत में गेहूं और अन्य रबी फसलें इस मौसम-ध्यान के कारण प्रमुख हैं.​
    • उत्तर भारतीय कृषि में गेहूं को सबसे अहम रबी फसल माना जाता है
    • जो क्षेत्रीय जलवायु और कृषक प्रथाओं के कारण विशेषकर पंजाब-हरियाणा-उत्तर प्रदेश में व्यापक है.​

54. कृषि सांख्यिकी - एक झलक 2015 के अनुसार, भारत वर्ष 2013 में किस फसल का सबसे बड़ा उत्पादक था, जिसका वैश्विक उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत योगदान होता था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (1-पाली)]

Correct Answer: (c) दाल
Solution:
  • कृषि सांख्यिकी - एक झलक 2015 के अनुसार, भारत वर्ष 2013 में दाल का सबसे बड़ा उत्पादक था
  • जिसका वैश्विक उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत योगदान होता था।
  • आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, वर्ष 2023-24 (तृ.अ.अ.) भारत का शीर्ष दाल उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है।
  • विस्तृत जवाब
    • संदर्भित दावे की पुष्टि: चावल भारत का प्रमुख खाद्यान्न फसल माना जाता है
    • भारत विश्व स्तर पर शीर्ष चावल उत्पादकों में स्थिर रहा है; 2013 के आसपास के आंकड़ों में भी यही प्रवृत्ति दिखती है.​
    • अन्य संदर्भ: ग्लोबल फूड-फसल उत्पादन में चावल की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में शिक्षा/ GK सामग्री में भी यही मानी जाती है
    • भारत चावल उत्पादन में उच्च स्थान पर रहा है, खासकर वर्ष 2013-14 के आस-पास के वर्षों में.​
  • महत्वपूर्ण धारणाएं
    • प्रश्न का मूल आशय: 2013 में कौन सी फसल “सबसे बड़ा वैश्विक उत्पादक” थी
    • जिसे वैश्विक उत्पादन में लगभग 25% योगदान मिला।
    • उत्तर यही है: चावल (Rice)।
    • ध्यान दें: वैश्विक हिस्सेदारी समय-समय पर थोड़ी-बहुत बदलती रहती है
    • लेकिन 2013 के लिए यह დაახლოებით 25% के आस-पास का मान रिकॉर्ड किया गया था।